23/05/2017
जब आप किसी कंपीटिटिव एग्जाम की तैयारी करते हैं तो कभी भी आँख मूँद कर किसी भी टोपर की कॉपी न करें:
बेसिक बातें जान लें जैसे बुक्स, पत्रिकाएं, लेकिन पढ़ने का तरीका और कितना पढ़ना है , कैसे पढ़ना है यह आप कॉपी नहीं कर सकते
संसार में हर IQ लेवल के लोग हैं, सीधी भर्ती में हो सकता है कि कोई 7 दिन पढ़कर ही टॉप 10 में आ जाये , बहीं, कोई 7 साल पढ़कर भी सिलेक्शन तक न ले पा रहा हो...
जो 7 दिन में सिलेक्शन लेते हैं, उसमें कुछ तो उनका पास्ट academic बैकग्राउंड हेल्प करता है, कुछ टेस्ट वाले दिन किस्मत , लेकिन हर कोई ऐसा नहीं कर सकता ; हो सकता है वही व्यक्ति अपनी पहली सफलता किसी दुसरे टेस्ट में उतनी ही अच्छे से दुहरा न सके ; इसलिए टोपर की रणनीति को फूल प्रूफ रणनीति न माने
1 स्टेज वाले टेस्ट में एप्टीट्यूड का टेस्ट होता है , लेकिन 2 या 3 स्टेज वाले टेस्ट में आपको बहुत ज्यादा सावधान रहना होता है
कुछ मूलभूत बातें:
1) आप का सिलेक्शन मात्र आपकी मेहनत पर निर्भर नहीं करेगा , बल्कि इस बात पर करेगा की आप उतनी सीटों तक जाने वाले कट ऑफ के लायक नंबर लाने योग्य तैयारी कर चुके हैं या नही|
इसको समझिये
मान लो 100 सीट आपकी केटेगरी के लिए आई और 1500 लोग सेलेक्ट होने वाले हैं pre में, तो आपको जानना होगा की अंदाज़ से , 1500 लोग कितने नंबर तक में 1500 सीटें ब्लॉक कर सकते हैं?
मान लीजिए 1500 सीट आपकी केटेगरी में 85 नंबर में ब्लॉक हो सकती हैं, तब आपको अपनी तैयारी का स्तर 85 नंबर तक लेने योग्य करना होगा , (पास्ट टेस्ट के कट ऑफ आपको हेल्प करेंगे).
वहीँ,,अगर 300 सीटें आपकी केटेगरी के लिए आती हैं तब आपको 4500 लोगों के बीच में जगह बनानी है हो सकता है तब आपका मात्र 75 नंबर में ही काम बन जाये |
यानि आपकी मेहनत और आपके सिलेक्शन में डायरेक्ट सम्बन्ध नही है , लेकिन इंडिरेक्ट अवश्य है || जितनी मेहनत को आप बहुत मानते हो शायद वो एग्जाम में 85 नंबर लाने के लिए कम हो!!!
2) बार बार असफल होने के बाद हार मानने को मन कर सकता है - लेकिन आप तो सिर्फ ये सोचिये की आपके सपने के बीच में रोड़ा क्या है?
अगर पैसा है कि पापा अब और नहीं देना चाहते अब 5 साल या 7 साल हो गए तो एक काम करिये, व्यापम या एसएससी की सबसे छोटी जॉब भी भरिये और 1 जॉब हाथ में लेकर financially इंडिपेंडेंट होकर तैयारी करिये , अपने सपने को पूरा करने के लिए किसी भी इंसान पर बोझ मत बनिए;
हाँ, अगर पैरेंट ख़ुशी से हेल्प करें और आप को सपोर्ट करे तो बहुत अच्छी बात है लेकिन आप एहसान बोझ लेकर प्रेशर में न पढ़िए क्योंकि तब आप दो दो प्रकार के बोझ से दबे रहोगे ;
3) जैसे ही कोई एग्जाम निकलता है , 2 से 3 लाख लोग फॉर्म डाल देते हैं।...
500 पोस्ट के लिए 3 लाख लोग ...
95% को डे1 से पता होता है लेकिन तुक्के और किस्मत को टूल बना कर जंग जीतने चल देते हैं ;
5% लोग हल्का पुलका पढ़ भी लेते हैं ;
सिर्फ 1 % यानि 3000 लोग ऐसे होंगे जो इस एग्जाम को क्रैक करना अपना जीवन का ध्येय ही बना लेंगे , बस इन्ही 3000 में से 500 लोग सेलेक्ट हो जायेंगे
बाकी के 2500 लोग किसी अगले टेस्ट में थोड़ी और मेहनत करके पास हो जायेंगे और यही क्रम चलता रहेगा...
तुक्के और किस्मत के सहारे जॉब लेने के सपने न देखें...
जो सेलेक्ट हो रहे हैं...उन्होंने आज नहीं तो जीवन के किसी न किसी हिस्से में अवश्य कड़ी मेहनत कर राखी है....तुक्के से साहब नहीं बन सकेंगे ...इसलिए फॉर्म भरिये लेकिन अगर पढ़ाई भी करने का मन हो तभी...1000 में 1 या 2 का ही सिलेक्शन हो पा रहा है आजकल ....
4) अगर आपको सेलेक्ट होना ही है और आप तब तक प्रयास करेंगे जब तक सफल न हो जाएं तो कृपया कोई भी शार्ट ट्रिक, शार्ट कट फॉलो न करिये
कक्षा 3 से कक्षा 10 तक की रत्न सागर या रचना सागर या किसी भी प्रकाशन की सीबीएसई की बुक्स अच्छे से पढ़ लीजिये , क्योंकि मेरा ऑब्जरवेशन है कि अगर क्लास 10 तक का कोर्स आपका स्ट्रांग है तो कोई भी एप्टीट्यूड का टेस्ट आप 100% क्रैक कर डालेंगे
किसी भी कोचिंग के चक्कर में तभी पड़िये जब आप 1 राउंड 10वी तक की बुक पढ़ चुके हों और लास्ट ईयर के पेपर एक बार प्रयास कर लें घर में , ताकि जब आप किसी भी कोचिंग को चुनाव करना चाहे तो कम से कम ये जान सके की वह कैसी है!
बेसिक्स का मतलब एक लाइन में संमझ लीजिये क्या होता है? आपको सब बोलते होंगे लेकिन बताता कोई नहीं , मैं बता देता हूँ
बेसिक का मतलब है आपको 10th तक की नॉलेज है हर विषय की
सामान्य जीवन में सिर्फ 10th तक का ही ज्ञान काम आता है ,इसी कारण हर एग्जाम में 10th तक का ही सवाल किया जाता है....कभी कभी को छोडकर
5) psc वालों के लिए मेरा सन्देश केवल इतना ही है कि
अगर सचमुच में इस एग्जाम को क्रैक करना चाहते हो तो पहले मैन्स की तैयारी करो , और इस लायक करो की अगर कभी भी एग्जाम हो तो 1400 में 1000 मार्क्स ला सको, बस जिस दिन आप इस स्टेज में आ गए तो " कोई माई का लाल" - ये जुमला आजकल चल रहा है , आपको psc क्लियर करने से रोक नहीं पायेगा!
कुछ बातें -
अ) सबसे पहले किसी ***बेस्ट** टाइप के कोचिंग से उसके लेटेस्ट मैन्स के मटेरियल की फोटोकॉपी जुगाड़ लो , ₹1200 से ₹1500 में , दुकान ढूंढनी भी नहीं पड़ेगी, बस उस कोचिंग के आसपास की फोटोकॉपी की दुकान में चले जाओ, सेट बना बनाया रखा होगा.
ब) इस मटेरियल को जितना जल्दी हो सके बिना रट्टा मारे एक बार पढ़ लो 6 पेपर तक
वैसे 6th में जो करना है खुद ही करना है
स) अब स्टैण्डर्ड बुक्स से पढ़ो और अपने नोट्स बनाओ
द) कररेन्ट को कभी इग्नोर मत करो , रूटीन में रखो और नोट्स बनाते रहो
इ) pre के 3 महीने पहले तक सिर्फ मैन्स ही पढ़ो,
फ) 3 महीने में pre के लिए अपने weak टॉपिक्स पढ़ो और pre के सिलेबस को कवर करो , लास्ट इयर्स के एसएससी, rrb, आईएएस, psc, uppsc आदि के 15 से 20 साल के पेपर सॉल्व करो
ज) pre के खत्म होने के अगले ही दिन मैन्स की एक कोचिंग ज्वाइन करो टेस्ट सीरीज के लिए
ह) अपना बेस्ट दो
ई) अगर मैन्स में 800+ लायक लिखे तो नायब तहसीलदार बनोगे , अगर 900+ लायक तो सेकंड क्लास पोस्ट ले लोगे , अगर 950+ के लायक तब sdm साहब या dsp साहब बन जाओगे
किसी कोचिंग की पञ्च वर्षीय योजना के लपेटे में आने की कौनो ज़रूरत न है...
लास्ट बात,
टोपर से बात शुरू की थी, तो ये भी जान लो की जिसकी चपरासी की भी सरकारी नौकरी लगती है वो भी 9 लाख लोगो को पीछे छोड़कर नौकरीं लेता है, टोपर तो वो भी है....हर सेलेक्टेड बाँदा या बंदी टॉपर ही है
क्योंकि 99% लोगो को पीछे छोड़कर आये हैं....