16/12/2025
SIP को गलत समझने की भारी कीमत:
पिछले कुछ समय से एक बात बार-बार सुनने को मिलती है -
“पिछले एक साल में SIP से सिर्फ 2–3% ही रिटर्न मिला, फिर SIP करने का क्या फायदा?”
सुनने में यह सवाल सही लगता है,
लेकिन असल में यह SIP नहीं, equity investing को गलत समझने का संकेत है।
SIP कोई ऐसा निवेश नहीं है जो हर साल आपको खुश करने के लिए बना हो।
यह एक लॉन्ग टर्म निवेश प्रक्रिया है, जिसका काम है आपको बाजार के उतार-चढ़ाव से बचाना नहीं, बल्कि उसके साथ चलना सिखाना।
जब बाजार गिरता है या ठहरा रहता है,
तब SIP असफल नहीं होती बल्कि वही समय होता है जब SIP चुपचाप ज़्यादा units जमा करती है और जब बाजार आगे चलकर रफ्तार पकड़ता है, तो वही units असली रिटर्न बनती हैं।
यह मान लेना कि हर साल अच्छा रिटर्न मिलना चाहिए,
equity को Fixed Deposit समझने जैसा है।
Equity का स्वभाव ही अनिश्चित है
कभी तेज़, कभी सुस्त, कभी निराश करने वाला।
Global disturbances आज की खोज नहीं हैं।
2008, 2013, 2020
हर दौर में कुछ न कुछ डर, संकट और अस्थिरता रही है।
SIP इसी अनिश्चितता के लिए बनाई गई है, न कि उसके बावजूद।
असली गलती SIP में नहीं होती,
गलती होती है past returns देखकर निवेश शुरू करने में। जो निवेशक सिर्फ बीते आंकड़ों के आधार पर फैसले लेते हैं, उन्हें जब बाजार रुकता है तो SIP बेकार लगने लगती है।
SIP का फायदा एक-दो साल में नहीं दिखता।
यह फायदा तब दिखता है जब निवेशक धैर्य रखता है,
समय देता है और बाजार को अपना काम करने देता है।
SIP खराब नहीं है, हमारी उम्मीदें अक्सर गलत होती हैं।
Rakesh Dutta - MFD
Mob No - 8527168497.
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