15/04/2025
*परिवार – सेठ वृद्धिचंद की विरासत*
“एक बीज से समाज पनपता है”
गाँव की महिलाएँ और बच्चे, किताबों के साथ मुस्कुराते हुए – नई ऊर्जा के साथ।
एक आँगन, एक औरत, और एक बीज…
जिन्होंने बदल दी जवालिया की हवाओं की दिशा।
राखीबाई ने एक पाठशाला नहीं खोली,
एक सोच जगाई —
जहाँ बेटियाँ भी सपने देखने लगीं।
#परिवार #सेठवृद्धिचंद