26/02/2025
पिछले कई दिन से कुछ छद्म समाज सेवियों द्वारा , भोली भाली जनता को बरगला के उनको उनके सामाजिक, कानूनी और नैतिक दायित्वों से दूर किया जा रहा है, कुछ सोशलमीडिया के योद्धा लोगो को बचाने निकले हुए हैं, बैंक, NBFC कंपनियों के खिलाफ और उनके कर्मचारियों के खिलाफ भड़काया जा रहा है, सीधा सीधा कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, अदालत के ऑर्डर को चैलेंज किया जा रहा है, प्रशासन को सीधा सीधा धमकाया जा रहा है, आज से कुछ साल पहले तक अगर किसी गरीब या अति गरीब, मध्य वर्ग, निम्न मध्य वर्ग को कभी भी पैसों की जरूरत पड़ती थी वो साहूकार, ब्याज का काम करने वालों से 5 से लेकर 10रुपए तक ब्याज पे पैसा लेता था जिसमें भी ब्याज काट के पैसा दिया जाता था, और मौके पे मिलेगा इसकी भी कोई गारंटी नहीं होती थी, कई बार तो बाप का लिया गया कर्ज उसके बेटे या पोते तक से भी नहीं उतरता था, बैंक सिर्फ पैसे वालो को ही लोन देते थे, गरीब के लिए कोई योजना नहीं थी, सरकार ने NBFC बनाने के लिए योजना निकाली ,इस से NBFC कंपनीया आई उन्होंने लोगो को लोन देने के लिए तरह तरह की स्कीम बनाई, आज के टाइम में एक छोटे से छोटे काम से लेकर बड़े से बड़े काम के लिए पैसा मिलता है, अच्छे लोगो ने इन कंपनियों का फायदा उठाया इनसे लोन लिए उस पैसे से अपने काम निकाले, तरह तरह के काम धंधे शुरू किए सही तरीके से पैसा भरा अपना धंधा चलाया, बहुत लोग तो गरीबी से बाहर आ चुके हैं इनका फायदा ले के, कुछ लोगों ने इसका नाजायज फायदा उठाया शौक पूरे करने में पैसा उड़ा दिया, अपना रिकॉर्ड खराब करा लिया , पैसा नहीं भर रहे और इन लोगों को और लोन मिल नहीं रहे, अब पैसा भरना ना पड़े तो तरह तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं, डिफाल्टर लोगों के पीछे लग लग के अपना ही नुकसान करवा रहे हैं, बैंक और कंपनी कभी नहीं चाहेगे की उनको उनके कस्टमर के घर जाना पड़े, लेकिन लोग नहीं भरते तो उनको RBI द्वारा ही पावर दी गई है, लेते टाइम गौ और भरते टाइम शेर वाली बात होती है, इस पैसे को निकलवाने के लिए कितना खर्चा आता है बैंक और NBFC का उनको क्या जरूरत है , लेकिन करना पड़ता है क्योंकि लोन लेने के बाद एक भी शर्त पूरी नहीं की जाती, खाते में EMI कटवानी होती है, ज्यादातर कस्टमर खाते में से EMI नहीं कटवाते, उसके बाद भी नहीं भरते , फोन उठाना छोड़ देते है, समय से के घर या कार्य स्थल से गायब हो जाते हैं, बार बार चक्कर लगवाते हैं, पैसा ना भरना पड़े उसके जितने तरीके होते हैं अपनाए जाते हैं, बता नहीं सकते किस किस तरीके से बैंक और NBFC की कलेक्शन टीम को परेशान किया जाता है, तरह तरह के आरोप लगाए जाते हैं डिफाल्टर लोगों द्वारा, लेते टाइम जिन कर्मचारी में बेटा भाई, अंकल, पता नहीं क्या क्या दिखता है देते टाइम उसी में गुंडा नजर आने लगता है, अरे मूर्ख लोगो पता है किसी के घर की छत बदलनी होती है, किसी के बच्चे की पढ़ाई रुकी होती है, किसी की गाड़ी , किसी की बच्ची की शादी, किसी का कुछ किसी का कुछ जरूरतें पूरी होती हैं इन NBFC ( दुकानों) तुम्हारे कहने अनुसार से , और रही बात इन दुकानों की इनमें हजारों के हिसाब से कम पढ़े लिखे से लेकर उच्च शिक्षित तक गांव देहात के हजारों बच्चे अपना रोजगार चला रहे हैं अपना परिवार पाल रहे हैं और इनमें जायदा तर किसान मजदूर के बच्चे ही नौकरी करते हैं जिनको आप लोग एक मिनट में गुंडा, 2/3 हजार की नौकरी करने वाला, टुच्चा, और पता नहीं क्या क्या कहते हो, अपने इस एरिया में एक भी कोई ऐसा सेक्टर बता दो जिसने इतने बड़े लेवल पे रोजगार दे रखा हो और उसके साथ साथ लोगो की फाइनेंशियल जरूरतें पूरी करता हो, इनको आने का मौका ही क्यों देते हो अपना पैसा टाइम से भरो कोई फोन तक नहीं आएगा, ,, अपनी रोटियां सेकने वाले तो ऐसे ही करेंगे लेकिन सम्माननीय ग्राहकों को सोचना चाहिए कि हम अपनी साख (cibil) बचा के रखे , कोई दिक्कत आएगी ही नहीं , ठीक है कई बार पैसा नहीं होता कोई मजबूरी होती हैं तो और भी बहुत रस्ते हैं , लेकिन सीधा उसी को दोषी ठहरा देना जिस संस्था ने कभी आपकी जरूरत पूरी की थी उसी पैसे से आपने अपना काम निकाला था, ,,, एक बार दिल पे हाथ रख के देखना और सोचना जिस फोन से वीडियो बनाते हो कंपनी के खिलाफ वो फोन भी उसी कंपनी से लिए गए लोन का होता है, घर की छोटी से छोटी चीज से लेकर , अपने आस पास नजर दौड़ा के देखो सब फाइनेंस कंपनियों से ही फाइनेंस करवाया होता है, अगर 1 महीने के लिए भी इन दुकानों ने लोन देना बंद कर दिया तो पता नहीं कितने घर बीच में बनते हुए रुक जाएंगे, कितनी ही गाड़िया, Two व्हीलर, four व्हीलर, commercial व्हीकल, study visa, mobile, फ्रिज, वाशिंग मशीन, ट्रैक्टर, उनके औजार, और भी बहुत कुछ, ,,, अपना लोन टाइम से भरो तो आपके पड़ोसी को तो दूर की बात आपके परिवार तक को पता नहीं चलेगा कि आपने लोन ले रखा है, गलत लोगो के हाथों में मत खेलों इनका कुछ नहीं जाएगा, जब लोन लेते टाइम आपको किसी की सिफारिश या लेन देन की जरूरत नहीं पड़ी लगभग घर बैठे बैठे लोन मिल गया तो बाद में ऐसा क्या हो जाता है वही कर्मचारी बुरे लगते हैं और आप लोग इन लोगों के चक्कर में आ जाते हो, लाइक, व्यू, शेयर करवाना है इन्होंने और इनको कोई मतलब नहीं है , पर्दे में करने वाले काम को आप लोग सरे आम कर के अपना पर्दा भी उठाते हो, कर्ज उतना ही लो जितना भर सको, और अच्छे काम के लिए लिया गया कर्ज बुरा नहीं होता,अच्छे ग्राहक बनो ये लोग आपको सर आंखों पे बिठाएंगे, कुछ गड़बड़ भी हुई है तो उसके लिए बहुत कुछ है अपनी बात रखने के लिए, बातचीत से सब कुछ हल किया जा सकता है, नुकसान अच्छे ग्राहक का होता है, गलत लोगो के चक्कर में अच्छे लोग ना आए ।।।। कुछ गलत लिखा गया हो तो उसके लिए माफी दे देना।