07/02/2022
ज्ञान अर्जित करने की कोई रहस्यमयी तरकीबें, या जादुई पद्धतियाँ नहीं हैं। ज्ञानपूर्ण बनने का कोई एक ही तरीका भी नहीं है। ज्ञान के कई अलग अलग पहलू होते हैं जिनमें पुस्तकों से सीखने वाले कौशल, निर्माण करना और बनाना, अपने वित्त का प्रबंधन कैसे करना हैं यह जानना, और प्रकृति माँ के साथ गुंजायमान रहना सम्मिलित हैं।
ज्ञान को एकत्र करना प्रारम्भ करना
1. दिमाग को खुला रखें: सीखना अक्सर हमारी धारणाओं को चुनौती देता है और हमारी पूर्वनिर्धारित प्रतिक्रिया उन उपायों को अनदेखा करने की होती हैं जो हमारी सोच से मेल नहीं खाते। ऐसी किसी चीज को स्वतः ही अस्वीकार ना करें क्योंकि वह आपके वर्तमान संसार से अच्छी तरह मेल नहीं खाती।[१]
अपने पूर्वाग्रहों को समझें। पूर्वाग्रह, या किसी निश्चित प्रकार की सोच की ओर झुकाब, घर में और आपके समाज के अंदर - आपके पालन-पोषण से उत्पन्न होता है - और आपकी मूल धारणाओं के सग्रंह का निर्माण करता है। पहचानें कि हर किसी का एक दृष्टिकोण होता है जो उसके पालन-पोषण और भूतकाल के अनुभवों का फलन होता है और यह भी कि हर दृष्टिकोण की उस व्यक्ति के जीवन के सन्दर्भ में एक वैधता होती है। यह भी समझें, कि हर व्यक्ति की वास्तविकता को लेकर अनुभूति पूर्वाग्रहों से रंगी हुई होती है और सच में वास्तविकता के अनुरूप नहीं होती। पूर्वाग्रहों के प्रभाव को कम करने का एक तरीका है सजग रूप से अलग दृष्टिकोणों को अपनाना और उन बदले हुए पूर्वाग्रहों को आत्मसात करना।
जैसे जैसे आप अपने ज्ञान का विस्तार करेंगे, चाहे वह सबसे आधारभूत रूप में ही क्यों ना हो, आपको अपने मतों और आपके चीजों को करने के तरीकों में संशोधन करना होगा।
सीखें कि गलत कैसे हुआ जाता है। जैसे आप सीखेंगे, तो आपका सामना ऐसे लोगों और स्थितियों से होगा जहाँ आप गलती पर होंगे। इन्हे सीखने योग्य अनुभवों के रूप में देखें।
2. निर्णय करें कि आप किस प्रकार के ज्ञान की तलाश में हैं: क्या आप किसी राइटिंग के की बहुत गहरी समझ प्राप्त करना चाहते हैं? क्या आप ऐसे इतिहासकार बनना चाहते हैं जो मध्यकालीन मध्य-पूर्व के इतिहास का विशेष ज्ञान रखता हो? या आप घर के उपकरणों को रिपेयर करने से लेकर प्राचीन भारत के बारे में एक व्यापक ज्ञान के आधार को प्राप्त करना चाहते हैं? इनमे से कोई भी और सभी वैध हैं। ज्ञान सरलता से कॉलेज में शिक्षा लेना नहीं है।
सामान्यीकृत ज्ञान के लिए आप गहराई से अधिक विस्तार पर ध्यान केंद्रित करना चाहेंगे। विशाल क्षेत्र में पढ़ें और प्रयोग करें। जितने संभव हो उतने ज्यादा लोगों से उतने ही ज्यादा विषयों पर बात करें।
विशिष्ट ज्ञान के लिए आपको उस जानकारी या कौशल की गहराई पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत होगी जिसे आप अर्जित करना चाहते हैं। इसका अर्थ है विषय पर पढ़ाई करना, उस क्षेत्र के विशेषज्ञों से बात करना और बहुत सारा प्रायोगिक अभ्यास करना।
3. अपने सुविधा क्षेत्र (comfort zone) से बाहर निकलें: ऐसी चीजों के बारें में सीखें जिनमें आपकी बहुत गहरी रूचि ना हो। इससे आपको ऐसे नए शौक या रुचियाँ मिल सकती हैं जिनके बारें में आपने कभी सपने में भी ना सोचा हो।
इसका अर्थ है अपने समुदाय में बाहर निकलना। लोकल अनाउंसमेंट बोर्ड्स को देखना (प्रायः लाइब्रेरी या ग्रोसरी स्टोर में) या अपने समुदाय की वेबसाइट को देखना। इससे आपको सीखने के कई अवसरों तक पहुँचने का मौका मिलेगा: डांस क्लासेज, आर्थिक सहायता, कम्युनिटी थिएटर। सीखना शुरू करने के सभी अच्छे तरीके।
4. असफल होने से ना डरें: ज्ञानपूर्ण बनने के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण सलाह है। आप सबकुछ नहीं जानते और आपको गलत चीजें और जानकारियाँ मिलेंगी। अपनी गलतियों को स्वीकार करना और उनसे सीखना आपकी ज्ञान अर्जन में सहायता करेगा और आपको बेहतर और सही जानकारी को याद रखने में भी मदद करेगा।[२]
जांच करें कि आपने क्या गलत किया था और भविष्य में आप क्या अलग तरीके से करके इस गलती से बच सकते हैं उसका हल निकालें। इस तरीके से आप तैयार होंगे और प्रदर्शित करेंगे कि आप अपने ज्ञान के संचयन को लेकर गंभीर हैं।
कुछ बार आप गलत होंगे, विशेष रूप से शुरुवात में। यह कदम आपको दिमाग खुला रखने पर ठीके रहने का अवसर देगा। अपनी असफलता को स्वीकार करें, उनसे सीखें और अपना कठिन परिश्रम निरंतर करते रहें।