22/01/2024
1.आज २२ जनवरी को भगवान रामजी का ५०० साल का वनवास खत्म होकर, प्राण प्रतिष्ठा हो रही है , यह सही में हमारे कार सेवकोकी स्वप्नपूर्ती है ,ये सेवको का ही नही बल्की संपूर्ण देशवासियो की एक स्वप्नपूर्ती है,
2.नोव्हेंबर १९९२ में हमारे वाशिम, अकोला में सभी कार्यकर्ताओ ने कार सेवा के लिए जाने की योजना बनाई, बाबरी ढाचा कैसे गिराए , सब ने कैसा काम करना है, इसका नियोजन हुआ,
3. मैं इस ऐतिहासिक पल की साक्षीदार बनी, मुझे इसका अभिमान है । उस वक्त हम लोग संघटन के माध्यम से हमारे राम मंदिर, काशी मथुरा और कश्मीर को हमको वापस लेना था ये निश्चय किया। उसकी सुरुवात बाबरी ढांचा गिराने से हुई।
4. उस वक्त बाबूराव काका राजे चिखली, मिलिंदजी परांडे बजरंग दल के प्रमुख थे , दुर्गा वाहिनी की प्रांत प्रमुख मनीषा कुलकर्णी थी और संघ के पदाधिकारी थे।
5. हमारी मीटिंग हुई उसमे सारा विषय समझाया और हमको कार सेवा के लिए जाना है ये तय हुआ और राम लल्ला को उनके स्थान विराजमान कराना है। मैं उस वक्त दुर्गा वाहिनी की तालुका प्रमुख थी ।
5. हमारे साथ वाकद, लोणी, रिसोड, वाशिम के कार सेवक भी थे, अभी तारीख ठिकसे याद नही पर शायद १ या २ तारिख को खंडवा रेल्वे से निकले थे, हमारे पास खाने के लिए सीमित सामग्री थी, रास्ते में गांव के लोगो ने भोजन दिया, हम अयोध्या तक नहीं पहुंच पाए, उस वक्त प्रशासन ने अयोध्या तक नहीं पहुंचने दिया, इसलिए रास्ते में टायर जलाकर गिराए और हम सभी रास्ते में धरना देकर बैठ गए, जब ढांचा गिरने की खबर मिली हम सब वहा से निकल गए, जो भी वाहन मिला उससे अपने घर सही सलामत राम जी की कृपासे वापस आ गए।
6 ये सारा अनुभव शब्दो में नही बया हो सकता , वो एक जोश था , सुकून था , एक आस्था थी
7. हमरा नारा था अयोध्या एक झाँकी है , काशी मथुरा अभी बाकी है और कश्मीर का ३७० काम था , और मेरा प्रण था की जब तक राम मंदिर नही होता में अयोध्या नही जाऊंगी , और ३७० जब खत्म होगा तभी कश्मीर जाऊंगी,
8. अब तो सिर्फ दो चीजे बाकी है काशी मथुरा , और समान नागरी कायदा जब लागू होगा तो पूरा भारत एक संघ होगा .
I am proud to be a part of Karseva
#विद्यासागर जी महाराज