05/11/2016
एक जाट दिल्ली की बैँक मेँ
गया,
और बैँक मेनेजर से रु.50,000 का लोन मांगा.
बैँक मेनेजर ने गेरेँटर मांगा.
जाट ने अपनी BMW कार 🚔जो बैँक के सामने
पार्क की हुई
थी उसको गेरेँटी के तरीके
से जमा करवा दी.
मेनेजर ने गाडी के कागज चैक किए,
और लोन देकर गाडी को कस्टडी मेँ
खडी करने के लिए
कर्मचारी को सुचना दी.
जाट 50,000 रुपये लेकर चला गया.
बैँक मेनेजर और कर्मचारी जाट पर हँसने
लगे और बात करने लगे कि यह करोडपति होते हुए
भी अपनी गाडी सिर्फ
50,000 मेँ गिरवी रख कर चला गया.
कितना बेवकुफ आदमी है.😗😗
उसके बाद 2 महीने बाद जाट वापस बैँक मे
गया
और लोन की सभी रकम देकर
अपनी गाडी वापस लेने
की इच्छा दर्शायी.
बैँक मेनेजर ने हिसाब-किताब किया और बोला : 50,000 मुल
रकम के साथ 1250 रुपये ब्याज.
जाट ने पुरे पैसे दे दिए.
बैँक मेनेजर से रहा नही गया और उसने पुछा :
कि आप इतने करोडपति होते भी आपको 50,000
रुपयो कि जरुरत कैसे पडी.जाट ने जवाब दिया : मैँ जयपुर से आया था.
मैँ अमेरिका जा रहा था.
दिल्ली से मेरी फ्लाइट थी.
दिल्ली मेँ
मेरी गाडी कहा पार्क
करनी है यह मेरी सबसे
बडी प्रोबलम थी.
लेकिन इस प्रोबलम को आपने हल कर दिया.
मेरी गाडी 🚔भी सेफ
कस्टडी मेँ दो महीने तक संभाल के
रखा और 50,000 रुपये
खर्च करने के लिए भी दिए दोनो काम करने
का चार्ज लगा सिर्फ 1250 रुपये.
आपका बहुत बहुत धन्यवाद.!
इसिलिए कहते the Great जाट
आदते बुरी नही हमारी
बस थोडे शौक उँचे है |
वर्ना किसी ख्वाब
की इतनी औकात नही,
की हम देखे और वो पूरा ना हो...
हम बादशाहो के बादशाह है, इसलीए
गुलामो जैसी हरकते नही,
नोटो पर फोटो हमारा भी हो सकता,
पर
लोगो की जेब मे
रहना हमारी फीतरत नही।
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अगर आप भी एक जाट है तो....