15/04/2018
✍ बांकसिंह महाबार
परम् पूज्य महन्त श्री प्रतापपुरी जी महाराज का आशीर्वाद
धर्म जाति के नाम पर अराजकता भिन्न भिन्न संगठनों द्वारा तीव्रता से पैर पसार रही है , राजनेता अपने वोट बैंक को मजबूत करने के लिए तो कुछ युवा अपने समाज मे सितारे बनने के लिए आजकल सिर्फ शोशियल मीडिया पर एकता की मिसाल में दरार के रूप में ख़ौफ फैला रहे है, जिससे आज के युवा राह भटक रहे है ,ये इस देश की कहे या हमारी यह बहुत बड़ी विडंबना है । जिससे देश मे भाईचारा,अपनापन शांति,चैन धीरे धीरे लुप्त होता जा रहा है इसके जिम्मेदार हम सब है क्योंकि हम सिर्फ ऐसे अपने लीडर को चुनते है जो सिर्फ भाषणों से उकसाता रहता है और हम उसके जिंदाबाद के नारे लगाते रहते है ।
देश में पाकिस्तान व चाईना बार बार गलत दृष्टि से अन्दर दंगे फसाद डलवाना चाहता है ओर हम देश मे धर्म और जाति के नाम पर लड़ते रहते है इसका मतलब यह है कि हम उन देश विरोधी शक्तियों का सपोर्ट कर रहे है ।
लेकिन हम इस शोशियल मीडिया से थोड़े बाहर निकलकर देखेंगे तो ये जाति और धर्म की राजनीति से कुछ अलग ही देखने को प्राप्त होगा, ये सब तब सम्भव है जब हम शांत आत्मा से मानव जीवन का अर्थ ढूंढेंगे तब ।
आज में आपको सबूत के साथ दिखाना चाह रहा हूं कि हमारे बीच मे ऐसे महान संत हिंदुस्तान के प्रेरणा स्त्रोत परम् पूजनीय महन्त श्री प्रतापपुरी जी महाराज आदर्श के रूप में है जिनके अपनापन व भाईचारे के भाव जिनकी नजरों में सिर्फ मानव जीवन को भटकते राह ओर भूलते पूर्वजो के भाईचारे को कायम रखने के लिए प्रयासरत है ।
आपको पता है गुरुदेव कभी भी शोशियल मीडिया का उपयोग नही करते है फिर भी आज उनके कर्मो,भावो व विचारों की देश के कौने कौन में चर्चाए चल रही है, राजनीति के आगमन के बारे में , यह निर्णय महन्त श्री ने जनता पर छोड़ा है कि उन्हें कोई पद,लोभ ,मोह की इच्छा नही है अगर जनता ने कहा तो में जरूर अपना फर्ज निभाने के लिए त्यागी भाव से जनसेवा का जिम्मा ओर भी बढ़ाऊंगा तब जनता एक राय होगी तो ।
गुरुजी कहते है सब धर्म सम्मान है हर पुरुष ईश्वर का रूप है, फिर भी यहां अलग पहनावे से बंट जाते है जाति धर्म से देश के लिए चुनोती का विषय बन रहा है इसे हमे नही अपनाना चाहिए हमे भाईचारे की मिसाइल पेश करनी है हमे फिर से भारत को विश्वगुरु बनाना है तो जाति व धर्म की राजनीति वाले राजनेताओं का त्याग करके हमें देश व वतन के लिए फिक्र करने वाले महापुरूषो का सपोर्ट करना चाहिए जिससे हमारे बीच मे हिन्दू,मुस्लिम,सिख व इसाई सभी धर्म के साथ साथ भारतीय होने का भी गर्व होना चाहिए ।
क्यों लड़ता है, मूरख बंदे यह तेरी ख़ामख़याली है।
है पेड़ की जड़ तो एक वही हर मज़हब एक डाली है।
जय गुरुदेव प्रतापपुरी जी महाराज