सीएसपी वेलफेयर एसोसिएशन

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15/07/2026

दिल्ली जंतर मंतर | 15 जुलाई 2026
आज समाज तक मीडिया की टीम दिल्ली जंतर मंतर के लिए प्रस्थान कर रही है।
🎯 मुख्य मुद्दे: ✅ शहीद भारत भूषण तिवारी को लेकर 17 जुलाई की महापंचायत। ✅ कई दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक से मुलाकात और आंदोलन की जमीनी हकीकत।
हम मौके से जनता की आवाज़ और सच्चाई आपके सामने लाने का प्रयास करेंगे।
यदि आप न्याय, सत्य और जनहित के साथ खड़े हैं, तो अधिक से अधिक संख्या में जंतर मंतर पहुंचें। आपका एक दिन समाज के लिए बड़ा बदलाव ला सकता है।

14/07/2026

भारत भूषण तिवारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर समाज तक मीडिया एवं समाज तक फाउंडेशन की टीम रायबरेली (उत्तर प्रदेश) से 15 जुलाई 2026 को शाम 5:00 बजे जंतर-मंतर, नई दिल्ली के लिए रवाना हो रही है।
17 जुलाई 2026 को आयोजित महापंचायत में शामिल होकर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से न्याय की मांग को बुलंद किया जाएगा। इस वीडियो के माध्यम से आप सभी से अपील है कि न्याय की इस लड़ाई में अपना समर्थन दें और सत्य के साथ खड़े रहें।
यदि यह वीडियो आपको महत्वपूर्ण लगे तो इसे अधिक से अधिक शेयर करें, चैनल को सब्सक्राइब करें और अपनी राय कमेंट में अवश्य लिखें।
समाज तक मीडिया
समाज तक फाउंडेशन
वंदे मातरम्। 🇮🇳
:

02/04/2026
01/04/2026

यह वीडियो एक Google Meet की स्क्रीन रिकॉर्डिंग का है, जिसमें बैंक मित्रों की एक ऑनलाइन मीटिंग चल रही थी। इस मीटिंग में कुछ ऐसे लोग भी मौजूद दिखाई दे रहे हैं जो पहले सीएसपी वेलफेयर एसोसिएशन से जुड़े पदाधिकारी बताए जाते हैं, लेकिन बाद में मतभेदों के चलते अलग होकर नया संगठन बनाने की बात कर रहे थे।
बताया जा रहा है कि पहले इन लोगों ने इंटरनेशनल स्तर का संगठन बनाने का दावा किया था, लेकिन लगभग दो साल बीत जाने के बाद भी बैंक मित्रों के बीच सवाल उठ रहे हैं कि आखिर संगठन के नाम पर क्या कार्य हुए और क्या सिर्फ लोगों से पैसे एकत्रित करने का काम ही हुआ?
इस वायरल स्क्रीन रिकॉर्डिंग में यह भी देखा और सुना जा सकता है कि मीटिंग के दौरान कुछ लोग अभद्र भाषा और आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करते नजर आ रहे हैं। कई बैंक मित्र इस पर खुले तौर पर विरोध करते हुए भी दिखाई देते हैं और सवाल पूछते हैं कि अगर सार्वजनिक मीटिंग में इस तरह की भाषा का इस्तेमाल होगा तो क्या ऐसे लोग वास्तव में बैंक मित्रों के हित और उत्थान के लिए काम कर पाएंगे?
वीडियो में यह भी चर्चा का विषय बनता है कि किसी व्यक्ति के परिजनों के खाते में पैसे जाने और संगठन के नाम पर सहायता के बदले पैसे मांगने जैसे आरोप भी बातचीत में सामने आते हैं। वहीं, मीटिंग में मौजूद एक व्यक्ति जो खुद को अध्यक्ष बताने का दावा कर रहा है, उस पर भी सवाल उठते दिखते हैं कि आखिर इतने गंभीर आरोपों और विवाद के बीच वह चुप क्यों है।
कुछ लोगों द्वारा यह भी कहा जाता है कि “जो पैसा देगा उसी की मदद होगी”, जिससे कई बैंक मित्रों के बीच असंतोष और सवाल पैदा हो रहे हैं। क्या वास्तव में किसी संगठन में मदद का आधार पैसा होना चाहिए? यह सवाल अब चर्चा का विषय बन गया है।
समाज तक न्यूज़ मीडिया इस वीडियो को सार्वजनिक चर्चा के आधार पर प्रस्तुत कर रहा है। हमारा उद्देश्य किसी की छवि को नुकसान पहुँचाना नहीं बल्कि सामने आए तथ्यों और चर्चाओं को समाज के सामने रखना है, ताकि बैंक मित्र स्वयं इस पर विचार कर सकें।
चाणक्य नीति में कहा गया है कि
"संगठन की शक्ति उसके आचरण, नीति और अनुशासन से पहचानी जाती है।"
अब यह निर्णय बैंक मित्रों और समाज को करना है कि ऐसी भाषा, ऐसा व्यवहार और ऐसी कार्यशैली क्या वास्तव में उनके हित में है या नहीं।
⚠️ नोट: यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल स्क्रीन रिकॉर्डिंग के आधार पर प्रकाशित किया जा रहा है। इसमें व्यक्त विचार संबंधित व्यक्तियों के हैं।
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30/03/2026

इस वीडियो में एक सार्वजनिक व्हाट्सएप/सोशल मीडिया ग्रुप की स्क्रीन रिकॉर्डिंग दिखाई जा रही है, जिसमें सीएसपी बैंक मित्रों से जुड़े कुछ पदाधिकारियों के बीच आपसी मतभेद और आरोप-प्रत्यारोप सामने आ रहे हैं। ग्रुप सार्वजनिक होने के कारण इसमें हो रही चर्चाओं को अब सार्वजनिक किया जा रहा है, ताकि बैंक मित्रों के सामने सच्चाई आ सके।
वीडियो में देखा जा सकता है कि किस प्रकार संगठन के कुछ लोगों के बीच विचारों का टकराव है और संगठन की दिशा को लेकर अलग-अलग मत सामने आ रहे हैं। वहीं बैंक मित्रों का कहना है कि असली मुद्दा उनके अधिकार, कमीशन और काम की सुरक्षा का है, जिस पर गंभीरता से काम होना चाहिए।
अब सवाल यह है कि आखिर बैंक मित्रों के हित की लड़ाई कौन और कैसे आगे बढ़ाएगा।















सेवा में,जिलाधिकारी महोदय,जनपद – गोरखपुर (उ0प्र0)प्रतिलिपि :मुख्य विकास अधिकारी, गोरखपुरजिला पंचायती राज अधिकारी, गोरखपु...
08/02/2026

सेवा में,
जिलाधिकारी महोदय,
जनपद – गोरखपुर (उ0प्र0)
प्रतिलिपि :
मुख्य विकास अधिकारी, गोरखपुर
जिला पंचायती राज अधिकारी, गोरखपुर
आयुक्त महोदय, गोरखपुर मंडल
निदेशक, पंचायती राज विभाग, उ0प्र0
प्रमुख सचिव, पंचायती राज विभाग, उ0प्र0
मुख्यमंत्री कार्यालय, उत्तर प्रदेश
विषय :
ग्राम पंचायत अराजी चौरी, विकासखंड पिपराइच, जनपद गोरखपुर में फर्जी बिल-वाउचर व ब्लैक फोटो अपलोड कर करोड़ों रुपये के गबन एवं भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जांच हेतु।
महोदय,
मैं विजय प्रताप सिंह, जनपद रायबरेली का निवासी एवं एक स्वतंत्र पत्रकार हूँ तथा भारत सरकार की “जीरो टॉलरेंस टू करप्शन” नीति के अंतर्गत जनहित में भ्रष्टाचार के मामलों को उजागर करने का कार्य कर रहा हूँ।
आपके संज्ञान में लाना चाहता हूँ कि
ग्राम पंचायत – अराजी चौरी, विकासखंड – पिपराइच, जनपद – गोरखपुर में
ग्राम प्रधान गंगा मौर्य एवं पंचायत सचिव शैलेंद्र कुमार पासी द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 व 2025-26 में राजस्व मद एवं विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर फर्जी बिल-वाउचर लगाकर सरकारी धन का गबन किया गया है।
सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रत्येक भुगतान पर —
✔ पक्का बिल
✔ जीएसटी नंबर
✔ दिनांक
✔ ग्राम प्रधान की मोहर व हस्ताक्षर
✔ कार्य से संबंधित फोटो
अनिवार्य होते हैं।
परंतु संबंधित पंचायत में —
🔴 पक्के बिल की जगह ब्लैक (काली) फोटो अपलोड की गई है
🔴 बिना दिनांक के इनवॉइस लगाए गए
🔴 बिना जीएसटी नंबर के भुगतान दिखाया गया
🔴 बिना प्रधान की मोहर व हस्ताक्षर के वाउचर स्वीकृत किए गए
🔴 बिना मजदूरों के हस्ताक्षर वाले मास्टर रोल अपलोड किए गए
जो स्पष्ट रूप से जालसाजी, कूटरचना एवं सरकारी धन के गबन को दर्शाता है।
कुछ प्रमुख फर्जी वाउचर / भुगतान का विवरण :
दिनांक 16.01.2026 – ₹75,125
कार्य : ड्रिंकिंग वॉटर फैसिलिटी (RO)
→ वाउचर में केवल “Measures PM Raj” लिखा है, शेष पूरा बिल ब्लैंक/ब्लैक है।
दिनांक 31.01.2026 – ₹60,818
फर्म : मौर्य ट्रेडर्स
→ बिल दिनांक 18.10.2025 का लगाया गया, परंतु ग्राम प्रधान की मोहर व हस्ताक्षर नहीं।
दिनांक 31.01.2026 – ₹14,740
कार्य : ड्रिंकिंग वॉटर इंस्टॉलेशन RO
→ बिल दिनांक 19.12.2025 का लगाया गया, कहीं भी जीएसटी का उल्लेख नहीं।
वर्ष 2025 – ₹97,940
कार्य : ड्रिंकिंग वॉटर फैसिलिटी
→ इनवॉइस नं. 231, कोई दिनांक नहीं, न मोहर, न हस्ताक्षर।
वर्ष 2025 – ₹71,930
कार्य : ड्रिंकिंग वॉटर
→ इनवॉइस नं. 230, कोई दिनांक नहीं, कोई प्रमाणिकता नहीं।
दिनांक 18.12.2025 – ₹29,995
→ बिल की जगह ब्लैक फोटो अपलोड।
दिनांक 18.12.2025 – ₹21,480
कार्य : हैंडपंप रीबोर
→ पक्का वाउचर न लगाकर ब्लैक फोटो।
दिनांक 18.12.2025 – ₹23,900
→ ब्लैक फोटो अपलोड कर भुगतान।
दिनांक 18.12.2025 – ₹24,020
→ पक्का वाउचर के स्थान पर काली फोटो।
दिनांक 20.12.2025 – ₹2,420
कार्य : हैंडपंप रीबोर
→ पक्का बिल न लगाकर ब्लैक फोटो।
दिनांक 01.11.2025 – ₹24,000
आईडी नं. 101018432
→ बिल अपूर्ण, ग्राम प्रधान की मोहर नहीं।
दिनांक 01.11.2025 – ₹59,990
आईडी नं. 110431403
→ पक्के बिल की जगह छोटी अधूरी रसीद, पूरा वाउचर ब्लैक।
दिनांक 01.11.2025 – ₹66,510
आईडी नं. 101019444
→ पक्के बिल की जगह ब्लैक फोटो।
दिनांक 01.11.2025 – ₹18,510
आईडी नं. 58392046
कार्य : हैंडपंप रीबोर
→ ब्लैक फोटो अपलोड।
दिनांक 01.11.2025 – ₹59,846
आईडी नं. 126591684
→ इनवॉइस नं. 227 बिना दिनांक, बिना मोहर।
मास्टर रोल – ₹13,212
आईडी नं. 126591684
→ किसी भी मजदूर के हस्ताक्षर नहीं।
दिनांक 01.11.2025 – ₹49,405
आईडी नं. 126591832
→ इनवॉइस नं. 228, कोई दिनांक नहीं।
इस प्रकार के सैकड़ों फर्जी बिल-वाउचर मेरे पास उपलब्ध हैं तथा सरकारी पोर्टल पर भी अपलोड हैं।
यह कृत्य निम्न अपराधों की श्रेणी में आता है :
✔ सरकारी धन का गबन
✔ कूटरचित दस्तावेज
✔ जालसाजी
✔ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम का उल्लंघन
✔ आईटी एक्ट के अंतर्गत डिजिटल रिकॉर्ड से छेड़छाड़
अतः महोदय से अनुरोध है कि :
ग्राम प्रधान गंगा मौर्य एवं पंचायत सचिव शैलेंद्र कुमार पासी के विरुद्ध
एफआईआर दर्ज कराई जाए।
संपूर्ण वित्तीय वर्ष 2024-25 व 2025-26 की
विशेष ऑडिट जांच कराई जाए।
दोषी पाए जाने पर
रिकवरी, निलंबन एवं आपराधिक कार्रवाई की जाए।
जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो यह माना जाएगा कि
प्रशासनिक स्तर पर संरक्षण प्राप्त है, जिसकी शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय व सतर्कता विभाग में की जाएगी।
शिकायतकर्ता विवरण :
नाम : विजय प्रताप सिंह
पता : जनपद रायबरेली, उत्तर प्रदेश – 229122
मोबाइल : 7985372828
लैंडलाइन : 0535-2988112
ई-मेल : [email protected]
दिनांक : 08/02/2026

सेवा में,थानाध्यक्ष महोदय,थाना – पिपराइच,जनपद – गोरखपुर (उ0प्र0)विषय :ग्राम पंचायत अराजी चौरी, ब्लॉक पिपराइच, जनपद गोरखप...
08/02/2026

सेवा में,
थानाध्यक्ष महोदय,
थाना – पिपराइच,
जनपद – गोरखपुर (उ0प्र0)
विषय :
ग्राम पंचायत अराजी चौरी, ब्लॉक पिपराइच, जनपद गोरखपुर में फर्जी बिल-वाउचर व फर्जी फोटो लगाकर सरकारी धन का गबन किये जाने के संबंध में प्राथमिकी दर्ज किये जाने हेतु।
महोदय,
मैं विजय प्रताप सिंह, जनपद रायबरेली का निवासी एवं एक स्वतंत्र पत्रकार हूँ। मैं जनहित में आपके संज्ञान में यह तथ्य लाना चाहता हूँ कि
ग्राम पंचायत – अराजी चौरी, विकासखंड – पिपराइच, जनपद – गोरखपुर में ग्राम प्रधान गंगा मौर्य एवं पंचायत सचिव शैलेंद्र कुमार पासी द्वारा विकास कार्यों एवं राजस्व मद में फर्जी बिल-वाउचर व फर्जी फोटो लगाकर सरकारी धन का गबन किया गया है।
सरकारी नियमों के अनुसार प्रत्येक भुगतान पर
✔ पक्का बिल-वाउचर
✔ जीएसटी नंबर
✔ दिनांक
✔ ग्राम प्रधान की मोहर व हस्ताक्षर
✔ कार्य से संबंधित फोटो
अनिवार्य होते हैं।
परंतु संबंधित ग्राम पंचायत में सैकड़ों भुगतान ऐसे पाए गए हैं जिनमें –
🔴 पक्के बिल की जगह काली (ब्लैक) फोटो अपलोड की गई है
🔴 बिना दिनांक के इनवॉइस लगाए गए हैं
🔴 बिना जीएसटी नंबर के भुगतान किया गया है
🔴 बिना ग्राम प्रधान की मोहर व हस्ताक्षर के वाउचर स्वीकृत किये गये हैं
🔴 बिना मजदूरों के हस्ताक्षर वाले मास्टर रोल अपलोड किये गये हैं
जो स्पष्ट रूप से जालसाजी, कूटरचना एवं सरकारी धन के गबन की श्रेणी में आता है।
कुछ प्रमुख फर्जी भुगतान का विवरण :
दिनांक 16.01.2026 – ₹75,125
कार्य : ड्रिंकिंग वॉटर फैसिलिटी (RO)
→ बिल में केवल “Measures PM Raj” लिखा है, शेष पूरा ब्लैंक/ब्लैक।
दिनांक 31.01.2026 – ₹60,818
फर्म : मौर्य ट्रेडर्स
→ बिना ग्राम प्रधान की मोहर व हस्ताक्षर।
दिनांक 31.01.2026 – ₹14,740
कार्य : ड्रिंकिंग वॉटर इंस्टॉलेशन RO
→ बिना जीएसटी का बिल।
वर्ष 2025 – ₹97,940
→ इनवॉइस नं. 231, कोई दिनांक नहीं।
वर्ष 2025 – ₹71,930
→ इनवॉइस नं. 230, बिना प्रमाणिकता।
दिनांक 18.12.2025 – ₹29,995
→ बिल की जगह ब्लैक फोटो।
दिनांक 18.12.2025 – ₹21,480
कार्य : हैंडपंप रीबोर
→ ब्लैक फोटो लगाकर भुगतान।
दिनांक 01.11.2025 – ₹66,510
आईडी नं. 101019444
→ ब्लैक फोटो अपलोड।
दिनांक 01.11.2025 – ₹59,846
आईडी नं. 126591684
→ इनवॉइस नं. 227, बिना दिनांक व बिना मोहर।
मास्टर रोल – ₹13,212
→ किसी मजदूर के हस्ताक्षर नहीं।
दिनांक 01.11.2025 – ₹49,405
आईडी नं. 126591832
→ इनवॉइस नं. 228, बिना दिनांक।
इस प्रकार के सैकड़ों फर्जी बिल-वाउचर मेरे पास उपलब्ध हैं तथा सरकारी पोर्टल पर भी अपलोड हैं।
यह कृत्य निम्न धाराओं के अंतर्गत दंडनीय है :
✔ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी)
✔ धारा 467, 468, 471 (कूटरचित दस्तावेज व उसका प्रयोग)
✔ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम
✔ आईटी एक्ट (डिजिटल रिकॉर्ड से छेड़छाड़)
अतः आपसे निवेदन है कि :
ग्राम प्रधान गंगा मौर्य एवं पंचायत सचिव शैलेंद्र कुमार पासी के विरुद्ध
प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाए।
संपूर्ण भुगतान की जांच कराई जाए।
दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
यदि इस प्रकरण में शीघ्र कार्यवाही नहीं की जाती है तो विवश होकर मैं उच्च अधिकारियों व न्यायालय की शरण लूंगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
शिकायतकर्ता विवरण :
नाम : विजय प्रताप सिंह
पता : जनपद रायबरेली, उत्तर प्रदेश – 229122
मोबाइल : 7985372828
लैंडलाइन : 0535-2988112
ई-मेल : [email protected]
दिनांक : 08/02/2026

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