Yuva Srajan-युवा सृजन

Yuva Srajan-युवा सृजन नए लोग
नई सोच

27/09/2022
02/01/2019

नया वर्ष मुबारक हो सभी मित्रों को

how many ....
01/03/2015

how many ....

01/03/2015
13/02/2015

Gm yuva srajan

13/10/2014

एक नौजवान आदमी एक किसानकी बेटी सेशादी की इच्छा लेकर किसान केपास गया. किसान नेउसकी ओर देखा और कहा, " युवक,खेत में जाओ. मैं एक-एक करके तीनबैल छोड़नेवाला हूँ. अगर तुमतीनों बैलों में से किसी भी एककी पूँछ पकड़ लो तो मैंअपनी बेटी की शादी तुमसे करदूंगा." नौजवान खेत में बैल की पूँछ पकड़नेकी मुद्रा लेकरखडा हो गया. किसान ने खेत मेंस्थित घरका दरवाजा खोला और एक बहुतही बड़ा और खतरनाक बैल उसमे से निकला.नौजवान ने ऐसा बैलपहले कभी नहीं देखा था. उससे डरकर नौजवान नेनिर्णय लिया कि वह अगले बैलका इंतज़ार करेगा और वह एक तरफ हो गया जिससे बैल उसकेपास से होकर निकलगया.दरवाजा फिर खुला. आश्चर्यजनकरूप से इस बार पहलेसे भी बड़ा बैल निकला. नौजवान ने सोचा कि इससेतो पहला वाला बैल ठीक था. फिरउसने एक ओर होकरबैल को निकल जाने दिया.दरवाजा तीसरी बार खुला.नौजवान के चेहरे पर मुस्कान आ गई. इस बार एकछोटा और मरियल बैलनिकला. जैसे ही बैल नौजवान केपास आने लगा,नौजवान ने उसकी पूँछ पकड़ने केलिए मुद्रा बना ली ताकि उसकी पूँछसही समय पर पकड़ ले.पर उस बैल की पूँछथी ही नहीं.................... कहानी से सीख......जिन्दगी अवसरों से भरी हुई है. कुछसरल हैं और कुछकठिन. पर अगर एक बार अवसरगवां दिया तो फिर वहअवसर दुबारा नहीं मिलेगा.

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08/08/2014

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प्रतियोगिता परीक्षाओं की वैज्ञानिक एवं स्तरीय तैयारी में छात्रों के मार्गदर्शन हेतु समर्पित कौटिल्य एकेडमी अपनी सफलताओं के नए कीर्तिमान स्थापित करते हुए सफलता का पर्याय बन चुकी है |

29/04/2014

दो तरह के व्यक्ति अक्सर जीवन में असफल होते है....,एक तो वो जो सोचता है पर करता नही...!औरदूसरा वो जो करता तो है पर सोचता नही...।।

29/04/2014

एक किसान था. उसके खेत में एकपत्थर का एक हिस्सा ज़मीन सेऊपर निकला हुआ था जिससे ठोकरखाकर वह कई बार गिर चुका था और कितनी ही बार उससे टकराकरखेती के औजार भी टूट चुके थे.रोजाना की तरह आज भी वह सुबह-सुबह खेती करने पहुंचा और इस बार वही हुआ, किसान का हल पत्थर से टकराकर टूट गया. किसान क्रोधित हो उठा, और उसने निश्चय किया कि आज जो भी हो जाए वह इस चट्टान को ज़मीन से निकाल कर इस खेत के बाहर फ़ेंक देगा.वह तुरंत गाँव से ४-५ लोगों को बुला लाया और सभी को लेकर वह उस पत्त्थर के पास पहुंचाऔर बोल, ” यह देखो ज़मीन से निकले चट्टान के इस हिस्से ने मेरा बहुत नुक्सान किया है, और आज हम सभी को मिलकर इसे आज उखाड़कर खेत के बाहर फ़ेंक देना है.” और ऐसा कहते ही वह फावड़े से पत्थर के किनार वार करने लगा, पर यह क्या ! अभी उसने एक-दो बार ही मारा था कि पूरा-का पूरा पत्थर ज़मीन से बाहर निकल आया. साथ खड़े लोग भी अचरज में पड़ गए और उन्ही में से एक ने हँसते हुए पूछा , “क्यों भाई , तुम तो कहते थे कि तुम्हारे खेत के बीच में एक बड़ी सी चट्टान दबी हुई है , पर ये तो एक मामूली सा पत्थर निकला ??”किसान भी आश्चर्य में पड़ गया सालों से जिसे वह एक भारी-भरकम चट्टान समझ रहा थादरअसल वह बस एक छोटा सा पत्थर था ! उसे पछतावा हुआ किकाश उसने पहले ही इसे निकालने का प्रयास किया होता तो ना उसे इतना नुकसान उठाना पड़ता और ना ही दोस्तों के सामने उसका मज़ाक बनता .हम भी कई बार ज़िन्दगी में आने वाली छोटी-छोटी बाधाओं को बहुत बड़ा समझ लेते हैं और उनसे निपटने की बजाय तकलीफ उठाते रहते हैं. ज़रुरत इस बातकी है कि हम बिना समय गंवाएं उन मुसीबतों से लडें , और जब हम ऐसा करेंगे तो कुछ ही समय में चट्टान सी दिखने वाली समस्या एक छोटे से पत्थर के समान दिखने लगेगी जिसे हम आसानी से हल पाकर आगे बढ़ सकते हैं.

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