01/08/2026
क्या कारण 100 हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम में से 11 रिजेक्ट हो जाते हैं। 1 साल में 26,000 करोड़ रुपये के क्लेम डिसअलाउ किए गए, जो पिछले साल से 19% ज़्यादा हैं। और सबसे बड़ी बात, ज्यादातर लोग इसे चुपचाप मान लेते हैं। सिस्टम ऐसा है कि पूरा सबूत देने की जिम्मेदारी उसी मरीज पर आ जाती है जो पहले से अस्पताल के बेड पर होता है। लेकिन मार्च 2026 में IRDAI (Insurance Regulatory and Development Authority of India) ने नियम और सख्त कर दिए हैं।
सवाल यह है कि कितने लोगों को इसकी जानकारी है?
मान लीजिए आपने हेल्थ इंश्योरेंस लेते समय अपनी पुरानी डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर की जानकारी छिपा दी। दो साल बाद हार्ट अटैक आया और आपने 5 लाख रुपये का क्लेम किया। जांच में अगर कंपनी को पता चल गया कि बीमारी पहले से थी और आपने बताई नहीं थी, तो वह क्लेम रिजेक्ट कर सकती है।
एक और उदाहरण समझिए। आपने इलाज कराया, सारे बिल जमा कर दिए, लेकिन अस्पताल की डिस्चार्ज समरी इतनी खराब लिखी थी कि बीमारी और इलाज साफ पढ़ा ही नहीं जा रहा था। ऐसे में इंश्योरेंस कंपनी दस्तावेज़ अधूरे या अस्पष्ट बताकर क्लेम रोक सकती है। यानी सिर्फ एक खराब हैंडराइटिंग की वजह से आपका लाखों रुपये का क्लेम अटक सकता है।
मार्च 2026 से IRDAI ने यह अनिवार्य किया है कि फाइनल डिस्चार्ज समरी मिलने के 15 दिन के भीतर सभी वास्तविक क्लेम सेटल किए जाएं। देरी होने पर ब्याज देना पड़ेगा। "कैशलेस एवरीवेयर" व्यवस्था के तहत अब किसी भी अस्पताल में, चाहे वह नेटवर्क में हो या नहीं, कैशलेस सुविधा मिल सकती है। डिस्चार्ज के समय फाइनल कैशलेस ऑथराइजेशन भी 3 घंटे के भीतर देना होगा। कानून पहले से मौजूद है, लेकिन ज्यादातर पॉलिसीधारकों को इसकी जानकारी ही नहीं होती।
अगर आपका क्लेम गलत तरीके से रिजेक्ट हो गया, तो चुप मत बैठिए। पहले कंपनी के ग्रिवेंस रिड्रेसल ऑफिसर के पास शिकायत कीजिए। अगर वहां समाधान नहीं मिले, तो इंश्योरेंस ओंबड्समैन के पास मुफ्त में शिकायत कर सकते हैं। कई मामलों में शिकायत जाते ही कंपनियां अपना फैसला बदल देती हैं और देरी होने पर ब्याज भी देना पड़ सकता है।
इसलिए असली सवाल यह नहीं है कि हेल्थ इंश्योरेंस स्कैम है या नहीं। असली समस्या यह है कि कानून आपके साथ है, लेकिन सिस्टम इसलिए चलता रहता है क्योंकि ज्यादातर लोगों को अपने ही अधिकारों की जानकारी नहीं होती।
सच ये आप अपनी जानकारी पुरी सांझा करे कुछ छुपाए नहीं जो प्रोब्लम रही हो या ना रही हो सच हमेशा सच होता है