Finaccofund

Finaccofund Investment Service , Mutual fund, NFO

13/08/2026

# REMEMBER THIS — THE NEXT

हर निवेशक को एक बात हमेशा याद रखनी चाहिए—

**आज का फैसला ही आपके कल की financial story तय करता है।**

Market हमेशा एक जैसा नहीं रहता।
कभी तेजी आती है, कभी गिरावट।
कभी opportunity सामने होती है और कभी patience रखना पड़ता है।

इसलिए सिर्फ यह देखना जरूरी नहीं कि **आज क्या हो रहा है**,
बल्कि यह भी समझना जरूरी है कि **THE NEXT क्या हो सकता है।**

एक समझदार investor market के हर movement पर react नहीं करता,
वह अपने **goal, risk appetite और time horizon** के हिसाब से decision लेता है।

# # # इसे एक छोटे से उदाहरण से समझिए 👇

**आज आपका बच्चा छोटा है…
लेकिन कल वही बच्चा बड़ा होगा।**

आज उसकी पढ़ाई की शुरुआत है,
कल उसकी higher education होगी।

आज उसकी जरूरतें छोटी हैं,
लेकिन आने वाले वर्षों में उसकी जरूरतें भी बड़ी होंगी।

अगर हम सिर्फ **आज** के बारे में सोचेंगे,
तो **कल की जरूरत के लिए तैयारी कैसे होगी?**

इसी तरह investment में भी
सिर्फ आज के market को देखकर फैसला नहीं करना चाहिए।

**आज की छोटी-सी शुरुआत,
कल की बड़ी जरूरत को पूरा करने में मदद कर सकती है।**

इसलिए Investment में सिर्फ **TODAY** नहीं,
**THE NEXT** को भी देखना जरूरी है।

**REMEMBER THIS — THE NEXT**

— **Finaccofund Investment**
*आपके आज के investment को आपके कल के goals से जोड़ने की कोशिश।*

07/08/2026

**High Returns… लेकिन उससे भी बड़ा Risk!**

अक्सर लोग निवेश करते समय सिर्फ़ एक ही चीज़ देखते हैं—**"कितना रिटर्न मिलेगा?"**
लेकिन एक सवाल और पूछना चाहिए—**"अगर निवेश गलत हो गया, तो कितना नुकसान हो सकता है?"**

यही फर्क एक समझदार निवेशक और जल्दबाज़ निवेशक में होता है।

मान लीजिए दो लोग ₹1,00,000 निवेश करते हैं।

**पहला व्यक्ति** बैंक FD में निवेश करता है। उसे सालाना 6–7% का रिटर्न मिलता है। रिटर्न कम है, लेकिन पैसा लगभग सुरक्षित रहता है।

**दूसरा व्यक्ति** किसी ऐसे निवेश में पैसा लगाता है, जहाँ 30%–40% या उससे अधिक रिटर्न मिलने की संभावना बताई जाती है। अगर सब कुछ अच्छा रहा तो निवेश तेज़ी से बढ़ सकता है, लेकिन यदि परिस्थितियाँ विपरीत हो जाएँ तो वही ₹1,00,000 घटकर ₹60,000 या उससे भी कम हो सकता है।

यही मतलब है **"High Returns but Much Higher Risk."**

याद रखिए—

✔ जहाँ बहुत ज़्यादा कमाई की संभावना होती है, वहाँ नुकसान की संभावना भी उतनी ही बड़ी होती है।
✔ केवल रिटर्न देखकर निवेश करना समझदारी नहीं है।
✔ सही निवेश वही है जो आपकी **आय, लक्ष्य, समय अवधि और जोखिम उठाने की क्षमता** के अनुसार हो।

**एक बात हमेशा याद रखें—**

> **"निवेश का पहला नियम है—पहले अपनी पूंजी बचाइए, फिर उसे बढ़ाइए।"**

इसलिए अगर कोई कहे कि **"यह निवेश बहुत कम समय में पैसा दोगुना कर देगा"**, तो सबसे पहले यह पूछिए—

**"इसमें Risk कितना है?"**

क्योंकि निवेश की दुनिया में **ज़्यादा रिटर्न कभी भी बिना जोखिम के नहीं मिलता।**

**Finaccofund Investment** का मानना है कि सही निवेश वही है जो आपके सपनों के साथ-साथ आपकी जोखिम उठाने की क्षमता को भी ध्यान में रखकर किया जाए। हमारा उद्देश्य केवल बेहतर रिटर्न नहीं, बल्कि **सुरक्षित और लक्ष्य आधारित निवेश** सुनिश्चित करना है।

**Finaccofund Investment**
*Your Trusted Partner in Financial Planning*

📞 98262 89408

05/08/2026

🚨 **शेयर बाजार में बड़ा बदलाव – क्या अब बदल जाएगी शेयर की Closing Price?**

अगर आप शेयर बाजार, Mutual Fund, ETF या F&O में निवेश करते हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

**3 अगस्त 2026 से NSE ने Closing Auction Session (CAS) लागू कर दिया है।**

# # # आखिर यह बदलाव क्यों किया गया?

पहले किसी शेयर की Closing Price, बाजार बंद होने से पहले के अंतिम 30 मिनट में हुए ट्रेड के औसत (VWAP) के आधार पर तय होती थी।

लेकिन कई बार बड़े संस्थागत निवेशक या हाई-वॉल्यूम ट्रेडर आखिरी कुछ मिनटों में बड़े ऑर्डर डालकर Closing Price को प्रभावित कर सकते थे। इससे Index, F&O Settlement, ETFs और Index Mutual Funds पर भी असर पड़ता था।

# # # अब क्या होगा?

अब 3:30 बजे सामान्य ट्रेडिंग समाप्त होने के बाद एक **Closing Auction Session** होगी।

इस दौरान खरीदार और विक्रेता अपने अंतिम ऑर्डर देंगे। जिस कीमत पर सबसे अधिक खरीद और बिक्री का मिलान होगा, वही उस दिन की **Official Closing Price** मानी जाएगी।

# # # एक आसान उदाहरण

मान लीजिए 3:30 बजे किसी शेयर का Last Traded Price **₹500** है।

लेकिन Closing Auction में सबसे अधिक ऑर्डर **₹502** पर मैच होते हैं।

ऐसी स्थिति में उस शेयर की **Official Closing Price ₹502** होगी, न कि ₹500।

# # # इससे निवेशकों को क्या फायदा होगा?

✅ Closing Price में हेरफेर की संभावना कम होगी।

✅ F&O की Expiry Settlement अधिक पारदर्शी होगी।

✅ Nifty, Sensex और अन्य Index की Closing अधिक सटीक होगी।

✅ ETFs और Index Mutual Funds का Valuation बेहतर होगा।

# # # ध्यान रखें

अब **3:30 बजे दिखाई देने वाला भाव हमेशा Final Closing Price नहीं होगा।** Official Closing Price Closing Auction पूरी होने के बाद तय होगी और उसी के आधार पर कई Settlement और Valuation किए जाएंगे।

📌 **यह बदलाव भारतीय शेयर बाजार को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।**

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📞 Rahul Gupta
📱 98262 89408

03/08/2026

**📈 निवेश सिर्फ़ आंकड़ों का खेल नहीं है…**

जब हम निवेश की बात करते हैं, तो अक्सर हमारी नज़र सिर्फ़ **रिटर्न (%)**, **NAV**, **चार्ट** और **मार्केट के उतार-चढ़ाव** पर होती है।

लेकिन सच्चाई इससे कहीं बड़ी है...

**निवेश का असली मतलब है—**
✨ अपने सपनों को सुरक्षित करना।
✨ बच्चों की उच्च शिक्षा सुनिश्चित करना।
✨ अपने परिवार का भविष्य मजबूत बनाना।
✨ सम्मानजनक और तनावमुक्त रिटायरमेंट पाना।
✨ हर वित्तीय लक्ष्य को सही समय पर पूरा करना।

📊 **मार्केट ऊपर जाएगा... नीचे भी आएगा।**
लेकिन **अनुशासित निवेश** और **सही वित्तीय योजना** आपको हर दौर में आगे बढ़ने की ताकत देती है।

**याद रखिए...**

**निवेश केवल पैसों की वृद्धि नहीं, बल्कि जीवन के लक्ष्यों की पूर्ति का माध्यम है।**

**इसलिए...**
**"निवेश सिर्फ़ आंकड़ों से आगे है।"**
**"Investments Beyond Numbers"** का अर्थ है—
**हर निवेश के पीछे छिपे आपके सपनों, आपकी ज़िम्मेदारियों और आपके भविष्य को समझना।**

🌱 **आज सही निर्णय लीजिए, ताकि कल आपके सपने किसी समझौते के मोहताज न हों।**

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**राहुल गुप्ता**
**Finaccofund Investment Services**

📞 **9826289408**

**"हम केवल आपका पैसा निवेश नहीं करते, बल्कि आपके सपनों को एक सुरक्षित भविष्य देने की योजना बनाते हैं।"**

01/08/2026

📉 MARKET AND WARS: युद्ध का शेयर बाज़ार पर क्या असर पड़ता है?

युद्ध (War) का असर शेयर बाज़ार पर हमेशा एक जैसा नहीं होता। यह इस बात पर निर्भर करता है कि युद्ध कितना बड़ा है, कितने समय तक चलता है, और उसका असर तेल, व्यापार और अर्थव्यवस्था पर कितना पड़ता है।

1. शुरुआत में क्या होता है?
Market में Panic Selling शुरू हो जाती है.
Nifty और Sensex में तेज गिरावट आ सकती है.
VIX (Fear Index) बढ़ जाता है.
Foreign Investors (FII) पैसा निकाल सकते हैं.
Gold और US Dollar जैसी Safe Haven Assets में निवेश बढ़ जाता है.
2. अगर युद्ध लंबा चले

सबसे बड़ा असर Crude Oil पर होता है।

Oil महंगा होता है.
Inflation बढ़ती है.
ब्याज दरें लंबे समय तक ऊँची रह सकती हैं.
Corporate Profit पर दबाव आता है.
Economic Growth धीमी हो सकती है.
3. किन सेक्टरों को नुकसान?

❌ Airlines
❌ Paint Companies
❌ Chemical Companies
❌ Logistics & Transport
❌ Oil Marketing Companies (IOC, BPCL, HPCL जैसी)

4. किन सेक्टरों को फायदा?

✅ Defence Companies
✅ Oil Exploration Companies
✅ Gold से जुड़ी कंपनियाँ
✅ कुछ Energy Businesses

5. भारत पर असर

भारत अपनी तेल की जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। इसलिए Middle East में युद्ध होने पर:

Rupee कमजोर हो सकता है.
Import Bill बढ़ सकती है.
Inflation का दबाव बढ़ सकता है.
लेकिन घरेलू अर्थव्यवस्था मजबूत होने पर भारतीय बाज़ार अक्सर समय के साथ संभल जाता है.
6. इतिहास क्या कहता है?

इतिहास बताता है कि:

युद्ध के शुरुआती दिनों में बाज़ार गिरते हैं।
जब अनिश्चितता कम होने लगती है, तो बाज़ार अक्सर रिकवर करने लगते हैं।
लंबे समय के निवेशकों को कई बार ऐसे समय में अच्छे निवेश के अवसर मिले हैं।
निवेशकों के लिए सीख
Panic Selling से बचें।
Asset Allocation बनाए रखें।
Quality Stocks और Mutual Funds में SIP जारी रखें।
लंबी अवधि के निवेश का दृष्टिकोण रखें।
केवल युद्ध की खबरों के आधार पर निवेश निर्णय न लें

23/07/2026

अक्टूबर 2024 के बाद से लेकर 2026 तक बहुत से निवेशकों का सवाल रहा है कि "मार्केट रिटर्न क्यों नहीं दे रहा?" जबकि SIP लगातार चल रही है और भारत की अर्थव्यवस्था भी मजबूत दिखाई देती है।

असल में यह किसी एक कारण से नहीं, बल्कि कई बड़े कारणों के एक साथ आने से हुआ है।

1. अक्टूबर 2024 तक मार्केट बहुत महंगा (Overvalued) हो चुका था

2020 से सितंबर 2024 तक भारतीय बाजार में जबरदस्त तेजी आई।

Nifty लगभग 7,500 से 26,000 के आसपास पहुंच गया।
Small Cap और Mid Cap में कई शेयर 3–5 गुना तक बढ़ गए।
Nifty का P/E अपने ऐतिहासिक औसत से काफी ऊपर चला गया।

जब वैल्यूएशन बहुत महंगे हो जाते हैं, तो बाजार अगले कुछ समय तक या तो गिरता है या फिर लंबे समय तक साइडवेज़ (Time Correction) रहता है।

2. कंपनियों की कमाई (Earnings) उम्मीद से कम रही

मार्केट का सबसे बड़ा इंजन Corporate Earnings होती हैं।

लेकिन FY25 और FY26 में कई सेक्टरों में मुनाफे की वृद्धि धीमी रही।

FMCG
Auto
IT
Banking
Consumer

कई कंपनियों ने उम्मीद से कमजोर परिणाम दिए, जिससे बाजार में उत्साह कम हुआ।

3. Foreign Investors (FII) ने लगातार बिकवाली की

2024 के अंत से FIIs ने भारतीय बाजार से बड़ी मात्रा में पैसा निकाला।

मुख्य कारण

अमेरिका में ऊँची ब्याज दरें
मजबूत डॉलर
चीन के बाजार में आकर्षक वैल्यूएशन
Global Fund Rotation

जब FII बिकवाली करते हैं, तो Nifty और Sensex पर दबाव बनता है। अक्टूबर 2024 में रिकॉर्ड विदेशी बिकवाली और कमजोर आय के कारण बाजार में बड़ी गिरावट देखी गई।

4. Small Cap में Bubble बन गया था

2023-24 में

Small Cap
Micro Cap
SME Stocks

में जरूरत से ज्यादा तेजी आ गई।

SEBI और AMC ने भी कई बार चेतावनी दी कि इस सेगमेंट में वैल्यूएशन बहुत ऊँचे हैं।

इसके बाद इन शेयरों में बड़ी गिरावट और लंबी समय तक कमजोरी रही।

5. Global घटनाओं ने दबाव बनाया

2025-26 में लगातार कई अंतरराष्ट्रीय घटनाएँ हुईं:

अमेरिका की टैरिफ नीतियाँ
डॉलर मजबूत होना
Middle East तनाव
तेल की कीमतों में तेजी
वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता

इन कारणों से विदेशी निवेशकों का जोखिम लेने का उत्साह कम हुआ।

6. कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमत

भारत अपनी अधिकांश तेल जरूरत आयात करता है।

जब Crude Oil बढ़ता है

Inflation बढ़ती है
कंपनियों का खर्च बढ़ता है
सरकार पर दबाव आता है
Corporate Profit घटता है

इसका सीधा असर शेयर बाजार पर पड़ता है। हाल के महीनों में तेल की कीमतों में तेजी ने भी बाजार को दबाव में रखा।

7. Profit Booking होना जरूरी था

2020–2024 के बीच बहुत से निवेशकों ने 100%, 200%, 300% तक का रिटर्न कमाया।

बड़े निवेशकों और संस्थागत निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिससे बाजार में तेजी की गति रुक गई।

8. Liquidity पहले जैसी नहीं रही

2020-22 में

कम ब्याज दरें
सस्ता पैसा
भारी निवेश

था।

बाद में ब्याज दरें बढ़ीं, जिससे वैश्विक Liquidity कम हुई और बाजार की तेजी भी धीमी पड़ी।

9. Index नहीं बढ़ा, लेकिन Sector Rotation चलता रहा

बहुत लोगों को लगता है कि मार्केट नहीं चला।

असलियत में

Defence
Railways
Capital Goods
Power
PSU
Healthcare

जैसे सेक्टरों में अलग-अलग समय पर अच्छी तेजी आई।

यानी पैसा पूरे बाजार में नहीं, बल्कि चुनिंदा सेक्टरों में घूमता रहा।

10. Time Correction

हर Bull Market में एक चरण ऐसा आता है जब

Index ज्यादा नहीं बढ़ता।
कंपनियों की कमाई धीरे-धीरे बढ़ती है।
वैल्यूएशन सामान्य होते हैं।

इसे Time Correction कहा जाता है।

2024 के बाद का समय काफी हद तक ऐसा ही रहा। कई विश्लेषकों का मानना है कि सितंबर 2024 से चली आ रही अंडरपरफॉर्मेंस के पीछे यही प्रमुख कारण रहे और अब वैल्यूएशन पहले की तुलना में अधिक संतुलित दिख रहे हैं।

निवेशकों के लिए सीख

यदि आपका निवेश 10–15 वर्षों का है, तो ऐसे दौर सामान्य हैं। इतिहास बताता है कि:

तेजी के बाद अक्सर 1–2 साल का ठहराव आता है।
इसी समय SIP सबसे अधिक यूनिट्स खरीदती है।
अगले Bull Run का आधार अक्सर इसी दौर में बनता है।

एक लाइन में कारण:

अक्टूबर 2024 के बाद बाजार इसलिए नहीं भागा क्योंकि वैल्यूएशन बहुत महंगे थे, कंपनियों की कमाई कमजोर रही, FIIs ने बिकवाली की, वैश्विक अनिश्चितताएँ बढ़ीं, तेल महंगा हुआ और बाजार ने "Price Correction" की बजाय "Time Correction" का रास्ता चुना।

01/07/2026

#📈 हर अवसर सिर्फ Equity में नहीं होता।
हर सुरक्षा सिर्फ Debt में नहीं होती।
हर बचाव सिर्फ Gold में नहीं होता।

कभी-कभी सबसे बेहतर निवेश रणनीति होती है — इन तीनों का सही संतुलन। 💡

🧺 ICICI Prudential Multi-Asset Active Fund of Fund (FOF)

यह फंड बाजार की परिस्थितियों के अनुसार Equity, Debt और Gold/Silver ETFs में निवेश का संतुलन बनाकर आपके पोर्टफोलियो को बेहतर Diversification देने का प्रयास करता है।

इसकी प्रमुख विशेषताएँ:

✅ Equity, Debt और Gold/Silver ETFs में Dynamic Allocation
✅ अनुभवी Fund Managers द्वारा सक्रिय (Active) प्रबंधन
✅ अलग-अलग Asset Classes में निवेश से जोखिम को संतुलित करने का प्रयास

संभावित एसेट आवंटन:

📊 Equity: 30% – 80%
💰 Debt: 10% – 60%
🥇 Gold/Silver ETFs: 10% – 30%

📅 NFO प्रारंभ: 30 जून

एक ही निवेश, कई अवसर।

One Basket. Multiple Opportunities.

यदि आप अपने निवेश पोर्टफोलियो में Diversification के साथ लंबी अवधि में Wealth Creation का विकल्प तलाश रहे हैं, तो इस NFO के बारे में अवश्य जानें।

📞 Team Finaccofund Investment Services
आपका विश्वसनीय निवेश साथी।

26/06/2026

⚠️ **ज़िंदगी में सबसे बड़ा नुकसान हमेशा दुश्मन नहीं पहुँचाते... कभी-कभी अपने ही शुभचिंतक अनजाने में हमें पीछे कर देते हैं।**

इस वीडियो में जानिए ऐसे **3 तरह के लोगों** के बारे में, जिनसे आपको सम्मान बनाए रखते हुए भी सावधान रहना चाहिए।

✅ हर सलाह आपके लिए सही नहीं होती।
✅ हर शुभचिंतक आपकी परिस्थितियों को नहीं समझता।
✅ सही समय पर सही निर्णय ही आपकी सफलता तय करता है।

🎥 पूरी वीडियो देखें और बताइए कि क्या आपने भी अपनी ज़िंदगी में ऐसे लोगों का सामना किया है?

💬 अपनी राय कमेंट में ज़रूर लिखें।
❤️ वीडियो पसंद आए तो Like करें।
📲 अपने दोस्तों और परिवार के साथ Share करें, ताकि वे भी सही समय पर सही निर्णय ले सकें।

**Follow करें – Team Finaccofund Investment Services**
रोज़ाना ऐसी ही मोटिवेशनल, लाइफ और फाइनेंशियल अवेयरनेस से जुड़ी उपयोगी जानकारी के लिए।

20/06/2026

📢 अमेरिका-ईरान तनाव में राहत: क्या अब शेयर बाजार भागेगा? 📈

पिछले कुछ दिनों से अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव की वजह से दुनियाभर के शेयर बाजारों में चिंता का माहौल था। लेकिन अब युद्धविराम और बातचीत की खबरों से निवेशकों को राहत मिली है।

✅ इसका भारत पर क्या असर हो सकता है?
• कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें कम हो सकती हैं।
• विदेशी निवेशक (FII) फिर से भारतीय बाजार में पैसा लगा सकते हैं।
• सेंसेक्स और निफ्टी में सकारात्मक माहौल बन सकता है।
• बैंकिंग, ऑटो और मिडकैप शेयरों में तेजी देखने को मिल सकती है।

⚠️ लेकिन ध्यान रखें: यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि खतरा पूरी तरह खत्म हो गया है। यदि तनाव दोबारा बढ़ता है, तो बाजार में फिर उतार-चढ़ाव आ सकता है।

💡 निष्कर्ष: अगर युद्धविराम कायम रहता है, तो भारतीय शेयर बाजार के लिए यह एक सकारात्मक संकेत है। हालांकि, निवेश हमेशा अपने वित्तीय लक्ष्यों और जोखिम क्षमता को ध्यान में रखकर ही करें।

18/06/2026

📢 बड़ी टैक्स अपडेट!

सरकार ने FII (Foreign Institutional Investors) के लिए Long Term Capital Gains (LTCG) से जुड़ा एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। 📈

इस फैसले का भारतीय शेयर बाजार, विदेशी निवेश और निवेशकों की रणनीति पर क्या असर पड़ेगा? 🤔

हमने इस विषय को आसान भाषा में इस वीडियो में समझाया है। वीडियो पूरा देखें और जानें कि यह बदलाव आपके निवेश पर कैसे प्रभाव डाल सकता है।

💬 आपकी राय क्या है? क्या यह कदम भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक है? कमेंट में जरूर बताइए।

📌 ऐसी ही निवेश, म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों के लिए पेज को Follow करें और वीडियो को Share करें।

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