Value Research Hindi

Value Research Hindi वैल्यू रिसर्च हिन्दी का लक्ष्य निवेश से जुड़ी हर तरह की जानकारियां, आपकी अपनी भाषा हिंदी में आप तक पहुंचाना है.

27/08/2026

Same investment. But check it daily, and you'll feel fear. Check it once a year, and your confidence grows. Why does that happen?

And why does checking your portfolio too often hurt your decisions more than the market itself does?

Find out this Friday on Nivesh Ka Bada Sawaal

This content is for educational purposes only and is not personalised investment advice.

एक ही AMC के भीतर एक फ़ंड से दूसरे फ़ंड में पैसा भेज रहे हैं, तो क्या टैक्स से बच जाएंगे? 🤔यहीं STP को लेकर सबसे ज़्यादा...
27/08/2026

एक ही AMC के भीतर एक फ़ंड से दूसरे फ़ंड में पैसा भेज रहे हैं, तो क्या टैक्स से बच जाएंगे? 🤔

यहीं STP को लेकर सबसे ज़्यादा भ्रम होता है.

STP दिखता भले ही एक फ़ंड से दूसरे फ़ंड में पैसे का सीधा ट्रांसफ़र हो, लेकिन टैक्स के नियम इसे उसी तरह नहीं देखते. स्विच करने से पहले ये समझना ज़रूरी है कि कैपिटल गेन कब बनता है, टैक्स किस रक़म पर लगता है और आपकी होल्डिंग अवधि इसमें क्या बदलती है.

पूरी जानकारी पढ़ें 👇
https://hindi.valueresearchonline.com/stories/229470/midcap-funds-alpha-top-5-schemes/

बाज़ार मुश्किल हो, तभी फ़ंड की असली परीक्षा होती है. 📊मिड-कैप शेयरों में उतार-चढ़ाव के बावजूद कुछ फ़ंड सिर्फ़ टिके नहीं,...
27/08/2026

बाज़ार मुश्किल हो, तभी फ़ंड की असली परीक्षा होती है. 📊

मिड-कैप शेयरों में उतार-चढ़ाव के बावजूद कुछ फ़ंड सिर्फ़ टिके नहीं, बल्कि अपने बेंचमार्क से काफ़ी आगे निकल गए. टॉप 5 स्कीम्स ने 7.5% से 16% तक का अल्फ़ा दिया. लेकिन सबसे ज़्यादा रिटर्न देने वाला फ़ंड ही सबसे बेहतर विकल्प हो, ये ज़रूरी नहीं. रेटिंग, एक्सपेंस रेशियो और लगातार अच्छा प्रदर्शन भी उतना ही मायने रखता है.

तो कौन-से हैं ये 5 मिड-कैप फ़ंड और किसने कहां बाज़ी मारी? पूरी स्टोरी में जानिए. 👇

🔗 स्टोरी लिंक: https://hindi.valueresearchonline.com/stories/229470/midcap-funds-alpha-top-5-schemes/

PPFAS Flexi Cap Fund ने लंबे समय तक निवेशकों का भरोसा जीता है. लेकिन जब किसी लोकप्रिय फ़ंड का प्रदर्शन कुछ समय के लिए सु...
26/08/2026

PPFAS Flexi Cap Fund ने लंबे समय तक निवेशकों का भरोसा जीता है. लेकिन जब किसी लोकप्रिय फ़ंड का प्रदर्शन कुछ समय के लिए सुस्त पड़ता है, तो सबसे पहला सवाल यही उठता है: क्या अब पैसा निकाल लेना चाहिए?

यहीं निवेशक अक्सर रिटर्न और फ़ंड की असली कहानी को एक ही चीज़ मान बैठते हैं. कमज़ोर प्रदर्शन कब सिर्फ़ एक खराब दौर है, और कब ये फ़ंड पर दोबारा सोचने का संकेत बन जाता है? PPFAS Flexi Cap Fund को इसी नज़र से समझिए.

🔗 पूरी स्टोरी पढ़ें: https://hindi.valueresearchonline.com/stories/229461/ppfas-flexi-cap-fund-stalled-should-you-exit/

पहली नौकरी, पहली बचत और पहला बड़ा सवाल: ₹1 लाख कहां निवेश करें? 🤔जवाब किसी एक म्यूचुअल फ़ंड के नाम से शुरू नहीं होता.सबस...
26/08/2026

पहली नौकरी, पहली बचत और पहला बड़ा सवाल: ₹1 लाख कहां निवेश करें? 🤔

जवाब किसी एक म्यूचुअल फ़ंड के नाम से शुरू नहीं होता.

सबसे पहले देखना होगा कि इमरजेंसी के लिए पैसा अलग है या नहीं, हेल्थ इंश्योरेंस है या नहीं और सबसे ज़रूरी, इस ₹1 लाख की ज़रूरत आपको कब पड़ेगी? क्योंकि 1 साल, 3 साल और 10 साल के लिए निवेश का तरीक़ा एक जैसा नहीं हो सकता.

पहली बचत को सही शुरुआत कैसे दें? पूरी कहानी में आसान तरीक़े से समझिए.

🔗 पूरी स्टोरी पढ़ें: https://hindi.valueresearchonline.com/stories/229460/where-to-invest-1-lakh-first-job-savings/

डायरेक्ट प्लान सस्ता है, फिर भी स्विच करने से पहले ज़्यादातर निवेशक रुक क्यों जाते हैं? 🤔सबसे बड़ा डर टैक्स का होता है. ...
26/08/2026

डायरेक्ट प्लान सस्ता है, फिर भी स्विच करने से पहले ज़्यादातर निवेशक रुक क्यों जाते हैं? 🤔

सबसे बड़ा डर टैक्स का होता है. लगता है, अभी स्विच किया तो जेब से पैसा जाएगा और वहीं बने रहे तो कुछ नहीं बिगड़ेगा.

लेकिन असली हिसाब थोड़ा अलग है.

स्विच न करने से टैक्स शायद आज न देना पड़े, पर हर साल ज़्यादा फ़ीस कटती रहती है. यानी एक ख़र्च साफ़ दिखता है, दूसरा चुपचाप आपके रिटर्न में सेंध लगाता रहता है. तो सवाल सिर्फ़ इतना नहीं है कि डायरेक्ट प्लान सस्ता है या नहीं. असली सवाल है कि स्विच करने की क़ीमत ज़्यादा है या वहीं बने रहने की?

🔗 पूरी स्टोरी पढ़ें: https://hindi.valueresearchonline.com/stories/229453/regular-vs-direct-mutual-funds-when-should-you-switch/

कम P/E देखकर अगर किसी शेयर को सस्ता मान रहे हैं, तो ज़रा ठहरिए. 👀कई बार किसी स्टॉक का P/E अपने पुराने मीडियन से नीचे होत...
26/08/2026

कम P/E देखकर अगर किसी शेयर को सस्ता मान रहे हैं, तो ज़रा ठहरिए. 👀

कई बार किसी स्टॉक का P/E अपने पुराने मीडियन से नीचे होता है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि शेयर सच में सस्ता है. हो सकता है बिज़नेस बदल चुका हो, ग्रोथ धीमी पड़ गई हो या बाज़ार उसे कम वैल्यू देने की कोई ठोस वजह देख रहा हो. इसलिए सिर्फ़ पुराने P/E से तुलना करना काफ़ी नहीं है. असली सवाल वे हैं जो उस नंबर के पीछे छिपे बिज़नेस से जुड़े हैं.

स्टॉक चुनने से पहले कौन-से 3 सवाल पूछने चाहिए? पूरी स्टोरी में जानिए.

🔗 स्टोरी लिंक: https://hindi.valueresearchonline.com/stories/229452/median-pe-trap-stock-valuation/

₹50 लाख का पोर्टफ़ोलियो बन गया, तो क्या अब म्यूचुअल फ़ंड से आगे बढ़कर PMS में जाना चाहिए? 🤔बड़ा कॉर्पस देखकर अक्सर लगता ...
25/08/2026

₹50 लाख का पोर्टफ़ोलियो बन गया, तो क्या अब म्यूचुअल फ़ंड से आगे बढ़कर PMS में जाना चाहिए? 🤔

बड़ा कॉर्पस देखकर अक्सर लगता है कि अब निवेश का तरीक़ा भी “अपग्रेड” होना चाहिए. लेकिन PMS सिर्फ़ बड़े निवेशकों के लिए अगला पड़ाव नहीं है.

यहां असली सवाल रकम का नहीं, बल्कि ये है कि PMS आपके पोर्टफ़ोलियो में ऐसा क्या जोड़ता है जो मौजूदा निवेश से नहीं मिल रहा. साथ ही, ज़्यादा फ़ीस, अलग निवेश रणनीति और बढ़ा हुआ जोखिम आपके लिए सही है या नहीं.

₹50 लाख पार होने के बाद PMS सही क़दम है या सिर्फ़ एक महंगा अपग्रेड? पूरी कहानी में समझिए.

🔗 पूरी स्टोरी पढ़ें: https://hindi.valueresearchonline.com/stories/229439/pms-vs-mutual-fund-dhirendra-kumar-5-questions/

बेंचमार्क ओवरलैप बताता है कि किसी फ़ंड के पोर्टफ़ोलियो का कितना हिस्सा उसके बेंचमार्क इंडेक्स से मिलता-जुलता है.जिन 5 फ़...
25/08/2026

बेंचमार्क ओवरलैप बताता है कि किसी फ़ंड के पोर्टफ़ोलियो का कितना हिस्सा उसके बेंचमार्क इंडेक्स से मिलता-जुलता है.

जिन 5 फ़ंड्स का ओवरलैप सबसे ज़्यादा था, उनमें यह 26.6% से 32.7% तक रहा. वहीं सबसे कम ओवरलैप वाले 5 फ़ंड्स में यह सिर्फ़ 6.8% से 13.1% था. लेकिन यहां असली बात दूसरी है. इन फ़ंड्स का 1 साल का रिटर्न -0.8% से 27.9% तक रहा.

यानी बेंचमार्क से कम या ज़्यादा अलग होना अपने आप बेहतर रिटर्न की गारंटी नहीं है.

रिटायरमेंट के बाद हर महीने पैसा चाहिए, तो सवाल सिर्फ़ इतना नहीं है कि SCSS सुरक्षित है या म्यूचुअल फ़ंड का SWP ज़्यादा र...
25/08/2026

रिटायरमेंट के बाद हर महीने पैसा चाहिए, तो सवाल सिर्फ़ इतना नहीं है कि SCSS सुरक्षित है या म्यूचुअल फ़ंड का SWP ज़्यादा रिटर्न दे सकता है.

असल फ़र्क़ कहीं और है. 👀

SCSS में ₹30 लाख की लिमिट है, ब्याज पर टैक्स लगता है और पैसा तिमाही में मिलता है. वहीं SWP में आप अपनी ज़रूरत के हिसाब से हर महीने रकम निकाल सकते हैं, लेकिन उसके साथ बाज़ार का जोखिम भी जुड़ा है.

तो 5 साल के लिए कौन बेहतर है?

जवाब आपके टैक्स स्लैब, हर महीने की ज़रूरत और पैसे निकालने की आज़ादी पर निर्भर करता है.

🔗 पूरी स्टोरी पढ़ें: https://hindi.valueresearchonline.com/stories/229440/mutual-fund-vs-scss-swp-5-years/

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