26/09/2026
Car Insurance खरीद रहे हैं?
सिर्फ प्रीमियम न देखें, इन चीजों को चेक करना है जरूरी; वरना क्लेम के वक्त जेब से जाएगा पैसा
ar Insurance सिर्फ कानूनी जरूरत नहीं, बल्कि आपकी जेब और गाड़ी की सेफ्टी के लिए मजबूत कवच है. भारत में हर वाहन पर थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस अनिवार्य है, लेकिन सही पॉलिसी चुनने से दुर्घटना, चोरी या प्राकृतिक आपदा में होने वाला नुकसान कम किया जा सकता है.
कई लोग सिर्फ सस्ता प्रीमियम देखकर पॉलिसी ले लेते हैं, जबकि बाद में क्लेम रिजेक्ट होने या कम भुगतान मिलने पर पछताना पड़ता है. सही इंश्योरेंस चुनने के लिए गाड़ी की उम्र, बाजार मूल्य, ड्राइविंग आदत, शहर का ट्रैफिक और अपनी आर्थिक स्थिति समझना जरूरी है.
व्यापक कवरेज वाली कॉम्प्रिहेंसिव पॉलिसी नई या महंगी गाड़ी के लिए बेहतर होती है, जबकि पुरानी गाड़ी पर सिर्फ थर्ड-पार्टी पर्याप्त हो सकता है. आज के समय में ऑनलाइन कंपेरिजन, क्लेम सेटलमेंट रेशियो और ऐड-ऑन फीचर्स पर ध्यान देना बेहद महत्वपूर्ण है. सही चुनाव से न सिर्फ प्रीमियम बचता है, बल्कि जरूरत पड़ने पर क्विक हेल्प मिलती है. आइए जानते हैं कि सही बीमा चुनने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.
पॉलिसी का प्रकार समझें:-
सबसे पहले थर्ड-पार्टी और कॉम्प्रिहेंसिव पॉलिसी में अंतर समझें. थर्ड-पार्टी सिर्फ दूसरों को होने वाले नुकसान को कवर करती है और कानूनी रूप से अनिवार्य है. कॉम्प्रिहेंसिव में अपनी गाड़ी का नुकसान, चोरी, आग और प्राकृतिक आपदाएं भी शामिल होती हैं. नई या फाइनेंस वाली गाड़ी के लिए कॉम्प्रिहेंसिव चुनें. पुरानी और कम मूल्य वाली गाड़ी पर थर्ड-पार्टी पर्याप्त हो सकता है, बशर्ते आप खुद मरम्मत का खर्च उठा सकें.
सही IDV तय करें:-
इंश्योर्ड डिक्लेयर्ड वैल्यू यानी IDV गाड़ी की मौजूदा मार्केट वैल्यू होती है. यही अमाउंट चोरी या टोटल लॉस में मिलता है. बहुत कम आईडीवी रखने से प्रीमियम घटता है, लेकिन क्लेम में नुकसान होता है. गाड़ी की उम्र और मॉडल के अनुसार रियल मार्केट वैल्यू के करीब आईडीवी चुनें. इससे प्रीमियम और सेफ्टी दोनों का संतुलन बना रहता है
कई कंपनियों से कोट्स लें:-
एक ही कवरेज के लिए अलग-अलग कंपनियों के प्रीमियम में बड़ा अंतर हो सकता है. ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर तीन-चार कंपनियों के कोट्स लें और सिर्फ कीमत नहीं, बल्कि कवरेज, ऐड-ऑन और शर्तों की तुलना करें. सस्ता प्रीमियम कभी-कभी कमजोर सर्विस या सीमित नेटवर्क के साथ आता है. समान कवरेज वाले प्लान की तुलना से सही सौदा मिलता है.
क्लेम सेटलमेंट रेशियो और नेटवर्क गैरेज देखें:-
हाई क्लेम सेटलमेंट रेशियो वाली कंपनी चुनें, जो 95 प्रतिशत या उससे अधिक हो. इससे क्लेम के आसानी से पास होने की संभावना बढ़ती है. साथ ही कैशलेस गैरेज का बड़ा नेटवर्क चेक करें, खासकर आपके शहर और यात्रा वाले क्षेत्रों में. डिजिटल क्लेम प्रोसेस और फास्ट सर्वे वाली कंपनी से समय और झंझट दोनों बचते हैं.
जरूरी ऐड-ऑन चुनें:-
जीरो डेप्रिसिएशन, इंजन प्रोटेक्शन, रोडसाइड असिस्टेंस और रिटर्न टू इनवॉइस जैसे ऐड-ऑन नई गाड़ी के लिए उपयोगी हैं. ये अतिरिक्त सुरक्षा देते हैं, लेकिन प्रीमियम बढ़ाते हैं. अपनी जरूरत के अनुसार ही चुनें. पुरानी गाड़ी पर महंगे ऐड-ऑन अनावश्यक हो सकते हैं. सिर्फ वही लें जो वास्तव में वैल्यू ऐड करते हैं.
नो क्लेम बोनस का लाभ उठाएं:-
बिना क्लेम किए साल बीतने पर नो क्लेम बोनस मिलता है, जो 20 प्रतिशत से शुरू होकर 50 प्रतिशत तक पहुंच सकता है. इससे बीमा रिन्यू करने पर प्रीमियम काफी कम हो जाता है. छोटे नुकसान पर खुद खर्च करके बोनस बचाने पर विचार करें. एनसीबी प्रोटेक्ट ऐड-ऑन भी उपलब्ध है, जो एक क्लेम के बाद भी छूट बनाए रखने में मदद करता है.