10/11/2022
मैं दिलीप फैमिली फ्यूचर एडवाइजर ऐरोली ऑफिस से बोल रहा हूं, हमारे ऑफिस से एक ऑडियो कॉल आपको आया था उसका रिप्लाई में आपको पेंशन प्लान के बारे में इंफॉर्मेशन चाहिए था इसके लिए मैंने फोन किया हूं . , आदमी जिंदगी भर कमाता है कि रोटी कपड़ा मकान की सुविधा के लिए, लेकिन सबसे ज्यादा जिम्मेदारी भूल जाते है वह है बच्चोंकी मास्टर डिग्री पे जो खर्चा (२५ से ५० लाख), शादी (10 से 15 लाख) और फैमिली का रिटायरमेंट.. कम से कम (१ करोड़) लगता हैं, और यह सब खर्चे २० से २२ साल के बाद आनेवाले होते है, तो हमे यह सोचना जैसे की( पीएफ,पोस्ट,म्यूचुअल फंड , मार्केट,प्रॉपर्टी) जो भी इन्वेस्ट किया हुआ पैसा मिले वह टैक्स फ्री हो गवर्मेंट की गारंटी हो, फिक्स रेट ऑफ रिटर्न से मिले, मेरा सवाल यह है ... दो व्यक्ति 65 उम्र के है ....एक व्यक्ति x है दुसरा y हैं, ......x व्यक्ति ने जिंदगी भर काम किया तो 1 करोड़ कि प्रॉपर्टी बनाया और..... y व्यक्ति जो है उसने पेंशन प्लान बनाया 50,000 हर महीने पेंशन मिले उसमे न कम होगी ना जादा होगी बल्कि मुद्दल बड़ते जायेगा, तो आपको कया लगता है की किसका पोजिशन अच्छा रहेगा ?........ 99% लोग बोलते है की Y व्यक्ति... क्युकी 1 करोड़ प्रॉपर्टी 3% या 2% रिटर्न आयेगा... महीनेका 25,000 पकड़े तो भी 3 लाख यानी 3% होता है और रेंटल का झंझट जादा है मेंटेनेंस,कलर,रेंटल के लिय एजेंट कमीशन,टैक्स , एंक्रोचमेंट, यह सब झेलकर कम पैसा .... 50,000 पेंशन मिले वह जादा भी है और बिना झंझट का है, फिर भी कभी-कभी कोई लोग बोलता है की x का पोजीशन अच्छा है क्योंकि प्रॉपर्टी का वैल्यू बड़ता है, तो उनको एक रियल में घटी हुई घटना बताने जा रहा हूं, एक श्री परब करके रिटायर हुआ आदमी हर महीना मेरे ऑफिस में आता है. ₹10000 दो , उनके पास दो फ्लैट है गांव में घर बांध दिया है, गांव में भी जमीन लिया है , फिर भी उनको पैसे की कमी है वह क्यों ? क्योंकि उनकी सब प्रॉपर्टी उनका बेटा हैंडल करता है, जो भी मेनटेन करना है या डेवलप करना है या रेंट पे चढ़ाना है वह सब बेटा देखता है, उनके हाथ में प्रॉपर्टी का इनकम कुछ भी नहीं आता ऐसा वह बेटे को भी नहीं बोल सकता और वह बेटा पिताजी को एक पैसा भी नहीं देता ,वह दोनों बाजू से अटक गया है , यह 90% लोगों के घर में होता है . यह प्रॉपर्टी के बदले अगर पेंशन प्लान होता तो यह नौबत नहीं आती. जब उम्र होती है 58 से 60 में रिटायर होते हैं तो आपके पास बहुत कुछ होगा लेकिन यह दो चीज नहीं है तो जी नहीं सकेंगे, यह दो चीज होना जरूरी है उनका नाम है एक पेंशन और दूसरा मजबूत रिटायरमेंट फंड. कैश इज किंग आपने जितना भी प्रॉपर्टी बनाया है उसको हैंडल करने के लिए कैश होना जरूरी है, एसेट का राजा बोलते हैं,जो भी रिटायर्ड होने जा रहे है 40 ...45 उम्र के लोग ही बोलते है आधी जिंदगी चली गई ... तो उनके लिए उम्र 0 से 25 तक पढ़ाई करते है... मम्मी + डैडी के उप्पर डिपेंड है, जिदगी में जो जो चाइए वह नहीं मिलेगा , ममी डैडी के बजेट के हिसाब से मिलेगा . 25 से 60 अपना इनकम है , हमे जो जो चाहिए वह कर सकते है लेकिन हम कॉम्प्रमाइज करते है, जिम्मेदारी की वजहसे, समझो की हमे 15 लाख फॉरेन टूर 5 लाख डिस्काउंट में मिले तो भी नहीं करते टूर नहीं जाते... हम सोचते है की बच्चो की पढ़ाई के काम आएगा यह 5 लाख उधर कॉम्प्रमाइज होता है, बच्चों के लिए कुछ भी करने के लिए पेरेंट्स तैयार होते हैं खुद के लिए कुछ नहीं करते , एक्चुअल जो जीने का लाइफ है वह उम्र 60 के आगे है, हमारी लाइफ में बहुत चीजें किया नहीं होता टाइम की वजह से या पैसों की वजह से रिटायरमेंट के बाद टाइम भी रहता है और रिटायरमेंट कॉरपस भी रहता है ...उस टाइम जीने का सही टाइम होता है.. लेकिन जिम्मेदारी की वजह से रोटी कपड़ा मकान और बच्चों का एजुकेशन इसमें हमारे लाइफ की पूंजी खर्च हो जाती है और रिटायरमेंट के बाद हमारे पास कुछ नहीं बचता शिवाय टाइम और पछतावा के साथ, जिनके पास रिटायरमेंट फंड है और पेंशन है वही यह रिटायरमेंट लाइफ अच्छी तरह से जी पाते हैं जो नहीं करते वह बड़ा तकलीफ में होते है, इसके लिए हम बोलते की पेंशन की तैयारी?..... पेंशन प्लानिंग का नियोजन क्यों करें?