08/02/2026
सेवा में,
जिलाधिकारी महोदय,
जनपद – गोरखपुर (उ0प्र0)
प्रतिलिपि :
मुख्य विकास अधिकारी, गोरखपुर
जिला पंचायती राज अधिकारी, गोरखपुर
आयुक्त महोदय, गोरखपुर मंडल
निदेशक, पंचायती राज विभाग, उ0प्र0
प्रमुख सचिव, पंचायती राज विभाग, उ0प्र0
मुख्यमंत्री कार्यालय, उत्तर प्रदेश
विषय :
ग्राम पंचायत अराजी चौरी, विकासखंड पिपराइच, जनपद गोरखपुर में फर्जी बिल-वाउचर व ब्लैक फोटो अपलोड कर करोड़ों रुपये के गबन एवं भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जांच हेतु।
महोदय,
मैं विजय प्रताप सिंह, जनपद रायबरेली का निवासी एवं एक स्वतंत्र पत्रकार हूँ तथा भारत सरकार की “जीरो टॉलरेंस टू करप्शन” नीति के अंतर्गत जनहित में भ्रष्टाचार के मामलों को उजागर करने का कार्य कर रहा हूँ।
आपके संज्ञान में लाना चाहता हूँ कि
ग्राम पंचायत – अराजी चौरी, विकासखंड – पिपराइच, जनपद – गोरखपुर में
ग्राम प्रधान गंगा मौर्य एवं पंचायत सचिव शैलेंद्र कुमार पासी द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 व 2025-26 में राजस्व मद एवं विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर फर्जी बिल-वाउचर लगाकर सरकारी धन का गबन किया गया है।
सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रत्येक भुगतान पर —
✔ पक्का बिल
✔ जीएसटी नंबर
✔ दिनांक
✔ ग्राम प्रधान की मोहर व हस्ताक्षर
✔ कार्य से संबंधित फोटो
अनिवार्य होते हैं।
परंतु संबंधित पंचायत में —
🔴 पक्के बिल की जगह ब्लैक (काली) फोटो अपलोड की गई है
🔴 बिना दिनांक के इनवॉइस लगाए गए
🔴 बिना जीएसटी नंबर के भुगतान दिखाया गया
🔴 बिना प्रधान की मोहर व हस्ताक्षर के वाउचर स्वीकृत किए गए
🔴 बिना मजदूरों के हस्ताक्षर वाले मास्टर रोल अपलोड किए गए
जो स्पष्ट रूप से जालसाजी, कूटरचना एवं सरकारी धन के गबन को दर्शाता है।
कुछ प्रमुख फर्जी वाउचर / भुगतान का विवरण :
दिनांक 16.01.2026 – ₹75,125
कार्य : ड्रिंकिंग वॉटर फैसिलिटी (RO)
→ वाउचर में केवल “Measures PM Raj” लिखा है, शेष पूरा बिल ब्लैंक/ब्लैक है।
दिनांक 31.01.2026 – ₹60,818
फर्म : मौर्य ट्रेडर्स
→ बिल दिनांक 18.10.2025 का लगाया गया, परंतु ग्राम प्रधान की मोहर व हस्ताक्षर नहीं।
दिनांक 31.01.2026 – ₹14,740
कार्य : ड्रिंकिंग वॉटर इंस्टॉलेशन RO
→ बिल दिनांक 19.12.2025 का लगाया गया, कहीं भी जीएसटी का उल्लेख नहीं।
वर्ष 2025 – ₹97,940
कार्य : ड्रिंकिंग वॉटर फैसिलिटी
→ इनवॉइस नं. 231, कोई दिनांक नहीं, न मोहर, न हस्ताक्षर।
वर्ष 2025 – ₹71,930
कार्य : ड्रिंकिंग वॉटर
→ इनवॉइस नं. 230, कोई दिनांक नहीं, कोई प्रमाणिकता नहीं।
दिनांक 18.12.2025 – ₹29,995
→ बिल की जगह ब्लैक फोटो अपलोड।
दिनांक 18.12.2025 – ₹21,480
कार्य : हैंडपंप रीबोर
→ पक्का वाउचर न लगाकर ब्लैक फोटो।
दिनांक 18.12.2025 – ₹23,900
→ ब्लैक फोटो अपलोड कर भुगतान।
दिनांक 18.12.2025 – ₹24,020
→ पक्का वाउचर के स्थान पर काली फोटो।
दिनांक 20.12.2025 – ₹2,420
कार्य : हैंडपंप रीबोर
→ पक्का बिल न लगाकर ब्लैक फोटो।
दिनांक 01.11.2025 – ₹24,000
आईडी नं. 101018432
→ बिल अपूर्ण, ग्राम प्रधान की मोहर नहीं।
दिनांक 01.11.2025 – ₹59,990
आईडी नं. 110431403
→ पक्के बिल की जगह छोटी अधूरी रसीद, पूरा वाउचर ब्लैक।
दिनांक 01.11.2025 – ₹66,510
आईडी नं. 101019444
→ पक्के बिल की जगह ब्लैक फोटो।
दिनांक 01.11.2025 – ₹18,510
आईडी नं. 58392046
कार्य : हैंडपंप रीबोर
→ ब्लैक फोटो अपलोड।
दिनांक 01.11.2025 – ₹59,846
आईडी नं. 126591684
→ इनवॉइस नं. 227 बिना दिनांक, बिना मोहर।
मास्टर रोल – ₹13,212
आईडी नं. 126591684
→ किसी भी मजदूर के हस्ताक्षर नहीं।
दिनांक 01.11.2025 – ₹49,405
आईडी नं. 126591832
→ इनवॉइस नं. 228, कोई दिनांक नहीं।
इस प्रकार के सैकड़ों फर्जी बिल-वाउचर मेरे पास उपलब्ध हैं तथा सरकारी पोर्टल पर भी अपलोड हैं।
यह कृत्य निम्न अपराधों की श्रेणी में आता है :
✔ सरकारी धन का गबन
✔ कूटरचित दस्तावेज
✔ जालसाजी
✔ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम का उल्लंघन
✔ आईटी एक्ट के अंतर्गत डिजिटल रिकॉर्ड से छेड़छाड़
अतः महोदय से अनुरोध है कि :
ग्राम प्रधान गंगा मौर्य एवं पंचायत सचिव शैलेंद्र कुमार पासी के विरुद्ध
एफआईआर दर्ज कराई जाए।
संपूर्ण वित्तीय वर्ष 2024-25 व 2025-26 की
विशेष ऑडिट जांच कराई जाए।
दोषी पाए जाने पर
रिकवरी, निलंबन एवं आपराधिक कार्रवाई की जाए।
जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो यह माना जाएगा कि
प्रशासनिक स्तर पर संरक्षण प्राप्त है, जिसकी शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय व सतर्कता विभाग में की जाएगी।
शिकायतकर्ता विवरण :
नाम : विजय प्रताप सिंह
पता : जनपद रायबरेली, उत्तर प्रदेश – 229122
मोबाइल : 7985372828
लैंडलाइन : 0535-2988112
ई-मेल : [email protected]
दिनांक : 08/02/2026