24/12/2012
देश की कुछ नामचीन हस्तियों के भ्रष्ट कारनामों का पर्दाफाश करने वाले आदरणीय अरविन्द केजरीवाल जी से और सभी आम आदमियों से, मैं - एक आम आदमी, कुछ सवाल पूछना चाहता हूँ -----
ये सवाल मैं इस लिए पूछ रहा हूँ क्योंकि मैं भी अपने को इस देश का एक जिम्मेदार नागरिक समझता हूँ तथा अरविन्द जी का, उनकी कार्य शैली का, उनके जज्बे का बहुत बड़ा प्रशंसक हूँ लेकिन अपना वोट सही जगह cast कर सकूं इसके लिए थोडा सा सजग हूँ | मैं मेरा वोट व्यर्थ नहीं करना चाहता, इसलिए ये प्रयास कर रहा हूँ | मेरा सवाल ये नहीं है कि, क्यों अन्नाजी जैसा इंसान आज उनके साथ नहीं है? ऐसी क्या चाहत है अन्नाजी की जिसने उनको आपसे दूर कर दिया?
मेरा सवाल ये है कि -------------
1. क्या लोगों पर उंगली उठा देने भर से, अरविन्द जी इस देश से भ्रस्टाचार मिटा देंगे ? उनका राजनैतिक agenda क्या है ?
2. अभी तक कितने लोगों को उन्होंने इस लायक पाया है, जिनको कि वो आगामी चुनाव का टिकट दे सकते हैं | क्या वो अगले 1 से 1.5 साल में अपने लिए 542 उपयुक्त उम्मीदवार जुटा पाएंगे | हाँ - तो कैसे ? कैसे चुनाव करेंगे ईमानदार लोगों का ? क्या गारंटी है कि जो आज ईमानदार हैं वो भविष्य में या सत्ता में आने पर भी ईमानदार बने रहेंगे ? और अगर 20-25 सीटें जीतकर इस लोकतंत्र का मजाक उड़ते देखने का दर्शक ही बनाना है हमें, तो फिर तो हम ऐसे ही अच्छे हैं | कैसे भला करेंगे देश का, आप उन 20-25 लोगों कि फ़ौज के साथ? या फिर वो सिर्फ दिल्ली के बारे में सोच रहे है देश के बारे में अभी सोचा ही नहीं?
सवाल यह है कि अपना भविष्य मोदी जी जैसे किसी नेता को सौंपा जाये जिन्होंने पिछले कुछ सालों में सिर्फ विकास के बूते लोगों का दिल जीता है, जिनके पास अनुभव है, जिनके पास वास्तविक क्षमता है, जिन्होंने अपने आप को समर्पित करके जनता के सामने अपने को सिद्ध किया है; या दूसरी तरफ एक ऐसे आदमी को जो कि बातें तो बहुत अच्छी कर रहा है, लेकिन धरातल पर अभी उनकी परख बाकी है और अभी तक वो उसकी एक संभावना भी देश के सामने पेश नहीं कर पाए हैं यानि - अरविन्द जी | सिवाय प्रदर्शन, धरने या पर्दाफाश के |
यह भी सही है कि शुरुआत में हर सही आदमी को अपने आप को सही सिद्ध करना आसान काम नहीं है लेकिन इसका मतलब ये भी नहीं कि हर इंसान को गलत सिद्ध कर देने से हम सही हो जायेंगे | मैं मानता हूँ कि आपने जो पहल कि है वो आपके हित में नहीं है, वो भी सिर्फ देश हित में ही है, लेकिन क्या यह एक concrete रास्ता है इस देश को आगे ले जाने का जो आप ने चुना है |
मेरा तीसरा सवाल..
3. और लोगों पर उंगली उठाना समझ में आता है लेकिन क्या नरेन्द्र भाई मोदी जैसे कद्दावर नेता पर उंगली उठाना, जिनकी Good Governance का नतीजा सबके सामने है, सिर्फ आपके प्रचार पाने का एक जरिया नहीं लगता ? क्या इस चक्कर में हम एक काबिल आदमी को अपने से दूर नहीं कर देंगे? जो कि जीतने कि भी क्षमता रखता है और बदलने की भी| फिर क्यों अपनी भावनाएं आपसे जोड़ने कि कोशिश कर रहे हैं, हम ?
4. ऐसा क्या करेंगे आप अपनी सरकार बनाने के बाद कि इस देश से सारी समस्याओं का खात्मा हो जायेगा? कैसे सारे बड़े व्यावसायिक घराने आम आदमी में बदल जायेंगे या आम आदमी को ध्यान में रखकर अपना बिज़नेस करेंगे और कैसे सारे आम आदमी ख़ास बन जायेंगे? कैसे गरीबी खत्म हो जाएगी बिना मेहनत के? कैसे सारे लोग समान हो जायेंगे ? कैसे कोई बेरोजगार नहीं रहेगा ? इस देश में पहले भी बहुत सारे राजा महाराजा हुए हैं जिन्होंने बहुत अच्छा शासन किया है लेकिन उनके सुशासन में भी महत्वपूर्ण लोगों को आम लोगों के ऊपर तरजीह दी जाती थी, favour किया जाता था, विशेष सुविधाएं दी जाती थी राज्य कि तरक्की के लिए, ताकि वो लोग आगे आकर कुछ काम कर सकें, लोगों का भला हो सके | यही तो मोदी जी भी कर रहे हैं..जो नया काम शुरू करना चाहता है उनकी जरूरतें पूरी करवाई जा रही हैं उनको जमीन दी जा रही है ताकि वो फैक्ट्री लगा सकें, लोगों को रोज़गार मिल सके | कहाँ से रोज़गार पैदा करेंगे आप बिना इन लोगों कि मदद के? जिन जिन बड़े घरानों को दिक्कत आई हैं, चाहे टाटा को सिंगूर में या मारुति को गुडगाँव में, सभी लोगों की तरफ हाथ बढाया मोदी जी ने |
हर बड़ा उद्योगपति तो किसी नरेन्द्र भाई मोदी कि वजह से बड़ा आदमी नहीं बना है, अपनी मेहनत और भाग्य के बल पर भी तो लोगों ने तरक्की कि है इस देश में, दुनिया में | बाबा रामदेव जैसे बहुत उदाहरण हैं हमारे सामने जो काबिलियत के बूते पर ही आगे बढ़े हैं | अगर कोई अपने काम को बढ़ाने के लिए किसी की मदद ले ले तो वो सब corrupt !!ये भी, वो भी, सभी !
मेहनती, दिमागदार, भाग्यशाली, महत्वाकांक्षी, काबिल ये सब तो आदमी खुद से ही होता है या भगवान उसको बनाता है ऐसा, तो फिर ऐसे लोगों का क्या करेंगे आप | इस तरह के लोग तो पैदा होंगे ही | और ऐसे लोग जब अपनी पहचान बनायेंगे, तरक्की करेंगे तो उनमे से कुछ चाहेंगे भी आम आदमी से थोडा सा अलग दर्ज़ा ! क्या करेंगे आप उनका? देश को राजनैतिक आम पार्टी दे देंगे लेकिन हर आदमी का दिमाग तो बदल नहीं सकते भाई साहब ! भारत में हर चीज़ तो नहीं बदल सकते "AAP" कम से कम आदमी तो नहीं उनकी सोच भी नहीं | इस करप्शन को क्या नाम देंगे आप ..यार मेरे को तो जाने दो पीछे वाले को पकड़ लेना !! यार ये लो 500 रुपये मेरा काम प्लीज सब से पहले कर देना !! भाई में हाई कोर्ट का वकील हूँ / मैं एक डॉक्टर हूँ / मैं उस ब्रांच का मेनेजर हूँ, मेरे लिए तो consider करना ही पड़ेगा, हमसे भी ऐसा करोगे क्या आप !! WHITE CORRUPTION or MINOR CORRUPTION or BACHCHA CORRUPTION..
में भी कोई समाधान नहीं सुझा पा रहा हूँ आप लोगों को, सिर्फ वही कर रहा हूँ जो अरविन्द जी कर रहे हैं इस देश को - Confuse !!
स्वार्थी हूँ, अपना फायदा देखूंगा, अपने भविष्य के बारे में सोचूंगा तभी सही चुनाव कर पाऊंगा | AAP ya Modi Ji..
एक आम आदमी – Amit Gupta..