19/07/2022
जितेश पांडे सर की कलम से🙏🏻
व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी की पढ़ाई लिखाई वाले दोस्तों के लिए आज कुछ तथ्यात्मक चीज निकाल के लाया हूं. वैसे भी अपने देश में व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी बहुत बड़ी यूनिवर्सिटी है और इससे हर साल बड़ी मात्रा में लोग ग्रेजुएट हो रहे हैं. तथाकथित यूनिवर्सिटी लोगों को अपने एसी वाले कमरे में बैठ कर मोबाइल चलाते हुए नए नए प्रकार के ज्ञान को पाने में सहूलियत प्रदान कर रही है.
तो आइए शुरू करते हैं आज की पाठशाला. उससे पहले कुछ टर्म आपके लिए जान लेना आवश्यक है क्योंकि मेरी पाठशाला ज्ञान पूरा देती है, व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी की तरह शॉर्टकट नहीं.
⬛ कंसोर्टियम फाइनेंस : जब कई बैंकों का समूह मिल कर किसी कंपनी को लोन देता है.
⬛ एनसीएलटी : नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल, जहां पर बैंक उन कंपनियों पर केस दायर करतें हैं जो उनका पैसा लौटाने से चूक जाती हैं.
⬛ हेयरकट : किसी कंपनी को दिए गए लोन और जजमेंट आने के बाद कंपनी से बैंक को मिलने वाले पैसे के बीच का अंतर.
⬛राइट ऑफ : हेयरकट में जो नुकसान उठाना पड़ा उसे अपनी बैलेंस शीट से हटा देना (साफ कर देना) राइट ऑफ कहलाता है.
तो आइए शुरू करते हैं....
सिवा इंडस्ट्रीज़ एंड होल्डिंग्स नाम की एक कंपनी थी. इस कंपनी को आईडीबीआई बैंक की अगुवाई में बनाए गए कंसोर्टियम ने 4864 करोड़ रुपए फाइनेंस किए थे.
फिर कंपनी हो गई दिवालिया. केस लगा एनसीएलटी में. एनसीएलटी ने आदेश दिया की भईया तुम्हारी वित्तीय हालत ख़राब है तो तुम एक काम करो, 318 करोड़ रुपया दो, और काम खत्म करो. तो इस तरह से बैंकों ने अपने दिए हुए पैसों पर 94% हेयरकट यानी के 4546 करोड़ रुपए का नुकसान झेला.
अब व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी पास लोगों को लगता है की बैंक का पैसा सरकारी पैसा होता है. कोई फ्रॉड करके भाग जाए, या कंपनी दिवालिया हो जाए, तो जो पैसा डूबता है वो सरकारी पैसा है. तो चमन चूतियो आज तुम्हें एक नया ज्ञान बताता हूं.
मान लो तुमने बैंक में अपने बचत खाते में 50,000 रुपए जमा किए. तुम्हारी तरह सैकड़ों लोगों ने बैंक में अपने बचत खाते में पैसे जमा किए. अब तुमको चाहिए अपनी जमापूंजी पर ब्याज. तो भईया ब्याज कैसे देगा बैंक? बैंक की क्या कमाई है? बैंक की कमाई होती है आपके पैसे को दूसरे को उधार यानी की लोन देकर उससे मिलने वाले ब्याज से.
हां तो मान लो तुम्हारा खाता बैंक ऑफ इंडिया में है. बैंक ऑफ इंडिया ने सिवा इंडस्ट्रीज़ को दिए थे 74 करोड़ रुपए. एनसीएलटी के जजमेंट के बाद बैंक को सिवा इंडस्ट्रीज वापस करेगी मात्र 1 करोड़ रुपया. बाकी का बचा 73 करोड़ रुपए हो गया स्वाहा... पर तुम लोगों को तो अपने बचत खाते, एफडी खातों पर ब्याज चाहिए भईया टाइम से, तो बैंक क्या करेगी, धीमे धीमे ब्याज की दरें कम करती चली जायेगी. तो 2009 में जो ब्याज 11-12% पर था, वो अब रह गया है मात्र 5% एफडी पर और बचत खाते में जो 4% ब्याज मिलता था, वो रह गया है 2.5% पर.
पर तुम चमन चूतियो को लगता है की ये सरकारी पैसा है और डूब रहा है तो डूब जाए तुम्हारी बला से.
यह मात्र एक केस की बानगी है. दूसरी फोटो देखेंगे तो पाएंगे कि कितना पैसा बैंकों ने बांटा, कितना वापस मिला, और कितना बैंकों ने नुकसान उठाया. ये सब तुम्हारा ही पैसा था गुरू 😎
फिर आपकी माननीय सरकार आती है नेशनल टीवी पर, प्रिंट मीडिया पर और कहती है 'सरकारी बैंक घाटे में चल रहे हैं, हम इसमें और पूंजी नहीं लगा सकते'. तो तुम लोग व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी पर ज्ञान पेलते हो की देखो 'बैंक सारा पैसा डूबा दे रही है, अब मोई जी बैंकों को कब तक पालें'
अब तुम लोगों को कौन समझाए के बेटा तुम्हारी ही जेब कट गई, और एक नहीं दोनों 😂
आज का ज्ञान समाप्त हुआ. जय हिंद 🙏