AstroGupta

AstroGupta AstroGupta - To Seek A Better Future AstroGupta, Celebrity Astrologer Rahul Gupta, Jyotish Kovid and A True Vedic Astrologer. OVER 20 YEARS OF EXPERIENCE.

A scholar of the ancient scriptures and a profound Astrology researcher. Predictive accuracy over topics which is of interest and importance for an individual such as marital compatibility, progeny, profession, financial stability, love life, education & career and many more. CONSULT NOW. AstroGupta - "To seek a better future"

आप सभी को  #होली महोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं। फाल्गुण मास के पूर्णिमा तिथि को होली मनाई जाती हैं। इस के एक दिन पूर्व ह...
17/03/2022

आप सभी को #होली महोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं। फाल्गुण मास के पूर्णिमा तिथि को होली मनाई जाती हैं। इस के एक दिन पूर्व होलिका दहन की जाती हैं, इसे छोटी होली भी कहते हैं। होली हिन्दू धर्म एवं भारत के प्रमुख पांच उत्सवों में से एक हैं। इसे #दोल, #धुलेंडी व धुरड्डी, धुरखेल, धूलिवंदन, रंगावली, वसंतोत्सव, या फ़ग्वा इत्यादि नामो से भारत के अन्य प्रांतों में भी जाना जाता हैं।

होली महोत्सव मनाने का प्रमुख कारण हिरण्यकशिपु की बहन होलिका से जुड़ी हुई हैं। हिरण्यकशिपु दैत्य था, भगवान विष्णु का घोर विरोधी था। परन्तु उसी का पुत्र महाराज प्रह्लाद भगवान के परम भक्त थे। हिरण्यकशिपु ने भक्त प्रह्लाद को कई तरह से हत्या करने की कोशिश की पर भगवान श्री विष्णु के कारण व असफल रहे। हिरण्यकशिपु की बहन होलिका को अग्नि देव से वर प्राप्त था कि उसे अग्नि स्पर्श नहीं कर सकती। इसी दंभ से वो प्रह्लाद को लेकर अग्नि में प्रवेश कर गई। लेकिन वो जलने लगी, अग्नि देव प्रगट हुए और उन्होंने कहा कि वर केवल होलिका के लिए थी किसी और को व साथ ले कर अग्नि में प्रवेश नहीं कर सकती। भक्त प्रह्लाद बिना कोई संकोच के और शारीरिक क्षति के बिना ही अग्नि से बाहर आगए। भगवान श्री हरि ने उनकी रक्षा की। इसी दिन को स्मरण करते हुए होली महोत्सव मनाई जाती हैं।

रंगो के इस पावन उत्सव को भगवान ने राम अवतार में और राधा कृष्ण अवतार काल में भी स्वयं मनाया है।

Wishing you a very . Celebrated in the Lunar month of Phalgun's bright fortnight. The festival of colour, . . It is also known as , , , and Dhudkhel. People of every ages, caste, creed and gender smear colour in form of Gulal or abir on each other signifying unity.

आप सभी को  #महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं। फाल्गुण, शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को भोले बाबा के महाशिवरात्रि मनाई जाती ह...
01/03/2022

आप सभी को #महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं। फाल्गुण, शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को भोले बाबा के महाशिवरात्रि मनाई जाती हैं। #भोलेनाथ व माता पार्वती की विवाह आज ही के दिन हुई थी। यह हिन्दू, सनातन धर्म अबालंबियो के प्रमुख उत्सवो मे से एक हैं। इस दिन भगवान श्री शिव की अराधना, पूजा, व्रत, उपवास व रात्रि जागरण की जाती हैं। शिव महापुराण के अनुसार भगवान शिव परब्रह्म परमात्मा है। जो अज है, सास्वत है, परमात्मा है और सब कारणों के कारण है, में उस महादेव को प्रणाम करता हूं। जिस से विश्व उत्पन्न होता है, पालन करते है जो और जो सृष्टि का लय करेंगे में प्रभो त्रिनेत्र महेश को प्रणाम करता हूं।

पशूनां पतिं पापनाशं परेशं
गजेन्द्रस्य कृत्तिं वसानं वरेण्यम् ।
जटाजूटमध्ये स्फुरद्गाङ्गवारिं
महादेवमेकं स्मरामि स्मरारिम् ॥

गङ्गातरङ्गरमणीयजटाकलापं
गौरीनिरन्तरविभूषितवामभागम् ।
नारायणप्रियमनङ्गमदापहारं
वाराणसीपुरपतिं भज विश्वनाथम् ।।

तुषाराद्रि संकाश गौरं गभीरं, मनोभूत कोटि प्रभा श्री शरीरम्‌ ।
स्फुरन्मौलि कल्लोलिनी चारू गंगा, लसद्भाल बालेन्दु कण्ठे भुजंगा॥

ः_शिवाय ादेव

Wishing you all a very Happy . One of the most significant and widely celebrated festivals of Hinduism. The day is devoted to the worship of Lord Shiva.
The day marks the celebration of Marriage between Bhagwan Shiva and Mother Goddess Parvati. Celebrated every year during the Lunar month of Phalgun, 14th day of the bright fortnight. Worship of Lord Shiva, chanting the sacred mantras, keep fast and staying awake all night long are some devotional practices performed on this day.

https://youtu.be/r8RNcSnV_ps

आप सभी को  #वसंतपंचमी व  #सरस्वतीपूजा की हार्दिक शुभकामनाएं। इस दिन से वसंत ऋतु का आगमन हो जाता है। तथा इस दिन को माता स...
05/02/2022

आप सभी को #वसंतपंचमी व #सरस्वतीपूजा की हार्दिक शुभकामनाएं। इस दिन से वसंत ऋतु का आगमन हो जाता है। तथा इस दिन को माता सरस्वती की पूजा की जाती है। विद्या, वाणी, कला व संगीत की देवी माता सरस्वती को सत सत नमन। आज से होली की भी तैयारियां शुरू हो जाती है। आज से ठीक ४० दिन बाद होली मनाई जाएगी। माता से प्रार्थना की वह अपने संतानों को शुद्ध बुद्धि और दिव्य ज्ञान प्रदान करें, जिससे हमारे कल्याण का मार्ग प्रशस्त हो। #बसंतपंचमी #वसंत्पंचमी

Wishing you all a very happy , . This day marks the beginning of spring. Mother Goddess Saraswati is worshiped on this holy day in the lunar month of Magh, Shukla Panchami tithi. Mother Saraswati is the Goddess of knowledge. She is the Goddess of speech, education, arts and music. Forty days from now the festival of Holi will be celebrated. May the Mother bestows divine spiritual knowledge upon all of us and help is in realising our ultimate goal, God Realization.

 #मकरसंक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएँ। 15 जनवरी से पंचक, खरमास और अशुभ समय समाप्त हो जाएगा। इस दिन से विवाह, ग्रह प्रवेश ...
13/01/2022

#मकरसंक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएँ। 15 जनवरी से पंचक, खरमास और अशुभ समय समाप्त हो जाएगा। इस दिन से विवाह, ग्रह प्रवेश आदि के शुभ कार्य शुरू हो जाएंगे।
मकर संक्रांति के पर्व को देश में #माघी, #पोंगल, #उत्तरायण, #खिचड़ी और बड़ी संक्रांति आदि नामों से जाना जाता है। आपको जानकर खुशी होगी कि मकर संक्रांति के दिन ही गुजरात में अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्वस मनाया जाता है।
आज के दिन से सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण में आ जाते हैं। उत्तरायण में सूर्य रहने के समय को शुभ समय माना जाता है और मांगलिक कार्य आसानी से किए जाते हैं।

माघ मकर गति रवि जब होई।
तीरथ पतिहिं आव सब कोई॥
देव दनुज किन्नर नर श्रेनी।
सादर मज्जहिं सकल त्रिवेनी॥

Wishing you all a very Happy Makar Sankranti. As the sun starts northward journey, he makes all the happiness move towards you throughout this year.
I wish you and your family a Very Happy

  May your devotion increases every day at the lotus feet of God and Guru. "    आप सभी को अंग्रेजी  #नववर्ष  #2022 की हा...
31/12/2021

May your devotion increases every day at the lotus feet of God and Guru. "

आप सभी को अंग्रेजी #नववर्ष #2022 की हार्दिक शुभकामनाएं । Hello Hi छोड़िये जय जगन्नाथ कहिये ।

आप सभी को  #गीताजयंती की हार्दिक शुभकामनाएं । मारगशीर्ष शुकल एकादशी को श्रीम्भगवद्गीता जयंती महोत्सव मनाई जाती हैं। इस द...
14/12/2021

आप सभी को #गीताजयंती की हार्दिक शुभकामनाएं । मारगशीर्ष शुकल एकादशी को श्रीम्भगवद्गीता जयंती महोत्सव मनाई जाती हैं। इस दिन को मोक्षदा एकादशी एवं मौनी एकादशी भी कहते हैं।

आज ही के दिन करीब ५११० वर्ष पूर्व, सर्वेश्वर भगवान श्री कृष्ण ने अपने सखा व शिष्य कुन्ती पुत्र अर्जुन को #कुरुक्षेत्र के युद्ध भूमि पर, अपने श्री मुख से गीता ज्ञान करवाया था।

अर्जुन ने युद्ध भूमि पर युद्ध ना करने की इच्छा जताई और विलाप करने लगे, उन्होंने अपने आपको श्री कृष्ण के चरणों में समर्पित कर दिया, उनको अपना गुरु मान कर अपने संदेह का निवारण करने की अभिलाष जताई। तब श्री कृष्ण ने कर्मयोग और कर्मसन्यास का ज्ञान अर्जुन के समक्ष प्रकट किया था। वेद व्यास ने संजय को दिव्य दृष्टि प्रदान की थी, संजय ने धृतराष्ट्र को श्री कृष्ण अर्जुन संवाद सुनाया। यही संवाद को श्रीमद भगवद्गीता कहा जाता है।

श्रीमद भगवद्गीता को गितोपनिषद भी कहा जाता है क्योंकि यह भगवान के श्रीमुख से निकला उपनिषद हैं। १८ अध्याय और ७०० श्लोक हैं गीता में। आचार्यों का यह भी मानना है की वेद व्यास ने सर्व प्रथम गीता को ही लिखा था। महाभारत का अंश होने के साथ साथ गीता के उल्लेख पुराणों और कई उपनिषद में भी हैं।

गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी असीम शक्ति और भगवता को भी दर्शाया है। भगवान ने अर्जुन को अपने विश्वरूप के दर्शन करवाए और साथ ही अपने सर्वेश्वर, सर्वशक्तिमान, परमेश्वर, परब्रह्म, परमात्मा होने का प्रमाण दिया। गुड़ाकेश अर्जुन ने भगवान के विशाल, अनंत विश्वरूप के दर्शन करते हुए कहा था:

अनेकबाहूदरवक्त्रनेत्रं
पश्यामि त्वां सर्वतोऽनन्तरूपम् |
नान्तं न मध्यं न पुनस्तवादिं
पश्यामि विश्वेश्वर विश्वरूप || (गीता ११-१६)

भगवान श्रीकृष्ण ने सांख्य दर्शन, योग, कर्म काण्ड, ज्ञान मार्ग और अन्य कई शास्त्रों के उपख्यान देकर अर्जुन के मोह को, अज्ञान को मिटाना चाह। भक्ति ही एक मात्र मार्ग हैं जिससे भगवान की दिव्य कृपा पाई जा सकती हैं यह स्वयं श्री कृष्ण ने गीता में स्थापित किया।

सुनने के अधिकारी वह है जो भगवान श्री कृष्ण को सचाराचर स्वामी मानते हैं, जो जीवन को संयम के साथ और त्याग पूर्वक जीते हैं।

अंततः अर्जुन ने कहा:
अर्जुन उवाच |
नष्टो मोह: स्मृतिर्लब्धा त्वत्प्रसादान्मयाच्युत |
स्थितोऽस्मि गतसन्देह: करिष्ये वचनं तव || (गीता १८-७३)

आपके कृपा से, प्रसाद रूपी ज्ञान से मेरी मोह का नाश हो गया। मुझे और कोई संदेह नहीं, अब आप जैसा कहेंगे में वैसा करूंगा।

यत्र योगेश्वर: कृष्णो यत्र पार्थो धनुर्धर: |
तत्र श्रीर्विजयो भूतिध्रुवा नीतिर्मतिर्मम || (गीता १८-७८)

जहां योगेश्वर श्रीकृष्ण और धनुर्धर अर्जुन है वहां सदा विजय और संपन्नता ही होगी मेरे मत में। #अंतरराष्ट्रीय_गीता_जयंती

Online Holy Geeta: https://www.holy-bhagavad-gita.org/

Wishing you all a very happy . Celebrated in celebrated on the Shukla Ekadashi, 11th day of waxing moon of hindu lunar month of Margashirsha.

This very day, Supreme personality Shri Krishna revealed the knowledge of "Gita" to his friend and disciple Shri Arjun at the battlefield of . Compelled by what the outcome of the war would be, the grief of killing his friends and family members and elders infront of whom he bows with respect, Arjun puts down his weapons, his bow and arrows and refuses to fight. He surrenders to Shri Krishna. Accepts Shri Krishna as his Guru and urges him to dispel his grief and ignorance.

Thus, the knowledge Shri Krishna reveals to is called Shrimad Bhagwat Gita. Gita or Geeta is also known as Geetopanishad.

आप सभी को  #शुभ_दीपावाली की हार्दिक शुभकामनाएं।  #कालीपूजा व  #नरकचतुर्दशी की भी शुभेच्छा। भगवान श्री राम, जगत जननी सीता...
02/11/2021

आप सभी को #शुभ_दीपावाली की हार्दिक शुभकामनाएं। #कालीपूजा व #नरकचतुर्दशी की भी शुभेच्छा। भगवान श्री राम, जगत जननी सीता व वीर श्री लक्ष्मण के अयोध्या लौट ने पर समस्त अयोध्यवासियों ने दीप प्रज्वलित कर #दीपावली का पावन पर्व मनाया। श्री राघवेंद्र सरकार की जय।
इसे प्रकाश उत्सव भी कहा जाता हैं।

#দীপাবলি এবং #কালীপুজো র হার্দিক অভিনন্দন। জয় শ্রী রাম।

Wishing you all a very . To commemorate the Victorious return of God Shri Ram, Mother Sita and Shri Lakshman to Ayodhya, the entire city was beautifully lit up with "Deepaks" or "Diyas". Wishing you happy .

आप सभी को  #शरदपुर्णिमा व  #कोजागिरी लक्ष्मी पूजा की हार्दिक शुभकामनाएं। अश्विन पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा कहते हैं। भगवान...
18/10/2021

आप सभी को #शरदपुर्णिमा व #कोजागिरी लक्ष्मी पूजा की हार्दिक शुभकामनाएं। अश्विन पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा कहते हैं। भगवान श्रीकृष्ण ने आज ही के पावन रात में महारास लीला की थी। बंगाल, मिथिला व ओडिशा आदि राज्यों में आज के दिन माता लक्ष्मी की आराधना की जाती हैं। इस पूर्णिमा पर रात्री जागरण की जाती हैं। इसलिए इसे को जगोरी #लक्ष्मी पूजा भी कहा जाता हैं, यानी कौन जाग रहा है।

Wishing you all a very happy and joyous and Lakshmi Puja. This is celebrated on the full moon day of Ashwin. Supreme God Shri Krishna performed his Maharaas leela on this very night.

14/10/2021
आज  #नवरात्र का नौंवा दिन हैं। इस दिन को  #महानवमी, महार्नवामी और  #दुर्गानवमी भी कहते हैं। आज के दिन माँ सिद्धिदात्री क...
13/10/2021

आज #नवरात्र का नौंवा दिन हैं। इस दिन को #महानवमी, महार्नवामी और #दुर्गानवमी भी कहते हैं। आज के दिन माँ सिद्धिदात्री की आराधना व पूजा की जाती हैं। माता सिद्धिदात्री के नाम से ही पता चलता है कि वह सभी सिद्धियों का देने वाली हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, ब्रह्माण्ड के प्रारंभ में भगवान रूद्र ने देवी आदि पराशक्ति की आराधना की। ऐसी मान्यता है कि देवी आदि पराशक्ति का कोई स्वरूप नहीं था। शक्ति की सर्वशक्तिमान देवी आदि पराशक्ति #सिद्धिदात्री स्वरूप में भगवान शिव के शरीर के बाएं भाग पर प्रकट हुईं।

प्रार्थना

सिद्ध गन्धर्व यक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि।
सेव्यमाना सदा भूयात् सिद्धिदा सिद्धिदायिनी॥

स्तुति

या देवी सर्वभू‍तेषु माँ सिद्धिदात्री रूपेण संस्थिता
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

Ninth day of – Siddhidatri Puja – (Mahanavami/Maharnavami or Durga Navami) Maa

आज  #नवरात्र का आठवां दिन हैं। आज  #महागौरी पूजन हैं। आज के दिन को  #महाष्टमी,  #दुर्गाष्टमी, वीराष्टमी भी कहते हैं। पौर...
12/10/2021

आज #नवरात्र का आठवां दिन हैं। आज #महागौरी पूजन हैं। आज के दिन को #महाष्टमी, #दुर्गाष्टमी, वीराष्टमी भी कहते हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, माता शैलपुत्री 16 वर्ष की अवस्था में अत्यंत्र सुंदर और गौर वर्ण की थीं। अत्यंत गौर वर्ण के कारण ही माता का नाम महागौरी पड़ा।

प्रार्थना

श्वेते वृषेसमारूढा श्वेताम्बरधरा शुचिः।
महागौरी शुभं दद्यान्महादेव प्रमोददा॥

स्तुति

या देवी सर्वभू‍तेषु माँ महागौरी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

Eighth day of – Maha Gauri Pooja – (Durgashtami Puja/ /Veerashtami) Maa

आज  #नवरात्र का सातवां दिन हैं। इसे  #महासप्तमी या दुर्गा सप्तमी भी कहते हैं। आज मै कालरात्रि की आराधना की जाती हैं। आदि...
11/10/2021

आज #नवरात्र का सातवां दिन हैं। इसे #महासप्तमी या दुर्गा सप्तमी भी कहते हैं। आज मै कालरात्रि की आराधना की जाती हैं। आदिशक्ति मां दुर्गा ने राक्षसों के राजा रक्तबीज का वध करने के लिए मां #कालरात्रि को अपने तेज से उत्पन्न किया था। इनका स्वरूप विकराल, दुश्मनों में भय पैदा करने वाला और कृष्ण वर्ण का है। कृष्ण वर्ण के कारण उनका नाम कालरात्रि पड़ा।

प्रार्थना

एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता।
लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्त शरीरिणी॥
वामपादोल्लसल्लोह लताकण्टकभूषणा।
वर्धन मूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयङ्करी॥

स्तुति

या देवी सर्वभू‍तेषु माँ कालरात्रि रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

Seventh day of – Kaalratri Pooja – or Maa

Address

Kanpur
208001

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when AstroGupta posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Business

Send a message to AstroGupta:

Share