13/10/2023
जीवन, स्वास्थ्य या जायदाद
अपनी जरूरत के अनुरूप आम आदमी लोन लेकर भी गाड़ी खरीद लेता है। वो गाड़ी बिना बीमा के शोरूम से बाहर नहीं निकलता है। बीमा समाप्त होने पर भी व्यक्ति अपनी गाड़ी के लिए ऐसा बीमा हीं लेना पसंद करता है जिससे गाड़ी में लगने वाला खरोच भी बीमा के क्लेम से मिल जाए।
वहीं दूसरी तरफ जहां अपने जीवन या स्वाथस्य बीमा की बात आती है तो आज-कल के भरोसे छोड़ दिया करते हैं। गाड़ी शोरूम से बिना बीमा के रोड पर नहीं आती। व्यक्ति जन्म लेता है और ताउम्र बिना बीमा के हीं बीता देता है।
गाड़ी के खरोच के लिए भी बीमा कवर पर निर्भर रहते है परंतु परिवार और बच्चों के भविष्य में आने वाले मेडिकल इमरजेंसी की कोई तैयारी नहीं करते। मेरी ईश्वर से यही प्रार्थना है कि ऐसी परिस्थिति भविष्य में किसी को नहीं आये कि पैसे के अभाव में समुचित चिकित्सा न होने के कारण अपनों को गवा बैठे । लेकिन प्रकृति का क्या पता। ऐसी स्थिति में आपको सोचने की जरूरत है कि आज आपके लिए क्या ज्यादा मूल्यवान है आपका परिवार या संपत्ति? किसकी सुरक्षा की व्यवस्था पहले करने की जरूरत है?
गाड़ी या संपत्ति के नुकसान या क्षतिग्रस्त होने पर मरम्मत के लिए पर्याप्त धन आने तक रुका जा सकता है लेकिन परिवार के सदस्य के मेडिकल आवश्यकता पर क्षण भर भी इंतजार नहीं किया जा सकता है। अतः अगर आप अपने परिवार से प्यार करते हैं और उन्हें हमेशा स्वस्थ देखना चाहते हैं तो पहले आपको अपने और अपने परिवार के लिए मेडिकल खर्च का कवर लेना चाहिए।
टोल टैक्स में नहीं रुके एवम् यात्रा में समय की बचत हो इसके लिए सभी फास्ट टैग लगवाते हैं। क्या मेडिकल इमरजेंसी में एवं अस्पताल के खर्च को कम करने के लिए भी हैल्थ इंश्योरेंस जैसा हीं कोई फास्ट टैग होना चाहिए।
आपके विचार से किसकी सुरक्षा कवर की व्यवस्था सर्व प्रथम होनी चाहिए ?जीवन, स्वास्थ्य या जायदाद ? कॉमेंट में बताए।
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