24/01/2026
दरभंगा राज का इतिहास केवल महलों और दान-पुण्य तक सीमित नहीं था, बल्कि यह उत्तर बिहार का एक प्रमुख औद्योगिक और रोजगार केंद्र भी रहा। तिरहुत स्टेट के अंतिम महाराजाधिराज सर कामेश्वर सिंह ने 14 कंपनियों का संचालन किया, जिनके हेडक्वार्टर दरभंगा में थे। इन कंपनियों में एविएशन, शुगर, जूट, कॉटन, पब्लिशिंग, बैंकिंग, शिपिंग, रेलवे और शेयर ट्रेडिंग जैसे उद्योग शामिल थे। इनके माध्यम से एक लाख लोगों को प्रत्यक्ष और सात लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिला।
महाराज ने अपने उद्योगों के अलावा 16 बड़ी कंपनियों में हिस्सेदारी रखी और मीडिया क्षेत्र में भी दबदबा बनाए रखा। उनकी कंपनियों में वाल्डफोर्ड ऑटोमोबाइल, थैकर्स एंड स्प्रंक स्टेशनरी, समस्तीपुर और बालीगढ़ की जूट मिल शामिल थीं। बिहार के बाहर भी उनके उद्योग फैले हुए थे, जैसे क्वटिवस स्टील और चाय बागान।
दरभंगा राज का औद्योगिक साम्राज्य आज भले ही बंद हो गया हो, लेकिन यह क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था, रोजगार और उद्योग के विकास में आदर्श उदाहरण के रूप में जीवित है।