27/02/2025
छत्तीसगढ़ के भन- वार- टंक स्थित रेल सुरंग 100 साल पुरानी है. अंग्रेजों ने 1907 में कटनी से बिलासपुर को जोड़ने के लिए इसका निर्माण कराया था. इस सुरंग से गुजरने वाली ट्रेनों की रफ्तार अंदर आते ही 10 किमी प्रति/घंटे पहले की तुलना में कम हो जाती है ।
भनवारटंक के दूसरी तरफ बनाई गई सुरंग का निर्माण साल 1966 में अप लाइन के लिए कराया गया था. दूसरी सुरंग की उम्र लगभग 59 साल कम है और इसकी लंबाई 109 मीटर ज्यादा या लगभग 441 मीटर है ।
इसके अंदर जाते ही थोड़ी-थोड़ी दूरी पर छोटे सुरंगनुमा कमरे बने हुए हैं, जिसको देखने पर लगता है कि ट्रेन आते समय कर्मचारी इसी छोटे बने कमरो के अंदर चले जाते हैं, सुरंग के बीचों बीच पानी का एक स्रोत भी है, पानी शुद्ध व ठंडा निकलता है. यह पहाड़ो के बीच से रिसकर यहीं जमा होता है इस करण पानी शुद्ध आता है ।
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