18/05/2020
CONTACT :-9779224466 8360841853 SAURABH JAIN
Dear Friends,
In the coming days, If Corona spreads, then it would not be possible for the Govt. to treat all patients in Govt. Hospitals. At that time patients will have to go to Pvt. Hospitals for treatment, That will be very expensive for common man Corona treatment can cost around 6 to 7 Lac for 1 person. In top hospital like :- Max, Apollo, Fortis etc.
Example: In a family which has 4 members, If one person get infected from corona, treatment would Cost approx ₹ 6 to 7 Lakhs
If all family members also get infected it will cost ₹ 24-28 lakhs
Don't use your life's savings for treatment only, Get a _SUPER TOP-UP in just 5K to 8K
At this Nominal Cost you can save your life's savings
Please Note:- Any fever or Corona is covered after 30 days of the policy being issued
कोरोना काल में स्वास्थय बीमे सम्बंधित कुछ महत्वपूर्ण विचार :-
1) हमारी आय के साधन समाप्त या कम होने के साथ यदि बीमारी में लाखों रूपये खर्च करने पड़ें?
2) बीमा लेने के 30 दिनों के बाद बीमा सुरक्षा शुरू होती है| अतः यदि हम आज ही पॉलिसी ले लेते हैं, तो 30 दिनों के बाद हमे बीमा सुरक्षा उपलब्ध रहेगी।
3) आज हम पॉलिसी की किश्त के 20-25 हजार रूपये देने में परेशानी महसूस कर रहे हैं, और यदि लाखों रूपये अचानक से खर्च करने पड़ जाएँ?
4) आज Lockdown में हम विभिन्न सेवाएं online ले रहे हैं, लेकिन बीमा पॉलिसी घर बैठे ऑनलाइन मिलने पर भी टालते रहते हैं।
5) 25 वर्ष से ऊपर के सदस्य आपकी पारिवारिक बीमा पॉलिसी में कवर नहीं होते, इसलिए ऐसे सभी सदस्यों (बच्चे एवं माता-पिता) की भी बीमा पॉलिसी अवश्य लें।
6) अपने परिवार की बीमा पॉलिसी में 25,000 रूपए तक की किश्त पर आयकर की धारा 80C में एवं माता पिता की बीमा पॉलिसी में 30,000 तक की किश्त पर आयकर की धारा 80D में छूट मिलती है। अर्थात आप कुल 55,000 रूपए तक की किश्त पर आयकर बचा सकते हैं।
विशेष: इस वर्ष 30 June से पहले आप जो भी बीमा किश्त देंगे, उसकी आयकर छूट का लाभ वित्तीय वर्ष 2019-20 में भी ले सकते हैं।
7) 10 May 2020 से स्वास्थय बीमे की किश्त लगभग 20% बढ़ रही हैं तथा अभी पॉलिसी लेने पर वर्तमान दरों पर ही बीमा हो जायेगा।
8) वर्तमान जीवन शैली में विभिन्न रोगो से ग्रस्त होने की संभावनाएं भी बढ़ रही हैं जिससे कई बार चाहने पर भी आपको बीमा नहीं मिल पाता या अतिरिक्त किश्त सहित बीमा होता है एवं आयु बढ़ने के कारण किश्त भी बढ़ती जाती है।
9) बड़े अस्पतालों में ईलाज के लिए लाखों रूपये का भुगतान हमें प्रायः बैंक ड्राफ्ट या RTGS द्वारा करना पड़ता है, जिससे कई बार हमारे पास कैश होते हुए भी दूसरों पर आश्रित होना पड़ता है
और
यदि हमने बीमा पॉलिसी ली हुई है तो यह सारी ज़िम्मेदारी स्वास्थय बीमा कंपनी की हो जाती है।