Dr.Chiranjee Lal Bagra

Dr.Chiranjee Lal Bagra SOCIAL ACTIVIST-PATRAKAR A PROLIFIC WRITER AND EDITOR WITH MANY BOOKS TO HIS CREDIT.editor DISHABODH n VEGETARIAN GUIDE JOURNALS.

A RENOWNED NAME IN THE FIELD OF SHAKAHAR MOVEMENT IN THE COUNTRY. A SOCIAL ACTIVIST OF REPUTE FOR PROTEST AGAINST MECHANISED SLAUGHTERHOUSES. WIDELY TRAVELLED ACCROSS THE COUNTRY AND ABROAD HAVING MANY
RECOGNITIONS AND AWARDS. ACTIVELY ASSOCIATED WITH SEVERAL SOCIAL ORGANISATIONS AND GROUPS
THROUGHOUT THE COUNTRY. REGULAR FEATURE WRITER HAVING ATTENDED MANY NATIONAL N INTERNATIONAL
SEMINARS/CONFERENCES. AN ARDENT FOLLOWER OF JAINA PHILOSOPHY OF AHIMSA N LIVE AND LET LIVE.

Collection of Global Currency Notes in my stock
25/01/2026

Collection of Global Currency Notes in my stock

25/01/2026
17/11/2024

Good morning
जय जिनेंद्र सुप्रभात
Sunday
17.11.24

I have reached 200 followers! Thank you for your continued support. I could not have done it without each of you. 🙏🤗🎉
17/11/2024

I have reached 200 followers! Thank you for your continued support. I could not have done it without each of you. 🙏🤗🎉

23/08/2024

Hello friends
Take care
it's rainy period.

05/07/2024

जय जिनेंद्र सुप्रभात
कोलकाता 5.7.24

05/07/2024

2024 का साल दिगंबर जैन संस्कृति और समाज के लिए कुछ अनहोनी लेकर आया है l 18 फरवरी को विद्या नामक सूर्य का अस्त हुआ और अब 04 जुलाई को विराग नामक चन्द्र का भी विलय हो गया l
एक सूर्य थे, तो एक चन्द्र, क्योंकि जिस भांति सूर्य अपने प्रकाश से सबको आलोकित करता है, उसी भांति चन्द्र भी अपने प्रकाश से सबको आन्दोलित करता है l

*ये कैसा अद्भुत संयोग ??*
१. सूर्य का उदय दक्षिण में हुआ तो अस्त उत्तर में और चन्द्र का निलय उत्तर में हुआ तो विलय दक्षिण में ।

२. दोनों के नाम 'वि' से शुरू , एक ही राशि

३. *एक ने अष्टमी को महाप्रयाण किया तो दूसरे ने चतुर्दशी को !* धन्य हैं आप दोनों युगल श्रमण - जिन्होंने अत्यन्त उत्तम समाधि मरण कर इन दोनों शुभ तिथियों को और भी शुभमय कर दिया ।

४. सूर्य रूपी गुरु का अस्त *रवि (सूर्य) के दिन रविवार* को अस्त हुआ और चन्द्र रूपी गुरु का अस्त *गुरु के दिन गुरुवार* को अस्त हुआ ।

५. दोनों ही महान आत्माओं का समाधि मरण रात्रि के ०२:३० बजे हुआ ।

६. आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज *छत्तीस मूलगुणों* का यत्नाचारपूर्वक स्वयम् एवं अपने शिष्यों को पालन करने वाले का समाधि मरण *छत्तीसगढ़* की धरा पर हुआ तो आचार्य श्री विरागसागर जी महाराज स्वयं महाराज बने एवं अपने अनेक शिष्यों को *महाराज* बनने की प्रेरणा एवम शिक्षा दीक्षा देने वाले का मरण *महाराष्ट्र* की धरा पर हुआ ।

७. समाधि मरण के तारीख़ की समानता भी कुछ कह रही है
18/02/2024 = 1+8+0+2+2+0+2+4 = 19 = 1+9 = 1
04/07/2024 = 0+4+0+7+2+0+2+4 = 19 = 1+9 = 1
दोनों 1 अंक को समर्पित हैं अर्थात् एक अकेले ही थे, उन सरीखा संत अब संभवतः ही कहीं देखने को मिले ।

८. आप दोनों ही यतिवरों ने अपनी कोख से अनुमानित ३५० से ४०० शिष्य शिष्याओं को जन्म दिया अर्थात् मुनि एवं आर्यिका, ऐलक, क्षुल्लक एवं क्षुल्लिका दीक्षा प्रदान करी ।
ऐसे पूज्यवर गणाचार्य विराग सागर जी महा मुनिराज के श्री चरणों मे कोटि कोटि वंदन, आप देह से विदेही हुए है परंतु लाखों भक्तों के हृदय मे सदा विराजमान रहेंगे l
श्रमण संस्कृति सदैव जयवंत रहें, जैनम जयतु शासनम् l

22/02/2019

Shall be in Delhi on 3 n 4 March to participate in
Vidwat Goshthi on Sithilachar at Preet Vihar.

Address

46 STRAND Road, 3RD FLR
Kolkata
700007

Opening Hours

Monday 10:30am - 3pm
Tuesday 10:30am - 3pm
Wednesday 10:30am - 3pm
Thursday 10:30am - 3pm
Friday 10:30am - 3pm
Saturday 10:30am - 3pm

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