05/07/2020
कबीरा ते नर अँध है, गुरु को कहते और।
हरि रूठे गुरु ठौर है, गुरु रूठे नहीं ठौर॥
कबीरदास जी ने सत्य ही कहा है कि यदि परमात्मा रूठ जाए तो गुरु का आश्रय रहता है परंतु गुरु के उपरांत कोई ठौर नहीं रहता।
गुरु के बिना ज्ञान नही - ज्ञान के बिना संस्कृति नही꫰
संस्कृति के बिना संस्कार नही - संस्कार के बिना आचरण नही꫰
आचरण के बिना आदर नही -आदर के बिना मनुष्यता नही꫰
गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर सबको हार्दिक शुभकामनाएं !!!
आज गुरु पूर्णिमा पर मेरे गुरु जी के चरणों में भी कोटि-कोटि नमन।🌹🌹🙏🏽