28/09/2026
बिल्कुल। SIP में बाजार की गिरावट क्यों महत्वपूर्ण हो सकती है, इसे एक आसान उदाहरण से समझिए।
📉 SIP में गिरावट का क्या फायदा?
मान लीजिए आप हर महीने ₹5,000 की SIP करते हैं।
बाजार की स्थिति
किसी यूनिट की कीमत
₹5,000 में मिलने वाली यूनिट
बाजार ऊपर
₹100
50 यूनिट
बाजार गिरा
₹80
62.5 यूनिट
बाजार और गिरा
₹50
100 यूनिट
यानी जब बाजार गिरता है और आपकी SIP जारी रहती है, तो उसी ₹5,000 में ज्यादा यूनिट खरीदी जाती हैं।
🔄 फिर बाजार बढ़ने पर?
मान लीजिए आपने गिरावट में ₹50 की कीमत पर 100 यूनिट खरीदीं। बाद में कीमत ₹100 हो गई तो उन 100 यूनिट का मूल्य ₹10,000 हो जाएगा।
इसी तरह लगातार अलग-अलग कीमतों पर निवेश करने से SIP में औसत खरीद कीमत (average cost) बनती है। इसे rupee-cost averaging कहा जाता है।
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🧠 सबसे बड़ी बात
SIP का उद्देश्य बाजार की हर गिरावट को देखकर खरीद-बिक्री करना नहीं है। SIP की ताकत नियमित निवेश और लंबे समय तक बने रहने में है।
इसलिए:
बाजार ऊपर → SIP जारी
बाजार नीचे → SIP जारी
बाजार बहुत नीचे → घबराकर SIP बंद नहीं, बल्कि अपने लक्ष्य और जोखिम क्षमता के अनुसार जारी रखने पर विचार
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⚠️ ध्यान रखें: गिरावट में ज्यादा यूनिट मिलना लाभ की गारंटी नहीं है। Mutual Funds बाजार जोखिम के अधीन हैं और किसी निवेश का भविष्य का रिटर्न निश्चित नहीं होता।
आपकी पोस्ट के लिए एक दमदार लाइन:
“SIP में असली मज़ा तब है, जब बाजार गिर रहा हो—क्योंकि गिरावट में आपकी नियमित SIP कम कीमत पर ज्यादा यूनिट खरीद सकती है। इसलिए घबराइए नहीं, अपने लक्ष्य और समयावधि के अनुसार अनुशासन बनाए रखिए।”