Mutual Fund Sahi Hai

Mutual Fund Sahi Hai I have proud be a Indian. Dream big, work hard, stay positive and enjoy the life journey!
(1)

पैसिव फंड्स निवेश भी अच्छी रणनीति, जानिए एक्टिव फंड्स से कैसे अलग है यहएक्टिव और पैसिव इंवेस्टमेंट के बीच अंतर को समझना ...
04/07/2023

पैसिव फंड्स निवेश भी अच्छी रणनीति, जानिए एक्टिव फंड्स से कैसे अलग है यह

एक्टिव और पैसिव इंवेस्टमेंट के बीच अंतर को समझना होगा। एक्टिव फंड में फंड मैनेजर यह तय करता है कि बेंचमार्क इंडेक्स से आगे निकलने के लिए किन स्टॉक और सेक्टर में निवेश करना है। पैसिव फंड में फंड मैनेजर की सक्रिय भूमिका नहीं होती है।

बढ़ती महंगाई को देखते हुए सभी निवेशकों के लिए अपना पोर्टफोलियो अपग्रेड करना आवश्यक है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो में एक्टिव या पैसिव स्ट्रैटजी का उपयोग करना चाहिए? इसका जवाब यह है कि एक ही पोर्टफोलियो में दोनों रह सकते हैं। ऐसे समय जब बाजार कोरोना महामारी के चपेट में था, तब पैसिव फंड की लोकप्रियता में भारी वृद्धि देखी गई। इंडेक्स फंड से लेकर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) तक, पैसिव इंवेस्टमेंट ने निवेशकों के हितों के साथ एसेट मैनेजमेंट के मामले में उनका विश्वास हासिल किया। जनवरी, 2020 में इंडेक्स फंड का औसत एयूएम लगभग तीन गुना बढ़कर 240 अरब रुपये और ईटीएफ (इसमें गोल्ड ईटीएफ भी शामिल है) 1.7 गुना बढ़कर तीन लाख करोड़ रुपये हो गया। इस वृद्धि की एक बड़ी वजह पिछले कुछ वर्षों के दौरान फंड हाउस द्वारा लॉन्च किए जाने वाले इंडेक्स और ईटीएफ फंड भी हैं।

एक्टिव और पैसिव इंवेस्टमेंट के बीच अंतर को समझना होगा। एक्टिव फंड में फंड मैनेजर यह तय करता है कि बेंचमार्क इंडेक्स से आगे निकलने के लिए किन स्टॉक और सेक्टर में निवेश करना है। जबकि पैसिव फंड में फंड मैनेजर की निवेश में कोई बड़ी और सक्रिय भूमिका नहीं होती है। क्योंकि यहां पर फंड पहले से तय बेंचमार्क को ही दोहराता है और रिटर्न देता है। समय के साथ बाजार बदल रहा है और पिछले कुछ समय से देखा जा रहा है कि एक्टिव फंड बेंचमार्क इंडेक्स से आगे नहीं निकल पा रहे हैं।

एसपीआइवीए के आंकड़ों के मुताबिक दिसंबर, 2020 तक 87.95 फीसद लार्ज कैप फंड्स ने पांच वर्षो की अवधि में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया। एक साल की अवधि का आकलन करें तो 80.65 फीसद फंड ने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया। इंडेक्स के रिटर्न का अनुसरण करने वाले पैसिव फंड निवेश के एक मजबूत विकल्प के तौर पर उभरे हैं। ना केवल इनका प्रदर्शन अच्छा है बल्कि यह कम लागत वाले होते हैं, क्योंकि इनका प्रबंधन खर्च बहुत कम होता है। लंबी अवधि के लिए निवेश करने वाला कोई भी व्यक्ति प्रबंधन से जुड़े खर्चो पर विचार जरूर करेगा।

ईटीएफ में निवेश बढ़ने की एक बड़ी वजह इसका लचीलापन है। विविधिकरण और म्यूचुअल फंड की कम लागत के चलते भी यह लोकप्रिय हो रहा है। इसमें जोखिम कम है और प्रत्यक्ष निवेश की तुलना में फायदे ज्यादा हैं। दरअसल, पैसिव इंवेस्टमेंट प्रमुख तौर पर उन निवेशकों के लिए हैं जो फंड से जुड़ी जटिलताओं को नहीं जानते हैं। ईटीएफ के अलावा थीम बेस्ड ईटीएफ ने भी निवेशकों को आकर्षित किया है। निवेशक विशेष ईटीएफ की ओर रुख कर रह हैं, इससे उन्हें होल्डिंग में विविधता रखने में मदद मिलती है।

नए निवेशकों के लिए इंडेक्स फंड ज्यादा मायने रखते हैं, लेकिन ऐसे निवेशक कम लागत वाले पैसिव फंड को अपने पोर्टफोलियो में रखकर अतिरिक्त रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं। निवेशक ईटीएफ/इंडेक्स फंड में इक्विटी के कुछ हिस्से को आवंटित करके एक मिश्रित पोर्टफोलियो बना सकते हैं। इससे कुछ हद तक जोखिम कम करने में मदद मिलेगी।

इस वैल्यू डिस्कवरी फंड में 10 हजार रुपये महीने का SIP 17 साल में बना 1.08 करोड़ रुपयेनिवेश लंबे समय का हो तो बेहतरीन फायद...
04/07/2023

इस वैल्यू डिस्कवरी फंड में 10 हजार रुपये महीने का SIP 17 साल में बना 1.08 करोड़ रुपये

निवेश लंबे समय का हो तो बेहतरीन फायदा होता है। उदाहरण यह है कि ICICI प्रूडेंशियल की वैल्यू डिस्कवरी स्कीम में पिछले 17 सालों में अगर किसी ने 10 हजार रुपये महीने का निवेश किया होगा तो वह रकम आज 1.08 करोड़ रुपये हो गई। सालाना 17.5% CAGR की दर से रिटर्न मिला है। CAGR मतलब चक्रवृद्धि ब्याज दर के हिसाब से रिटर्न मिलता है। SIP मतलब सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान। यह सुविधा म्‍युचुअल फंड में होती

वैल्यू रिसर्च के आंकड़ों के मुताबिक, ICICI प्रूडेंशियल की वैल्यू डिस्कवरी स्कीम को अगस्त 2004 में लॉन्च किया गया था। यह म्‍युचुअल फंड इंडस्ट्री में पुराने वैल्यू फंड में से एक है जिसने 17 साल पूरा किया है। इस स्कीम के पास निवेशकों का पैसा यानी असेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) जुलाई 2021 तक 21,195 करोड़ रुपये रहा।

वैल्यू कैटेगरी में कुल (AUM) का 30% हिस्सा ICICI प्रूडेंशियल की वैल्यू डिस्कवरी स्कीम के पास है। वैल्यू रिसर्च के आंकड़े बताते हैं कि अगर किसी ने इस स्कीम की स्थापना (2004) के समय इसमें 1 लाख रुपये का निवेश किया होगा तो वह रकम अब 22.13 लाख रुपये हो गई है। यानी 20.03% का सालाना रिटर्न रहा है। इसी समय में निफ्टी 50 टीआरआई ने 15.91% की दर से रिटर्न दिया है जिसमें 1 लाख की वैल्यू केवल 12.24 लाख रुपये रही।

फंड के 17 साल पूरा होने पर कंपनी के एमडी निमेश शाह ने कहा कि लंबे समय में इस स्कीम ने संपत्ति में अच्छी बढ़त की है। जब बाजार का वैल्यू अच्छा हो और बाजार अच्छा करने की स्थिति में हो तो लंबे समय तक निवेश का फायदा मिलता है। म्‍युचुअल फंड में SIP एक बेहतर निवेश का साधन है। पिछले तीन सालों से ICICI प्रूडेंशियल की वैल्यू डिस्कवरी स्कीम ने सभी मार्केट कैपिटलाइजेशन में निवेश किया है।

इसमें ज्यादातर लार्ज कैप शेयरों पर फोकस किया गया है। लॉर्ज कैप में औसतन 71.24% का निवेश रहा है। मिड और स्माल कैप में 13.58% और 3.42% का निवेश रहा है। इसके पोर्टफोलियो में इन तीन सालों में 18 स्टॉक मुख्य रहे हैं, जिनका कुल पोर्टफोलियो में 51.91% हिस्सा रहा है।

दरअसल, वैल्यू डिस्कवरी स्कीम बाजार के तीनों मार्केट कैप वाले शेयरों में निवेश करती है। इसमें लार्ज कैप, मिड कैप और स्माल कैप होते हैं। यही कारण है कि लंबी अवधि में यह स्कीम बेहतर फायदा देती है। क्योंकि शेयरों का प्रदर्शन लंबे समय में अच्छा रहता है। म्‍युचुअल फंड के जरिए स्टॉक में निवेश से फायदा यह है कि फंड का प्रबंधन ऐसे फंड मैनेजर करते हैं जिनके पास सालों से इसी काम का अनुभव रहता है।

04/07/2023

Best Mutual Funds: इन म्यूचुअल फंड ने निवेशकों को बनाया मालामाल, हर चार साल में दोगुना हुआ पैसा

Large and Mid Cap Mutual Fund Schemes for Long Term अगर आप म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं या निवेश की योजना बना रहे हैं तो ये आर्टिकल आपके लिए सामान्य जानकारी के काम आ सकता है। आर्टिकल में कुछ ऐसे म्यूचुअल फंड के बारे में जानकारी दे रहे हैं जो सालों पुरानी हैं। यही नहीं इस स्कीम्स में निवेशक को अच्छा रिटर्न भी मिला है।

हर निवेशक की चाह होती है कि उसे निवेश पर अच्छा रिटर्न मिले। वहीं दूसरी ओर बाजार के जानकारों की सलाह निवेशक को अच्छे रिटर्न के लिए लंबी अवधि के निवेश की दी जाती है।

अगर आप भी म्यूचुअल फंड में निवेश करने की योजना बना रहे हैं या निवेश करते हैं तो ये खबर आपके लिए एक महत्वपूर्ण जानकारी वाली हो सकती है। इस आर्टिकल में आपको कुछ ऐसी म्यूचुअल फंड स्कीम्स के बारे में बताएंगे, जिनमें निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है-

एसबीआई मैग्नम इक्विटी ESG फंड

इक्विटी थीमैटिक ESG कैटेगरी के एसबीआई मैग्नम इक्विटी ESG फंड की बात करें तो यह स्कीम साल 1991 में लॉन्च हुई थी। इस स्कीम में लॉन्च के बाद से निवेशकों को सालाना 14.74% का रिटर्न मिला है। इस स्कीम में निवेश करने की न्यूनतम राशि 1000 रुपये है। यह स्कीम 1000 रुपये की मंथली एसपीआई वाली स्कीम है। स्कीम के कुल एसेट्स की बात करें तो यह इस साल 31 मई तक 4747 करोड़ रुपये है। स्कीम का एक्सपेंस रेश्यो 2.02% है।

एसबीआई लार्ज एंड मिडकैप फंड

लार्ज एंड मिडकैप कैटेगरी के एसबीआई लार्ज एंड मिडकैप फंड की बात करें तो यह स्कीम साल 1993 में लॉन्च हुई थी। इस स्कीम में लॉन्च के बाद से निवेशकों को सालाना 14% से ज्यादा का रिटर्न मिला है। इस स्कीम में निवेश करने की न्यूनतम राशि 5,000 रुपये है। यह स्कीम 500 रुपये की मंथली एसपीआई वाली स्कीम है। स्कीम के कुल एसेट्स की बात करें तो यह इस साल 31 मई तक 11,431 करोड़ रुपये है। स्कीम का एक्सपेंस रेश्यो 1.87% है।

एसबीआई लॉन्‍ग टर्म इक्विटी फंड

ELSS कैटेगरी के एसबीआई लॉन्‍ग टर्म इक्विटी फंड की बात करें तो यह स्कीम साल 1993 में लॉन्च हुई थी। इस स्कीम में लॉन्च के बाद से निवेशकों को सालाना 16% से ज्यादा का रिटर्न मिला है। इस स्कीम में निवेश करने की न्यूनतम राशि 500 रुपये है। यह स्कीम 500 रुपये की मंथली एसपीआई वाली स्कीम है। स्कीम के कुल एसेट्स की बात करें तो यह इस साल 31 मई तक 13,538 करोड़ रुपये है। स्कीम का एक्सपेंस रेश्यो 1.81% है।

फ्रैंकलिन इंडिया ब्लूचिप फंड

लार्जकैप कैटेगरी के फ्रैंकलिन इंडिया ब्लूचिप फंड की बात करें तो यह स्कीम साल 1993 में लॉन्च हुई थी। इस स्कीम में लॉन्च के बाद से निवेशकों को सालाना 19% का रिटर्न मिला है। इस स्कीम में निवेश करने की न्यूनतम राशि 5000 रुपये है। यह स्कीम 500 रुपये की मंथली एसपीआई वाली स्कीम है। स्कीम के कुल एसेट्स की बात करें तो यह इस साल 31 मई तक 6,521 करोड़ रुपये है। स्कीम का एक्सपेंस रेश्यो 1.82% है।

टाटा लार्ज एंड मिडकैप फंड

लार्ज एंड मिडकैप कैटेगरी के टाटा लार्ज एंड मिडकैप फंड की बात करें तो यह स्कीम साल 1993 में लॉन्च हुई थी। इस स्कीम में लॉन्च के बाद से निवेशकों को सालाना 13% का रिटर्न मिला है। इस स्कीम में निवेश करने की न्यूनतम राशि 5000 रुपये है। यह स्कीम 1000 रुपये की मंथली एसपीआई वाली स्कीम है। स्कीम के कुल एसेट्स की बात करें तो यह इस साल 31 मई तक 4348 करोड़ रुपये है। स्कीम का एक्सपेंस रेश्यो 1.90% है।

Disclaimer: आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए लिखा गया है। निवेशकों को इस आधार पर निवेश की सलाह नहीं दी जाती है। किसी भी स्कीम में निवेश करने के लिए अपने विवेक का इस्तेमाल करें और अपने आर्थिक सलाहकार की सलाह पर ही निवेश करें।

मिड-कैप फंड्स में निवेश दिला सकता है बड़ा फायदा:1 साल में दिया 36% तक का रिटर्न, यहां जानें इसमें निवेश करना कितना सहीअगर...
11/06/2023

मिड-कैप फंड्स में निवेश दिला सकता है बड़ा फायदा:1 साल में दिया 36% तक का रिटर्न, यहां जानें इसमें निवेश करना कितना सही

अगर आप म्यूचुअल फंड्स में पैसा लगाकर बेहतर रिटर्न पाना चाहते हैं तो आप मिड-कैप इक्विटी फंड में निवेश कर सकते हैं। इस फंड कैटेगिरी में बीते 1 साल में 36% तक का रिटर्न दिया है। अगर आप रिस्क ले सकते हैं तो मिड-कैप इक्विटी फंड में निवेश करना आपको अच्छा फायदा दिला सकता है।

सबसे पहले जानें मिड-कैप इक्विटी फंड क्या है
मिड-कैप इक्विटी फंड या मिड-कैप फंड म्यूचुअल फंड हैं जो मुख्य रूप से मिड कैप कंपनियों के शेयरों में निवेश करते हैं। सेबी द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार, मार्केट कैपिटलाइजेशन में 101 वीं से 250 वीं सबसे बड़ी कंपनियों के बीच हैं। इन फंडों में जोखिम और रिटर्न का सही मिश्रण होता है क्योंकि ये इन कंपनियों के शेयरों में निवेश करते हैं और बाज़ार में परिवर्तन आने पर अपने निवेश में भी बदलाव करती हैं।

रिस्क लेने की क्षमता हो तभी करें निवेश
मिड-कैप फंड में लार्ज-कैप फंड्स की तुलना में ज्यादा जोखिम रखता है। इसीलिए, एक वो लोग जो अपने निवेश में ज्यादा उठा सकता है, उन्हें ही इस फंड में निवेश करना चाहिए। इसके अलावा इसमें लंबे समय के लिए निवेश सही रहता है। ऐसे में अगर आप लम्बी अवधि यानी 2 से 5 साल के लिए निवेश करना चाहते हैं तो इसमें निवेश कर सकते हैं। ऐतिहासिक रूप से मिडकैप ने एक खिलते हुए बाजार में लार्ज-कैप से बेहतर प्रदर्शन किया है, लेकिन बाजार में गिरावट आने पर वे गिर सकते हैं।

अपने पोर्टफोलियो का 20 से 30% इसमें कर सकते हैं निवेश
एक्सपर्ट्स के अनुसार इसमें पोर्टफोलियो का 20 से 30% निवेश करना सही रहेगा। यानी अगर आप पर निवेश करने के लिए कुल 100 रुपए हैं तो आप 20 से 30 रुपए तक इसमें निवेश कर सकते हैं। इसमें लॉन्ग टर्म के लिए निवेश करना फायदेमंद रहेगा।

SIP के जरिए निवेश करना रहेगा सही
म्यूचुअल फंड में एक साथ पैसा लगाने की वजाए सिस्टमेंटिक इनवेस्टमेंट प्लान यानी SIP द्वारा निवेश करना चाहिए। SIP के जरिए आप हर महीने एक निश्चित अमाउंट इसमें लगाते हैं। इससे रिस्क और कम हो जाता है क्योंकि इससे इस पर बाजार के उतार चढ़ाव का ज्यादा असर नहीं पड़ता।

मिड कैप फंड्स में निवेश के फायदे

मिड-कैप में निवेश करने वाली कंपनियों में लार्ज-कैप की तुलना में बढ़ने की संभावना ज्यादा होती हैं।

मिड कैप शेयरों में स्मॉल कैप स्टॉक की तुलना में अस्थिरता कम होती है।

ये आपके पोर्टफोलियो में विविधता लाने में मदद करता है

11/06/2023

Mutual fund hai to sahi hai

₹5100 की SIP से बन सकता है 50 लाख का फंडSIP Calculator: जन्‍म के साथ ही बेटी के नाम से शुरू करें ₹5100 की SIP,  20 साल म...
11/06/2023

₹5100 की SIP से बन सकता है 50 लाख का फंड

SIP Calculator: जन्‍म के साथ ही बेटी के नाम से शुरू करें ₹5100 की SIP, 20 साल में तैयार हो जाएगा 50 लाख का फंड

SIP Investment Tips: जब आप बेटी के पिता बनते हैं तो एजुकेशन से लेकर शादी तक की तमाम फिक्र सताने लगती हैं. इनसे निपटने का तरीका है कि आप बेटी के जन्‍म के साथ ही फाइनेंशियल प्‍लानिंग शुरू कर दें. आज के समय में ऐसी तमाम स्‍कीम्‍स हैं जो अच्‍छा खासा रिटर्न देती हैं. खासकर म्‍यूचुअल फंड (Mutual Fund) को तो इन दिनों काफी पसंद किया जा रहा है. आप इसमें SIP के जरिए पैसा इन्‍वेस्‍ट कर सकते हैं. इसमें आपको कंपाउंडिंग का फायदा मिलता है. SIP के जरिए म्‍यूचुअल फंड्स में लॉन्‍ग टाइम के लिए इन्‍वेस्‍टमेंट करके आप अच्‍छा खासा मुनाफा कमा सकते हैं.

SIP मार्केट से लिंक्‍ड प्‍लान है, इसलिए इसमें गारंटीड रिटर्न की बात तो नहीं कही जा सकती. लेकिन तमाम अन्‍य स्‍कीम्‍स से अगर इसके रिटर्न की तुलना की जाए तो इसका रिटर्न औसतन रिटर्न 12 फीसदी तक मिलता देखा गया है. इतना रिटर्न आपको किसी अन्‍य स्‍कीम में नहीं मिलता. कंपाउंडिंग इंटरेस्‍ट मिलने के कारण जब आप लंबे समय के लिए इसमें इन्‍वेस्‍टमेंट करते हैं तो अच्‍छा-खासा मुनाफा कमा लेते हैं.

₹5100 की SIP से बन सकता है 50 लाख का फंड

अगर आप अपनी बेटी के भविष्‍य को लेकर फिक्रमंद हैं तो उसके जन्‍म से ही कम से कम 5100 रुपए की SIP शुरू कर दें और इसे कम से कम 20 साल तक जारी रखें. SIP Calculator के हिसाब से देखें तो 20 साल में आप कुल 12,24,000 रुपए का निवेश करेंगे. लेकिन 20 सालों में आपको 38,71,654 रुपए का ब्‍याज मिलेगा जो आपके निवेश तीन गुना ज्‍यादा है. मैच्‍योरिटी पर आपको 50,95,654 रुपए मिलेंगे. इस तरह जब आपकी बेटी 20 साल की होगी, तब उसके तमाम खर्चों और जरूरत को पूरा करने के लिए आपके पास अच्‍छा खासा अमाउंट होगा.

अगर आप इस SIP को 5 साल और जारी रखते हैं यानी 25 साल तक चलाते हैं, तो आपका निवेश तो कुल 15,30,000 रुपए का होगा, लेकिन आपको रिटर्न इसका कई गुना ज्‍यादा मिलेगा. इस पर 81,47,939 रुपए तो आपको सिर्फ ब्‍याज के तौर पर मिल जाएंगे. वहीं मैच्‍योरिटी पर आपको कुल 96,77,939 रुपए मिलेंगे.

07/06/2023

26/04/2023
19/03/2023

11/03/2023

Mutualfund sahi hai
04/03/2023

Mutualfund sahi hai

Mutualfund Sahi hai
02/03/2023

Mutualfund Sahi hai

Address

Delhi
Delhi
110092

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Mutual Fund Sahi Hai posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Business

Send a message to Mutual Fund Sahi Hai:

Share