21/03/2024
*समाज*
*प्रीवेडिंग सूट*
*प्रीवेडिंग सूट एक संस्कृति भ्रष्टक व्यवसाय और समाज के लिए अभिशाप है।*
*यह जैन समाज के कुछेक प्रोग्रेसिव धनप्रदर्शक टाईप लोगों के प्रलोभन को उकसाने के लिए बनाई गई, भयंकर साज़िश है।*
*हद तो तब हो जाती है जब मां बेटी को प्री-वेडिंग का बहाना बनाकर शादी से पहले दिन-रात लड़के के साथ भेजती है। और पिता ऐसे पोस्टरों एवम् वीडियो को मण्डप में स्क्रीन पर लगाकार छाती चौड़ी करता है।*
*एक आदमी को अपनी होने वाली पत्नी के सम्मान की रक्षा करनी होती है। वह ही अपनी होने वाली धर्मपत्नी से अंगप्रदर्शन करवाता है और ग्लान की जगह गर्वित होता है।*
*फिल्मी प्रणय और अशालीन रोमांटिक वीडियो बनाने, अर्धनग्न अश्लील तस्वीरें चिपकाकर शेयर करने की सनक से, माता-पिता और समाज की शर्म बढ़ती है या घटती है?*
*मजे और इंजॉय तो वाघरी, पातरी, नट और भांड भी करते है लेकीन यह उनकी आजीविका है वे मनुष्य तो दो पैसे कमाने के लिए लोगों का मनोरंजन करते है, किन्तु स्वयं उठकर ऐसा मनोरंजन दूसरों के समक्ष करना, मर्यादामय महाजन समाज की क्या मजबूरी हो सकती है?*
*ये कैसे संस्कार है, कहां है वोणियागत, कहां है महाजन मर्यादा।*
*पैसे है तो उसका उपयोग अपना चरित्र ऊंचा उठाने के लिए करो, अपनी विश्वसनीयता बनाने के लिए करो, अपनी दयावान, दानी, पर-उपकारी, विशाल हृदय वाली छवि बनाने के लिए करो।*
*जो समाज अपनी संस्कृति की सीमाओं को भूल जाता है उस समाज का धीरे-धीरे पतन निश्चित है।*
*अभी भी समय है अपने सभ्य एवम् उच्च महाजन संस्कारों से किंचित भी विचलित न हों।*
🌹*आपका अपना*🌹