26/01/2022
आज तेजी से बदल रही दुनिया में निवेश के तरीको में भी बहुत बदलाव आया है पहले लोग सिर्फ बैंक FD और गोल्ड को ही निवेश के लिए उपयुक्त साधन मानते थे पर अब लोग निवेश के अन्य तरीके जैसे शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड, Gold ETF, जैसी जगह भी पैसे लगा कर अच्छा रिटर्न बना रहे है। आज लोगो के बीच एक term बहुत प्रसिद्ध हो रही है वो है सिप या SIP आज नई युवा पीढ़ी के साथ साथ पुराने समय के लोग जो की पैसे को सिर्फ बैंक FD या फिर बचत खाते में ही रखना पसंद करते थे वो भी आज सिप (SIP) के माध्यम से अपने पैसे निवेश करने लगे है।
पर कई लोग अभी भी इस term को नहीं समझते हैं उनके मन में कई सारे सवाल होते हैं जैसे-
o SIP क्या है?
o इसका full form क्या है?
o म्यूचुअल फंड और SIP में क्या अंतर है?
o इसमें हमे कितने प्रतिशत का ब्याज प्राप्त होगा? या कितना percent return मिलेगा? और
o सबसे बड़ा सवाल कि इसमें रिस्क कितना है, कहीं हमारा पैसा डूब तो नहीं जाएगा?
इन सभी सवालो के जवाब हम आप को इस पोस्ट में देंगे और साथ ही जानेंगे कि
SIP के फायदे और नुकसान क्या हैं और आप को SIP के माध्यम से ही निवेश क्यों करना चाहिए।
SIP क्या है?
SIP का full form है Systematic Investment Plan, हिंदी में इसे व्यवस्थित निवेश योजना भी कहा जाता है। इसका मतलब ऐसे निवेश से है जो कि systematic यानी व्यवस्थित तरीके से किया गया हो।
उदहारण के लिए लोग पोस्ट ऑफिस में recurring deposit (RD) किया करते हैं जिसमे आप को हर महीने रकम जमा करवानी पड़ती थी उसी प्रकार के निवेश को म्यूचुअल फंड में SIP कहा जाता है आप म्यूचुअल फंड में अपने निवेश की frequency बना के एक निश्चित राशि का निवेश करके एक बड़ी राशि बना सकते है।
SIP में आप के निवेश की frequency कुछ भी हो सकती है जैसे साप्ताहिक, मासिक, त्रेमासिक आदि ये आप के ऊपर है कि आप किस frequency में SIP के माध्यम से निवेश करना चाहते है, और कितने समय के लिए करना चाहते है।
आज भारत में बहुत सारे लोग इस प्रकार के निवेश के संशाधन का उपयोग करने लगे है, और अच्छे रिटर्न प्राप्त कर रहे है।
SIP और म्यूचुअल फंड में क्या अंतर है?
कई लोगो का ये सवाल होता है की हम को SIP में निवेश करना चाहिए या म्यूचुअल फंड में? या फिर SIP और म्यूचुअल फंड में क्या अंतर है?
दरअसल, दोनों आपस में जुड़े हुए हैं। SIP, mutual fund में निवेश करने का एक तरीका है।
वहीं, म्यूचुअल फंड एक investment vehicle होता है जो कई निवेशकों से इकठ्ठा किए गए पैसों को मिला कर बना होता है. इसका उद्देश्य इन पैसों को शेयरों, बांडों, मुद्रा बाजार के साधनों और अन्य assets में निवेश करने का होता है.
लेकिन SIP म्यूच्यूअल फंड्स में निवेश करने का एकमात्र तरीका नहीं है, इसके अलावा भी इस में निवेश करने के और भी कई माध्यम है। जैसे-
o Lumsum इन्वेस्टमेंट जिसे हम एक मुस्त जमा भी कहते है
o इसके अलावा STP (Systematic transfer plan), SIP आदि। आप अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी माध्यम से निवेश कर सकते है।
पर में SIP को निवेश का एक अच्छा माध्यम मनाता हूँ क्योंकि ये आप के लिए अच्छे रिटर्न के साथ साथ आप की जेब पर ज्यादा बोझ दिए बिना एक बड़ा अमाउंट एकत्रित कर सकते हैं।
SIP के माध्यम से निवेश के लाभ
SIP के माध्यम से म्यूचुअल फंड में निवेश के कई फायदे है और भारत में अधिकतर लोग SIP के माध्यम से ही निवेश कर रहे है AMFI के रिकॉर्ड के हिसाब से भारत में अभी तक 40 AMC में 8.52 करोड़ से ज्यादा folio है जिसमे लगभग 40 % folio में SIP के माध्यम से ही निवेश होता रहा है। अगर हम SIP के लाभ की बात करे तो वे निम्नलिखित है –
SIP निवेश में रिस्क को कम करता है
चुकी म्यूचुअल फंड सीधे शेयर बाजार पर निर्भर होते है; मुख्यतः इक्विटी फण्ड जिससे आप के निवेश पर हमेशा शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव का खतरा बना रहता है। अगर शेयर बाजार नीचे जाता है तो आप के म्यूचुअल फंड में निवेशित पैसा भी कम होता है। इस रिस्क को देखते हुए एक मुस्त निवेश करने वाले निवेशक हमेशा सही समय का इंतजार करते रहते हैं और जब शेयर बाजार नीचे भी जाता है तो उन्हें लगता है की हो सकता है और नीचे जाये और वे निवेश का निर्णय नहीं ले पाते।
पर SIP में निवेश के अनुशासन के कारण निवेशक हर मार्केट condition में निवेश करता है जिससे उसकी खरीद गिरे हुए मार्केट और भागते हुए मार्केट (bullish market) दोनों स्थितियों में होती है। जिससे उसकी खरीद stabilized होती है और उसकी units का औसत (average) हो जाता है जिससे उसकी रिस्क कम हो जाती है। और वो लम्बे समय तक SIP के माध्यम से निवेश कर के अच्छा रिटर्न कमा सकता है।
कम पैसे से निवेश की शुरुवात
SIP के माध्यम से निवेश करने का ये भी एक बड़ा लाभ है की आप बहुत ही छोटे amount से भी अपने निवेश की शुरुवात कर सकते है कई assets management company (AMC) आप को सिप के माध्यम से 100 रूपए से भी निवेश करने की अनुमति देती है जिससे आप एक छोटी बचत की शुरुवात कर सकते है।
इस प्रकार की SIP स्कीम से ये फायदा है कि कम इनकम के साथ भी आप म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते है।
हम ने देखा है की कई दुकानदार या रोज कमाने वाले लोग daily basis पर किसी स्कीम में पैसा लगाते है पर इस प्रकार कई लोग गलत स्कीम में भी पैसा लगा बैठते है और अपना सारा पैसा गवा देते है पर म्यूचुअल फंड की कम पैसे वाली SIP ऐसे लोगो को भी मौका देती है कि वे अपना पैसा अच्छी जगह लगा कर एक लम्बे समय में छोटी रकम से भी बड़ी राशि प्राप्त करे।
SIP Inflation से आपकी सेविंग को बचाता है
अगर हम पिछले 30 सालो के inflation rate( मुद्रास्फीति या महंगाई दर) का औसत देखें तो ये लगभग 6% रहा है। यानी अगर आप अपने पैसे कहीं भी निवेश नहीं कर रहे हैं तो उसकी कीमत हर साल 6 % कम हो जाती है इसीलिए आप ने कई लोगो से सुना होगा की सालों पहले जो वस्तु 50 रूपए में मिल जाती थी आज उसकी कीमत 500 रूपए हो गई है।
अगर आप बैंक सेविंग अकाउंट, बैंक FD या फिर RD में निवेश करते है तो आप को इनमे 2.5 से लेकर 6.0 प्रतिसत तक की ही ब्याज दर मिलती है जो की inflation rate से भी कम है। अगर हम
आज की SBI की FD रेट देखे तो 5 साल के लिए आप को FD करने पर सिर्फ 5.50% की ही ब्याज दर मिलती है।
पर म्यूचुअल फंड आप को बाजार के साथ ले कर चलता है क्यों की बाजार inflation को consume कर लेता है यहाँ पर आप को 12% से 18% (इक्विटी फण्ड में) तक के रिटर्न देखने को मिलते है जिससे आप की जमा पूंजी inflation की भेट चढ़ने से बच जाती है।
SIP आप को निवेश की Flexibility देता है
SIP में निवेश बहुत flexibility अर्थात लचीलापन है इसमें आप अपने हिसाब से SIP को बदल सकते है, बंद कर सकते है अपने SIP amount को कम कर सकते है या फिर ज्यादा भी कर सकते है। आप ने FD की पालिसी हो या फिर LIC की हर एक में, scheme को बंद करने या बीच में पैसे निकालने पर कुछ penalty या फिर आपकी जमा पर कमाया गया ब्याज laps होने जैसी सजा रहती है। यहाँ तक की LIC की कई पालिसी ऐसी भी थी जिनपर अगर आप क़िस्त नहीं भर पाते तो आप के जमा पैसे आप को वापस नहीं मिल पाते थे।
पर SIP के साथ ऐसा नहीं है इसमें आप को अपने निवेश पर पूरी आजादी मिलती है आप कभी भी पैसे निकाल सकते है अपनी SIP amount को कम कर सकते है, अपनी SIP को रोक सकते है या फिर कुछ महीने के लिए इसे skip भी कर सकते है इसके लिए आप को किसी भी प्रकार की penalty या फिर पैसे laps जैसी समस्या नहीं होती है।
कंपाउंडिंग की शक्ति (Power of compounding)
अगर आप इन्वेस्टमेंट में रूचि रखते हैं तो आपने “magic of compounding” या “चक्रवृद्धि ब्याज का जादू” के बारे में ज़रूर सुना होगा. SIP इस जादू को दिखाने में बिलकुल सही ढंग से काम करती है। इसको हम एक उदाहरण से समझेंगे –
मान लीजिये एक नौकरीपेशा मध्यम वर्ग का कोई व्यक्ति इक्विटी म्यूचुअल फंड में SIP के माध्यम से निवेश करना चाहता है वो हर माह 2000 रूपए की SIP शुरू करता है और वो आने वाले 30 साल के लिए अपनी इस SIP को चलाएगा तो क्या आप बता सकते है की 30 साल बाद उसको कितने रूपए वापस मिलेंगे?
हाँ हम SIP कैलकुलेटर के द्वारा इसकी गणना कर सकते है, जैसा की हमें पता है वो 2000 रूपए की SIP कर रहा है अर्थात वो हर महीने 2000 रूपए देगा।
उसका time Horizon 30 वर्ष का है और इक्विटी फण्ड में अगर आप 10 साल से ज्यादा के लिए निवेश करते है तो आप 14 से 20 % तक के रिटर्न की उम्मीद कर सकते हैं इस उदाहरण के लिए हम इसे 15 % का return मान लेते है .
अब हम SIP कैलकुलेटर के द्वारा कैलकुलेशन करके देखते है।
आप प्राप्त राशि को देख के अचम्भित रह जायेंगे उस व्यक्ति को जो 30 साल के बाद राशि प्राप्त होगी वो लगभग 1 करोड़ 38 लाख रुपय होगी और उसके द्वारा कुल जमा राशि सिर्फ 7 लाख 20 हजार रूपए होगी।
मामूली चार्जेज
SIP में आपको किसी भी प्रकार के डायरेक्ट चार्ज नहीं देने होते हैं, जैसे कि पहले LIC policy में होता था किआप के जमा कराये पैसे में से 90 प्रतिशत पैसे ही निवेशित होते थे बाकि के कमीशन के रूप में एजेंट द्वारा ले लिए जाते थे म्यूचुअल फंड में जितने पैसे आप जमा करवाते है उतने ही पैसे आप के निवेशित होते है अलग से कोई चार्ज देने की जरुरत नहीं होती है इसमें अगर आप रेगुलर फण्ड में निवेश कर रहे है तो आप के प्राप्त रिटर्न में से लगभग 1% एक्सपेंस रेश्यो के रूप में काट लिए जाते है जिसमे की आप के एजेंट या ब्रोकरेज हाउस का commission और AMC के खर्च के लिए होते हैं।