Rajan Kumar

Rajan Kumar मैं राजन कुमार भारतीय जीवन बीमा निगम में बीमा सलाहकार हूं. Call 8757808171. ��

18/06/2024

अपनी ताकत से खेलो जिंदगी में कभी हार नहीं मानोगे।।
#अपनी ताकत से जीतो।Apni Takat Se Jeeto. ‎

04/10/2023

कंप्यूटर के 10 महत्वपूर्ण प्रश्न. Computer 10 important MCQ. g.k

एक अखबार वाला प्रात:काल लगभग 5 बजे जिस समय अख़बार देने आता था, उस समय रमेश बाबू उसको अपने मकान की गैलरी में टहलते हुए मि...
01/10/2023

एक अखबार वाला प्रात:काल लगभग 5 बजे जिस समय अख़बार देने आता था, उस समय रमेश बाबू उसको अपने मकान की गैलरी में टहलते हुए मिल जाते थे ।

प्रतिदिन वह रमेश बाबू के आवास के मुख्य द्वार के सामने चलती साइकिल से निकलते हुए अख़बार फेंकता और उनको 'नमस्ते बाबू जी' बोलकर अभिवादन करता हुआ फर्राटे से आगे बढ़ जाता था।

क्रमश: समय बीतने के साथ रमेश बाबू के सोकर उठने का समय बदलकर प्रात: 7:00 बजे हो गया।

जब कई दिनों तक रमेश बाबू उस अखबार वाले को प्रात: टहलते नहीं दिखे तो एक रविवार को प्रात: लगभग 9:00 बजे वह उनका कुशल-क्षेम लेने उनके आवास पर आ गया।

तब उसे ज्ञात हुआ कि घर में सब कुशल- मंगल है, रमेश बाबू बस यूँ ही देर से उठने लगे थे ।
वह बड़े सविनय भाव से हाथ जोड़ कर बोला, "बाबू जी! एक बात कहूँ?"

रमेश बाबू ने कहा... "बोलो"

वह बोला... "आप सुबह तड़के सोकर जगने की अपनी इतनी अच्छी आदत को क्यों बदल रहे हैं? आपके लिए ही मैं सुबह तड़के विधानसभा मार्ग से अख़बार उठा कर और फिर बहुत तेज़ी से साइकिल चलाकर आप तक अपना पहला अख़बार देने आता हूँ...सोचता हूँ कि आप प्रतीक्षा कर रहे होंगे।"

रमेश बाबू ने विस्मय से पूछा...अरे तुम ! विधान सभा मार्ग से अखबार लेकर आते हो....इतनी दूर से ?"

“हाँ ! सबसे पहला वितरण वहीं से प्रारम्भ होता है ," उसने उत्तर दिया।

“तो फिर तुम जगते कितने बजे हो?" रमेश बाबू ने पूछा ।

“ढाई बजे.... फिर साढ़े तीन तक वहाँ पहुँच जाता हूँ।"

“फिर ?" रमेश बाबू ने जानना चाहा ।
“फिर लगभग सात बजे अख़बार बाँटकर घर वापस आकर सो जाता हूँ..... फिर दस बजे कार्यालय...... अब बच्चों को बड़ा करने के लिए ये सब तो करना ही होता है।”

रमेश बाबू कुछ पलों तक उसकी ओर देखते रह गए और फिर बोले, “ठीक! तुम्हारे बहुमूल्य सुझाव को अवश्य ध्यान में रखूँगा।"

घटना को लगभग पन्द्रह वर्ष बीत गये।

एक दिन प्रात: नौ बजे के लगभग वह अखबार वाला रमेश बाबू के आवास पर आकर एक निमंत्रण-पत्र देते हुए बोला, “बाबू जी! बिटिया का विवाह है..... आप को सपरिवार आना है।“

निमंत्रण-पत्र के आवरण में अभिलेखित सामग्री को रमेश बाबू ने सरसरी निगाह से जो पढ़ा तो संकेत मिला कि किसी डाक्टर लड़की का किसी डाक्टर लड़के से परिणय का निमंत्रण था। तो जाने कैसे उनके मुँह से निकल गया, “तुम्हारी लड़की ?"

उसने भी जाने उनके इस प्रश्न का क्या अर्थ निकाल लिया कि विस्मय के साथ बोला, “कैसी बात कर रहे हैं, बाबू जी! मेरी ही बेटी।"

रमेश बाबू अपने को सम्भालते हुए और कुछ अपनी झेंप को मिटाते हुए बोले , “नहीं! मेरा तात्पर्य कि अपनी लड़की को तुम डाक्टर बना सके, इसी प्रसन्नता में वैसा कहा।“

“हाँ बाबू जी! मेरी लड़की ने एमबीबीएस किया है और उसका होने वाला पति भी एमडी है ....... और बाबू जी! मेरा लड़का इंजीनियरिंग के अन्तिम वर्ष का छात्र है।”

रमेश बाबू किंकर्तव्यविमूढ़ खड़े सोच रहे थे कि उससे अन्दर आकर बैठने को कहूँ कि न कहूँ कि वह स्वयम् बोला, “अच्छा बाबू जी! अब चलता हूँ..... अभी और कई कार्ड बाँटने हैं...... आप लोग आइयेगा अवश्य।"

रमेश बाबू ने भी फिर सोचा... आज अचानक अन्दर बैठने को कहने का आग्रह मात्र एक छलावा ही होगा। अत: औपचारिक नमस्ते कहकर उन्होंने उसे विदाई दे दी।
उस घटना के दो वर्षों के बाद जब वह पुनः रमेश बाबू के आवास पर आया तो ज्ञात हुआ कि उसका बेटा जर्मनी के किसी नामी कंपनी में कहीं कार्यरत था।

उत्सुक्तावश रमेश बाबू ने उससे प्रश्न कर ही डाला कि आखिर उसने अपनी सीमित आय में रहकर अपने बच्चों को वैसी उच्च शिक्षा कैसे दे डाली?

उसने कहना शुरू किया....“बाबू जी! इसकी बड़ी लम्बी कथा है , फिर भी कुछ आपको बताए देता हूँ। अख़बार, नौकरी के अतिरिक्त भी मैं ख़ाली समय में कुछ न कुछ कमा लेता था । साथ ही अपने दैनिक व्यय पर इतना कड़ा अंकुश कि भोजन में सब्जी के नाम पर रात में बाज़ार में बची खुची कद्दू, लौकी, बैंगन जैसी मौसमी सस्ती-मद्दी सब्जी को ही खरीदकर घर पर लाकर बनायी जाती थी। एक दिन मेरा लड़का परोसी गयी थाली की सामग्री देखकर रोने लगा और अपनी माँ से बोला, 'ये क्या रोज़ बस वही कद्दू, बैंगन, लौकी, तरोई जैसी नीरस सब्ज़ी... रूख़ा-सूख़ा ख़ाना...... ऊब गया हूँ इसे खाते-खाते। अपने मित्रों के घर जाता हूँ तो वहाँ मटर-पनीर, कोफ़्ते, दम आलू आदि....। और यहाँ कि बस क्या कहूँ!!'"

मैं सब सुन रहा था तो रहा न गया और मैं बड़े उदास मन से उसके पास जाकर बड़े प्यार से उसकी ओर देखा और फिर बोला, "पहले आँसू पोंछ फिर मैं आगे कुछ कहूँ।"

मेरे ऐसा कहने पर उसने अपने आँसू स्वयम् पोछ लिये। फिर मैं बोला, *"बेटा! सिर्फ़ अपनी थाली देख। दूसरे की देखेगा तो तेरी अपनी थाली भी चली जायेगी...... और सिर्फ़ अपनी ही थाली देखेगा तो क्या पता कि तेरी थाली किस स्तर तक अच्छी होती चली जाये। इस रूख़ी-सूख़ी थाली में मैं तेरा भविष्य देख रहा हूँ। इसका अनादर मत कर। इसमें जो कुछ भी परोसा गया है उसे मुस्करा कर खा ले ....।"

उसने फिर मुस्कराते हुए मेरी ओर देखा और जो कुछ भी परोसा गया था खा लिया। उसके बाद से मेरे किसी बच्चे ने मुझसे किसी भी प्रकार की कोई भी माँग नहीं रखी । बाबू जी! आज का दिन मेरे बच्चों के उसी त्याग औऱ तपस्या का परिणाम है।

उसकी बातों को रमेश बाबू बड़ी तन्मयता के साथ लगातार चुपचाप सुनते रहे औऱ बस यही सोचते रहे कि आज के बच्चों की कैसी मानसिकता है कि वे अपने अभिभावकों की हैसियत पर दृष्टि डाले बिना उन पर लगातार अपनी ऊटपटाँग माँगों का दबाव डालते रहते हैं............!!

कोई इस दिल का हाल क्या जाने...

सच ही कहा है किसी ने..... "ख्वाहिसों का कोई अंत नहीं है"🙏 राधे राधे जी 🙏

आज दिनांक 10-09-2023  को कहलगांव विधानसभा के सन्हौला प्रखंड में जदयू प्रखंड अध्यक्ष विजय मंडल जी एवं जिला महासचिव श्री व...
11/09/2023

आज दिनांक 10-09-2023 को कहलगांव विधानसभा के सन्हौला प्रखंड में जदयू प्रखंड अध्यक्ष विजय मंडल जी एवं जिला महासचिव श्री विनय सिंह जी एवं जिला सचिव शैलेन्द्र तोमर जी एवं अल्पसंख्यक प्रखंड अध्यक्ष मुमताज आलम जी एवं युवा प्रखंड अध्यक्ष अमन कुमार जी एवं पोठिया पंचायत अध्यक्ष राजन कुमार जी के संग भाजपा की पोल खोल, जाती आधारित जनगणना के विरोध में अभियान चलाते हुए ,हम सभी जदयू कार्यकर्ता उपस्थित हुए। कार्यक्रम में हजारों कार्यकर्ता उपस्थित रहे 🙏जय जदयू जय बिहार 🙏 🙏🏻शुभानंद मुकेश भैया जिंदाबाद 🙏

श्री सदानंद सिंह जी के पुण्य तिथि मे उपस्थित होने का मुझे सोभाग्य प्राप्त हुआ। श्री मुकेश भैया जी बिहार प्रदेश महासचिव ज...
08/09/2023

श्री सदानंद सिंह जी के पुण्य तिथि मे उपस्थित होने का मुझे सोभाग्य प्राप्त हुआ। श्री मुकेश भैया जी बिहार प्रदेश महासचिव जदयू, श्री विजय मंडल जी प्रखंड अध्यक्ष सन्हौला, श्री शैलेंद्र तोमर जी भागलपुर जदयू महासचिव ,आदि महानुभावों से मिले।🙏🙏🙏🙏🙏
💐💐💐💐💐

05/09/2023
तोड़े से भी ना टूटे, ये ऐसा मन बंधन है ,इस बंधन को सारी,दुनिया कहती रक्षाबंधन है।हैप्पी रक्षाबंधन 💐💐💐दुनिया की हर खुशी तु...
31/08/2023

तोड़े से भी ना टूटे, ये ऐसा मन बंधन है ,
इस बंधन को सारी,
दुनिया कहती रक्षाबंधन है।
हैप्पी रक्षाबंधन 💐💐💐
दुनिया की हर खुशी तुझे दिलाऊंगा मैं, अपने भाई होने का हर फ़र्ज निभाऊंगा मै।
Happy Rakshabandhan 💐💐💐💐💐
आप सभी को रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं💐💐

आप सभी को 77 वां स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। 🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳"जो भरा नहीं भावो सें, बहती जिसमें रसदार नहीं।।वह हृदय...
14/08/2023

आप सभी को 77 वां स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। 🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳

"जो भरा नहीं भावो सें, बहती जिसमें रसदार नहीं।।वह हृदय नहीं है पत्थर है, जिसमें स्वदेश का प्यार नहीं।।" 🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🙏🙏🙏🙏

13/08/2023

कैलाश खेर शानदार प्रस्तुति. Kailash kher ki sandar parastutti.

Address

At-Bastikiya, P. O-Pothiya, P. S-Sanhoula
Bhagalpur

Telephone

+918757808171

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Rajan Kumar posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Business

Send a message to Rajan Kumar:

Share