02/05/2020
अगर आपका किराना वाला, सब्ज़ी वाला, दूध वाला, दवा की दुकान वाला या फ़ैमिली डॉक्टर आपको फ़ोन करके कहे कि, ‘चिंता करने की ज़रूरत नहीं है। लॉकडाउन में भी सामान, मैं और मेरी सेवाएँ उपलब्ध हैं। तो क्या आप उसपर ग़ुस्सा करेंगे? क्या आप उसे कहेंगे कि, अरे तुझे इस समय भी अपने धंधे की पड़ी है?’
नहीं। आप ख़ुश होगें। क्योंकि ये सभी चीजें आपके व आपके परिवार के लिये ज़रूरी है। ख़ासतौर पर ऐसी स्थिति में।
**तो फिर आपका जीवनबीमा सलाहकार अभी आपको फ़ोन करता है तो आपको ऐसा क्यूँ लगता है कि, वो ‘अपने’ धंधे के लिये कॉल कर रहा है?**
वो भी आपके परिवार की ज़रूरतों को सुरक्षित करने के लिये कॉल कर रहा है।
क्योंकि, मुसीबतें व ज़रूरतें चेतावनी दे कर नहीं आती। वो तो बस आती है।
क्या उन लाखों लोगों को पता था कि उनके साथ अप्रेल २०२० में ऐसा हो जायेगा?
पहले तो शायद आप ये कह कर छूट जाते थे कि समय नहीं है। पर अभी तो समय ही समय है। और वैसे भी परिवार के लिये समय निकालना ही होता है।
निकालिये बीस मिनिट। समझिये। विचारिये।
बीमा ज़रूरी है। बीमा सलाहकार भी ज़रूरी है।
अगर आपके सलाहकार ने आपको फ़ोन नहीं किया है तो आप उसे फ़ोन करिये।
अपने वित्तीय आयोजन के लिये चर्चा करिये।
अभी। हाँ अभी। अपने परिवार के लिये।.