04/01/2026
डीमैट खाता (Demat Account) क्या होता है?
डीमैट खाता वह खाता होता है जिसमें आपके शेयर, म्यूचुअल फंड, बॉन्ड, ETF, सरकारी प्रतिभूतियाँ आदि कागज़ के बजाय इलेक्ट्रॉनिक (डिजिटल) रूप में रखे जाते हैं।
“Demat” का पूरा नाम Dematerialized Account है, यानी भौतिक प्रमाणपत्रों को डिजिटल रूप में बदलना।
डीमैट खाते का उपयोग क्यों होता है?
पहले शेयर कागज़ी सर्टिफिकेट में होते थे, जिनमें चोरी, गुम होने और धोखाधड़ी का खतरा रहता था। डीमैट खाते से:
शेयर सुरक्षित रहते हैं
खरीद–फरोख्त आसान और तेज होती है
ट्रांसफर में कम समय लगता है
कागज़ी झंझट खत्म होता है
डीमैट खाते में क्या-क्या रखा जा सकता है?
शेयर (Equity Shares)
म्यूचुअल फंड
ETF
बॉन्ड / डिबेंचर
सरकारी सिक्योरिटीज
IPO में मिले शेयर
डीमैट खाता कैसे काम करता है?
1. आप स्टॉक ब्रोकर के जरिए डीमैट खाता खोलते हैं
2. जब आप शेयर खरीदते हैं → वे आपके डीमैट खाते में जमा हो जाते हैं
3. जब आप शेयर बेचते हैं → वे डीमैट खाते से अपने आप कट जाते हैं
4. पैसा आपके बैंक खाते में आता-जाता है (ट्रेडिंग खाते के माध्यम से
डीमैट खाता कौन खोल सकता है?
कोई भी भारतीय नागरिक
18 साल से ऊपर (नाबालिग के लिए अलग प्रक्रिया)
व्यक्ति, कंपनी, ट्रस्ट आदि
भारत में डीमैट खाता कौन चलाता है?
भारत में दो डिपॉजिटरी हैं:
1. NSDL (National Securities Depository Limited)
2. CDSL (Central Depository Services Limited)
डीमैट खाता कहा खोला जा सकता है
स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन , कुछ सरकारी बैंक और प्राइवेट बैंक , जीरोधा , Groww अन्य कुछ मौजूद संस्थाओं में डीमैट खाता खुलवाया जा सकता है
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