Resident of vaishali, ghaziabad

Resident of vaishali, ghaziabad Our Motto to circulate a geniune information of vaishali to Public. Vaishali is centrally located in Ghaziabad, and is about an hour’s drive away from Delhi.

That has made it a much sought-after locality in the National Capital Region (NCR) for middle-class buyers. It’s because of its affordable rates compared to surrounding areas. The locality has many multi-storey buildings on offer and is the go-to place of end-users who prefer high-rise buildings which offer parking, power backup, water supply throughout the day and security to residents. Delhi Met

ro was extended to Vaishali in 2011 has been a boost to the connectivity of the area. It has become one of the fastest growing localities in the region. Developers like Ansal Housing, Amrapali Group, Antriksh Group, Supertech Ltd, Ashiana Housing Ltd, Gaursons India Limited, Ramprastha Group, amongst others are launching projects in the area. This has made the locality a commercial hub and a hot property for investors looking at good returns. Families might find it beneficial because of the large number of top-end schools located in the area.

21/09/2019
03/11/2017

चुनाव के लिए निर्वाचन हेतु नामांकन की कार्रवाई 1 नवंबर से 11 नवंबर सुबह 11:00 बजे से शाम 3:00 बजे तक की हो रही है. इसमें 1 नवंबर से 7 नवंबर तक नगर निगम के लिए महापौर एवं पार्षद पद के लिए नामांकन की कार्रवाई की जाएगी. 8 नवंबर को प्रत्याशियों द्वारा भरे गए नॉमिनेशन की स्कूटनी की जाएगी. इसके अलावा 10 नवंबर को नाम वापसी की तारीख निश्चित की गई है. और 11 नवंबर को प्रतीक चिह्न आवंटित किए जाएंगे. उसके बाद 26 नवंबर को मतदान होगा. उन्होंने बताया कि 1 दिसंबर सुबह 8:00 बजे से समाप्ति तक मतगणना होगी.

03/11/2017

26 नवंबर को गाजियाबाद में स्थानीय निकाय के चुनाव होने हैं. सभी पार्टियों और प्रत्याशियों ने दिल्ली से सटे गाजियाबाद की नगर निगम पर कब्जे के लिए पूरी ताकत लगा रखी. प्रशासन का कहना है कि चुनाव के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है. कुछ दिन पहले गाजियाबाद की जिलाधिकारी कहा कि गाजियाबाद में कुल 9 निकाय चुनाव होने हैं. जिनमें एक नगर निगम और चार नगर परिषद इसके अलावा चार नगर पंचायत के लिए 26 नवंबर सुबह 7:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक मतदान होगा.

07/02/2016

ब्यूरो शनिवार, 6 फरवरी 2016
अमर उजाला, गाजियाबादUpdated @ 8:56 PM IST

रेड लाइट जंप करने, रैश ड्राइविंग, शराब पीकर और मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाना अब और भी भारी पड़ने वाला है। इन मदों में चालान होने पर पहली बार में तीन महीने के लिए डीएल सस्पेंड किया जाएगा।

दूसरी बार पकड़े जाने पर डीएल कैंसल किया जाएगा। कोर्ट के आदेश का ट्रैफिक पुलिस ने अनुपालन शुरू कर दिया है। शनिवार को ट्रैफिक पुलिस ने 50 चालान काटे, जिन्हें आरटीओ को भेज दिया गया।

आरटीओ उनके सस्पेंड करने की कार्रवाई करेगा। टीआई अनिल कुमार ने बताया कि ट्रैफिक रूल्स फॉलो न करने वालों से अब सख्ती से निबटा जाएगा।

न सिर्फ चालान काटा जाएगा, बल्कि अब उन पर डीएल सस्पेंड करने और दोबारा गलती दोहराने पर डीएल कैंसल करने की कार्रवाई की जाएगी।

गाजियाबाद में इसकी शुरुआत कर दी गई है। उन्होंने बताया कि यह कोर्ट का आदेश है, जिसका अनुपालन कराया जा रहा है।

ट्रैफिक पुलिस चालान को आरटीओ भेजेगी, आरटीओ से उस पर एक्शन किया जाएगा। शनिवार को इन चारों मदों में करीब 50 चालान किए गए, जिन्हें आरटीओ ऑफिस भेज दिया गया।

Good Morning
18/12/2015

Good Morning

Car Rental, Driver on Hire: Drive Out Tour & Travels, Vaishali Sector 4, Ghaziabad, Uttar Pradesh -Get contact address, mobile number, phone number, reviews of Drive Out Tour & Travels at asklaila Ghaziabad

Good night
21/11/2015

Good night

22/02/2015

बिल्डर और समस्याओं के खिलाफ हुई RWA मीटिंग
Feb 22, 2015, 08.00AM IST

वैशाली सेक्टर-5 में बनी नील पदम-1 सोसायटी में व्याप्त समस्याओं को लेकर बिल्डर के खिलाफ लोगों ने शनिवार को एक मीटिंग का आयोजन किया। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में कन्फेडरेशन ऑफ आरडब्ल्यूए गाजियाबाद के अध्यक्ष कर्नल टी. पी. त्यागी मौजूद रहे। असोसिएशन ऑफ अपार्टमेंट ऑनर के अध्यक्ष दीपक यादव ने आरोप लगाया कि 2013 में इस अपार्टमेंट को बनाने वाले प्राइवेट बिल्डर ने मेंटिनेंस के नाम पर 2 करोड़ रुपये तो लिए, लेकिन अब तक इसकी मेंटिनेंस नहीं की और न ही इसे आरडब्ल्यूए के सुपुर्द किया। इस अपार्टमेंट में 14 फ्लोर हैं और 8 ब्लॉक हैं, जिसमें 370 फ्लैट हैं। इनमें करीबन 2 हजार लोग रह रहे है, जो कि सीवेज, सड़कें, सीलन, जनरेटर बंद जैसी समस्याओं से जूझ रहे है। इसके अलावा यहां 6 लिफ्टें हैं, जिसमें से सिर्फ 2 ही चल रही हैं और वे भी जर्जर हाल में हैं। ऐसे में यहां रहने वाले लोग जान जोखिम में डालकर नारकीय जीवन व्यतीत कर रहे है। इस मौके पर मौजूद कर्नल टी. पी. त्यागी ने कहा कि वह उक्त बिल्डर के खिलाफ अपनी आरडब्ल्यूए के माध्यम से प्रयास करेंगे कि लोगों की समस्याएं दूर हो सकें। इस मौके पर दीपक यादव, एम. एल. वर्मा, दीपक शर्मा समेत सभी रेजिडेंट मौजूद रहे।

19/01/2015

गाजियाबाद को फ्री पार्किंग जोन बनाने की तैयारी

54 पार्किंग हैं इस समय पूरे शहर में
1.35 करोड़ का राजस्व मिला है इस सत्र में
2.68 लाख प्रॉपर्टी से वसूला जाता है टैक्स
70 करोड़ रुपये की वसूली हो सकती है
70 फीसदी मालिक ही देते हैं टैक्स
20 फीसदी लोगों को प्लान से जोड़ सकते हैं
किरणपाल राणा, गाजियाबाद
गाजियाबाद यूपी का पहला फ्री पार्किंग शहर बन सकता है। इसके लिए निगम प्रशासन गाइडलाइंस बनाने में जुटा है। लेकिन इसकी सुविधा उन्हीं लोगों को मिलेगी जिन्होंने चालू वित्तीय वर्ष में हाउस टैक्स जमा किया है। उम्मीद है कि एक महीने में गाइडलाइंस तैयार हो जाएंगी, इसके बाद इसे बोर्ड की बैठक में रखा जाएगा। वहां से ग्रीन सिग्नल मिलते ही प्लान को लागू कर दिया जाएगा। यह जानकारी नगर आयुक्त आर. के. सिंह ने दी।
यह है प्लान
नगर निगम क्षेत्र में 54 पार्किंग हैं, जिनसे वित्तीय वर्ष 2013-14 में 1.35 करोड़ रुपये की आमदनी हुई थी। अब निगम का प्लान है कि इन सब पार्किंग में ऐसे लोगों को वाहन फ्री खड़ा करने की सुविधा दी जाए, जिनके पास वित्तीय वर्ष 2014-15 का हाउस टैक्स जमा करने की रसीद होगी। ऐसे में निगम को उम्मीद है कि लोगों में हाउस टैक्स जमा करने के प्रति चाहत बढ़ेगी। प्लान है कि सिटी में हाउस टैक्स पेड लोगों को ही फ्री पार्किंग की सुविधा दी जाए।
बढ़ सकता है रेवेन्यू
सिटी में टैक्स देने वाली प्रॉपर्टीज की संख्या 2.68 लाख है, जिनसे निगम को करीब 70 करोड़ रुपये का टैक्स मिलता है। हालांकि इसकी रिकवरी के लिए निगम के पास स्टाफ की कमी है, जिसे हर साल पूरा टैक्स नहीं वसूला जाता है। औसतन 70 पर्सेंट भवन मालिकों से टैक्स की रिकवरी हो पाती है। नया प्लान लागू होने से टैक्स रिकवरी में करीब 20 पर्सेंट का इजाफा होने की उम्मीद है।
ऐसे मिलेगी फ्री पार्किंग
निगम का प्लान है कि सिटी में दोपहिया से लेकर कार आदि खड़ी करने वाले व्यक्ति को हाउस टैक्स जमा करने की पर्ची पार्किंग संचालक को दिखानी होगी। अगर कार की आरसी का एड्रेस इससे मैच करेगा तो पार्किंग शुल्क देने की जरूरत नहीं होगी। इनके अलावा सभी लोगों को वाहन पार्किंग का चार्ज देना होगा।
अप्रैल से शुरू होगा प्लान
नगर आयुक्त आर. के. सिंह ने बताया कि प्लान जल्द तैयार किया जाएगा। उम्मीद है कि फरवरी-मार्च के दौरान बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव पेश किया जाएगा, जिसके बाद अप्रूवल मिलने पर नए वित्तीय वर्ष में इसे लागू कर दिया जाएगा।
Jan 19, 2015, 08.00AM IST

Our Motto to circulate a geniune information of vaishali to Public.

09/11/2014

एनबीटी न्यूज, वैशाली
वैशाली स्थित पुष्पांजलि अस्पताल की 7वीं मंजिल से शुक्रवार शाम एक महिला ने कूदकर जान दे दी। महिला की पहचान ग्रेटर कैलाश फर्स्ट दिल्ली नीना सरवारियां (49) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह पिछले 20 साल से डिप्रेशन की मरीज थीं। घटना के बाद शाम को अस्पताल प्रशासन की ओर से इस मामाले की जानकारी इंदिरापुरम पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और फरेंसिक टीम ने भी सैंपल लिए। इस मामले में पुलिस सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल कर मामले की जांच कर रही है।
मृतक के पति अनिल मर्चेंट नेवी में काम करते हैं। इनका एक बेटा विदेश में पढ़ता है। अनिल के मुताबिक, उनकी पत्नी नीना का पिछले 20 साल से डिप्रेशन का इलाज चल रहा था। 29 अक्टूबर को नीना ने नींद की गोलियां खा ली थीं जिसके बाद उन्हें दिल्ली के मूलचंद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मगर वहां आईसीयू में बेड नहीं मिलने की वजह से उन्हें 30 अक्टूबर को वैशाली सेक्टर-1 स्थित पुष्पांजलि अस्पताल में लाया गया था। बताया जा रहा है कि डिप्रेशन की वजह से ही उन्होंने ऐसा कदम उठाया।
3 नवंबर को किया प्राइवेट रूम में शिफ्ट
अस्पताल के डॉक्टर टीएस जैन ने बताया कि नीना को 3 नवंबर को आईसीयू से प्राइवेट रूम नंबर 103 में शिफ्ट किया गया था। डॉक्टर उन्हें जनरल वार्ड में रखना चाहते थे लेकिन महिला और उनके पति की जिद की वजह से उन्हें प्राइवेट रूम दिया गया। इसके बाद महिला ने दिन में 3 से 5 और रात 10:30 से सुबह 7 बजे तक किसी को भी रूम आने से मना कर दिया। इस दौरान उनके पति अनिल ही उनके साथ रहते थे। घटना के दौरान नीना के पति रूम में सो रहे थे।
फुटेज की छानबीन जारी
अस्पताल प्रशासन का कहना है सीसीटीवी फुटेज के अनुसार महिला दोपहर 3:20 पर अस्पताल के कॉरिडोर में टहल रही थी। सीसीटीवी फुटेज भी निकलवाई जा रही है। अभी यह साफ नहीं हुआ है कि महिला लिफ्ट से ऊपर गई या छत से।
कोट
शुरुआती जांच में मामला स्यूसाइड का ही लग रहा है। फरेंसिक टीम ने जांच के सैंपल ले लिए हैं। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।- हरिदयाल यादव, थाना इंचार्ज, इंदिरापुरम

09/11/2014

वैशाली सेक्टर-4 में डंपिंग ग्राउंड बनाने की थी तैयारी
मौके पर पहुंचे पार्षद पति और रेजिडेंट्स में हुई नोकझोंक
एनबीटी न्यूज, वैशाली
एक ओर पूरे देश में स्वच्छ भारत अभियान चलाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर वैशाली सेक्टर-4 के रिहायशी एरिया के बीच खाली पड़े ग्राउंड में कूड़ा घर बनाने की तैयारी की जा रही थी। नगर निगम के कर्मचारी शनिवार की सुबह इस मैदान के खुदाई करने पहुंचे थे। इसकी सूचना मिलते ही रेजिडेंट्स और आरडब्लूए के पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और काम को बंद करा दिया। पार्षद फंड से यह काम कराया जा रहा है।
रेजिडेंट्स का कहना है कि निगम के पेपर्स में वैशाली सेक्टर-4 काली बाड़ी मंदिर के पास कूड़ा घर बनाने का निर्देश है, लेकिन मंदिर समिति के लोगों के विरोध के बाद निगम वैशाली सेक्टर 4 और 5 की सोसायटीज के पास इसे बनाना चाह रहा है। इधर, मौके पर पहुंचे पार्षद पति एस.के. भारद्वाज ने बताया कि पार्षद फंड से वैशाली सेक्टर 4 और आयकर भवन के पास कूड़ा घर बनाने का बनाने का टेंडर निगम में पास हो गया है, लेकिन रेजिडेंट्स के विरोध के चलते इसे रोक दिया गया है। उन्होंने बताया कि अब रेजिडेंट्स के साथ इस मुद्दे पर मीटिंग की जाएगी। उसी के बाद कोई बीच का रास्ता निकाला जाएगा।
वर्जन:
वैशाली सेक्टर-4 के पार्क में बन रहे कूड़ा घर का काम रोक दिया गया है। इसके निर्माण को लेकर यहां के रेजिडेंट्स ने विरोध किया है। इससे पहले पहले पार्क में बने मंदिर और सेक्टर की मार्केट असोसिएशन ने भी इसका विरोध किया था।
-संजय गंगवार, जे.ई, नगर निगम
क्या कहते हैं रेजिडेंट्स
वैशाली सेक्टर-4 के पास पावर कॉर्पोरेशन का ग्रिड लगा हुआ है। ऐसे में अगर यहां कूड़ा घर बन गया तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
-सुनील चौहान
सोसायटीज के पास डंपिंग ग्राउंड बनाना पूरी तरह से गलत है। निगम को कूड़ा घर के लिए दूसरा स्थान ढूंढना होगा। यहां ऐसा नहीं होने दिया जाएगा।
-राजीव जैन
पार्क को कूड़ा घर में तब्दील कर दिया गया तो यहां दिन भर आवारा पशुओं का जमावड़ा लगना शुरू हो जाएगा।
-रतन शर्मा
वैशाली सेक्टर-4 के पार्क में अगर कूड़ा घर बन गया तो यहां के रेजिडेंट्स का पार्क में जाना मुश्किल हो जाएगा। निगम पार्षद इन बातों को सोचे।
-अंजना
अगर पार्क में कूड़ा घर बन गया तो यहां हमेशा बदबू रहेगी, जिससे आसपास के रेजिडेंट्स को परेशानी होगी। निगम को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है।
-आर्यबाला शर्मा
सेक्टर 4 और 5 के आसपास कई सोसायटीज, मंदिर और मार्केट है। ऐसे में इलाके के मेन पार्क में स्थाई कूड़ा घर बनाना कहीं से भी जायज नहीं है।
-नीतिका वेद
इसके विरोध में यहां के रेजिडेंट्स ने निगम मुख्यालय तक में शिकायत की हुई है, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
-मनोज अवस्थी

02/11/2014

एनबीटी न्यूज,गाजियाबाद : एसएसपी धर्मेन्द्र सिंह ने शनिवार को सड़क सुरक्षा माह का शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि पहले सप्ताह में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के वाहनों की जांच होगी। इसके बाद प्राइवेट वाहनों पर नीली बत्ती लगाने वालों पर एक्शन होगा। उन्होंने ट्रैफिक पुलिस के जवानों को निर्देश दिए कि वे ऐसा खौफ बनाएं कि वाहन स्वामी ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने से डरें।
एसएसपी ने बताया कि 1 नवंबर से लेकर 7 नवंबर तक पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के वाहनों की जांच की जाएगी। ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर उनका चालान किया जाएगा। फिर सरकरी विभाग का लोगो इस्तेमाल करने वाले वाहनों पर कार्रवाई होगी। कानून का उल्लंघन कर चलाई जा रही बसों को सीज किया जाएगा। फैंसी नंबर प्लेट की भी जांच होगी। नो एंट्री का भी सख्ती से पालन कराया जाएगा। शराब पीकर वाहन चलाने वालों की जांच के लिए ब्रीथ एनालाइजर से जांच की जाएगी। ऐसे लोगों को जेल भी भेजा जाएगा। एसएपी धर्मेन्द्र सिंह ने कहा कि पुलिसकर्मियों का ऐसा खौफ होना चाहिए कि लोगों को नियमों का उल्लंघन करने पर दिल्ली की तरह डर लगे।

15/09/2012

Property boom in Ghaziabad; authorities, developers have made it a top realty destination
A K Tiwary, TNN Jul 21, 2012, 03.25PM IST
NEW DELHI: Ghaziabad is sitting pretty after development authorities like GDA ( Ghaziabad Development Authority), UP Awas Vikas, the municipal authorities and various private developers put in a concerted effort to improve the social and physical infrastructure of the city. It is hardly surprising, then, that property prices have appreciated a good deal in this hot city.
Two years ago, projects were launched in Raj Nagar Extension at Rs 1,900 per sq ft; today, they are quoting at around Rs 2,700 per sq ft. Areas like Kaushambi, Vasundhara, Vaishali, Indirapuram, Crossings Republik , Govindpuram and Mohan Nagar have shown an appreciation of 20-35 % in property prices.

Good infrastructure and easy connectivity to Delhi and other NCR cities like Meerut, Noida, and Gurgaon have largely contributed to this spurt in property prices. All these have contributed to make Ghaziabad one of the fastest developing cities in India.

Another reason for the realty boom in Ghaziabad is the availability of cheaper options compared to Noida and Gurgaon's real estate market. Developers like SVP, Landcraft, Gulshan, Ajnara, Ansal Housing, Amrapali Group, Antriksh, Supertech Ltd, Ashiana Housing Ltd, Gaursons India Limited , Mahagun, DesignArch and Ramprastha Group have launched various projects in this area.

Property rates have also increased rapidly in the last six months after the new Metro line became operational in the area; on an average, the Metro connectivity to an area creates an appreciation of 20-30 %.

Last year, the going rates in good societies in Vaishali were between Rs 3,500 sq ft and Rs 4,000 per sq ft. After the Metro line became operational, the current rates have touched Rs 4,500 per sq ft; some areas near the Vaishali Metro station are even quoting over Rs 5,000 per sq ft.

The local authorities here have done well to resolve the basic problems in Ghaziabad, while private developers have shown their commitment in providing projects with luxurious lifestyle amenities like power backup, 24x7 water supply, clubhouse and swimming pools. This is another reason why property price are rocketing, as buyers with higher disposable incomes flock to these high-end projects.

The area has been facing some land acquisition issues of late, which the local authorities have taken up on a priority basis. Recently, the GDA has gave an in principle approval to fund a Metro link till Loni.

According to the MoU signed with the Delhi Metro Rail Corporation (DMRC), the GDA will fund one-third of the project. The link between Dilshad Garden and New Bus Stand, which will cost Rs 991 crore, has been expedited and the funding pattern settled.

Santosh Yadav, the vice-chairman of GDA, says: "Earlier , the issue of connectivity was the main drawback of Ghaziabad; today, it has been solved in large measure. The GDA and the DMRC have agreed to expend the Metro line from Dilshad Garden to New Bus Stand, which is located near the Meerut road crossing.

The Vaishali Metro line, of course, is operational. Apart from this, bus and auto service have also improved in the city. Some of the forthcoming projects like the highspeed train and the FNG corridor will also improve the connectivity of the city. The entire city is being laid with a network of flyovers and underpasses, which will ease pressure on existing traffic."
"The GDA wants to ease traffic congestions in entire city within six months. Three highways pass through Ghaziabad. The GDA has drawn up a traffic decongestion plan for NH-24 and NH-58 and we have met the NHAI officials in this regard. There is also a contingency plan for pontoon bridges.

Connectivity with Noida and Greater Noida will also be improved. Recently, we approved a project for a road connecting Greater Noida to NH-24 ," Santosh Yadav says.

Vijay Jindal, the chairman and managing director of SVP Group, says: "With city-level development on a fast track and infrastructure improving by several notches, there has been around 30-35 % appreciation in the prices of our projects at Mohan Nagar, Raj Nagar Extension and Indirapuram."

"We have projects across Ghaziabad and are about to complete projects at Indirapuram, Raj Nagar Extension and Mohan Nagar. Our firm also has plans to launch new projects in other areas in Ghaziabad, apart from other cities in the NCR," Jindal says.

Shipra Sun City, a master planned township, was one of the first projects in Ghaziabad to be built under the public-private partnership model, between the Shipra Group and the GDA.

Tarun Mehrotra, the chief executive officer of Shipra Group, says: "We have already delivered over 6,000 apartments in the 200 acre Shipra Sun City. This can be said to be a turning point in the development of Indirapuram in Ghaziabad.

The Sun City offers a choice of residential options including highrise developments like Regalia Heights, Royal Tower and Sun Tower; midrise developments like Regal, Regent Windsor and Nova, as well as independent villas."

Address

Sector 4
Vaishali
201010

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