01/11/2022
30 अक्टूबर के दिन गुजरात के मोरबी में पूल गिरने से लगभग 135 लोगो की जान चली गयी और अनगिनत लोग घायल अवस्था मे अभी अस्पताल में इलाजरत हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि मृतकों के परिवार जनों को इस दुःख की घड़ी को सहन करने की शक्ति प्रदान करे और घायलो को शीघ्र ही ठीक करने की कृपा करें।
जब भी हमारे देश मे कोई घटना होती है तो उसपे आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो जाता है और उसके साथ राजनीति भी कदम ताल मिलाकर चलती है। खासकर विपक्षी पार्टियों के लिए बैठे बिठाये एक मुद्दा मिल जाता है और सरकार की बोली प्रक्रिया भी तत्काल प्रभाव से सक्रिय हो जाती है और फिर घोषणाओं का दौर शुरू हो जाता है, जिसमे मृतको और घायलो को मिलने वाली राशि का ऐलान कर दिया जाता है।
*सबक*---- कुछ प्राकृतिक घटना,आपदा,त्रासदी, ऐसी है जिन पर हम मानवजाति का कोई नियंत्रण नही है। और घटनाओं के बाद हम अफसोस, दुःख, सहानभूति, एवं पार्थना के अलावा सरकार से ये अपेक्षा रखते हैं कि राहत एवं बचाव कार्य में तेजी, बेहतर आपातकालीन सेवाएं,एवं अस्पताल में समुचित ब्यवस्था की जबाबदेही बिना भेदभाव किये सबके लिए समान हो। राजनीति अपनी जगह है लेकिन किसी लापरवाही या भर्ष्टाचार की भेंट की कीमत, लोगो की जान की कीमत की भरपाई किसी धन राशि से करना उनके जले पे नमक छिड़कना या अपमान करना हीं है।
आज जरूरत है इन घटनाओं से सिख लेने की और दोषियों पे सख्त कार्यवाही करने के साथ ये भी आश्वस्त करने की कि भविष्य में इन घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो।
✍-विजय कुमार यादव-VKY✍