07/07/2024
खिलाड़ी जीत कर आयें तो उन्हें करोडों मिलते हैं,
लेकिन जो देश की रक्षा के लिए अपने परिवार की परवाह
न करते हुऐ अपनी जान न्यौछावर कर दें उन्हें बस 1 मैडल..?
मैं मैडल की तुलना पैसों से नहीं कर रहा हूँ, यह तो अनमोल है,
लेकिन जो देश के लिए अपने घर वालों को छोड़कर चला
गया उनकी फैमली बच्चे माता पिता की ज़िम्मेदारी किसकी..? सच तो ये है कि,आज पैसों से ही सब होता है।
भावनाओं और सम्वेदनाओं से जीवन यापन नहीं किया जा सकता.. यह भी सत्य है कि दोनों चाहे खिलाड़ी हो या जवान देश का गौरव बढ़ा रहे हैं। फिर उनके साथ ऐसा
अन्याय क्यों..? सिस्टम को सोचने की ज़रूरत है।
आपके क्या विचार हैं..?