सीएसपी वेलफेयर एसोसिएशन

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सेवा में,जिलाधिकारी महोदय,जनपद – गोरखपुर (उ0प्र0)प्रतिलिपि :मुख्य विकास अधिकारी, गोरखपुरजिला पंचायती राज अधिकारी, गोरखपु...
08/02/2026

सेवा में,
जिलाधिकारी महोदय,
जनपद – गोरखपुर (उ0प्र0)
प्रतिलिपि :
मुख्य विकास अधिकारी, गोरखपुर
जिला पंचायती राज अधिकारी, गोरखपुर
आयुक्त महोदय, गोरखपुर मंडल
निदेशक, पंचायती राज विभाग, उ0प्र0
प्रमुख सचिव, पंचायती राज विभाग, उ0प्र0
मुख्यमंत्री कार्यालय, उत्तर प्रदेश
विषय :
ग्राम पंचायत अराजी चौरी, विकासखंड पिपराइच, जनपद गोरखपुर में फर्जी बिल-वाउचर व ब्लैक फोटो अपलोड कर करोड़ों रुपये के गबन एवं भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जांच हेतु।
महोदय,
मैं विजय प्रताप सिंह, जनपद रायबरेली का निवासी एवं एक स्वतंत्र पत्रकार हूँ तथा भारत सरकार की “जीरो टॉलरेंस टू करप्शन” नीति के अंतर्गत जनहित में भ्रष्टाचार के मामलों को उजागर करने का कार्य कर रहा हूँ।
आपके संज्ञान में लाना चाहता हूँ कि
ग्राम पंचायत – अराजी चौरी, विकासखंड – पिपराइच, जनपद – गोरखपुर में
ग्राम प्रधान गंगा मौर्य एवं पंचायत सचिव शैलेंद्र कुमार पासी द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 व 2025-26 में राजस्व मद एवं विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर फर्जी बिल-वाउचर लगाकर सरकारी धन का गबन किया गया है।
सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रत्येक भुगतान पर —
✔ पक्का बिल
✔ जीएसटी नंबर
✔ दिनांक
✔ ग्राम प्रधान की मोहर व हस्ताक्षर
✔ कार्य से संबंधित फोटो
अनिवार्य होते हैं।
परंतु संबंधित पंचायत में —
🔴 पक्के बिल की जगह ब्लैक (काली) फोटो अपलोड की गई है
🔴 बिना दिनांक के इनवॉइस लगाए गए
🔴 बिना जीएसटी नंबर के भुगतान दिखाया गया
🔴 बिना प्रधान की मोहर व हस्ताक्षर के वाउचर स्वीकृत किए गए
🔴 बिना मजदूरों के हस्ताक्षर वाले मास्टर रोल अपलोड किए गए
जो स्पष्ट रूप से जालसाजी, कूटरचना एवं सरकारी धन के गबन को दर्शाता है।
कुछ प्रमुख फर्जी वाउचर / भुगतान का विवरण :
दिनांक 16.01.2026 – ₹75,125
कार्य : ड्रिंकिंग वॉटर फैसिलिटी (RO)
→ वाउचर में केवल “Measures PM Raj” लिखा है, शेष पूरा बिल ब्लैंक/ब्लैक है।
दिनांक 31.01.2026 – ₹60,818
फर्म : मौर्य ट्रेडर्स
→ बिल दिनांक 18.10.2025 का लगाया गया, परंतु ग्राम प्रधान की मोहर व हस्ताक्षर नहीं।
दिनांक 31.01.2026 – ₹14,740
कार्य : ड्रिंकिंग वॉटर इंस्टॉलेशन RO
→ बिल दिनांक 19.12.2025 का लगाया गया, कहीं भी जीएसटी का उल्लेख नहीं।
वर्ष 2025 – ₹97,940
कार्य : ड्रिंकिंग वॉटर फैसिलिटी
→ इनवॉइस नं. 231, कोई दिनांक नहीं, न मोहर, न हस्ताक्षर।
वर्ष 2025 – ₹71,930
कार्य : ड्रिंकिंग वॉटर
→ इनवॉइस नं. 230, कोई दिनांक नहीं, कोई प्रमाणिकता नहीं।
दिनांक 18.12.2025 – ₹29,995
→ बिल की जगह ब्लैक फोटो अपलोड।
दिनांक 18.12.2025 – ₹21,480
कार्य : हैंडपंप रीबोर
→ पक्का वाउचर न लगाकर ब्लैक फोटो।
दिनांक 18.12.2025 – ₹23,900
→ ब्लैक फोटो अपलोड कर भुगतान।
दिनांक 18.12.2025 – ₹24,020
→ पक्का वाउचर के स्थान पर काली फोटो।
दिनांक 20.12.2025 – ₹2,420
कार्य : हैंडपंप रीबोर
→ पक्का बिल न लगाकर ब्लैक फोटो।
दिनांक 01.11.2025 – ₹24,000
आईडी नं. 101018432
→ बिल अपूर्ण, ग्राम प्रधान की मोहर नहीं।
दिनांक 01.11.2025 – ₹59,990
आईडी नं. 110431403
→ पक्के बिल की जगह छोटी अधूरी रसीद, पूरा वाउचर ब्लैक।
दिनांक 01.11.2025 – ₹66,510
आईडी नं. 101019444
→ पक्के बिल की जगह ब्लैक फोटो।
दिनांक 01.11.2025 – ₹18,510
आईडी नं. 58392046
कार्य : हैंडपंप रीबोर
→ ब्लैक फोटो अपलोड।
दिनांक 01.11.2025 – ₹59,846
आईडी नं. 126591684
→ इनवॉइस नं. 227 बिना दिनांक, बिना मोहर।
मास्टर रोल – ₹13,212
आईडी नं. 126591684
→ किसी भी मजदूर के हस्ताक्षर नहीं।
दिनांक 01.11.2025 – ₹49,405
आईडी नं. 126591832
→ इनवॉइस नं. 228, कोई दिनांक नहीं।
इस प्रकार के सैकड़ों फर्जी बिल-वाउचर मेरे पास उपलब्ध हैं तथा सरकारी पोर्टल पर भी अपलोड हैं।
यह कृत्य निम्न अपराधों की श्रेणी में आता है :
✔ सरकारी धन का गबन
✔ कूटरचित दस्तावेज
✔ जालसाजी
✔ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम का उल्लंघन
✔ आईटी एक्ट के अंतर्गत डिजिटल रिकॉर्ड से छेड़छाड़
अतः महोदय से अनुरोध है कि :
ग्राम प्रधान गंगा मौर्य एवं पंचायत सचिव शैलेंद्र कुमार पासी के विरुद्ध
एफआईआर दर्ज कराई जाए।
संपूर्ण वित्तीय वर्ष 2024-25 व 2025-26 की
विशेष ऑडिट जांच कराई जाए।
दोषी पाए जाने पर
रिकवरी, निलंबन एवं आपराधिक कार्रवाई की जाए।
जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो यह माना जाएगा कि
प्रशासनिक स्तर पर संरक्षण प्राप्त है, जिसकी शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय व सतर्कता विभाग में की जाएगी।
शिकायतकर्ता विवरण :
नाम : विजय प्रताप सिंह
पता : जनपद रायबरेली, उत्तर प्रदेश – 229122
मोबाइल : 7985372828
लैंडलाइन : 0535-2988112
ई-मेल : [email protected]
दिनांक : 08/02/2026

सेवा में,थानाध्यक्ष महोदय,थाना – पिपराइच,जनपद – गोरखपुर (उ0प्र0)विषय :ग्राम पंचायत अराजी चौरी, ब्लॉक पिपराइच, जनपद गोरखप...
08/02/2026

सेवा में,
थानाध्यक्ष महोदय,
थाना – पिपराइच,
जनपद – गोरखपुर (उ0प्र0)
विषय :
ग्राम पंचायत अराजी चौरी, ब्लॉक पिपराइच, जनपद गोरखपुर में फर्जी बिल-वाउचर व फर्जी फोटो लगाकर सरकारी धन का गबन किये जाने के संबंध में प्राथमिकी दर्ज किये जाने हेतु।
महोदय,
मैं विजय प्रताप सिंह, जनपद रायबरेली का निवासी एवं एक स्वतंत्र पत्रकार हूँ। मैं जनहित में आपके संज्ञान में यह तथ्य लाना चाहता हूँ कि
ग्राम पंचायत – अराजी चौरी, विकासखंड – पिपराइच, जनपद – गोरखपुर में ग्राम प्रधान गंगा मौर्य एवं पंचायत सचिव शैलेंद्र कुमार पासी द्वारा विकास कार्यों एवं राजस्व मद में फर्जी बिल-वाउचर व फर्जी फोटो लगाकर सरकारी धन का गबन किया गया है।
सरकारी नियमों के अनुसार प्रत्येक भुगतान पर
✔ पक्का बिल-वाउचर
✔ जीएसटी नंबर
✔ दिनांक
✔ ग्राम प्रधान की मोहर व हस्ताक्षर
✔ कार्य से संबंधित फोटो
अनिवार्य होते हैं।
परंतु संबंधित ग्राम पंचायत में सैकड़ों भुगतान ऐसे पाए गए हैं जिनमें –
🔴 पक्के बिल की जगह काली (ब्लैक) फोटो अपलोड की गई है
🔴 बिना दिनांक के इनवॉइस लगाए गए हैं
🔴 बिना जीएसटी नंबर के भुगतान किया गया है
🔴 बिना ग्राम प्रधान की मोहर व हस्ताक्षर के वाउचर स्वीकृत किये गये हैं
🔴 बिना मजदूरों के हस्ताक्षर वाले मास्टर रोल अपलोड किये गये हैं
जो स्पष्ट रूप से जालसाजी, कूटरचना एवं सरकारी धन के गबन की श्रेणी में आता है।
कुछ प्रमुख फर्जी भुगतान का विवरण :
दिनांक 16.01.2026 – ₹75,125
कार्य : ड्रिंकिंग वॉटर फैसिलिटी (RO)
→ बिल में केवल “Measures PM Raj” लिखा है, शेष पूरा ब्लैंक/ब्लैक।
दिनांक 31.01.2026 – ₹60,818
फर्म : मौर्य ट्रेडर्स
→ बिना ग्राम प्रधान की मोहर व हस्ताक्षर।
दिनांक 31.01.2026 – ₹14,740
कार्य : ड्रिंकिंग वॉटर इंस्टॉलेशन RO
→ बिना जीएसटी का बिल।
वर्ष 2025 – ₹97,940
→ इनवॉइस नं. 231, कोई दिनांक नहीं।
वर्ष 2025 – ₹71,930
→ इनवॉइस नं. 230, बिना प्रमाणिकता।
दिनांक 18.12.2025 – ₹29,995
→ बिल की जगह ब्लैक फोटो।
दिनांक 18.12.2025 – ₹21,480
कार्य : हैंडपंप रीबोर
→ ब्लैक फोटो लगाकर भुगतान।
दिनांक 01.11.2025 – ₹66,510
आईडी नं. 101019444
→ ब्लैक फोटो अपलोड।
दिनांक 01.11.2025 – ₹59,846
आईडी नं. 126591684
→ इनवॉइस नं. 227, बिना दिनांक व बिना मोहर।
मास्टर रोल – ₹13,212
→ किसी मजदूर के हस्ताक्षर नहीं।
दिनांक 01.11.2025 – ₹49,405
आईडी नं. 126591832
→ इनवॉइस नं. 228, बिना दिनांक।
इस प्रकार के सैकड़ों फर्जी बिल-वाउचर मेरे पास उपलब्ध हैं तथा सरकारी पोर्टल पर भी अपलोड हैं।
यह कृत्य निम्न धाराओं के अंतर्गत दंडनीय है :
✔ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी)
✔ धारा 467, 468, 471 (कूटरचित दस्तावेज व उसका प्रयोग)
✔ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम
✔ आईटी एक्ट (डिजिटल रिकॉर्ड से छेड़छाड़)
अतः आपसे निवेदन है कि :
ग्राम प्रधान गंगा मौर्य एवं पंचायत सचिव शैलेंद्र कुमार पासी के विरुद्ध
प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाए।
संपूर्ण भुगतान की जांच कराई जाए।
दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
यदि इस प्रकरण में शीघ्र कार्यवाही नहीं की जाती है तो विवश होकर मैं उच्च अधिकारियों व न्यायालय की शरण लूंगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
शिकायतकर्ता विवरण :
नाम : विजय प्रताप सिंह
पता : जनपद रायबरेली, उत्तर प्रदेश – 229122
मोबाइल : 7985372828
लैंडलाइन : 0535-2988112
ई-मेल : [email protected]
दिनांक : 08/02/2026

📄 सूचना पत्र / सार्वजनिक पत्रविषय: बैंक मित्र कार्य से विरत होने एवं संगठनात्मक स्थिति से अवगत कराने के संबंध में।प्रिय ...
01/02/2026

📄 सूचना पत्र / सार्वजनिक पत्र
विषय: बैंक मित्र कार्य से विरत होने एवं संगठनात्मक स्थिति से अवगत कराने के संबंध में।
प्रिय साथियों,
मैं, विजय प्रताप सिंह, आप सभी को यह सूचित करना चाहता हूँ कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए मैंने बैंक मित्र के रूप में अपना कार्य फिलहाल बंद करने का निर्णय लिया है।
यह निर्णय किसी व्यक्तिगत लाभ या मजबूरी में नहीं, बल्कि सार्वजनिक हित, संगठनात्मक स्वतंत्रता एवं निर्भीक पत्रकारिता को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
आप सभी जानते हैं कि बीते वर्षों में मैंने बिना किसी समझौते के, बिना किसी डर के,
✔️ बैंक मित्रों की समस्याओं को उठाया,
✔️ कंपनियों और बैंकों के खिलाफ न्याय की बात कही,
✔️ और सत्य के पक्ष में खड़ा रहा।
मेरा पिछले माह का कमीशन ₹12,000/- से अधिक था, इसके बावजूद मैंने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि
आज बैंक मित्रों पर:
– सर्वर समस्याएं,
– तकनीकी अव्यवस्थाएं,
– असंभव लक्ष्य,
– मानसिक दबाव,
दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है।
आज संगठन की स्थिति यह है कि —
कोई भी पदाधिकारी मजबूती से खुलकर साथ खड़ा नहीं है।
सभी अपने-अपने व्यक्तिगत हित में अलग होते जा रहे हैं।
यह पीड़ा केवल मेरी नहीं, पूरे संगठन की है।
मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूँ कि:
👉 मेरा बैंक मित्रों से कभी अविश्वास नहीं रहा,
👉 मैं हमेशा बैंक मित्रों के हित में खड़ा रहा हूँ,
👉 और जीवनभर खड़ा रहूँगा।
लेकिन एक सच्चाई यह भी है कि
जब तक आप लोग अपनी समस्याओं को खुलकर सामने नहीं रखेंगे,
तब तक लड़ाई अधूरी रहेगी।
पिछले दो वर्षों में आपने देखा है कि:
मैंने
✔️ किसी कंपनी से समझौता नहीं किया,
✔️ किसी बैंक से दबाव में नहीं आया,
✔️ सत्य की राह पर अडिग रहा,
✔️ मुकदमों और विवादों का सामना निडरता से किया।
आज मैं यह भी स्पष्ट करता हूँ कि
“सी. एस. पी. वेलफेयर एसोसिएशन” को आगे बढ़ाने के लिए यदि कोई भी साथी आगे आना चाहता है,
तो उसका खुले दिल से स्वागत है।
मैं कभी भी इस नाम या संगठन पर व्यक्तिगत अधिकार नहीं रखता।
मेरी प्राथमिकता आज भी वही है —
✔️ जनहित
✔️ बैंक मित्र हित
✔️ निर्भीक पत्रकारिता
✔️ सत्य आधारित संघर्ष
मैं अपनी सुरक्षा का ध्यान रखते हुए
बैंक मित्र हो या आम जनमानस —
हर पीड़ित की आवाज बनता रहूँगा।
अतः आप सभी साथियों को सूचित किया जाता है कि
👉 मैं फिलहाल अपना बैंक मित्र कोड बंद कर रहा हूँ।
👉 यह निर्णय मजबूरी नहीं, वैचारिक स्वतंत्रता के लिए लिया गया है।
👉 यह किसी से दूरी नहीं, बल्कि संघर्ष को और खुलकर करने का रास्ता है।
यदि कोई साथी वास्तव में
लोगों की मदद के लिए आगे आना चाहता है,
सत्य के साथ चलना चाहता है,
जोखिम उठाने को तैयार है,
तो उसके लिए मेरे दरवाज़े आज भी खुले हैं।
आप सबका सहयोग, संघर्ष और विश्वास ही
इस आंदोलन की असली ताकत है।
आपका साथी,
विजय प्रताप सिंह
प्रदेश अध्यक्ष
सी. एस. पी. वेलफेयर एसोसिएशन
(जनहित व बैंक मित्र हित संघर्षरत)

सेवा में,माननीय सचिव, ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्लीप्रमुख सचिव, ग्राम्य विकास विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार,...
31/01/2026

सेवा में,
माननीय सचिव, ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली
प्रमुख सचिव, ग्राम्य विकास विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार, लखनऊ
जिलाधिकारी, गोरखपुर
मुख्य विकास अधिकारी (CDO), गोरखपुर
जिला कार्यक्रम अधिकारी (DC मनरेगा), गोरखपुर
थाना प्रभारी, पिपराइच, जनपद गोरखपुर
विषय:
मनरेगा योजना में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा एवं सरकारी धन की खुली लूट के संबंध में प्राथमिकी दर्ज कराकर कठोर कार्रवाई कराए जाने हेतु।
महोदय,
मैं विजय प्रताप सिंह, निवासी जनपद रायबरेली (उत्तर प्रदेश), एक स्वतंत्र पत्रकार एवं समाजसेवी होने के नाते भारत सरकार की “जीरो टॉलरेंस ऑन करप्शन” नीति के तहत निरंतर जनहित में भ्रष्टाचार के मामलों को उजागर करता आ रहा हूँ।
जनपद गोरखपुर के ब्लॉक पिपराइच अंतर्गत ग्राम पंचायत बरायपुर में मनरेगा योजना के अंतर्गत दिनांक 16 जनवरी 2026 से 31 जनवरी 2026 के मध्य बड़े पैमाने पर सुनियोजित भ्रष्टाचार एवं फर्जी उपस्थिति दर्ज किए जाने के ठोस साक्ष्य सामने आए हैं।
यहाँ पर मनरेगा के NMMS ऐप के माध्यम से— ✔ एक ही व्यक्ति की फोटो बार-बार अलग-अलग मजदूरों के नाम पर लगाई गई।
✔ स्टोरेज फोटो (Gallery फोटो) का प्रयोग किया गया।
✔ “मोबाइल से मोबाइल फोटो” की प्रक्रिया अपनाई गई।
✔ दो बार फोटो खींचने के नियम का खुलेआम उल्लंघन किया गया।
यह कृत्य सीधे-सीधे भारत सरकार की पारदर्शिता नीति और मनरेगा अधिनियम का मजाक उड़ाने जैसा है।
📌 दिनवार फर्जी मजदूर संख्या:
16.01.2026 – 64
17.01.2026 – 87
18.01.2026 – 87
19.01.2026 – 87
20.01.2026 – 87
21.01.2026 – 44
22.01.2026 – 44
23.01.2026 – 42
24.01.2026 – 42
25.01.2026 – 44
27.01.2026 – 44
28.01.2026 – 43
29.01.2026 – 41
31.01.2026 – 18
कुल फर्जी मजदूर-दिवस: 774
प्रति मजदूर मजदूरी: ₹252
कुल घोटाला राशि: ₹1,95,048/-
📑 संदिग्ध मास्टर रोल संख्या:
4705, 4706, 4707, 4708, 4709, 4710, 4711,
4831, 4832, 4833, 4834, 4835, 4836,
4874, 4875
स्पष्ट है कि यह फर्जीवाड़ा बिना ग्राम सचिव, रोजगार सेवक, तकनीकी सहायक एवं उच्च अधिकारियों की मिलीभगत के संभव नहीं है। यह गरीब मजदूरों के हक पर सीधा डाका है और सरकार की छवि को जानबूझकर धूमिल करने का प्रयास है।
🔥 मांग
अतः आपसे निवेदन नहीं, बल्कि कठोर माँग है कि—
उपरोक्त सभी मास्टर रोल व NMMS फोटो की फॉरेंसिक जांच कराई जाए।
दोषी प्रधान, सचिव, रोजगार सेवक, तकनीकी सहायक एवं संलिप्त अधिकारियों पर FIR दर्ज कराई जाए।
₹1,95,048 की रिकवरी कर सरकारी खाते में जमा कराई जाए।
संबंधित अधिकारियों को तत्काल निलंबित किया जाए।
शिकायतकर्ता को जांच से अवगत कराया जाए।
यदि इस गंभीर घोटाले पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो यह माना जाएगा कि प्रशासन भी भ्रष्टाचार को संरक्षण दे रहा है, जिसकी शिकायत मैं मुख्यमंत्री कार्यालय एवं प्रधानमंत्री कार्यालय तक करूँगा।
शिकायतकर्ता का विवरण:
नाम: विजय प्रताप सिंह
पता: जनपद रायबरेली, उत्तर प्रदेश
पहचान: स्वतंत्र पत्रकार एवं समाजसेवी
मोबाइल नंबर: 7985372828
लैंडलाइन नंबर: 0535-2988112
ईमेल आईडी: [email protected]
वेबसाइट: www.samajtak.com
दिनांक: 31/01/2026
स्थान: रायबरेली

सेवा में,प्रधान सचिव, ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकारमुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश सरकारजिलाधिकारी, गोरखपुरमुख्य विकास अधि...
28/01/2026

सेवा में,
प्रधान सचिव, ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार
मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश सरकार
जिलाधिकारी, गोरखपुर
मुख्य विकास अधिकारी, गोरखपुर
जिला समन्वयक (डी.सी.) मनरेगा, गोरखपुर
मनरेगा लोकपाल, गोरखपुर
विषय : जनपद गोरखपुर, ब्लॉक सहजनवा, ग्राम पंचायत रेवड़ा में मनरेगा योजना के अंतर्गत संगठित फर्जीवाड़ा व एनएमएमएस नियमों की खुलेआम अवहेलना के संबंध में कठोर कार्रवाई हेतु शिकायत।
महोदय,
मैं विजय प्रताप सिंह, भारत सरकार की “जीरो टॉलरेंस टू करप्शन” नीति के अनुरूप निरंतर मनरेगा में हो रहे भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्य कर रहा हूं तथा जनपद रायबरेली का निवासी हूं।
उक्त क्रम में जनपद गोरखपुर के विकासखंड सहजनवा अंतर्गत ग्राम पंचायत रेवड़ा में मनरेगा योजना में खुलेआम फर्जी मजदूर लगाकर सरकारी धन की लूट का गंभीर मामला प्रकाश में आया है।
समाज तक डिजिटल मीडिया द्वारा की गई डिजिटल पड़ताल में निम्न तथ्य सामने आए हैं—
दिनांक 14 जनवरी 2026
➡️ कुल 55 फर्जी मजदूर दर्शाए गए
दिनांक 15 जनवरी 2026
➡️ पुनः 55 फर्जी मजदूर लगाए गए
दिनांक 16 जनवरी 2026
➡️ 56 मजदूर लगाए गए
इन सभी तिथियों में कार्यस्थल पर वास्तविक मजदूर उपस्थित नहीं पाए गए, जबकि कागजों व एनएमएमएस ऐप पर पूर्ण उपस्थिति दर्ज की गई। यह कृत्य सीधे तौर पर भारत सरकार द्वारा लागू एनएमएमएस प्रणाली की आत्मा पर प्रहार है।
इस फर्जीवाड़े में निम्न मास्टर रोल संख्याएं प्रयुक्त की गई हैं—
5482, 5483, 5484, 5487, 5488, 5489
यह स्पष्ट है कि—
▪️ मजदूरों के नाम फर्जी
▪️ फोटो व लोकेशन संदिग्ध
▪️ उपस्थिति योजनाबद्ध रूप से अपलोड
▪️ भुगतान निकालने की पूर्व तैयारी
यह कोई प्रशासनिक चूक नहीं बल्कि पूर्व नियोजित भ्रष्टाचार है, जिसमें संबंधित ग्राम पंचायत स्तर के अधिकारी/कर्मचारी एवं अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों की मिलीभगत की प्रबल संभावना है।
अतः आपसे अपेक्षा है कि—
उपरोक्त मास्टर रोलों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
दोषी पंचायत सचिव, रोजगार सेवक, तकनीकी सहायक व अन्य संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जाए।
फर्जी भुगतान की गई धनराशि की वसूली कर सरकारी खाते में जमा कराई जाए।
संबंधित ग्राम पंचायत को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाए।
भविष्य में ऐसे फर्जीवाड़े को रोकने हेतु कठोर निगरानी तंत्र लागू किया जाए।
यदि इस प्रकरण में समयबद्ध एवं कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो यह मान लिया जाएगा कि प्रशासनिक स्तर पर संरक्षण प्रदान किया जा रहा है, जिसकी समस्त नैतिक व कानूनी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।
यह शिकायत जनहित व सरकारी धन की सुरक्षा हेतु प्रस्तुत की जा रही है।
भवदीय,
(विजय प्रताप सिंह)
सामाजिक कार्यकर्ता / खोजी रिपोर्टर
जनपद रायबरेली, उत्तर प्रदेश
मोबाइल नंबर : 7985372828
लैंडलाइन : 0535-2988112
ईमेल आईडी : [email protected]
वेबसाइट : www.samajtak.com

प्रेषक :विजय प्रताप सिंहस्वतंत्र पत्रकार एवं समाजसेवीजनपद – रायबरेली, उत्तर प्रदेशमोबाइल : 7985372828वेबसाइट : www.samaj...
27/01/2026

प्रेषक :
विजय प्रताप सिंह
स्वतंत्र पत्रकार एवं समाजसेवी
जनपद – रायबरेली, उत्तर प्रदेश
मोबाइल : 7985372828
वेबसाइट : www.samajtak.com
लैंडलाइन : 0535-2988112
ई-मेल : [email protected]
दिनांक : 28 जनवरी 2026
प्रति,
प्रमुख सचिव, ग्राम्य विकास विभाग / मनरेगा, उत्तर प्रदेश
लोकपाल, मनरेगा
जिलाधिकारी, गोरखपुर
डीसी मनरेगा, जनपद गोरखपुर
खंड विकास अधिकारी, पिपराइच
थाना प्रभारी, पिपराइच
संबंधित विभाग
विषय : ग्राम पंचायत मठिया, ब्लॉक पिपराइच, जनपद गोरखपुर में एनएमएमएस ऐप के माध्यम से मनरेगा में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा एवं भ्रष्टाचार के संबंध में शिकायत।
महोदय,
मैं शिकायतकर्ता विजय प्रताप सिंह, स्वतंत्र पत्रकार एवं समाजसेवी, यह शिकायत निम्न बिंदुओं पर प्रस्तुत कर रहा हूँ—
ग्राम पंचायत मठिया, ब्लॉक पिपराइच, जनपद गोरखपुर में मनरेगा योजना के अंतर्गत एनएमएमएस ऐप का दुरुपयोग कर लगातार फर्जी मजदूर दिखाए जा रहे हैं।
भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार कार्यस्थल पर एक ही व्यक्ति का दो बार फोटो लिया जाना अनिवार्य है, परंतु यहां नाम किसी और का तथा फोटो किसी और का लगाया जा रहा है।
स्टोरेज फोटो व डुप्लीकेट फोटो का प्रयोग कर रोजाना फर्जी हाजिरी अपडेट की जा रही है।
समाज तक डिजिटल मीडिया द्वारा 12 जनवरी 2026 से 27 जनवरी 2026 तक की गई डिजिटल पड़ताल में निम्नानुसार फर्जी मजदूर दर्शाए गए—
12 जनवरी 2026 – 113
13 जनवरी 2026 – 113
14 जनवरी 2026 – 115
15 जनवरी 2026 – 69
16 जनवरी 2026 – 68
17 जनवरी 2026 – 40
18 जनवरी 2026 – 40
19 जनवरी 2026 – 84
20 जनवरी 2026 – 81
21 जनवरी 2026 – 75
22 जनवरी 2026 – 75
23 जनवरी 2026 – 72
24 जनवरी 2026 – 72
25 जनवरी 2026 – 71
27 जनवरी 2026 – 70
उपरोक्त सभी तिथियों को जोड़ने पर कुल 1158 मजदूर-दिवस फर्जी रूप से दर्शाए गए हैं।
मनरेगा की निर्धारित मजदूरी दर ₹252 प्रति मजदूर प्रति दिन के अनुसार कुल उजागर भ्रष्टाचार की राशि—
1158 × ₹252 = ₹2,91,816/-
(दो लाख इक्यानवे हजार आठ सौ सोलह रुपये मात्र)
संदिग्ध मास्टर रोल संख्या निम्न हैं—
4625, 4626, 4627, 4628, 4629, 4630,
4647, 4648, 4649, 4650, 4651, 4652, 4653,
4826, 4827, 4828, 4829,
4856, 4857, 4858, 4859, 4860
यह स्पष्ट करता है कि कुछ ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव व संबंधित कर्मी मिलकर गरीब मजदूरों की मजदूरी का गबन कर रहे हैं।
एनएमएमएस ऐप भारत सरकार द्वारा पारदर्शिता के लिए लागू किया गया है, परंतु यहां इसे भ्रष्टाचार का माध्यम बना दिया गया है, जो मनरेगा एक्ट तथा भारत सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का सीधा उल्लंघन है।
सभी फोटो, मास्टर रोल व डिजिटल प्रमाण भारत सरकार की वेबसाइट पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं।
अतः आपसे अनुरोध है कि—
(क) उपरोक्त मास्टर रोलों की तत्काल जांच कराई जाए।
(ख) दोषी प्रधान, पंचायत सचिव व संबंधित कर्मियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जाए।
(ग) फर्जी भुगतान की गई राशि की वसूली कराई जाए।
(घ) जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
मैं यह घोषणा करता हूँ कि यह शिकायत पूर्णतः सत्य एवं प्रमाणिक तथ्यों पर आधारित है।
यह शिकायत आईजीआरएस पोर्टल पर भी दर्ज कराई जा रही है।
भवदीय,
(हस्ताक्षर)
विजय प्रताप सिंह
स्वतंत्र पत्रकार एवं समाजसेवी
मोबाइल : 7985372828
वेबसाइट : www.samajtak.com
लैंडलाइन : 0535-2988112
ई-मेल : [email protected]

सेवा में,माननीय प्रमुख सचिव,ग्रामीण विकास विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार, लखनऊ।प्रतिलिपि:जिलाधिकारी, गोरखपुरडी.सी. मनरेगा, जन...
27/01/2026

सेवा में,
माननीय प्रमुख सचिव,
ग्रामीण विकास विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार, लखनऊ।
प्रतिलिपि:
जिलाधिकारी, गोरखपुर
डी.सी. मनरेगा, जनपद गोरखपुर
मनरेगा लोकपाल, जनपद गोरखपुर
थाना प्रभारी, पिपराइच, जनपद गोरखपुर
विषय: ग्राम पंचायत सरंडा, ब्लॉक पिपराइच, जनपद गोरखपुर में मनरेगा योजना के अंतर्गत सुनियोजित, संगठित एवं लगातार हो रहे महाघोटाले के संबंध में कठोर कार्यवाही हेतु।
महोदय,
मैं विजय प्रताप सिंह, स्वतंत्र पत्रकार एवं समाजसेवी, निवासी जनपद रायबरेली, भारत सरकार की “जीरो टॉलरेंस नीति” के अंतर्गत मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना में हो रहे भ्रष्टाचार को उजागर करने का कार्य निरंतर कर रहा हूँ।
जनपद गोरखपुर, ब्लॉक पिपराइच की ग्राम पंचायत सरंडा में दिनांक 13 जनवरी 2026 से 25 जनवरी 2026 तक मनरेगा कार्यों में ऐसा संगठित एवं सुनियोजित फर्जीवाड़ा सामने आया है, जिसे देखकर स्पष्ट होता है कि यह भ्रष्टाचार बिना स्थानीय अधिकारियों के संरक्षण के संभव नहीं है।
भारत सरकार द्वारा पारदर्शिता हेतु लागू की गई NMMS प्रणाली का यहां खुला दुरुपयोग किया जा रहा है।
जांच में निम्न गंभीर अनियमितताएँ सामने आई हैं—
केवल एक बार फोटो अपलोड कर पूरे दिन की उपस्थिति दर्शाई जा रही है।
एक व्यक्ति के नाम पर दूसरे व्यक्ति की फोटो लगाई जा रही है।
मोबाइल स्टोरेज से पुरानी फोटो अपलोड कर उपस्थिति बनाई जा रही है।
जहां वास्तविक उपस्थिति 1–2 मजदूरों की है, वहां 10 मजदूरों की फोटो लगाई जा रही है।
पुरुष के नाम पर महिला तथा महिला के नाम पर पुरुष की फोटो लगाकर सिस्टम से धोखाधड़ी की जा रही है।
यह कृत्य सीधे तौर पर भारत सरकार की “जीरो टॉलरेंस” नीति का मजाक उड़ाना है।
दिनांकवार फर्जी मजदूरों का विवरण:
13 जनवरी 2026 – 94 मजदूर
14 जनवरी 2026 – 93 मजदूर
15 जनवरी 2026 – 88 मजदूर
16 जनवरी 2026 – 81 मजदूर
17 जनवरी 2026 – 70 मजदूर
18 जनवरी 2026 – 79 मजदूर
19 जनवरी 2026 – 79 मजदूर
20 जनवरी 2026 – 78 मजदूर
21 जनवरी 2026 – 78 मजदूर
22 जनवरी 2026 – 30 मजदूर
23 जनवरी 2026 – 29 मजदूर
24 जनवरी 2026 – 18 मजदूर
25 जनवरी 2026 – 18 मजदूर
संदिग्ध मास्टर रोल संख्या:
4736, 4737, 4738, 4739, 4740, 4741, 4775, 4776, 4777, 4792, 4793, 4794
यह स्पष्ट है कि यह सामान्य गलती नहीं बल्कि संगठित भ्रष्टाचार, सरकारी धन की लूट तथा जनता के अधिकारों पर डाका है।
अतः आपसे मांग है कि:
उक्त ग्राम पंचायत के सभी संबंधित मास्टर रोल की विशेष जांच टीम (Special Audit) से जांच कराई जाए।
दोषी पाए जाने पर ग्राम प्रधान, सचिव, तकनीकी सहायक, रोजगार सेवक एवं संबंधित अधिकारियों पर
• FIR दर्ज कराई जाए
• विभागीय बर्खास्तगी की कार्रवाई हो
• सरकारी धन की वसूली की जाए
इस प्रकरण को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत दर्ज किया जाए।
मुझे शिकायतकर्ता को जांच की प्रति एवं कार्यवाही की सूचना दी जाए।
यदि इस शिकायत पर शीघ्र व कठोर कार्यवाही नहीं होती है तो मैं बाध्य होकर इसे माननीय न्यायालय, भारत सरकार के उच्च स्तर तथा राष्ट्रीय मीडिया के संज्ञान में लाऊँगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
भवदीय,
(विजय प्रताप सिंह)
स्वतंत्र पत्रकार एवं समाजसेवी
निवासी – जनपद रायबरेली
मोबाइल: 7985372828
लैंडलाइन: 0535-2988112
ई-मेल: [email protected]
वेबसाइट: www.samajtak.com
दिनांक 28/01/2026

सेवा में,प्रधान सचिव,ग्रामीण विकास विभाग,उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ।प्रतिलिपि –माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी, उत्तर ...
25/01/2026

सेवा में,
प्रधान सचिव,
ग्रामीण विकास विभाग,
उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ।
प्रतिलिपि –
माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी, उत्तर प्रदेश
प्रमुख सचिव, ग्राम्य विकास मंत्रालय, भारत सरकार
आयुक्त, मनरेगा, उत्तर प्रदेश
जिलाधिकारी, गोरखपुर
थाना प्रभारी, पिपराइच, जनपद गोरखपुर
विषय:
जनपद गोरखपुर के ब्लॉक पिपराइच, ग्राम पंचायत बरौली में मनरेगा योजना में सुनियोजित लूट एवं एनएमएमएस प्रणाली के दुरुपयोग के संबंध में गंभीर शिकायत।
महोदय,
यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं शर्मनाक है कि माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के गृह जनपद गोरखपुर में सरकार की सबसे पारदर्शी योजना मनरेगा को लूट का माध्यम बना दिया गया है।
जनपद गोरखपुर, ब्लॉक पिपराइच, ग्राम पंचायत बरौली में दिनांक 11 जनवरी 2026 से 24 जनवरी 2026 तक मनरेगा कार्यों में जो गतिविधियाँ सामने आई हैं, वे यह सिद्ध करती हैं कि यहाँ रोजगार नहीं बल्कि संगठित घोटाला संचालित हो रहा है।
डिजिटल पड़ताल में स्पष्ट रूप से पाया गया है कि –
➡ एनएमएमएस ऐप का प्रयोग वास्तविक उपस्थिति के लिए न होकर फर्जी फोटो अपलोड हेतु किया गया है।
➡ मौके की फोटो के स्थान पर मोबाइल स्टोरेज में रखी पुरानी फोटो अपलोड की गई है।
➡ एक ही फोटो को अलग-अलग श्रमिकों के नाम से अपलोड किया गया है।
➡ पुरुष के नाम पर महिला की फोटो एवं महिला के नाम पर पुरुष की फोटो दर्ज की गई है।
यह कृत्य मनरेगा अधिनियम 2005 एवं भारत सरकार द्वारा जारी एनएमएमएस दिशा-निर्देशों का खुला उल्लंघन है।
पूर्णतः संदिग्ध मास्टर रोल संख्या:
4878, 4879, 4881, 4882
4701, 4702
इन मास्टर रोलों में दर्ज उपस्थिति प्रथम दृष्टया फर्जी प्रतीत होती है, इसके बावजूद भुगतान स्वीकृत होना यह दर्शाता है कि –
➡ ग्राम पंचायत सचिव
➡ ग्राम प्रधान
➡ ब्लॉक स्तर के अधिकारी
➡ जिला स्तर की निगरानी व्यवस्था
सभी की मिलीभगत अथवा मौन सहमति से यह लूट संचालित की जा रही है।
यह विडंबना है कि एक ओर भारत सरकार “जीरो टॉलरेंस टू करप्शन” की नीति अपनाए हुए है, वहीं गोरखपुर में मनरेगा को “जीरो मॉनिटरिंग योजना” बना दिया गया है।
यदि यही स्थिति रही तो जनता कहने को मजबूर होगी कि –
“मनरेगा अब रोजगार योजना नहीं, फोटो अपलोड योजना बन गई है।”
यह स्थिति माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की ईमानदार छवि को धूमिल करने का प्रयास है, क्योंकि उनके गृह जनपद में इस स्तर की लूट प्रशासनिक विफलता का प्रतीक है।
मैं विजय प्रताप सिंह, निवासी जनपद रायबरेली, स्वतंत्र पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता, यह शिकायत पूरे तथ्यों व साक्ष्यों के आधार पर कर रहा हूँ तथा इसकी प्रतिलिपि भारत सरकार एवं राज्य सरकार के उच्च अधिकारियों को भेज रहा हूँ।
अतः आपसे विनम्र किन्तु दृढ़ मांग है कि:
उपरोक्त मास्टर रोलों की विशेष जांच कराई जाए।
दोषी ग्राम पंचायत सचिव, ग्राम प्रधान एवं संबंधित अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज की जाए।
गलत भुगतान की रिकवरी कराई जाए।
एनएमएमएस प्रणाली के दुरुपयोग पर कठोर दंड दिया जाए।
दोषियों को तत्काल निलंबित किया जाए।
यदि इस प्रकरण में शीघ्र कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो इसे जनहित में राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर उजागर किया जाएगा।
भवदीय,
विजय प्रताप सिंह
स्वतंत्र पत्रकार
समाज तक डिजिटल मीडिया
निवासी – जनपद रायबरेली
मोबाइल: 7985372828
लैंडलाइन: 0535-2988112
ई-मेल: [email protected]
वेबसाइट: www.samajtak.com
दिनांक: 25 जनवरी 2026

सेवा में,प्रमुख सचिव,ग्रामीण विकास विभाग / मनरेगाउत्तर प्रदेश शासन, लखनऊप्रतिलिपि :माननीय जिलाधिकारी, गोरखपुरमनरेगा लोकप...
24/01/2026

सेवा में,
प्रमुख सचिव,
ग्रामीण विकास विभाग / मनरेगा
उत्तर प्रदेश शासन, लखनऊ
प्रतिलिपि :
माननीय जिलाधिकारी, गोरखपुर
मनरेगा लोकपाल, जनपद गोरखपुर
मुख्य विकास अधिकारी, गोरखपुर
आयुक्त, ग्राम्य विकास विभाग
संबंधित उच्चाधिकारीगण
विषय : मनरेगा में संगठित भ्रष्टाचार, फर्जी फोटो अपलोडिंग, संदिग्ध मास्टर रोल तथा सच्चाई उजागर करने वाले पत्रकारों को फंसाने के षड्यंत्र के संबंध में।
महोदय,
मैं विजय प्रताप सिंह, निवासी जनपद रायबरेली, एक जागरूक नागरिक व पत्रकार के रूप में भारत सरकार की “जीरो टॉलरेंस ऑन करप्शन” नीति के अनुरूप लगातार मनरेगा में हो रहे घोटालों को उजागर करता आ रहा हूँ।
जनपद गोरखपुर के ब्लॉक पिपराइच अंतर्गत ग्राम पंचायत अराजी चौरी में मनरेगा योजना अब रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि कुछ चुनिंदा लोगों के लिए “लूट योजना” बन चुकी है। पूर्व में भी इसकी शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल, डिजिटल माध्यमों एवं उच्च अधिकारियों से की गई — जिनमें मनरेगा लोकपाल, जिलाधिकारी, सीडीओ तथा शासन स्तर के अधिकारी सम्मिलित हैं।
दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि भ्रष्टाचार समाप्त करने के बजाय “दवा बनाने” अर्थात कागजी लीपापोती कर मामला दबाने का प्रयास किया गया। जब यह प्रयास विफल हुआ, तो शिकायतकर्ता व सच्चाई उजागर करने वालों को डराने-धमकाने हेतु साइबर सेल का सहारा लिया गया।
दिनांक 10 जनवरी 2026 से 21 जनवरी 2026 के मध्य पुनः मनरेगा भ्रष्टाचार का नया अध्याय सामने आया है।
विशेष रूप से निम्न मास्टर रोल अत्यंत संदिग्ध हैं —
➡ मास्टर रोल संख्या : 4752, 4753
महोदय,
मनरेगा के स्पष्ट नियम हैं कि कार्यस्थल पर श्रमिक की दो बार लाइव फोटो ली जाए, जिसमें वही व्यक्ति हो जिसका नाम दर्ज है।
परंतु यहाँ स्थिति यह है कि –
• स्टोरेज फोटो का उपयोग किया गया
• एक ही फोटो से कई हाजिरी
• महिला के नाम पर पुरुष का फोटो
• दो फोटो की जगह केवल एक फोटो
• मोबाइल से मोबाइल फोटो स्थानांतरण
अब प्रश्न यह है —
क्या यह तकनीकी त्रुटि है या तकनीकी ठगी?
क्या यह प्रशासनिक चूक है या प्रशासनिक साझेदारी?
और इससे भी अधिक शर्मनाक तथ्य यह है कि ग्राम प्रधान के भाई द्वारा यह रणनीति अपनाई जाती है कि
पहले किसी पत्रकार के खाते में बिना उसकी सहमति के धनराशि भेजी जाती है,
फिर उसी धनराशि को आधार बनाकर उसे फंसाने की साजिश रची जाती है,
और जब पत्रकार खबर दबाने से इनकार करता है,
तो साइबर सेल में झूठी शिकायत कर उसे कानूनी जाल में फंसाने का प्रयास किया जाता है।
यह केवल भ्रष्टाचार नहीं —
यह लोकतंत्र पर हमला,
यह सूचना के अधिकार का गला घोंटना,
और यह गरीब मजदूर के हक की खुली डकैती है।
महोदय,
गोरखपुर माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का गृह जनपद है।
यदि यहीं मनरेगा को मजाक बना दिया जाए,
तो बाकी प्रदेश को क्या संदेश जाएगा?
अतः आपसे अपेक्षा है कि —
मास्टर रोल संख्या 4752, 4753 की विशेष जांच कराई जाए
संबंधित ग्राम प्रधान, रोजगार सेवक व तकनीकी सहायक की भूमिका की जांच हो
फर्जी फोटो अपलोडिंग व डिजिटल हाजिरी की फॉरेंसिक जांच कराई जाए
झूठी रिपोर्ट लगाकर निस्तारण करने वाले अधिकारियों की भी जवाबदेही तय हो
शिकायतकर्ताओं को डराने की प्रवृत्ति पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई हो
मैं यह शिकायत व्यक्तिगत स्वार्थ से नहीं, बल्कि इसलिए कर रहा हूँ ताकि
👉 गरीब का हक न मरे
👉 मनरेगा बदनाम न हो
👉 सरकार की नीति मजाक न बने
संलग्न :
पूर्व में की गई शिकायत का पत्र (ग्राम प्रधान द्वारा)
भवदीय,
विजय प्रताप सिंह
निवासी – जनपद रायबरेली
मोबाइल : 7985372828
लैंडलाइन : 0535-2988112
वेबसाइट : www.samajtak.com

सेवा में,जिलाधिकारी महोदयजनपद गोरखपुर, उत्तर प्रदेशप्रतिलिपि –प्रमुख सचिव, ग्राम्य विकास विभाग, उत्तर प्रदेशआयुक्त, ग्रा...
23/01/2026

सेवा में,
जिलाधिकारी महोदय
जनपद गोरखपुर, उत्तर प्रदेश
प्रतिलिपि –
प्रमुख सचिव, ग्राम्य विकास विभाग, उत्तर प्रदेश
आयुक्त, ग्राम्य विकास, उत्तर प्रदेश
मुख्य विकास अधिकारी, जनपद गोरखपुर
कार्यक्रम अधिकारी (मनरेगा), जनपद गोरखपुर
राज्य रोजगार गारंटी परिषद, उत्तर प्रदेश
थानाध्यक्ष, थाना पिपराइच, जनपद गोरखपुर (आवश्यक आपराधिक कार्रवाई हेतु)
विषय: मनरेगा योजना में एनएमएमएस के माध्यम से बड़े पैमाने पर फर्जी उपस्थिति, फर्जी फोटो व फर्जी नामों के सहारे सरकारी धन की खुली लूट के संबंध में।
महोदय,
यह पत्र भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार की मनरेगा में जीरो टॉलरेंस नीति के समर्थन में लिखा जा रहा है। माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के स्पष्ट निर्देश हैं कि भ्रष्टाचार चाहे जिस स्तर पर हो, बख्शा नहीं जाएगा, किंतु जनपद गोरखपुर के ब्लॉक पिपराइच अंतर्गत ग्राम पंचायत रामनगर करजहाँ में जो स्थिति सामने आई है, वह इन निर्देशों की खुली अवहेलना है।
मेरी डिजिटल पड़ताल (09 जनवरी 2026 से 22 जनवरी 2026) में यह तथ्य उजागर हुआ है कि मनरेगा योजना को रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि सुनियोजित लूट का अड्डा बना दिया गया है।
एक भी फोटो वास्तविक मजदूर की नहीं है, सभी फोटो फर्जी, नाम फर्जी और उपस्थिति पूर्णतः मनगढ़ंत पाई गई है।
संदिग्ध मास्टर रोल संख्या:
4637, 4638, 4639, 4640,
4655, 4656, 4657, 4658, 4659, 4660, 4661, 4662,
4866, 4867, 4868
दिनांकवार फर्जी मजदूरों का विवरण:
09 जनवरी 2026 – 109 फर्जी मजदूर (12 मास्टर रोल)
10 जनवरी 2026 – 109 फर्जी मजदूर (12 मास्टर रोल)
11 जनवरी 2026 – 107 फर्जी मजदूर (12 मास्टर रोल)
12 जनवरी 2026 – 107 फर्जी मजदूर (12 मास्टर रोल)
13 जनवरी 2026 – 106 फर्जी मजदूर (12 मास्टर रोल)
14 जनवरी 2026 – 106 फर्जी मजदूर (12 मास्टर रोल)
15 जनवरी 2026 – 96 फर्जी मजदूर (11 मास्टर रोल)
16 जनवरी 2026 – 103 फर्जी मजदूर (12 मास्टर रोल)
17 जनवरी 2026 – 68 फर्जी मजदूर (8 मास्टर रोल)
18 जनवरी 2026 – 68 फर्जी मजदूर (8 मास्टर रोल)
19 जनवरी 2026 – 68 फर्जी मजदूर (8 मास्टर रोल)
20 जनवरी 2026 – 13 फर्जी मजदूर (3 मास्टर रोल)
21 जनवरी 2026 – 12 फर्जी मजदूर (2 मास्टर रोल)
22 जनवरी 2026 – 12 फर्जी मजदूर (2 मास्टर रोल)
👉 कुल फर्जी श्रमिक-दिवस: 1084
👉 मनरेगा दर: ₹252 प्रति श्रमिक/दिन
👉 कुल सरकारी धन की धांधली: ₹2,73,168/-
गंभीर प्रश्न:
जब भारत सरकार द्वारा NMMS ऐप इसलिए लागू किया गया कि जिस मजदूर ने काम किया, उसी की लाइव फोटो और उसी समय की उपस्थिति दर्ज हो,
तो फिर यह खुला धोखाधड़ी तंत्र किसके संरक्षण में संचालित हो रहा है?
यह केवल भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि सरकार की साख को धूमिल करने का आपराधिक षड्यंत्र प्रतीत होता है, जिस पर अब प्रशासनिक ही नहीं, दंडात्मक कार्रवाई भी अनिवार्य है।
मांग:
उपरोक्त सभी मास्टर रोल तत्काल निरस्त किए जाएं।
संबंधित ग्राम प्रधान, सचिव, रोजगार सेवक, तकनीकी सहायक एवं कार्यक्रम अधिकारी के विरुद्ध IPC एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कराया जाए।
थाना पिपराइच द्वारा संज्ञान लेकर प्राथमिकी दर्ज की जाए।
दोषियों से संपूर्ण धनराशि की रिकवरी सुनिश्चित की जाए।
एनएमएमएस डेटा, जियो-टैग फोटो व भुगतान विवरण की स्वतंत्र जांच कराई जाए।
मैं विजय प्रताप सिंह, स्वतंत्र पत्रकार, भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के समर्थन में यह शिकायत कर रहा हूं। यदि समयबद्ध व ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो प्रकरण को उच्च स्तर एवं न्यायिक मंच पर ले जाना पड़ेगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।
भवदीय,
विजय प्रताप सिंह
स्वतंत्र पत्रकार
मोबाइल: 7985372828
लैंडलाइन: 0535-2988112
वेबसाइट: www.samajtak.com

सेवा में,प्रमुख सचिव,ग्रामीण विकास विभाग / मनरेगा प्रकोष्ठ,उत्तर प्रदेश सरकार, लखनऊ।विषय :जनपद गोरखपुर, ब्लॉक पिपराइच, ग...
22/01/2026

सेवा में,
प्रमुख सचिव,
ग्रामीण विकास विभाग / मनरेगा प्रकोष्ठ,
उत्तर प्रदेश सरकार, लखनऊ।
विषय :
जनपद गोरखपुर, ब्लॉक पिपराइच, ग्राम पंचायत राउतपार में मनरेगा योजना के अंतर्गत NMMS ऐप के माध्यम से बड़े पैमाने पर फर्जी उपस्थिति, फर्जी फोटो अपलोड कर अवैध भुगतान किए जाने के संबंध में शिकायत।
महोदय,
सादर निवेदन है कि जनपद गोरखपुर के ब्लॉक पिपराइच अंतर्गत ग्राम पंचायत राउतपार में मनरेगा योजना के क्रियान्वयन में गंभीर अनियमितताएँ व भ्रष्टाचार उजागर हुआ है। यह मामला पूर्णतः जनहित एवं सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति से संबंधित है, न कि किसी व्यक्ति विशेष के विरुद्ध व्यक्तिगत शिकायत।
🔴 भ्रष्टाचार का स्वरूप (तथ्यात्मक विवरण):
NMMS (National Mobile Monitoring System) ऐप के माध्यम से मजदूरों की उपस्थिति दर्ज करने में प्रमुख सचिव द्वारा जारी गाइडलाइन का खुला उल्लंघन किया जा रहा है।
मनरेगा नियमों के अनुसार कार्य स्थल पर एक ही मजदूर की दो बार (कार्य प्रारंभ एवं समाप्ति पर) फोटो लेना अनिवार्य है, किंतु:
महिला मजदूर के स्थान पर पुरुष की फोटो
पुरुष मजदूर के स्थान पर महिला की फोटो
एक ही फोटो को बार-बार उपयोग (स्टोरेज फोटो)
एक ही मोबाइल से कई मजदूरों की उपस्थिति
दो बार फोटो की जगह केवल एक बार फोटो अपलोड
किया जा रहा है।
इस प्रकार फर्जी डिजिटल डाटा सरकार को भेजा जा रहा है, जिसके आधार पर अवैध भुगतान जारी हो रहा है।
यह सीधा-सीधा गरीब मजदूरों के अधिकारों की लूट एवं सरकारी धन का दुरुपयोग है।
उक्त कृत्य ब्लॉक स्तर के अधिकारियों (BDO, APO आदि) की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है, जिससे माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के गृह जनपद की ईमानदारी की साख को क्षति पहुँच रही है।
📑 संदिग्ध मास्टर रोल संख्या :
4668, 4669, 4670, 4671, 4672, 4673, 4685, 4686
👷 मजदूरों का विवरण एवं अनुमानित भ्रष्टाचार :
कुल मजदूर : लगभग 834
प्रतिदिन मजदूरी : ₹252
अनुमानित अवैध भुगतान / भ्रष्टाचार : ₹2,10,168/- (लगभग)
⚖️ प्रमुख उल्लंघित मनरेगा नियम / अधिनियम :
MGNREGA Act, 2005 की धारा 3 एवं 13 – पारदर्शिता एवं मजदूरों के अधिकार
NMMS गाइडलाइन (MoRD, भारत सरकार) –
वास्तविक मजदूर की फोटो
दिन में दो बार जियो-टैग्ड फोटो
कार्य स्थल पर ही उपस्थिति
आईटी एक्ट 2000 – फर्जी डिजिटल डाटा अपलोड
IPC की धारा 420, 468, 471 – धोखाधड़ी व फर्जी दस्तावेज
🟨 शिकायतकर्ता का स्पष्ट कथन :
मैं यह लिखित रूप से प्रमाणित करता हूँ कि NMMS में अपलोड किया गया डाटा 100% फर्जी एवं अवैध है, तथा इस संबंध में डिजिटल साक्ष्य उपलब्ध हैं। यह शिकायत पूरी तरह जनहित, पारदर्शिता एवं सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के समर्थन में की जा रही है।
🟩 प्रार्थना :
संदिग्ध मास्टर रोल की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
दोषी ग्राम प्रधान, सचिव, BDO, APO एवं अन्य संबंधित अधिकारियों पर एफआईआर व विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
फर्जी भुगतान की रिकवरी कराई जाए।
भविष्य में NMMS प्रणाली की स्वतंत्र ऑडिट जांच कराई जाए।
शिकायतकर्ता विवरण :
नाम : विजय प्रताप सिंह
निवासी : जनपद रायबरेली, उत्तर प्रदेश
मोबाइल : 7985372828
लैंडलाइन : 0535-2988112
वेबसाइट : www.samajtak.com
प्रतिलिपि सूचनार्थ प्रेषित :
भारत सरकार – ग्रामीण विकास मंत्रालय (मनरेगा प्रकोष्ठ)
उत्तर प्रदेश सरकार – ग्रामीण विकास विभाग
मनरेगा लोकपाल, जनपद गोरखपुर
जिलाधिकारी, गोरखपुर
थाना प्रभारी, थाना पिपराइच, जनपद गोरखपुर

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