24/06/2018
Hello Friends
*कुंडली मिलान एक अभिशाप है*
------------------------------------------
मित्रो जब से कंप्यूटर का चलन आया है तब से कुंडली मिलान की प्रथा बहोत ज्यादा हो गई है ।
इससे पहले कभी भी हमारे पूर्वज कुंडली का मिलान नही करते थे ।
आज आप के पूर्वज या माँ बाप जिनको आप अपने जीवन में उच्चतम स्थान देते होंगे । एक बार उनकी कुंडली मिलान करके देखिएगा । मै दावे के साथ कहता हूँ 90% कि कुंडली नही मिलेगी , जब कि सबसे सफलतम परिवार वही होगा ।
आज आप शक्ल-सूरत,पढाई,आर्थिक स्थिति , शहर उम्र सब मिलाने के बाद कुंडली में आकर अटक जाते हो ।
इस कुंडली मिलान के चक्कर आप सब एक अच्छे जीवन साथी से चूक रहे है ।।
कहते है भगवान राम-सीता जी कुंडली सबसे अच्छी मिली थी फिर हुआ क्या 14 वर्ष वनवास और फिर महल से निकला गया ।।
आज समाज इतना पढा लिखा हो गया है कम से कम इस वैज्ञानिक युग में हमे इन अंधविश्वासों को दूर करके एक अच्छे जीवन साथी की तलाश करनी चाहिए न कि एक अच्छी कुंडली की ।
(अगर आप मेरी बातों से सहमत है तो अपने बॉयोडाटा में जन्म की तारीख तो लिखे पर जन्म के समय की जगह लिखे *हम कुंडली नही मिलाते* । आप सब पढ़े लिखे लोग है, इसे एक अभियान बना दे । हमारे परिवारों की आधे से ज्यादा समस्या तो यु ही हल हो जाएगी जो कुंडली के चक्कर में अटकी है ।
---------------------------
*कुंडली का सच*
----------------------
एक बार बनारस में हिंदुस्तान का सबसे बड़ा ज्योतिष सम्मेलन हुआ । वँहा पर एक व्यक्ति 10 कुण्डलिया लेकर आया और उसने ज्योतिषियों के समाने कुछ प्रश्न रखे ।
1- इन 10 कुंडलियो में से कौन सी कुंडली लड़के की है और कौन सी लड़की की ?
2- इन 10 कुंडलियो के आधार पर व्यक्ति के जन्म का समय और स्थान क्या है ?
3- कुंडली के आधार पर कोन जैन,कोन सोनी,कोन पोरवाल, कौन सिंधी , कौन पँडित , कौन ठाकुर कौन किस जाति का है ?
4- इन 10 कुंडलीयो में कौन कौन सा व्यक्ति जीवित अथवा मृत है ?
5- इन 10 कुंडली के आधार पर कौन सा व्यक्ति शादी शुदा है और कौन कौन सा कुँवारा है ?
उस महा सम्मेलन में किसी भी ज्योतिषी के पास इन सवालों का जवाब नही था ।
*मित्रो जिस कुंडली को देखकर आप आज यानी वर्तमान नही बता सकते है , उन कुंडलियो के आधार पर भविष्य को देखना एक मूर्खता के अलावा कुछ भी नही है ।*
मित्रो कुंडली मिलान के चक्कर में आप अपने बच्चो का भविष्य अन्धकार में ढकेल रहे है।
*कृपया ये मैसेज सभी समाज के लोगो के लिए भी खास है। क्योंकि आज कल सभी वर्गो के लोग इस प्रकार के अंधविश्वास से जूझ रहे हैं। इसे जरूर पढे, मानना या न मानना, जैसा आप उचित समझे ये आप पर निर्भर करता है।