02/02/2017
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने ऑपरेशन क्लीन मनी की शुरुआत कर दी है। इसके तहत नोटबंदी के दौरान हुए 18 लाख लोगों के कैश डिपॉजिट का वेरिफिकेशन किया जाएगा। रेवेन्यू सेक्रेटरी हसमुख अढिया ने बताया,"ऐसे बड़े कैश डिपॉजिटर्स की पहचान की गई है,जिनका प्रोफाइल नोटबंदी के दौरान किए गए डिपॉजिट से मैच नहीं कर रहा है।"कैश के सोर्स के बारे में पूछा जाएगा...
-बता दें कि नोटबंदी के दौरान हुए बड़े कैश डिपॉजिट का वेरिफिकेशन करने के लिए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने ऑपरेशन क्लीन मनी शुरू किया है।
-IT डिपार्टमेंट ऑपरेशन के पहले चरण में डिपॉिजट का ई-वेरिफकेशन भी करेगा।
-हसमुख अढिया ने कहा,"ऐसे लोगों को डिपार्टमेंट ई-मेल,एसएमएस भेजेगा,जिनके प्रोफाइल नोटबंदी के दौरान किए गए डिपॉजिट से मैच नहीं कर रहे हैं। इनमें पांच लाख रुपए से ज्यादा के कैश डिपॉजिट भी शामिल हैं। लोगों से फंड के सोर्स के बारे में पूछा जाएगा।"
10 के भीतर देना होगा जवाब
-अढिया ने कहा,"इन लोगों को 10 दिन के भीतर डिपॉजिट के संबंध मेें पूछे गए सवालों का जवाब देना होगा। ऐसा ना करने पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट नोटिस भेजेगा या फिर एक्शन लेगा।"
-"ऑपरेशन क्लीन मनी प्रोजेक्ट सीबीडीटी के तहत चलाया जा रहा है। जिसमें डिपॉजिटर्स के प्रोफाइल और डाटा की जांच की जा रही है।"
-"ऑपरेशन क्लीन मनी या स्वच्छ धन अभियान एक प्रोग्रामिंग सॉफ्टवेयर है,जिसके तहत सभी डिपॉजिट्स के संबंध में जानकारी ली जा सकेगी। लोगों से शुरुआती जवाब मांगे जाएंगे।"
-"अगर किसी डिपॉजिटर का जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है,तभी हम उसके खिलाफ लीगल एक्शन लेंगे।"
5 लाख से कम के डिपॉजिट भी शामिल
-सीबीडीटी के चेयरमैन सुशील चंद्रा ने कहा,"लोगों को ई-कम्युनिकेशन के जरिए रिप्लाई करने के लिए 10 दिन का समय दिया गया है। और,IT डिपार्टमेंट के ई फाइलिंग पोर्टल पर लॉगइन करने के बाद जवाब दिए जा सकते हैं।"
-"शुरुआती चरण में हम लोग उन लोगों का डाटा रख रहे हैं,जिन्होंने पांच लाख या उससे ज्यादा का डिपॉजिट किया है।"
-"तीन लाख से पांच लाख के बीच उन लोगों के डाटा का भी रिकॉर्ड रखा जा रहा है,जिनके डिपॉजिट पर शक है और जिनका प्रोफाइल डिपॉजिट से मैच नहीं कर रहा है।"
-"ऐसे 18 लाख लोगों की पहचान की गई है। इनका डाटा ई-फाइलिंग पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इन्हें इनकमटैक्स डिपार्टमेंट को रिप्लाई फाइल कर अपने डिपॉजिट का सोर्स बताना होगा।"
-"डाटा के मुताबिक,नोटबंदी के दौरान एक करोड़ से ज्यादा अकाउंट्स में 2 लाख से ज्यादा का कैश डिपॉजिट किया गया। इनमें से 70 लाख लोगों की पैन डिटेल मिली है।
ऐसे बड़े कैश डिपॉजिटर्स की पहचान की गई है, जिनका प्रोफाइल नोटबंदी के दौरान किए गए डिपॉजिट से मैच नहीं कर रहा है।