Aayush Marketing

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सामने थे वो नज़रे फेरे हुवे न वो कुछ कर पा रहे थे न हम कुछ कर सके सायद बीच में ज़माना था जो रोके हुवे था हमें या सायद रुके हुवे थे हम फिर भी एक पल के लिए कुदरत ने चाहा तो चेहरा घुमाते आँखे मिल गई बस उसी पल में ज़िन्दगी का वजूद मिल गया उसका अहसास मिलगया दोनों को पता नहीं कौन सा वो धागा था जो जोड़ेहुवे था दोनोंको किसी ने कहा पढ़लो आँखे पता चलजायेगा क्या है सीने में कोसिस की हम ने एक पल

में आँखे उसकी पढ़ ने की तो बिना लिखावट बिना अक्षर एक तेज़ सफ़ेद रोसनी समागई पुरे सरीर में तब पता चला की चाँद को पढ़ सकते है सूरज को नहीं चाँद पे लिख सकते है जा सकते है छू सकते है सूरज को नहीं अरे सिर्फ उसकी रोसनी एक पल में मेरी कायनात बदल गई सोचा हमदोनो ने ये कैसा एक सा अहसास मिला दोनों को दिन महीने साल सायद युगो बीत गए फिर इंतज़ार है उसी पल का बेचैनी नहीं है विस्वास है कुछ अजीबसा अहसास है की आएगा फिर वो पल जब फिर से आँखे मिलेगी हाथो में होगा उसका हाथ मन में तो है ही उसका बसेरा सायद वक्त है अभी बाकि बननेमे अर्धनारेस्वर या राधा किसन बननेमे.. है फरियाद क्या करे नहो पास न हो सामने बस हो सिर्फ उसका अहसास उपरवाला बोला हु में तेरे आत्मा का मालिक न की तेरे अहसास का अहसास तो रास्ता है तेरा अपनी आत्मा से मिलनेका सही है अगर तेरा अहसास तो जा सकेगा अपनी आत्मा के नज़दीक नहीं तो दूर होता जायेगा जब दोनों मिलजाओगे अपनी अपनी आत्मा से तब खत्म होगा अहसास बनेगी नई कायनात पूछा हमने कब होगा ए उपरवाले ये मिलन भोला बोला दिन महीने साल या युगो बीत जाये हु में तुम्हारे साथ बस तू करता जा अपनी लीला.....आँखे खुली तो रात होचुकीथी फिर कुछ सीखा के चलागया छोड़ गया रोसनी का अहसास .........आँखे तो हमारी भी नम हुईथी मगर न पढ़ सका कोई रोए तो हम भी थे न महसूस कर सका कोई सिवा उसके जो है मेरे आत्मा का मालिक..पूछा कौन भोला बोला वही रोसनी जिसका तुम्हे अहसास हुवा पुरे ब्रह्माण्ड में रोसनी से ज़्यादा अंधकार है सफ़ेद और काले की तुलना में हमारी सफेदी ब्लैकबोर्ड में न दिखने वाले बिंदु जितनी है जो है हमारा सौरमंडल सोचए उसमे हमारे अंदर की वो छोटीसी रोसनी की बून्द पुरे ब्रम्हांड में कहा है फिर भी एक पल में घूम लेती है पूरा ब्रह्माण्ड कितनी ताकत और कैसी ताकत होगी उस आत्मा की रोसनी में....https://www.facebook.com/groups/838408616245142/?ref=bookmarks

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12/07/2021

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17/01/2018

आयुष हाइटेक डिजिटल सेक्यूरिटी कैसे काम करती है?

मोटिवेसन डिवाइस:- यदि आपके घर, दुकान, ऑफिस, होटल, गोडवून मे कोई चुपके से अगर प्रवेश करता है तो मोटिवेसन डिवाइस कंट्रोल पैनल को सूचित करता है और कंट्रोल पैनल तुरंत आपको कॉल करता है और थल पर साइरन बजेंगा. उससे आप घटना को होते हुये रोख सकते हो. इस डिवाइस को आप घर के बाहर पार्क गाड़ी पर नजर रखने के लिये भी लगा सकते हो. अथवा आपको जहा भी लगता है की यहा किसी ने प्रवेश नहीं करना चाहिए वह आप लगा सकते हो.

डोर विंडो शटर डिवाइस:- यह डिवाइस एक भाग डोर को और दूसरा भाग दीवाल को लगके लगाया जाता है. अगर उसके ग्याप मे 2 इंच का भी अंतर पड़ता है तो डोर विंडो शटर डिवाइस कंट्रोल पैनल को सूचित करता है और कंट्रोल पैनल तुरंत आपको कॉल और एसएमएस करता है. और थल पर साइरन बजेंगा उससे आप घटना को होते हुये रोख सकते हो.

फायर डिवाइस:- यदि आपके घर, दुकान, ऑफिस, होटल मे आग लगने को सुरवात होती है धूल निकलते ही फायर डिवाइस कंट्रोल पैनल को सूचित करता है और कंट्रोल पैनल तुरंत आपको कॉल और एसएमएस करता है और थल पर साइरन बजेंगी. उससे आप आग लगते हुये रोख सकते हो.

गॅस लीकेज डिवाइस:- अगर आपके घर या होटल का गॅस लीकेज होता है या गलतीसे चालू रहता है तो गॅस की बू डेटेस्ट करके गॅस लीक डिवाइस पैनल को सूचित करता है और कंट्रोल पैनल तुरंत आपको कॉल और एसएमएस करता है और थल पर साइरन बजेंगी. उससे आप घटना को होते हुये रोख सकते हो.

पावर कंट्रोल रिले डिवाइस:- इस से माध्यम से आप आपके घर दुकान ऑफिस होटल का कोई भी सिंगल फेज इलेक्ट्रिक उपकरण एसएमएस से चालू बंद कर सकते हो. ज़्यादातर चोरी आप गाव जाने के बाद ही होती है क्यो की आपके घर के लाइट चोरो को सूचित करता है की घर मे कोई नहीं. अगर आप दिन मे भी लाइट चालू रखते हो तो चोर यह अनुमान लगाते. इस लिये आप भर भी होते हूए आपके लाइट आप चालू बंद कर सकते हो. अगर आपके दुकान के सामने का लाइट आप सबेरे ही एसएमएस से बंद कर देते हो तो बिल मे भी कॉफी बचत होती है.

ग्लास ब्रेक डिवाइस:- अगर आपके घर दुकान या ऑफिस मे आउट साइड मे केवल ग्लास ही लगा है तो उस ग्लास को अगर किसिने फोड़ दिया तो ग्लास ब्रेक डिवाइस पैनल को सूचित करता है और कंट्रोल पैनल तुरंत आपको कॉल करता है और थल पर साइरन बजेंगी. उससे आप घटना को होते हुये रोख सकते हो.

14/06/2017

How to Explain Bitcoin In Simple Lenguage
I’ve been explaining how Bitcoins work since 2010. Here is the simplest analogy I’ve discovered that explains transactions, anonymity, and coin production.
There’s a room that anyone can access. The room has security cameras that anyone can view, and every second of recorded footage is available online forever.
The room is filled with indestructible piggy banks made of transparent plastic. Naturally, these piggy banks have coin slots, and everyone can see which coins are in which piggy bank. These piggy banks can never leave the room.

Each person has a key that can open their piggy bank. Let’s say I want to buy a pair of alpaca socks, and you want to sell them.
First, you tell me which piggy bank is yours. Then, I walk into the room with a ski mask on. Anyone in the world can see me on the security cameras, but not my face.
Next, I unlock my piggy bank, take some coins out, then put them into your locked piggy bank. I leave the room.
Now, everyone in the world knows that your piggy bank has coins that were previously in my piggy bank. This is the case with every transaction, so everyone knows the history of every coin.
“So where do the coins come from? How did it start? Who got the first coins?”
There’s a robot in the room that runs lotteries. Every so often, this robot randomly chooses a piggy bank in the room, and puts 50 coins in it. When it first started, there weren’t many piggy banks in the room since nobody knew about it. Back then, it was easy to win the lottery. Today, there are millions of piggy banks in the room, so your odds aren’t very good.
“Ok, couldn’t someone make their own fake coins?”
No, because everyone has records of every coin in the room, and they know when the robot hands new coins out. If a fraud were to put fake coins into his own piggy bank, everyone would know that those coins were never handed out by the robot, and wouldn’t accept them.
“Who made the robot..?”
Supposedly it was a super genius Japanese man named Satoshi Nakamoto, but nobody knows for certain. Since the security camera footage is available from 2009, we can see that the robot was putting coins into a piggy bank since day 1. We assume it’s Satoshi, but that’s about all we know.

रैंसमवेयर कंप्यूटर/मोबाइल वायरस क्या है?रैनसमवेयर एक प्रकार का साइबर हमला है जिसमें हैकर आपके कंप्यूटर सिस्टम और मोबाइल ...
13/05/2017

रैंसमवेयर कंप्यूटर/मोबाइल वायरस क्या है?
रैनसमवेयर एक प्रकार का साइबर हमला है जिसमें हैकर आपके कंप्यूटर सिस्टम और मोबाइल की आपकी फाइलों का नियंत्रण अपने हाथ में ले लेता है और फिरौती का भुगतान न किए जाने तक आपकी फाइलों और कंप्यूटर/मोबाइल का नियंत्रण नहीं छोड़ता. रैनसमवेयर के कई प्रकार होते हैं लेकिन सबसे खतरनाक होता है क्रिप्टो रैनसमवेयर, और आजकल कई देशों में यही वायरस फ़ैल रहा है.
साइबर क्राइम करने वाले लोग आपके सिस्टम/मोबाइल तक पहुंच हासिल करने के लिए आपके कम्पयूटर/मोबाइल पर दुर्भावनापूर्ण सॉफ़्टवेयर इनस्टॉल करते हैं अक्सर यह सोफ्टवेयर किसी लिंक पर क्लिक करने या ईमेल अटैचमेंट में मैक्रो (वर्ड डॉक्यूमेंट आदि में भी वायरस भेजा जा सकता है) या गलती से डाउनलोड करने वालों को शिकार बनाता है. एकबार जब शिकार के कंप्यूटर/मोबाइल में सॉफ़्टवेयर इंस्टोल हो जाता है तब हैकर हमला करना शुरू कर सकता है जो आपके ही कम्प्यूटर/मोबाइल के अंदर सभी फ़ाइलों को लॉक (एन्क्रिप्ट) कर देता है. फ़ाइलों को एक के बाद एक करके यह एन्क्रिप्ट करता है और सारी फाइलें एन्क्रिप्ट होने तक यह प्रक्रिया चलती है.
साइबर क्रिमिनल अक्सर फ़ाइलों को अनलॉक करने के बदले में पैसे या क्रिप्टो-करंसी (यह एक डिजिटल मुद्रा है जिसमें मुद्राओं की इकाइयों के निर्माण हेतु एन्क्रिप्शन तकनीकों का उपयोग होता है, और किसी भी केंद्रीय बैंक के बिना स्वतंत्र रूप से संचालित इन डिजिटल मुद्रा के हस्तांतरण की पुष्टि करता है) की मांग करते हैं. आपका डेटा लॉक किए जाने के बाद वहाँ टेक्स्ट फाइलें बनती हैं या स्क्रीन पर संदेश दिखाए जाते हैं जिस में यह लिखा होता कि कौनसी वेबसाइट या लिंक पर भुगतान करना है जिससे आपको फाइलों को अनलॉक करने का कोड और सॉफ्टवेयर मिलेगा.
रैंसमवेयर हमलों से खुद को कैसे बचाएं?
रैंसमवेयर के हमलों से बचने के लिए नियमित रूप से अपनी जरुरी फाइलों का अन्य कंप्यूटर/मोबाइल या रिमूवेबल ड्राइव में बैकअप लेते रहें ताकि हमला होने पर आपके पास फाइलें दूसरे माध्यमों पर उपलब्ध हों.
किसी भी अनजान ईमेल में दिए गए अटैचमेंट को न खोलें.
वेबसाईट से कुछ भी डाउनलोड करने पर यह सुनिश्चित करें कि आप कहीं कोई सॉफ्टवेयर तो इंस्टोल नहीं कर रहे अक्सर वायरस इंटरनेट पर फ्री गेम्स, पोर्न वेबसाइट एप्लीकेशन के जरिए भी फैलता है.
कम्पयूटर/मोबाइल को समय-समय पर फोर्मेट कराते रहें ताकि गलती से अगर कोई वायरस डाउनलोड हो गया हो तो वो निकल जाए.
क्या एंटीवायरस इस्तेमाल करने पर भी रैंसमवेयर का खतरा है?
जी हाँ, ज्यादातर मामलों में मैंने देखा है कि एंटीवायरस बस नाम मात्र का बना रहता है, एंटीवायरस होते हुए भी वायरस या रैंसमवेयर का हमला होते हुए मैंने देखा है.
क्या पैसे देने के बाद मुझे मेरी फाइलें, डेटा या कम्प्यूटर/मोबाइल का नियंत्रण वापस मिल जाएगा?
मिल भी सकता है और नहीं भी अक्सर ये होता है कि पैसे देने के बाद भी फाइलें वापस नहीं मिलती और कभी-कभी रैंसमवेयर द्वारा भुगतान करने के लिए दी गई लिंकों को उनके गलत इस्तेमाल के कारण सरकार (टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया) द्वारा पहले ही ब्लॉक कर दिया गया होता है, हालाँकि VPN तकनीक से इन्हें फिर भी खोला जा सकता है, लेकिन मेरी राय में पैसे न देना ही सही है. क्योंकि पैसे देने से ऐसे रैंसमवेयर फ़ैलाने वालों को बल मिलता है. जानकारी जरुरी लगे तो शेयर करे बाकि........ बनो और ....... में जाओ रैनसमवेयर साइबर दुनिया में प्रसारित होने वाले सबसे घातक प्रकार के मैलवेयर में से एक का प्रतिनिधित्व करता है, जो दुनिया भर में व्यक्तियों और संगठनों दोनों को लक्षित करता है। पारंपरिक मैलवेयर के विपरीत, जो चुपचाप डेटा चुरा सकता है या सिस्टम को नुकसान पहुंचा सकता है, रैंसमवेयर पीड़ित की फ़ाइलों को एन्क्रिप्ट करके और डिक्रिप्शन कुंजी के लिए फिरौती की मांग करके अधिक प्रत्यक्ष और धमकी भरा दृष्टिकोण अपनाता है। इस प्रकार का साइबर हमला कंप्यूटर और मोबाइल उपयोगकर्ताओं दोनों को प्रभावित कर सकता है, जिससे पीड़ितों को अपने डेटा तक पहुंच हासिल करने के लिए अक्सर क्रिप्टोकरेंसी के साथ भुगतान करने के लिए डर और तात्कालिकता का लाभ मिलता है।

# # # रैनसमवेयर कैसे फैलता है

रैंसमवेयर अक्सर सौम्य गतिविधियों के माध्यम से सिस्टम में घुसपैठ करता है:

- **ईमेल फ़िशिंग**: साइबर अपराधी दुर्भावनापूर्ण अनुलग्नक या लिंक वाले ईमेल भेजते हैं। बिना सोचे-समझे उपयोगकर्ता जो इन अनुलग्नकों को खोलते हैं या लिंक पर क्लिक करते हैं, वे रैंसमवेयर के डाउनलोड और इंस्टॉलेशन की शुरुआत करते हैं।
- **सॉफ्टवेयर की कमजोरियों का शोषण**: हमलावर बिना किसी उपयोगकर्ता संपर्क के रैंसमवेयर इंस्टॉल करने के लिए सॉफ्टवेयर में ज्ञात कमजोरियों का फायदा उठाते हैं।
- **दुर्भावनापूर्ण वेबसाइटें और डाउनलोड**: पायरेटेड सामग्री साइटों सहित दुर्भावनापूर्ण वेबसाइटों से आकस्मिक डाउनलोड से रैंसमवेयर संक्रमण हो सकता है।
- **रिमोट डेस्कटॉप प्रोटोकॉल (आरडीपी) हमले**: हैकर्स आरडीपी के माध्यम से कंप्यूटर तक पहुंच हासिल करने और रैंसमवेयर तैनात करने के लिए क्रूर बल के हमलों या चुराए गए क्रेडेंशियल्स का उपयोग करते हैं।

# # # रैनसमवेयर के प्रकार

- **क्रिप्टो रैनसमवेयर**: यह प्रकार पीड़ित के सिस्टम पर फ़ाइलों को एन्क्रिप्ट करता है, जिससे उन्हें डिक्रिप्शन कुंजी के बिना पहुंच योग्य नहीं बनाया जा सकता है।
- **लॉकर रैनसमवेयर**: फ़ाइलों को एन्क्रिप्ट करने के बजाय, यह वैरिएंट उपयोगकर्ता को उनके पूरे सिस्टम से लॉक कर देता है।
- **स्केयरवेयर**: नकली सॉफ़्टवेयर जो आपके कंप्यूटर पर वायरस या समस्याओं का पता लगाने का दावा करता है और समस्या को "ठीक" करने के लिए भुगतान की मांग करता है।

# # # सुरक्षा रणनीतियाँ

रैंसमवेयर हमलों से बचाव के लिए निम्नलिखित निवारक उपायों पर विचार करें:

- **नियमित बैकअप**: अलग-अलग डिवाइस या क्लाउड स्टोरेज पर महत्वपूर्ण फ़ाइलों का नियमित बैकअप रखें, ताकि आप फिरौती का भुगतान किए बिना अपना डेटा पुनर्स्थापित कर सकें।
- **ईमेल अटैचमेंट के साथ सावधानी**: ईमेल अटैचमेंट खोलने या अज्ञात या संदिग्ध स्रोतों से आए लिंक पर क्लिक करने से बचें।
- **अपडेट और पैच**: सुरक्षा कमजोरियों को दूर करने के लिए अपने ऑपरेटिंग सिस्टम, ब्राउज़र और सभी सॉफ़्टवेयर को नियमित रूप से अपडेट करें।
- **प्रतिष्ठित एंटीवायरस का उपयोग करें**: फुलप्रूफ न होते हुए भी, एक प्रतिष्ठित एंटीवायरस ज्ञात रैनसमवेयर स्ट्रेन का पता लगा सकता है और उन्हें अलग कर सकता है।
- **नेटवर्क सुरक्षा**: दुर्भावनापूर्ण गतिविधि को रोकने के लिए फ़ायरवॉल और ईमेल फ़िल्टर जैसे सुरक्षा उपाय लागू करें।

# # # एंटीवायरस की भूमिका

एंटीवायरस सॉफ़्टवेयर स्थापित होने पर भी रैंसमवेयर संक्रमण का ख़तरा बना रहता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि नए और विकसित हो रहे रैंसमवेयर वेरिएंट कभी-कभी एंटीवायरस पहचान को बायपास कर सकते हैं। एंटीवायरस प्रोग्राम आवश्यक हैं लेकिन व्यापक, बहुस्तरीय सुरक्षा दृष्टिकोण का हिस्सा होना चाहिए।

# # # फिरौती देना

फिरौती देना जोखिम भरा है और अनुशंसित नहीं है। इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि भुगतान करने पर हमलावर डिक्रिप्शन कुंजी प्रदान करेंगे। इसके अलावा, फिरौती का भुगतान इन साइबर अपराधियों को उनकी अवैध गतिविधियों को जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करता है और उन्हें धन मुहैया कराता है। कुछ मामलों में, भुगतान विधियों या साइटों को अधिकारियों द्वारा अवरुद्ध या निगरानी की जा सकती है, जिससे प्रक्रिया और जटिल हो जाती है।

# # # निष्कर्ष

रैनसमवेयर साइबर परिदृश्य में एक भयानक खतरा है, जो डेटा को बंधक बनाने के लिए एन्क्रिप्शन का लाभ उठाता है। ऐसे हमलों से सुरक्षा के लिए सतर्कता, साइबर सुरक्षा में सर्वोत्तम प्रथाओं का पालन और एक व्यापक बैकअप रणनीति की आवश्यकता होती है। फिरौती का भुगतान अंतिम उपाय होना चाहिए, क्योंकि यह डेटा की वापसी की गारंटी नहीं देता है और साइबर अपराध के चक्र को कायम रखता है। ज्ञान साझा करने और निवारक उपाय अपनाने से रैंसमवेयर हमलों के प्रसार और प्रभाव को कम करने में मदद मिल सकती है।
साइबर जासूसी राष्ट्रीय सुरक्षा, कॉर्पोरेट अखंडता और व्यक्तिगत गोपनीयता के लिए एक महत्वपूर्ण खतरा है। राज्य-प्रायोजित अभिनेता, संगठित साइबर अपराधी समूह और अकेले हैकर राजनीतिक, सैन्य या आर्थिक लाभ के लिए संवेदनशील जानकारी चुराने के लिए जासूसी में संलग्न हैं। यहां दस सबसे खतरनाक और उल्लेखनीय जासूसी साइबर हमलों की गहराई से जानकारी दी गई है, जिसमें उनकी कार्यप्रणाली, लक्ष्य और प्रभावों पर प्रकाश डाला गया है।

# # # 1. **स्टक्सनेट (2010)**

- **विवरण:** व्यापक रूप से पहला साइबर हथियार माना जाने वाला स्टक्सनेट एक अत्यधिक परिष्कृत कंप्यूटर वर्म था जिसे ईरान के परमाणु कार्यक्रम को नष्ट करने के लिए डिज़ाइन किया गया था। इसने विशेष रूप से यूरेनियम संवर्धन में प्रयुक्त औद्योगिक नियंत्रण प्रणालियों को लक्षित किया।
- **कार्यप्रणाली:** स्टक्सनेट ने पूरे नेटवर्क में फैलने के लिए शून्य-दिन की कमजोरियों का फायदा उठाया, अंततः सेंट्रीफ्यूज को भौतिक क्षति पहुंचाने के लिए प्रोग्रामेबल लॉजिक कंट्रोलर (पीएलसी) तक पहुंच और पुन:प्रोग्रामिंग की।
- **प्रभाव:** इसने लगभग 1,000 सेंट्रीफ्यूज को सफलतापूर्वक क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे ईरान का परमाणु कार्यक्रम कई वर्षों तक पीछे चला गया।

# # # 2. **टाइटन रेन (2003-2007)**

- **विवरण:** टाइटन रेन अमेरिकी रक्षा ठेकेदारों, नासा और अन्य सरकारी एजेंसियों को लक्षित करने वाले समन्वित हमलों की एक श्रृंखला के लिए अमेरिकी सरकार द्वारा दिया गया कोड नाम था, जिसका श्रेय चीनी सैन्य हैकरों को दिया जाता है।
- **पद्धति:** हमलावरों ने नेटवर्क तक पहुंच हासिल करने के लिए स्पीयर-फ़िशिंग और सोशल इंजीनियरिंग का इस्तेमाल किया, फिर संवेदनशील डेटा को बाहर निकाला।
- **प्रभाव:** महत्वपूर्ण मात्रा में संवेदनशील डेटा चोरी हो गया, जिसमें सैन्य रहस्य और मालिकाना तकनीक भी शामिल है।

# # # 3. **समीकरण समूह**

- **विवरण:** इक्वेशन ग्रुप एनएसए से जुड़ा हुआ है और अब तक खोजे गए कुछ सबसे उन्नत मैलवेयर का उपयोग करके अपने परिष्कृत साइबर जासूसी अभियानों के लिए जाना जाता है।
- **कार्यप्रणाली:** उनके टूलकिट में फर्मवेयर को संक्रमित करने में सक्षम मैलवेयर शामिल था, जिससे इसका पता लगाना और हटाना बेहद मुश्किल हो गया। उन्होंने लोकप्रिय सॉफ्टवेयर में शून्य-दिन की कमजोरियों का फायदा उठाया।
- **प्रभाव:** समूह ने जासूसी उद्देश्यों के लिए सरकारों, दूरसंचार और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे सहित दुनिया भर की संस्थाओं को लक्षित किया है।

# # # 4. **सोलरविंड्स हैक (2020)**

- **विवरण:** एक विशाल, परिष्कृत साइबर जासूसी अभियान जिसने सोलरविंड्स ओरियन सॉफ़्टवेयर का उल्लंघन किया, जिससे कई अमेरिकी सरकारी एजेंसियां और निजी कंपनियां प्रभावित हुईं।
- **कार्यप्रणाली:** ओरियन प्लेटफ़ॉर्म के सॉफ़्टवेयर अपडेट में दुर्भावनापूर्ण कोड डाला गया था, जिससे हमलावरों को उन संगठनों के नेटवर्क तक पहुंच प्राप्त करने की अनुमति मिली, जिन्होंने समझौता किए गए अपडेट को इंस्टॉल किया था।
- **प्रभाव:** उल्लंघन व्यापक था, जिससे ट्रेजरी, वाणिज्य विभाग और ऊर्जा विभाग सहित अन्य विभाग प्रभावित हुए, जिससे अमेरिकी सरकारी संचार में एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ।

# # # 5. **घोस्टनेट (2009)**

- **विवरण:** एक व्यापक साइबर जासूसी नेटवर्क जिसने तिब्बती निर्वासित समुदाय पर ध्यान केंद्रित करते हुए दुनिया भर की सरकारों को निशाना बनाया। ऐसा माना जाता है कि इसकी उत्पत्ति चीन में हुई थी।
- **कार्यप्रणाली:** हमलावरों ने मैलवेयर इंस्टॉल करने के लिए स्पीयर-फ़िशिंग ईमेल का उपयोग किया जो कंप्यूटर पर पूर्ण नियंत्रण ले सकता है, जिससे डेटा चोरी और निगरानी हो सकती है।
- **प्रभाव:** 103 देशों में संक्रमित सिस्टम, बड़ी मात्रा में संवेदनशील जानकारी चोरी हो गई।

# # # 6. **एपीटी1 (यूनिट 61398)**

- **विवरण:** चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी से जुड़े एपीटी1 ने पश्चिमी निगमों, विशेष रूप से महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और प्रमुख उद्योगों में शामिल लोगों के खिलाफ व्यापक साइबर जासूसी अभियान चलाया।
- **कार्यप्रणाली:** समूह ने कॉर्पोरेट नेटवर्क तक पहुंच प्राप्त करने के लिए स्पीयर-फ़िशिंग, सोशल इंजीनियरिंग और परिष्कृत मैलवेयर का उपयोग किया, जिससे घुसपैठ किए गए डेटा तक दीर्घकालिक पहुंच बनाए रखी जा सके।
- **प्रभाव:** विभिन्न उद्योगों के कम से कम 141 संगठनों से सैकड़ों टेराबाइट डेटा चुरा लिया।

# # # 7. **नॉटपेट्या (2017)**

- **विवरण:** शुरू में इसे रैंसमवेयर हमला माना गया था, नोटपेट्या को बाद में रूस द्वारा यूक्रेन को लक्षित करने वाले एक राज्य-प्रायोजित हमले के रूप में पहचाना गया, जिसने वैश्विक व्यवसायों को भी प्रभावित किया।
- **कार्यप्रणाली:** इसने नेटवर्क के भीतर प्रचार करने और डेटा को नष्ट करने के लिए, रैंसमवेयर के रूप में छिपाने के लिए, लेकिन डेटा पुनर्प्राप्ति के लिए कोई वास्तविक साधन नहीं होने के लिए, एक लीक एनएसए शोषण, इटरनलब्लू का उपयोग किया।
- **प्रभाव:** दुनिया भर में 10 अरब डॉलर से अधिक का नुकसान हुआ, बहुराष्ट्रीय कंपनियां प्रभावित हुईं और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला बाधित हुई।

# # # 8. **वानाक्राई (2017)**

- **विवरण:** एक वैश्विक रैंसमवेयर हमला जिसने NotPetya जैसी ही भेद्यता का फायदा उठाया। हालांकि मुख्य रूप से वित्तीय रूप से प्रेरित, इसने राज्य द्वारा विकसित साइबर हथियारों के आपराधिक हाथों में पड़ने के खतरों को प्रदर्शित किया।
- **कार्यप्रणाली:** पूरे नेटवर्क में फैलने, फ़ाइलों को एन्क्रिप्ट करने और बिटकॉइन में फिरौती की मांग करने के लिए इटरनलब्लू शोषण का उपयोग किया गया।
- **प्रभाव:** 150 देशों में 200,000 से अधिक कंप्यूटर संक्रमित हुए, अरबों की क्षति का अनुमान है।

# # # 9. **डीएनसी हैक (2016)**

- **विवरण:** डेमोक्रेटिक नेशनल कमेटी (डीएनसी) के खिलाफ एक साइबर हमला, जिसका श्रेय रूसी खुफिया एजेंसियों को दिया जाता है, जिसका उद्देश्य अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव को प्रभावित करना है।
- **कार्यप्रणाली:** हमलावरों ने भाले का इस्तेमाल किया-
- डीएनसी के नेटवर्क तक पहुंच हासिल करने और ईमेल और दस्तावेजों को बाहर निकालने के लिए फ़िशिंग ईमेल।
- **प्रभाव:** संवेदनशील संचार को सार्वजनिक रूप से जारी किया गया, जिससे 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा।

# # # 10. **ओलंपिक विध्वंसक (2018)**

- **विवरण:** दक्षिण कोरिया के प्योंगचांग में 2018 शीतकालीन ओलंपिक को निशाना बनाकर किए गए एक साइबर हमले के लिए रूसी सैन्य खुफिया जानकारी को विघटनकारी रणनीति के रूप में जिम्मेदार ठहराया गया।
- **कार्यप्रणाली:** ओलंपिक बुनियादी ढांचे के खिलाफ एक डेटा-वाइपिंग मैलवेयर तैनात किया गया, जिसने उद्घाटन समारोह के दौरान कार्यक्रम के आईटी सिस्टम को बाधित किया।
- **प्रभाव:** उद्घाटन समारोह के दौरान ओलंपिक की टिकटिंग प्रणाली और वाई-फाई अस्थायी रूप से प्रभावित हुई, हालांकि कार्यक्रम का संचालन तुरंत बहाल कर दिया गया।

ये हमले साइबर जासूसी की विविध पद्धतियों और दूरगामी प्रभावों को रेखांकित करते हैं, ऐसे खतरों को कम करने के लिए मजबूत साइबर सुरक्षा सुरक्षा और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की महत्वपूर्ण आवश्यकता को प्रदर्शित करते हैं।
मई 2017 में WannaCry रैंसमवेयर हमले का व्यापक प्रभाव पड़ा, जिससे दुनिया भर के विभिन्न क्षेत्र प्रभावित हुए। कुछ प्रमुख क्षेत्र जो विशेष रूप से प्रभावित हुए उनमें शामिल हैं:

1. **स्वास्थ्य सेवा:** यूनाइटेड किंगडम में राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) सबसे अधिक प्रभावित संस्थाओं में से एक थी। एक तिहाई से अधिक एनएचएस संगठन प्रभावित हुए, जिसके कारण नियुक्तियाँ, संचालन रद्द करना पड़ा और आपातकालीन एम्बुलेंसों का मार्ग बदलना पड़ा। अस्पतालों और क्लीनिकों को कागजी रिकॉर्ड पर लौटने और कलम और स्याही का उपयोग करने के लिए मजबूर होना पड़ा क्योंकि उनके कंप्यूटर सिस्टम रैंसमवेयर द्वारा लॉक कर दिए गए थे।

2. **दूरसंचार:** स्पेन की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनियों में से एक टेलीफ़ोनिका जैसी कंपनियां भी WannaCry हमले से प्रभावित हुईं। इससे उनके परिचालन में व्यवधान उत्पन्न हुआ और उनकी ग्राहक सेवा क्षमताएं प्रभावित हुईं।

3. **ऑटोमोटिव:** रेनॉल्ट और निसान जैसे प्रमुख वैश्विक निर्माताओं ने बताया कि उनके नेटवर्क के भीतर मैलवेयर के प्रसार को रोकने के लिए एहतियात के तौर पर उनकी कुछ उत्पादन सुविधाओं को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा।

4. **लॉजिस्टिक्स और शिपिंग:** FedEx, एक अमेरिकी बहुराष्ट्रीय डिलीवरी सेवा कंपनी, ने WannaCry हमले के कारण व्यवधानों का अनुभव किया, विशेष रूप से यूरोप में इसके संचालन को प्रभावित किया।

5. **शिक्षा:** चीन सहित कुछ विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों ने WannaCry से प्रभावित होने की सूचना दी है। इससे शैक्षणिक गतिविधियों और प्रशासनिक कार्यों में व्यवधान उत्पन्न हुआ।

6. **सरकार:** विभिन्न देशों में कई सरकारी एजेंसियों ने WannaCry से प्रभावित होने की सूचना दी है। उदाहरण के लिए, रूस के आंतरिक मंत्रालय और चीन के सार्वजनिक सुरक्षा ब्यूरो ने संक्रमण की सूचना दी, जिससे उनके संचालन पर अलग-अलग हद तक असर पड़ा।

7. **वित्तीय सेवाएँ:** हालाँकि वित्तीय क्षेत्र अन्य क्षेत्रों की तरह गंभीर रूप से प्रभावित नहीं हुआ था, लेकिन विशेष रूप से चीन में बैंकिंग प्रणालियों और एटीएम के रैंसमवेयर से प्रभावित होने की अलग-अलग रिपोर्टें थीं।

WannaCry रैंसमवेयर हमले ने साइबर खतरों के प्रति विभिन्न क्षेत्रों की संवेदनशीलता को उजागर किया, विशेष रूप से पुराने या असमर्थित सॉफ्टवेयर सिस्टम वाले क्षेत्रों में। इसने नवीनतम साइबर सुरक्षा उपायों और साइबर जोखिमों की वैश्विक प्रकृति को बनाए रखने के महत्व को रेखांकित किया।
WannaCry रैंसमवेयर हमले के कारण जिन वैश्विक निर्माताओं ने अपनी उत्पादन सुविधाओं को अस्थायी रूप से बंद करने की सूचना दी है, उनमें शामिल हैं:

1. **रेनॉल्ट:** फ्रांसीसी ऑटोमोबाइल निर्माता को अपने परिचालन में रैंसमवेयर के प्रसार को रोकने के लिए कई साइटों पर उत्पादन रोकने के लिए मजबूर होना पड़ा।

2. **निसान:** जापानी बहुराष्ट्रीय ऑटोमोबाइल निर्माता को भी WannaCry हमले के कारण, विशेष रूप से सुंदरलैंड में अपने यूके विनिर्माण संयंत्र में व्यवधान का अनुभव हुआ।

ये शटडाउन हमले को रोकने और आगे की क्षति से बचाने के लिए एहतियाती उपाय थे। WannaCry घटना ने वैश्विक विनिर्माण कार्यों की परस्पर जुड़ी प्रकृति और साइबर सुरक्षा घटनाओं के कारण महत्वपूर्ण व्यवधानों की संभावना पर प्रकाश डाला।
रेनॉल्ट और निसान में अस्थायी शटडाउन मुख्य रूप से WannaCry रैंसमवेयर हमले के कारण हुआ, जिसने उनके कंप्यूटर सिस्टम को प्रभावित किया। शटडाउन के विशिष्ट कारण यहां दिए गए हैं:

1. **निवारक उपाय:** दोनों कंपनियों ने अपने नेटवर्क के भीतर रैंसमवेयर के प्रसार को रोकने के लिए एहतियाती उपाय के रूप में उत्पादन रोकने का निर्णय लिया। यह कदम उनके वैश्विक परिचालन की सुरक्षा और मैलवेयर द्वारा आगे की घुसपैठ और क्षति को रोकने के लिए महत्वपूर्ण था।

2. **रोकथाम और पुनर्प्राप्ति प्रयास:** शटडाउन ने रेनॉल्ट और निसान दोनों को रैंसमवेयर हमले को रोकने और पुनर्प्राप्ति प्रयास शुरू करने पर ध्यान केंद्रित करने की अनुमति दी। इसमें प्रभावित सिस्टम को अलग करना, रैंसमवेयर को हटाना, बैकअप से डेटा को पुनर्स्थापित करना और भविष्य के हमलों से बचने के लिए अपने साइबर सुरक्षा उपायों को मजबूत करना शामिल था।

3. **संवेदनशील डेटा की सुरक्षा:** अपनी उत्पादन सुविधाओं को अस्थायी रूप से बंद करके, रेनॉल्ट और निसान का उद्देश्य संवेदनशील डेटा को एन्क्रिप्ट होने और संभावित रूप से हमलावरों द्वारा चोरी होने से बचाना था। WannaCry को फ़ाइल को एन्क्रिप्ट करने के लिए डिज़ाइन किया गया था
4. संक्रमित कंप्यूटरों पर ईएस, उनकी रिहाई के लिए फिरौती भुगतान की मांग करना। परिचालन रोकने से महत्वपूर्ण डेटा और बौद्धिक संपदा खोने का जोखिम कम हो गया।

4. **परिचालन अखंडता:** उनकी विनिर्माण प्रक्रियाओं की परिचालन अखंडता सुनिश्चित करना भी एक प्रमुख चिंता का विषय था। WannaCry हमला संभावित रूप से विनिर्माण प्रक्रियाओं को नियंत्रित करने वाले सॉफ़्टवेयर और सिस्टम से समझौता कर सकता है, जिससे वाहनों के उत्पादन में दोष या सुरक्षा समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

उत्पादन रोकने का निर्णय WannaCry रैंसमवेयर द्वारा उत्पन्न तत्काल खतरे की सीधी प्रतिक्रिया थी, जो परिष्कृत साइबर हमलों के प्रति वैश्विक निर्माताओं की भेद्यता और मजबूत साइबर सुरक्षा उपायों के महत्व को रेखांकित करता है।
रेनॉल्ट और निसान ने मुख्य रूप से अपनी उत्पादन सुविधाओं को रोककर संवेदनशील डेटा की रक्षा करने का लक्ष्य रखा क्योंकि उनके डेटा की अखंडता और गोपनीयता उनके संचालन, प्रतिस्पर्धी लाभ और प्रतिष्ठित स्थिति के लिए महत्वपूर्ण है। यहां इस बात का विस्तृत विवरण दिया गया है कि संवेदनशील डेटा की सुरक्षा करना एक प्रमुख चिंता क्यों थी जिसने उनकी उत्पादन सुविधाओं को अस्थायी रूप से बंद करना उचित ठहराया:

1. **डेटा चोरी और एन्क्रिप्शन की रोकथाम:** WannaCry रैंसमवेयर, जिसने इन शटडाउन को प्रेरित किया, संक्रमित सिस्टम पर फ़ाइलों को एन्क्रिप्ट करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो डिक्रिप्शन कुंजी के बिना उन्हें अप्राप्य बना देता है, जो आमतौर पर फिरौती भुगतान के बाद प्रदान किया जाता है। मालिकाना डेटा एन्क्रिप्टेड होने या संभावित रूप से हमलावरों द्वारा घुसपैठ किए जाने का खतरा एक महत्वपूर्ण जोखिम पैदा करता है। बौद्धिक संपदा, डिज़ाइन, ग्राहक जानकारी और आंतरिक संचार सहित संवेदनशील डेटा महत्वपूर्ण संपत्ति हैं, जिनके साथ यदि समझौता किया जाता है, तो पर्याप्त वित्तीय नुकसान हो सकता है और ग्राहक विश्वास को नुकसान हो सकता है।

2. **परिचालन सुरक्षा बनाए रखना:** विनिर्माण प्रणालियों की परिचालन अखंडता उनके द्वारा संसाधित और संग्रहीत किए जाने वाले डेटा के साथ गहराई से जुड़ी हुई है। इस डेटा का कोई भी अनधिकृत परिवर्तन या एन्क्रिप्शन विनिर्माण प्रक्रियाओं को बाधित कर सकता है, जिससे उत्पादन में रुकावट या खराबी आ सकती है। अस्थायी रूप से बंद करके, रेनॉल्ट और निसान यह सुनिश्चित कर सकते थे कि मैलवेयर उनके नेटवर्क के माध्यम से न फैले और परिचालन प्रणालियों से समझौता न करें, जिससे डेटा और उनकी उत्पादन लाइनों की भौतिक अखंडता दोनों की रक्षा हो सके।

3. **नियामक अनुपालन और कानूनी दायित्व:** कंपनियां अक्सर डेटा के प्रबंधन और सुरक्षा के संबंध में सख्त नियामक आवश्यकताओं के अधीन होती हैं, खासकर जब यह ग्राहक और कर्मचारी की जानकारी से संबंधित हो। ऐसे डेटा के उल्लंघन या हानि के परिणामस्वरूप कानूनी दंड, गैर-अनुपालन जुर्माना और प्रभावित व्यक्तियों को सूचित करने की आवश्यकता हो सकती है, जिससे वित्तीय और प्रतिष्ठित क्षति बढ़ सकती है।

4. **प्रतिष्ठित क्षति नियंत्रण:** संवेदनशील डेटा की सुरक्षा करने की कंपनी की क्षमता की धारणा ग्राहक विश्वास और व्यावसायिक साझेदारी को बनाए रखने के लिए सर्वोपरि है। एक महत्वपूर्ण डेटा उल्लंघन या हानि से ग्राहकों, आपूर्तिकर्ताओं और भागीदारों के बीच विश्वास की हानि हो सकती है, जिससे भविष्य के व्यावसायिक अवसर प्रभावित होंगे और संभावित रूप से बाजार हिस्सेदारी में गिरावट आएगी।

उत्पादन रोककर, रेनॉल्ट और निसान का लक्ष्य इन जोखिमों को कम करना था, जिससे उन्हें हमले की सीमा का आकलन करने, रैंसमवेयर को रोकने और परिचालन फिर से शुरू करने से पहले अपने सिस्टम को सुरक्षित करने के उपायों को लागू करने का समय मिल सके। संकट प्रबंधन के लिए यह सक्रिय दृष्टिकोण आधुनिक विनिर्माण पर साइबर सुरक्षा खतरों के व्यापक निहितार्थ और परिचालन निरंतरता को बनाए रखने में डेटा अखंडता के महत्व की समझ को दर्शाता है।
एक महत्वपूर्ण डेटा उल्लंघन या हानि से किसी कंपनी के लिए गंभीर वित्तीय और प्रतिष्ठित परिणाम हो सकते हैं। ये प्रभाव न केवल तात्कालिक लाभ को प्रभावित करते हैं बल्कि कंपनी की भविष्य की व्यवहार्यता और ब्रांड छवि पर भी दीर्घकालिक प्रभाव डाल सकते हैं। यहां इनमें से कुछ संभावित परिणामों का विवरण दिया गया है:

# # # वित्तीय परिणाम

1. **प्रतिक्रिया और उपचार के लिए तत्काल लागत:** कंपनियों को अक्सर डेटा उल्लंघन का जवाब देने में पर्याप्त खर्च करना पड़ता है, जिसमें फोरेंसिक जांच, जनसंपर्क प्रयास, कानूनी शुल्क और प्रभावित व्यक्तियों को सूचित करने से जुड़ी लागत शामिल है। इसके अतिरिक्त, सिस्टम को सुरक्षित करने और भविष्य की घटनाओं को रोकने के लिए सुधारात्मक प्रयासों के लिए प्रौद्योगिकी और मानव संसाधनों में महत्वपूर्ण निवेश की आवश्यकता हो सकती है।

2. **नियामक जुर्माना और कानूनी लागत:** कई न्यायक्षेत्रों में सख्त डेटा संरक्षण और गोपनीयता कानून हैं, और इन नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों को भारी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। उदाहरण के लिए, यूरोपीय संघ में जीडीपीआर (सामान्य डेटा संरक्षण विनियमन) के तहत, जुर्माना किसी कंपनी के वार्षिक वैश्विक कारोबार का 4% या €20 मिलियन, जो भी अधिक हो, तक पहुंच सकता है। वर्ग-कार्रवाई मुकदमों और प्रभावित पक्षों द्वारा की गई अन्य कानूनी कार्रवाइयों से जुड़ी लागतें भी हो सकती हैं।

3. **परिचालन संबंधी व्यवधान:** किसी उल्लंघन के कारण परिचालन में रुकावट आ सकती है, जैसे कि फोरेंसिक विश्लेषण और सफाई के लिए महत्वपूर्ण प्रणालियों का बंद होना। इसके परिणामस्वरूप उत्पादकता और राजस्व की हानि हो सकती है, खासकर यदि कंपनी उन क्षेत्रों में काम करती है जहां ऑनलाइन उपस्थिति और डिजिटल ओ
4. क्रियाएँ महत्वपूर्ण हैं.

4. **सुरक्षा और बीमा लागत में वृद्धि:** उल्लंघन के बाद, कंपनियों को अक्सर मजबूत सुरक्षा उपायों में निवेश करने की आवश्यकता होती है, जिसमें उन्नत सॉफ्टवेयर, अधिक मजबूत बुनियादी ढांचा और विशेष कर्मियों को काम पर रखना शामिल हो सकता है। उल्लंघन के बाद साइबर देनदारी कवरेज के लिए बीमा प्रीमियम भी काफी बढ़ सकता है।

5. **बौद्धिक संपदा का नुकसान:** प्रौद्योगिकी, विनिर्माण, फार्मास्यूटिकल्स और अन्य आईपी-सघन क्षेत्रों की कंपनियों के लिए, डेटा उल्लंघन से मालिकाना जानकारी का नुकसान हो सकता है, जो प्रतिस्पर्धात्मक लाभ और भविष्य के राजस्व प्रवाह को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है।

# # # प्रतिष्ठित परिणाम

1. **ग्राहक विश्वास की हानि:** शायद सबसे तात्कालिक और चुनौतीपूर्ण परिणाम ग्राहकों और ग्राहकों के बीच विश्वास का क्षरण है। एक उल्लंघन उपभोक्ताओं को अपना व्यवसाय कहीं और ले जाने के लिए प्रेरित कर सकता है, खासकर यदि व्यक्तिगत डेटा या वित्तीय जानकारी से समझौता किया गया हो।

2. **ब्रांड क्षति:** कंपनी की ब्रांड छवि को काफी नुकसान हो सकता है, जिससे ग्राहक वफादारी और ब्रांड इक्विटी पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकता है। डेटा उल्लंघन के बाद किसी ब्रांड के पुनर्निर्माण में कई साल लग सकते हैं और इसके लिए मार्केटिंग और ग्राहक सहभागिता प्रयासों में पर्याप्त निवेश की आवश्यकता होती है।

3. **साझेदारी और व्यावसायिक अवसर:** डेटा उल्लंघन किसी कंपनी के व्यावसायिक भागीदारों, आपूर्तिकर्ताओं और संभावित निवेशकों के साथ संबंधों को भी प्रभावित कर सकता है। इससे कम अनुकूल शर्तों के तहत अनुबंधों पर दोबारा बातचीत हो सकती है या यहां तक कि व्यावसायिक अवसरों की हानि भी हो सकती है क्योंकि भागीदार खुद को कथित जोखिम से दूर रखना चाहते हैं।

4. **स्टॉक मूल्य पर प्रभाव:** डेटा उल्लंघन की घोषणा के बाद सार्वजनिक रूप से कारोबार करने वाली कंपनियों को अक्सर स्टॉक मूल्य में तत्काल गिरावट का अनुभव होता है। हालांकि कुछ कंपनियां समय के साथ ठीक हो जाती हैं, लेकिन शुरुआती झटके से बाजार मूल्य में महत्वपूर्ण हानि हो सकती है।

5. **प्रतिभा प्रतिधारण और भर्ती:** किसी कंपनी को असुरक्षित या लापरवाह मानने से शीर्ष प्रतिभा को बनाए रखना और भर्ती करना कठिन हो सकता है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां कुशल पेशेवरों के लिए प्रतिस्पर्धा अधिक है।

इन वित्तीय और प्रतिष्ठित परिणामों का संचयी प्रभाव सबसे लचीली कंपनियों को भी चुनौती दे सकता है, जो मजबूत साइबर सुरक्षा उपायों और प्रभावी संकट प्रबंधन रणनीतियों के महत्व को रेखांकित करता है। https://drive.google.com/open?id=1yA1qodjti0n8NRHwpZZ35QCrL2dppHPDFkv0Aq7rBzQ

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