Ashutosh

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Ashutosh Singh

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15/05/2024

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लक्ष्मीबाई का जन्म वाराणसी में 19 नवम्बर 1828 को हुआ था। उनका बचपन का नाम मणिकर्णिका था लेकिन प्यार से उन्हें मनु कहा जा...
18/01/2024

लक्ष्मीबाई का जन्म वाराणसी में 19 नवम्बर 1828 को हुआ था। उनका बचपन का नाम मणिकर्णिका था लेकिन प्यार से उन्हें मनु कहा जाता था। उनकी माँ का नाम भागीरथीबाई और पिता का नाम मोरोपंत तांबे था। मोरोपंत एक मराठी थे और मराठा बाजीराव की सेवा में थे। माता भागीरथीबाई एक सुसंस्कृत, बुद्धिमान और धर्मनिष्ठ स्वभाव की थी तब उनकी माँ की मृत्यु हो गयी। क्योंकि घर में मनु की देखभाल के लिये कोई नहीं था इसलिए पिता मनु को अपने साथ पेशवा बाजीराव द्वितीय के दरबार में ले जाने लगे। जहाँ चंचल और सुन्दर मनु को सब लोग उसे प्यार से "छबीली" कहकर बुलाने लगे। मनु ने बचपन में शास्त्रों की शिक्षा के साथ शस्त्र की शिक्षा भी ली सन् 1842 में उनका विवाह झाँसी के मराठा शासित राजा गंगाधर राव नेवालकर के साथ हुआ और वे झाँसी की रानी बनीं। विवाह के बाद उनका नाम लक्ष्मीबाई रखा गया। सितंबर 1851 में रानी लक्ष्मीबाई ने एक पुत्र को जन्म दिया। परन्तु चार महीने की उम्र में ही उसकी मृत्यु हो गयी। सन् 1853 में राजा गंगाधर राव का स्वास्थ्य बहुत अधिक बिगड़ जाने पर उन्हें दत्तक पुत्र लेने की सलाह दी गयी। पुत्र गोद लेने के बाद 21 नवम्बर 1853 को राजा गंगाधर राव की मृत्यु हो गयी। दत्तक पुत्र का नाम दामोदर राव रखा गया।
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ब्रितानी राज ने अपनी राज्य हड़प नीति के तहत बालक दामोदर राव के ख़िलाफ़ अदालत में मुक़दमा दायर कर दिया। हालांकि मुक़दमे में बहुत बहस हुई, परन्तु इसे ख़ारिज कर दिया गया। ब्रितानी अधिकारियों ने राज्य का ख़ज़ाना ज़ब्त कर लिया और उनके पति के कर्ज़ को रानी के सालाना ख़र्च में से काटने का फ़रमान जारी कर दिया। इसके परिणाम स्वरूप रानी को झाँसी का क़िला छोड़कर झाँसी के रानीमहल में जाना पड़ा। पर रानी लक्ष्मीबाई ने हिम्मत नहीं हारी और उन्होनें हर हाल में झाँसी राज्य की रक्षा करने का निश्चय किया

बोल कर सारा संदेह ख़तम कर देने से अच्छा है चुप रह कर बेवकूफ समझा जाना.~ मार्क ट्वेन
18/01/2024

बोल कर सारा संदेह ख़तम कर देने से अच्छा है चुप रह कर बेवकूफ समझा जाना.

~ मार्क ट्वेन

भूदान व सर्वोदय आंदोलन के प्रेणता, महान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आचार्य विनोबा भावे जी की जयंती पर उन्हें शत्-शत...
11/09/2022

भूदान व सर्वोदय आंदोलन के प्रेणता, महान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आचार्य विनोबा भावे जी की जयंती पर उन्हें शत्-शत् नमन।
कक्का
अर्जुनपुर

good morning
05/02/2022

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🙏🌹 🐍जय श्री महाकाल🐍 🌹🙏श्री  #महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग जी का  #सांध्य_श्रंगार_आरती दर्शन! 23/4/2021/ #शुक्रवार
23/04/2021

🙏🌹 🐍जय श्री महाकाल🐍 🌹🙏
श्री #महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग जी का #सांध्य_श्रंगार_आरती दर्शन!
23/4/2021/ #शुक्रवार

दसरथ पुत्रजन्म सुनि काना। मानहु ब्रह्मानंद समाना॥परम प्रेम मन पुलक सरीरा। चाहत उठन करत मति धीरा॥जाकर नाम सुनत सुभ होई। म...
21/04/2021

दसरथ पुत्रजन्म सुनि काना।
मानहु ब्रह्मानंद समाना॥

परम प्रेम मन पुलक सरीरा।
चाहत उठन करत मति धीरा॥

जाकर नाम सुनत सुभ होई।
मोरें गृह आवा प्रभु सोई॥

परमानंद पूरि मन राजा।
कहा बोलाइ बजावहु बाजा॥

{_कक्का अर्जुनपुर_}
"संतोष सिंह"

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