Dev Enterprises Raipur

Dev Enterprises Raipur Distributor of Cycle Brand Incense Sticks and Material of worship and Loan Provider and Life Insurance

12/01/2020
https://twitter.com/JaidevBariha/status/1189265660741931008?s=19
29/10/2019

https://twitter.com/JaidevBariha/status/1189265660741931008?s=19

“क्या इस बार की जनसंख्या गणना में आदिवासियों के लिए अपने धर्म के लिए कालम होगा जैसे कि सन् 1951 की जनसंख्या गणना के सम.....

Good-Morning Friends
09/08/2018

Good-Morning Friends

07/08/2018

Good- Morning Friends

*बहुत दिन हुए दारू पीने किसी ने बुलाया नहीं...*

शाम अचानक किसी दोस्त का
खुशखबरी वाला कॉल आया नहीं.
बहुत दिन हुए,
दारू पीने किसी ने बुलाया नहीं...

आज ऎसे ही
मन कर रहा है दोस्त
चल आजा दारू पिलाऊंगा
कह कर किसी ने
फोन मुझे लगाया नहीं,
बहुत दिन हुए,
दारू पीने किसी ने बुलाया नहीं...

बॉटल मेरे पास है
तू चखना ले के आ जा
ऎसा सीन न जाने
कितने दिनों से आया नहीं,
बहुत दिन हुए
दारू पीने किसी ने बुलाया नहीं...

पिछली बार याद है
मुझे तुमने पिलाया था
चल आज तुझे मैं पिलाऊंगा
इस तरह किसी ने
याद दिलाया नहीं,
बहुत दिन हुए
दारू पीने किसी ने बुलाया नहीं...

केवल दो-दो पेग
के लायक ही बचा है
आ जा आज पी के
ख़तम करते हैं, ऎसा
ख़याल किसी को आया नहीं.
बहुत दिन हुए
दारू पीने किसी ने बुलाया नहीं...

कोई ज़रूरी है क्या कि
किसी खुशी या ग़म में पियें
आज यूँ ही बेवज़ह ही पियेंगे ऎसा विचार
किसी को आया नहीं.
बहुत दिन हुए
दारू पीने किसी ने बुलाया नहीं...

केवल दारू है,
पानी है, और चखने में नमकीन है
कहकर मेरे गिलास में
सोडा किसी ने मिलाया नहीं.
बहुत दिन हुए
दारू पीने किसी ने बुलाया नहीं...

बार में पीने में
उतना मज़ा नहीं आता
पीना तो
बस घर में ही बेस्ट है,
एक अर्से से
किसी ने बताया नहीं,
बहुत दिन हुए
दारू पीने किसी ने बुलाया नहीं...

भाई एक ही
सिगरेट मेरे पास बची है
दारू पीने के
बाद उसको पियेंगे
बोलकर उसे सुलगाया नहीं.
बहुत दिन हुए
दारू पीने किसी ने बुलाया नहीं...

यार चिकन खाने में
आज तो मज़ा ही आ गया
कहकर मेरी प्लेट से
किसी ने पीस उठाया नहीं.
बहुत दिन हुए दारू पीने किसी ने बुलाया नहीं...

भाई आज मेरी तरफ से
पर अगली बार
पूरा ख़र्चा तेरा रहेगा न
ऎसा प्रॉमिस
किसी ने कराया नहीं.
बहुत दिन हुए
दारू पीने किसी ने बुलाया नहीं...

यार पिछले कुछ दिनों से
दारू कुछ ज़्यादा ही हो गई है
आज तेरे साथ पी के
कल से दारू बन्द
ऎसा कहकर किसी ने
गिलास उठाया नहीं.

भाई दारू कम थी
तो कम से कम एक क्वार्टर
और ले आया होता
तो क्या बिगड़ जाता
ऎसा किसी ने
एक मुद्दत से सुनाया नहीं.
बहुत दिन हुए
दारू पीने किसी ने बुलाया नहीं...

फाइनल इयर में थे
तो पीने में जितना मज़ा आता था,
उतना मज़ा आज तक
दोबारा फिर कभी आया नहीं.
बहुत दिन हुए
दारू पीने किसी ने बुलाया नहीं...

🥂🍺🍻

01/08/2018

*🌀 प्राइवेट कंपनी की भागवत गीता 🌀*

हे पार्थ,

|| तुम पिछली इन्क्रीमेंट का पश्चाताप मत करो ||

|| तुम अगली प्रमोशन की चिंता भी मत करो ||

|| बस अपनी करंट ड्यूटी से ही प्रसन्न रहो ||

|| तुम जब नहीं थे, तब भी ये कंपनी चल रहा थी ||

|| तुम जब नहीं होगे, तब भी ये कंपनी चलती रहेगी ||

|| जो टारगेट आज तुम्हारा है, कल किसी और का था ||

|| वो कल किसी और का होगा ||

|| तुम इसे अपना समझ कर मगन हो रहे हो ||

|| यही तुम्हारी समस्त दुखों का कारण है ||

|| प्रमोशन, इन्क्रीमेंट,छुट्टी, बोनस और इंसेंटिव जैसे शब्द अपने मन से निकाल दो ||

|| फिर तुम कंपनी के और ये कंपनी तुम्हारी होगी ||

🌾🌾🌾🌾🌾🌾
😃😃😃😃😃😃😃😃

उम्र की राह में जज्बात बदल जाते है।😔
वक़्त की आंधी में हालात बदल जाते है।😒

सोचता हूं काम कर-कर के रिकॉर्ड तोड़ दूं 😋
कमबख्त सैलेरी देख के ख्यालात बदल जाते हैं
😄😄😜😜😜 *Dedicated to all Private Job Holders🙊🙉🙈*

24/06/2018

Hello Friends
*कुंडली मिलान एक अभिशाप है*
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मित्रो जब से कंप्यूटर का चलन आया है तब से कुंडली मिलान की प्रथा बहोत ज्यादा हो गई है ।
इससे पहले कभी भी हमारे पूर्वज कुंडली का मिलान नही करते थे ।
आज आप के पूर्वज या माँ बाप जिनको आप अपने जीवन में उच्चतम स्थान देते होंगे । एक बार उनकी कुंडली मिलान करके देखिएगा । मै दावे के साथ कहता हूँ 90% कि कुंडली नही मिलेगी , जब कि सबसे सफलतम परिवार वही होगा ।

आज आप शक्ल-सूरत,पढाई,आर्थिक स्थिति , शहर उम्र सब मिलाने के बाद कुंडली में आकर अटक जाते हो ।
इस कुंडली मिलान के चक्कर आप सब एक अच्छे जीवन साथी से चूक रहे है ।।
कहते है भगवान राम-सीता जी कुंडली सबसे अच्छी मिली थी फिर हुआ क्या 14 वर्ष वनवास और फिर महल से निकला गया ।।
आज समाज इतना पढा लिखा हो गया है कम से कम इस वैज्ञानिक युग में हमे इन अंधविश्वासों को दूर करके एक अच्छे जीवन साथी की तलाश करनी चाहिए न कि एक अच्छी कुंडली की ।

(अगर आप मेरी बातों से सहमत है तो अपने बॉयोडाटा में जन्म की तारीख तो लिखे पर जन्म के समय की जगह लिखे *हम कुंडली नही मिलाते* । आप सब पढ़े लिखे लोग है, इसे एक अभियान बना दे । हमारे परिवारों की आधे से ज्यादा समस्या तो यु ही हल हो जाएगी जो कुंडली के चक्कर में अटकी है ।
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*कुंडली का सच*
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एक बार बनारस में हिंदुस्तान का सबसे बड़ा ज्योतिष सम्मेलन हुआ । वँहा पर एक व्यक्ति 10 कुण्डलिया लेकर आया और उसने ज्योतिषियों के समाने कुछ प्रश्न रखे ।
1- इन 10 कुंडलियो में से कौन सी कुंडली लड़के की है और कौन सी लड़की की ?
2- इन 10 कुंडलियो के आधार पर व्यक्ति के जन्म का समय और स्थान क्या है ?
3- कुंडली के आधार पर कोन जैन,कोन सोनी,कोन पोरवाल, कौन सिंधी , कौन पँडित , कौन ठाकुर कौन किस जाति का है ?
4- इन 10 कुंडलीयो में कौन कौन सा व्यक्ति जीवित अथवा मृत है ?
5- इन 10 कुंडली के आधार पर कौन सा व्यक्ति शादी शुदा है और कौन कौन सा कुँवारा है ?

उस महा सम्मेलन में किसी भी ज्योतिषी के पास इन सवालों का जवाब नही था ।
*मित्रो जिस कुंडली को देखकर आप आज यानी वर्तमान नही बता सकते है , उन कुंडलियो के आधार पर भविष्य को देखना एक मूर्खता के अलावा कुछ भी नही है ।*
मित्रो कुंडली मिलान के चक्कर में आप अपने बच्चो का भविष्य अन्धकार में ढकेल रहे है।
*कृपया ये मैसेज सभी समाज के लोगो के लिए भी खास है। क्योंकि आज कल सभी वर्गो के लोग इस प्रकार के अंधविश्वास से जूझ रहे हैं। इसे जरूर पढे, मानना या न मानना, जैसा आप उचित समझे ये आप पर निर्भर करता है।

23/06/2018

Good-Night Friends
🤵🏻 *मैनेजमेंट लेसन:*

एक दिन एक कुत्ता 🐕 जंगल में रास्ता खो गया..

तभी उसने देखा, एक शेर 🦁 उसकी तरफ आ रहा है..

कुत्ते की सांस रूक गयी..
"आज तो काम तमाम मेरा..!"

He thought, & applied A lesson of
MBA..

फिर उसने सामने कुछ सूखी हड्डियाँ ☠ पड़ी देखी..

वो आते हुए शेर की तरफ पीठ कर के बैठ गया..

और एक सूखी हड्डी को चूसने लगा,
और जोर जोर से बोलने लगा..

"वाह ! शेर को खाने का मज़ा ही कुछ और है..
एक और मिल जाए तो पूरी दावत हो जायेगी !"

और उसने जोर से डकार मारी..
इस बार शेर सोच में पड़ गया..

उसने सोचा-
"ये कुत्ता तो शेर का शिकार करता है ! जान बचा कर भागने मे ही भलाइ है !"

और शेर वहां से जान बचा के भाग गया..

पेड़ पर बैठा एक बन्दर 🐒 यह सब तमाशा देख रहा था..

उसने सोचा यह अच्छा मौका है,
शेर को सारी कहानी बता देता हूँ ..

शेर से दोस्ती भी हो जायेगी,
और उससे ज़िन्दगी भर के लिए जान का खतरा भी दूर हो जायेगा..

वो फटाफट शेर के पीछे भागा..

कुत्ते ने बन्दर को जाते हुए देख लिया और समझ गया की कोई लोचा है..

उधर बन्दर ने शेर को सारी कहानी बता दी, की कैसे कुत्ते ने उसे बेवकूफ बनाया है..

शेर जोर से दहाडा -
"चल मेरे साथ, अभी उसकी लीला ख़तम करता हूँ"..

और बन्दर को अपनी पीठ पर बैठा कर शेर कुत्ते की तरफ चल दिया..

Can you imagine the quick "management" by the DOG...???

कुत्ते ने शेर को आते देखा तो एक बार फिर उसके आगे जान का संकट आ गया,

मगर फिर हिम्मत कर कुत्ता उसकी तरफ पीठ करके बैठ गया l

He applied Another lesson of MBA ..

और जोर जोर से बोलने लगा..

"इस बन्दर को भेजे 1 घंटा हो गया..
साला एक शेर को फंसा कर नहीं ला सकता !"

यह सुनते ही शेर ने बंदर को वही पटका और वापस पिछे भाग गया ।

*शिक्षा 1:- मुश्किल समय में अपना आत्मविश्वास कभी नहीं खोएं*

*शिक्षा 2:- हार्ड वर्क के बजाय स्मार्ट वर्क ही करें क्योंकि यहीं जीवन की असली सफलता मिलेगी*

*शिक्षा 3 :- आपका ऊर्जा, समय और ध्यान भटकाने वाले कई बन्दर आपके आस पास हैं, उन्हें पहचानिए और उनसे सावधान रहिये*

🙏🏻💐Good-Night💐🙏🏻

11/06/2018

Good-Morning Friends

06/06/2018

Good- Morning Friends
वाटसप फेसबूक चलाने वाले पढ़ेलिखे बेरोजगारो के लिये
सुनहरा मौका ।
भारत सरकार द्वारा निकाली गइ 12000 हजार नौकरीयां।
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ग्रामिण इलाको मे खपरा लहूटाने हेतु करमचारी।
रिक्त पद-
खपरा लहूटइया :-
रिक्त -115 6 वेतन:-250
खपरा अमरइया:-
रिक्त- 4656 वेतन:-200
तालपतरी छवइया:-
रिक्त -5758

इच्छूक आनलाइन बेरोजगार आवेदन कर सकते है।
अंतिम तिथि- 15 जून तक मान्य ।
तो देर किस बात का जल्दि करें टाइप और पाएं नौकरी-
www.बुता काम.com
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भाइ धन्यवाद कि जरुरत नही ये तो मेरा फर्ज है कि आप लोगो को काम मिले😀😀😀😀😀😀😀😀😀

05/06/2018

Good-Night Friends
*ये मोबाइल यूँ ही हट्टा कट्टा नहीं बना...*

बहुत कुछ खाया - पीया है इसने

ये हाथ की घड़ी खा गया,
ये टॉर्च - लाईट खा गया,
ये चिट्ठी पत्रियाँ खा गया,
ये किताब खा गया।

ये रेडियो खा गया
ये टेप रिकॉर्डर खा गया
ये कैमरा खा गया
ये कैल्क्युलेटर खा गया।

ये पड़ोस की दोस्ती खा गया,
ये मेल - मिलाप खा गया,
ये हमारा वक्त खा गया,
ये हमारा सुकून खा गया।

ये पैसे खा गया,
ये रिश्ते खा गया,
ये यादास्त खा गया,
ये तंदुरूस्ती खा गया।

कमबख्त इतना कुछ खाकर ही स्मार्ट बना,
बदलती दुनिया का ऐसा असर होने लगा,
आदमी पागल और फोन स्मार्ट होने लगा।

जब तक फोन वायर से बंधा था,
इंसान आजाद था।
जब से फोन आजाद हुआ है,
इंसान फोन से बंध गया है।

ऊँगलिया ही निभा रही रिश्ते आजकल,
जुबान से निभाने का वक्त कहाँ है?
सब टच में बिजी है,
पर टच में कोई नहीं है।

05/06/2018

**लघु-कथा**

सन्तोष मिश्रा जी के यहाँ पहला लड़का हुआ तो पत्नी ने कहा, "बच्चे को गुरुकुल में शिक्षा दिलवाते है, मैं सोच रही हूँ कि गुरुकुल में शिक्षा देकर उसे धर्म ज्ञाता पंडित योगी बनाऊंगी।"

सन्तोष जी ने पत्नी से कहा, "पाण्डित्य पूर्ण योगी बना कर इसे भूखा मारना है क्या !! मैं इसे बड़ा अफसर बनाऊंगा ताकि दुनिया में एक कामयाबी वाला इंसान बने।।"

संतोष जी सरकारी बैंक में मैनेजर के पद पर थे ! पत्नी धार्मिक थी और इच्छा थी कि बेटा पाण्डित्य पूर्ण योगी बने, लेकिन सन्तोष जी नहीं माने।

दूसरा लड़का हुआ पत्नी ने जिद की, सन्तोष जी इस बार भी ना माने, तीसरा लड़का हुआ पत्नी ने फिर जिद की, लेकिन सन्तोष जी एक ही रट लगाते रहे, "कहां से खाएगा, कैसे गुजारा करेगा, और नही माने।"

चौथा लड़का हुआ, इस बार पत्नी की जिद के आगे सन्तोष जी हार गए , और अंततः उन्होंने गुरुकुल में शिक्षा दीक्षा दिलवाने के लिए वही भेज ही दिया ।

अब धीरे धीरे समय का चक्र घूमा, अब वो दिन आ गया जब बच्चे अपने पैरों पे मजबूती से खड़े हो गए, पहले तीनों लड़कों ने मेहनत करके सरकारी नौकरियां हासिल कर ली, पहला डॉक्टर, दूसरा बैंक मैनेजर, तीसरा एक गोवरमेंट कंपनी मेें जॉब करने लगा।

एक दिन की बात है सन्तोष जी पत्नी से बोले, "अरे भाग्यवान ! देखा, मेरे तीनो होनहार बेटे सरकारी पदों पे हो गए न, अच्छी कमाई भी कर रहे है, तीनो की जिंदगी तो अब सेट हो गयी, कोई चिंता नही रहेगी अब इन तीनो को। लेकिन अफसोस मेरा सबसे छोटा बेटा गुुुरुकुल का आचार्य बन कर घर घर यज्ञ करवा रहा है, प्रवचन कर रहा है ! जितना वह छ: महीने में कमाएगा उतना मेरा एक बेटा एक महीने में कमा लेगा, अरे भाग्यवान ! तुमने अपनी मर्जी करवा कर बड़ी गलती की , तुम्हे भी आज इस पर पश्चाताप होता होगा , मुझे मालूम है, लेकिन तुम बोलती नही हो"।।

पत्नी ने कहा, "हम मे से कोई एक गलत है, और ये आज दूध का दूध पानी का पानी हो जाना चाहिए, चलो अब हम परीक्षा ले लेते है चारों की, कौन गलत है कौन सही पता चल जाएगा ।।"

दूसरे दिन शाम के वक्त पत्नी ने बाल बिखरा , अपनी साड़ी का पल्लू फाड़ कर और चेहरे पर एक दो नाखून के निशान मार कर आंगन मे बैठ गई और पतिदेव को अंदर कमरे मे छिपा दिया ..!!

बड़ा बेटा आया पूछा, "मम्मी क्या हुआ ?"
माँ ने जवाब दिया, "तुम्हारे पापा ने मारा है !"
पहला बेटा :- "बुड्ढा, सठिया गया है क्या ? कहां है ? बुलाओतो जरा।।"
माँ ने कहा, "नही है , बाहर गए है !"
पहला बेटा - "आए तो मुझे बुला लेना , मैं कमरे मे हूँ, मेरा खाना निकाल दो मुझे भूख लगी है !"

ये कहकर कमरे मे चला गया।

दूसरा बेटा आया पूछा तो माँ ने वही जवाब दिया,
दूसरा बेटा : "क्या पगला गए है इस बुढ़ापे मे , उनसे कहना चुपचाप अपनी बची खुची गुजार ले, आए तो मुझे बुला लेना और मैं खाना खाकर आया हूँ सोना है मुझे, अगर आये तो मुझे अभी मत जगाना, सुबह खबर लेता हूँ उनकी ।।",

ये कह कर वो भी अपने कमरे मे चला गया ।

तीसरा बेटा आया पूछा तो आगबबूला हो गया, "इस बुढ़ापे मे अपनी औलादो के हाथ से जूते खाने वाले काम कर रहे है ! इसने तो मर्यादा की सारी हदें पार कर दीं।"
यह कर वह भी अपने कमरे मे चला गया ।।

संतोष जी अंदर बैठे बैठे सारी बाते सुन रहे थे, ऐसा लग रहा था कि जैसे उनके पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई हो, और उसके आंसू नही रुक रहे थे, किस तरह इन बच्चो के लिए दिन रात मेहनत करके पाला पोसा, उनको बड़ा आदमी बनाया, जिसकी तमाम गलतियों को मैंने नजरअंदाज करके आगे बढ़ाया ! और ये ऐसा बर्ताव , अब तो बर्दाश्त ही नहीं हो रहा.....

इतने मे चौथा बेटा घर मे ओम् ओम् ओम् करते हुए अंदर आया।।

माँ को इस हाल मे देखा तो भागते हुए आया, पूछा, तो माँ ने अब गंदे गंदे शब्दो मे अपने पति को बुरा भला कहा तो चौथे बेटे ने माँ का हाथ पकड़ कर समझाया कि "माँ आप पिताजी की प्राण हो, वो आपके बिना अधूरे हैं,---अगर पिता जी ने आपको कुछ कह दिया तो क्या हुआ, मैंने पिता जी को आज तक आपसे बत्तमीजी से बात करते हुए नही देखा, वो आपसे हमेशा प्रेम से बाते करते थे, जिन्होंने इतनी सारी खुशिया दी, आज नाराजगी से पेश आए तो क्या हुआ, हो सकता है आज उनको किसी बात को लेकर चिंता रही हो, हो ना हो माँ ! आप से कही गलती जरूर हुई होगी, अरे माँ ! पिता जी आपका कितना ख्याल रखते है, याद है न आपको, छ: साल पहले जब आपका स्वास्थ्य ठीक नही था, तो पिता जी ने कितने दिनों तक आपकी सेवा कीे थी, वही भोजन बनाते थे, घर का सारा काम करते थे, कपड़े धोते थे, तब आपने फोन करके मुझे सूचना दी थी कि मैं संसार की सबसे भाग्यशाली औरत हूँ, तुम्हारे पिता जी मेरा बहुत ख्याल करते हैं।"

इतना सुनते ही बेटे को गले लगाकर फफक फफक कर रोने लगी, सन्तोष जी आँखो मे आंसू लिए सामने खड़े थे।

"अब बताइये क्या कहेंगे आप मेरे फैसले पर", पत्नी ने संतोष जी से पूछा।

सन्तोष जी ने तुरन्त अपने बेटे को गले लगा लिया, !

सन्तोष जी की धर्मपत्नी ने कहा, *"ये शिक्षा इंग्लिश मीडियम स्कूलो मे नही दी जाती। माँ-बाप से कैसे पेश आना है, कैसे उनकी सेवा करनी है। ये तो गुरुकुल ही सिखा सकते हैं जहाँ वेद गीता रामायण जैसे ग्रन्थ पढाये जाते हैैं संस्कार दिये जाते हैं।*

अब सन्तोष जी को एहसास हुआ- जिन बच्चो पर लाखो खर्च करके डिग्रीया दिलाई वे सब जाली निकले , असल में ज्ञानी तो वो सब बच्चे है, जिन्होंने जमीन पर बैठ कर पढ़ा है, मैं कितना बड़ा नासमझ था, फिर दिल से एक आवाज निकलती है, काश मैंने चारो बेटो को गुरुकुल में शिक्षा दीक्षा दी होती ।

मातृमान पितृमान आचार्यावान् पुरुषो वेद:।।

🙏🏼

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