Health is REAL Wealth

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देश के प्रसिद्ध हार्ट सर्जन व पद्म भूषण डॉ. रमाकांत पांडा बोले- अभी डॉक्टर को पूरी तरह रिप्लेस नहीं कर पाएंगे रोबोटलगाता...
25/05/2026

देश के प्रसिद्ध हार्ट सर्जन व पद्म भूषण डॉ. रमाकांत पांडा बोले- अभी डॉक्टर को पूरी तरह रिप्लेस नहीं कर पाएंगे रोबोट

लगातार बैठे रहना अब नई स्मोकिंग, चीनी सबसे खतरनाक... हार्ट अटैक से बचना है तो खुश रहो, तनाव न लो, हर दिन 30 मिनट वॉक जरूरी: डॉ. पांडा

हेल्दी रहने के गोल्डन रूल

1. एक्सरसाइज: रोज 30 मिनट वॉक, अल्टरनेट डेज़ वेट ट्रेनिंग, मेटाबॉलिज्म सुधारेगा, 40 के बाद वजन नहीं बढ़ेगा।
2. स्ट्रेस मैनेजमेंट : नियमित योग और मेडिटेशन, शरीर में 'फील गुड' हार्मोन रिलीज होंगे।
3. नेचुरल डाइट : नो पैक्ड/प्रोसेस्ड फूड, नो स्वीट्स।
4. स्लीप हाइजीन : रात 10 बजे से पहले सोएं, 8 घंटे की नींद लें, सोने से 1 घंटे पहले 'डिजिटल डिटॉक्स' (नो मोबाइल) करें।
(डॉक्टर्स के सवाल- पढ़ें पेज 10 पर)
भास्कर ने किया मप्र के 42 डॉक्टरों का सम्मान | पेज 9
रात की नौकरी के सवाल पर डॉ. पांडा ने कहा- ‘अगर काम की वजह से एक आदत बिगड़ रही है, तो बाकी अच्छी आदतों को और मजबूत करना जरूरी है।’

कोरोना नहीं, आपकी खराब लाइफस्टाइल दे रही है हार्ट अटैक

सोशल मीडिया पर जिम या डांस करते हुए अचानक होने वाली मौतों को कोरोना वैक्सीन से जोड़ने के सवाल पर डॉ. पांडा ने कहा- ‘आईसीएमआर की रिसर्च में कोरोना और सडन डेथ का सीधा संबंध साबित नहीं हुआ है। कोरोना के दौरान शरीर में कुछ महीनों तक सूजन रहती है, जिससे ब्लॉकेज का खतरा बढ़ सकता है। लेकिन दो साल बाद होने वाले हार्ट अटैक की बड़ी वजह खराब लाइफस्टाइल है।
भोपाल | पिछले दो दशक में 29-30 साल के हार्ट मरीज तेजी से बढ़े हैं। इनमें 80% युवा आईटी और फाइनेंस जैसे कॉर्पोरेट सेक्टर्स से हैं। लगातार 8-10 घंटे स्क्रीन के सामने बैठना अब न्यू स्मोकिंग की तरह हो गया है। रातभर जागना, सिगरेट और जंक फूड युवाओं के दिल को समय से पहले बूढ़ा बना रहे हैं। हार्ट अटैक से बचना है तो खुश रहो, तनाव न लो। देश के प्रसिद्ध हार्ट सर्जन और पद्म भूषण डॉ. रमाकांत पांडा ने शनिवार को दैनिक भास्कर के ‘हेल्थकेयर लीजेंड्स’ अवार्ड फंक्शन में यह बात कही। दैनिक भास्कर के स्टेट एडिटर सतीश सिंह के साथ टॉक शो में डॉ. पांडा ने अपनी जिंदगी और कोरोना के बाद युवाओं में बढ़ते हार्ट अटैक पर खुलकर बात की।
असली दुश्मन घी नहीं, चीनी और प्रोसेस्ड फूड: डॉ. पांडा ने कहा कि असली खतरा प्रोसेस्ड फूड और ज्यादा चीनी से है। हमारे बुजुर्ग रोज सुबह खेतों में 20 किमी तक पैदल चलते थे, इसलिए वे एक कटोरी घी भी आसानी से पचा जाते थे। आज हम चलना ही छोड़ चुके हैं। सीमित मात्रा में घी नुकसानदेह नहीं है, पर आज का युवा कोल्ड ड्रिंक्स, चाय और मिठाइयों के जरिए एक दिन में उतनी चीनी खा लेता है, जितनी पुराने समय में लोग महीनेभर में खाते थे।
एआई इलाज बदलेगा, पर डॉक्टर की जगह लेना आसान नहीं : एलन मस्क के इस बयान पर कि भविष्य में एआई डॉक्टरों को रिप्लेस कर देगा, डॉ. पांडा ने कहा कि एआई इलाज का तरीका बदलने आया है। अभी मरीज तब अस्पताल पहुंचता है, जब बीमारी बढ़ जाती है। आने वाले समय में शरीर खुद पहले बता देगा कि हार्ट अटैक दो दिन बाद आने वाला है। भविष्य में सेंसर, एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग और तेज इंटरनेट मिलकर ऐसा सिस्टम बनाएंगे, जिसमें मरीज घर पर रहेगा और मशीनें उसकी हर सेकंड की हेल्थ रिपोर्ट पढ़ती रहेंगी। पैरालिसिस मरीजों के दिमाग में चिप लगाकर उनके विचारों को आवाज में बदला जा रहा है। कार्डियोलॉजी में भी बड़े बदलाव आएंगे। हालांकि रोबोट अभी डॉक्टर का दिमाग नहीं बन सकता। रोबोटिक सर्जरी अभी सिर्फ डॉक्टर के हाथ का एक्सटेंशन है। डॉक्टर मुंबई में बैठकर भोपाल में ऑपरेशन कर सकता है, लेकिन फैसला अब भी इंसान ही लेता है। ऑपरेशन थिएटर में जिंदगी बचाता हूं, जंगल में जिंदगी खोजता हूं
डॉक्टर्स के सवाल
Q. क्या तनाव और डिप्रेशन का असर दिल पर भी पड़ता है?
- हां, लंबे समय तक रहने वाला तनाव हार्ट डिजीज, स्ट्रोक और कैंसर तक का रिस्क बढ़ाता है। डिप्रेशन भी स्मोकिंग, मोटापा और डायबिटीज की तरह हार्ट डिजीज का बड़ा रिस्क फैक्टर माना जा रहा है। पहले संयुक्त परिवार का मजबूत सपोर्ट सिस्टम था। अब जिंदगी ज्यादा प्रतिस्पर्धी और जटिल हो गई है। लोगों में अकेलापन और तनाव बढ़ा है। एक्सरसाइज और परिवार का सहयोग मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी बताया गया। रोजाना एक्सरसाइज करने से शरीर में “फील गुड हार्मोन” निकलते हैं, जिससे तनाव कम होता है और व्यक्ति बेहतर महसूस करता है।
Q. ईसीपी थैरेपी क्या है?
- यह हार्ट मरीजों के लिए एक विशेष थेरेपी है। यह हर मरीज के लिए नहीं होती। कुछ चुनिंदा मरीजों में यह हार्ट के अंदर अल्टरनेट ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाने में मदद करती है, जिससे सीने का दर्द कम हो सकता है। लेकिन यह एंजियोप्लास्टी या बायपास सर्जरी का विकल्प नहीं है।
Q. अच्छी नींद कितनी जरूरी है?
- डॉक्टरों के मुताबिक 6 घंटे से कम नींद लेना शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है। हालांकि सिर्फ घंटे नहीं, नींद की क्वालिटी भी महत्वपूर्ण है। गहरी और अच्छी नींद ज्यादा जरूरी मानी गई। योग, संतुलित एक्सरसाइज और अच्छी आदतें हेल्दी लाइफ बढ़ाने में मदद करती हैं। उद्देश्य सिर्फ लंबी उम्र नहीं बल्कि स्वस्थ जीवन होना चाहिए।
Q. क्या ज्यादा एक्सरसाइज भी नुकसान कर सकती है?
- हां, डॉक्टरों ने संतुलन पर जोर दिया। जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज ऑर्थोपेडिक समस्याएं बढ़ा सकती है। इसलिए योग, वॉक और मॉडरेट एक्सरसाइज को बेहतर बताया गया।डॉक्टरों ने सलाह दी कि 40 साल के बाद हर व्यक्ति को कम से कम एक बेसलाइन हार्ट चेकअप जरूर कराना चाहिए। आजकल 20-30 साल की उम्र में भी हार्ट डिजीज के केस सामने आ रहे हैं।
Q. कैल्शियम स्कोर क्या बताता है?
- हाई कैल्शियम स्कोर का मतलब है कि शरीर की धमनियों में डैमेज और ब्लॉकेज बनने की संभावना बढ़ रही है। यह हार्ट डिजीज के खतरे का संकेत हो सकता है। हालांकि बेसलाइन चेकअप में सभी रिपोर्ट्स नार्मल है तो घबराने की जरूरत नहीं है।
अपने शौक के बारे में पूछे जाने पर डॉ. पांडा ने मुस्कुराते हुए कहा, ‘मेरी जिंदगी दो दुनियाओं के बीच चलती है। एक तरफ हार्ट सर्जरी है, जहां मैं लोगों की जिंदगी बचाता हूं। दूसरी तरफ वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी, जो मुझे मानसिक शांति देती है।’ डॉ. पांडा ने मध्यप्रदेश को अपना पसंदीदा राज्य बताते हुए कहा कि यह सिर्फ टाइगर स्टेट नहीं, बल्कि वाइल्ड लाइफ प्रेमियों के लिए स्वर्ग है। वे लगभग हर दूसरे महीने यहां आते हैं। बांधवगढ़, कान्हा और सतपुड़ा के जंगल बेहद पसंद हैं। जब उनसे पूछा गया कि हार्ट सर्जरी और वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी में ज्यादा मुश्किल क्या है, तो उन्होंने कहा, ‘जिस काम को दिल से करो, वह आसान लगने लगता है। हार्ट सर्जरी मेरा पहला प्यार है और वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी मेरा रिलैक्सेशन।’
एक प्रतिशत उम्मीद हो, तो मरीज को कभी नहीं छोड़ना चाहिए
डॉ. पांडा ने अपने करियर का एक भावुक अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि शुरुआती दिनों में एक ऐसा मरीज आया था, जिसे लगभग सभी डॉक्टरों ने जवाब दे दिया था। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगा कि अगर एक प्रतिशत भी उम्मीद है, तो कोशिश जरूर करनी चाहिए।’ सर्जरी के बाद मरीज कई दिन आईसीयू में रहा। हालत इतनी गंभीर थी कि तीन दिन में उसके शरीर से करीब 30 लीटर यूरिन निकला, लेकिन धीरे-धीरे वह ठीक हो गया। करीब डेढ़ साल बाद वही मरीज दिल्ली में उनकी ओपीडी में मिला। उसने बताया कि अब वह ट्रक ड्राइवर है और अपने परिवार का सहारा बना हुआ है। डॉ. पांडा ने कहा, ‘उस दिन मुझे एहसास हुआ कि हार्ट सर्जरी सिर्फ प्रोफेशन नहीं, जिंदगी बदलने की ताकत है। तभी मैंने तय किया कि गंभीर मरीज को मना नहीं करूंगा।’

"सुबह उठते ही मुझे लगातार 20-25 छींकें आती हैं, नाक से पानी बहता है और बिना एलर्जी की गोली खाए मैं घर से बाहर नहीं निकल ...
24/05/2026

"सुबह उठते ही मुझे लगातार 20-25 छींकें आती हैं, नाक से पानी बहता है और बिना एलर्जी की गोली खाए मैं घर से बाहर नहीं निकल सकता!" 🤧💊
आजकल हर दूसरे इंसान को 'डस्ट एलर्जी' (Dust Allergy) या 'साइनस' (Sinusitis) की शिकायत है। जरा सी ठंडी हवा लगी या धूल उड़ी, कि नाक बंद!
आप तुरंत मेडिकल स्टोर से एक 'एंटी-एलर्जिक' (Cetirizine / Levocetirizine) गोली खा लेते हैं। गोली खाते ही छींकें बंद हो जाती हैं और आपको भयंकर नींद आती है।
लेकिन महर्षि वाग्भट (अष्टांग हृदयम्, अध्याय 15) कहते हैं कि एलर्जी बाहर की धूल से नहीं है! यह इस बात का सबूत है कि आपके सिर और छाती में 'कफ' और 'कृमि' (Microbes) घर बना चुके हैं और आपकी इम्युनिटी उनसे लड़ नहीं पा रही है।
इस एलर्जी और जमे हुए कफ को जड़ से पिघलाने का आयुर्वेद का सबसे ताकतवर 'एंटी-वायरल' समूह है— 'सुरसादि गण' (Surasadi Gana)!
🌿 सुरसादि गण क्या है? (The Ultimate Anti-Allergic):
'सुरसा' का मतलब है तुलसी (Holy Basil)। यह तुलसी, विडंग, अपामार्ग और मकोय जैसी 'कृमिघ्न' (कीड़े मारने वाली) और कफ-नाशक जड़ी-बूटियों का समूह है।
🔥 यह काम कैसे करता है?
साइनस और जुकाम (Chronic Cold): यह माथे और नाक की नसों (Sinus Cavities) में जमे हुए पत्थर जैसे कफ को पिघलाकर बाहर निकाल देता है।
कृमि नाशक (Anti-Microbial): एलर्जी अक्सर छाती में छिपे फंगस या बैक्टीरिया के कारण होती है। यह समूह शरीर का सबसे बड़ा प्राकृतिक 'एंटी-बायोटिक' है जो इन कीटाणुओं को मारता है।
अस्थमा (Asthma): सांस की नली की सूजन को उतारकर यह फेफड़ों को पूरी ऑक्सीजन खींचने की ताकत देता है।
🛑 सबसे बड़ी गलती:
जुकाम होने पर 'कफ सिरप' या 'एलर्जी की गोलियां' खाना! ये दवाइयां कफ को शरीर से निकालती नहीं हैं, बल्कि उसे दिमाग और छाती की नसों में 'सुखा' (Dry out) देती हैं। यही सूखा हुआ कफ बाद में 'अस्थमा' या भयंकर 'माइग्रेन' बन जाता है।
🧬 छात्र tip (Student Immunity Booster):
एग्जाम के दिनों में अगर जुकाम या सिरदर्द हो जाए, तो पढ़ाई बिल्कुल नहीं हो पाती। गोलियां खाएंगे तो नींद आएगी! इससे बचने के लिए: जब भी नाक बंद हो या छींकें आएं, तो 1 कप पानी में 7-8 तुलसी के पत्ते (Surasa), 2 काली मिर्च और थोड़ा सा गुड़ डालकर उबाल लें। इस 'सुरसादि चाय' को घूंट-घूंट पिएं। बिना नींद आए आपका सिर 5 मिनट में एकदम हल्का (Zero to Hero) हो जाएगा!
सच बताएं, क्या मौसम बदलते ही आपकी भी नाक बंद हो जाती है? 👇

23/05/2026
23/05/2026

🌿 A-ONE LEAN 🌿
अब फिटनेस और हेल्दी लाइफस्टाइल का स्मार्ट साथी
✅ वजन को संतुलित रखने में सहायक
✅ शरीर को देता है एनर्जी और एक्टिवनेस
✅ मेटाबॉलिज्म को सपोर्ट करता है
✅ पाचन और गट हेल्थ के लिए लाभकारी
✅ हाई प्रोटीन और न्यूट्रिशन से भरपूर

💪 हर सर्विंग में खास पोषण
✔️ 12g हाई प्रोटीन
✔️ 6g फाइबर
✔️ 13 विटामिन्स और 11 मिनरल्स
✔️ प्रोबायोटिक्स से भरपूर
✔️ अश्वगंधा, दालचीनी, ब्लैक पेपर और लेमन एक्सट्रैक्ट का हर्बल ब्लेंड

🥛 कैसे लें?
25 ग्राम A-One Lean को पानी या स्किम्ड मिल्क में मिलाकर सेवन करें।

✨ हेल्दी बॉडी • बेहतर एनर्जी • स्मार्ट फिटनेस ✨

🔥 STRONG PEOPLE टूटते भी हैं…लेकिन उनकी खासियत ये होती है कि वो अपनी लड़ाई दुनिया को दिखाते नहीं।खामोशी में खुद को फिर स...
23/05/2026

🔥 STRONG PEOPLE टूटते भी हैं…
लेकिन उनकी खासियत ये होती है कि वो अपनी लड़ाई दुनिया को दिखाते नहीं।
खामोशी में खुद को फिर से बनाते हैं…
और हर दर्द को अपनी ताकत बना लेते हैं। 💯
🦁 शेर कभी हालात से नहीं डरता,
वो तूफानों के बीच भी अपना रास्ता बना लेता है।
यही पहचान है एक असली योद्धा की। ⚡
Satwant Singh
“Silence में मेहनत करो… वक्त खुद शोर मचा देगा।” ✨

हार्ट अटैक हमेशा अचानक नहीं आता… शरीर पहले ही कई संकेत देता है! ❤️⚠️छाती में दर्द, सांस फूलना, अत्यधिक थकान या बेचैनी जै...
23/05/2026

हार्ट अटैक हमेशा अचानक नहीं आता… शरीर पहले ही कई संकेत देता है! ❤️⚠️
छाती में दर्द, सांस फूलना, अत्यधिक थकान या बेचैनी जैसे लक्षणों को कभी नज़रअंदाज़ न करें।

समय पर पहचान ही जिंदगी बचा सकती है 🙏
📌 इस जानकारी को Save करें | अपने परिवार के साथ Share करें |

लकवा (Paralysis) नाम की बीमारी असल में क्या है?जब किसी इंसान के शरीर का कोई हिस्सा अचानक काम करना बंद कर देता है, हाथ-पै...
22/05/2026

लकवा (Paralysis) नाम की बीमारी असल में क्या है?

जब किसी इंसान के शरीर का कोई हिस्सा अचानक काम करना बंद कर देता है, हाथ-पैर हिलना मुश्किल हो जाता है, चेहरा टेढ़ा पड़ जाता है या बोलने में दिक्कत होने लगती है, तो लोग आम भाषा में इसे लकवा कहते हैं। मेडिकल भाषा में इसे पक्षाघात (Paralysis) कहा जाता है।

असल में लकवा कोई एक अलग बीमारी नहीं, बल्कि यह शरीर के नर्वस सिस्टम (तंत्रिका तंत्र) में हुई गंभीर गड़बड़ी का परिणाम होता है। यह समस्या दिमाग, रीढ़ की हड्डी (Spinal Cord) या नसों में खराबी आने से होती है।

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लकवा कैसे होता है?

हमारा दिमाग शरीर के हर हिस्से को नसों के जरिए आदेश भेजता है।
उदाहरण के लिए:

हाथ उठाना

पैर चलाना

बोलना

मुस्कुराना

आँख झपकाना

ये सब काम दिमाग से आने वाले इलेक्ट्रिक सिग्नल से होते हैं।

अगर किसी कारण से यह सिग्नल बीच में रुक जाए, तो संबंधित अंग काम करना बंद कर सकता है। इसी स्थिति को लकवा कहा जाता है।

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लकवा होने के मुख्य कारण

1. स्ट्रोक (Brain Stroke)

यह लकवे का सबसे बड़ा कारण माना जाता है।

जब दिमाग की किसी नस में:

खून का थक्का फँस जाए
या

नस फट जाए

तो दिमाग के उस हिस्से को ऑक्सीजन नहीं मिलती और वह हिस्सा काम करना बंद कर देता है।

इससे शरीर का एक भाग लकवाग्रस्त हो सकता है।

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2. दिमाग में चोट

सिर पर गंभीर चोट लगने से दिमाग की नसें प्रभावित हो सकती हैं।

उदाहरण:

सड़क दुर्घटना

ऊँचाई से गिरना

सिर पर जोरदार चोट

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3. रीढ़ की हड्डी में चोट

रीढ़ की हड्डी शरीर और दिमाग के बीच मुख्य “डेटा केबल” की तरह काम करती है।

अगर इसमें चोट लग जाए, तो नीचे का हिस्सा काम करना बंद कर सकता है।

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4. नसों की बीमारी

कुछ बीमारियाँ नसों को धीरे-धीरे कमजोर कर देती हैं।

जैसे:

Guillain-Barré Syndrome

Multiple Sclerosis

Neuropathy

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5. संक्रमण या ट्यूमर

दिमाग या रीढ़ में:

संक्रमण

सूजन

ट्यूमर

भी लकवा पैदा कर सकते हैं।

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लकवे के प्रकार

1. आधा शरीर लकवा (Hemiplegia)

शरीर के एक तरफ का हिस्सा प्रभावित होता है।

जैसे:

दायाँ हाथ और दायाँ पैर
या

बायाँ हाथ और बायाँ पैर

यह अक्सर स्ट्रोक में देखा जाता है।

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2. दोनों पैरों का लकवा (Paraplegia)

दोनों पैर काम करना बंद कर देते हैं।

यह अधिकतर रीढ़ की चोट में होता है।

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3. पूरे शरीर का लकवा (Quadriplegia)

दोनों हाथ और दोनों पैर प्रभावित हो जाते हैं।

यह बहुत गंभीर स्थिति होती है।

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4. चेहरे का लकवा (Facial Paralysis)

चेहरे की नस प्रभावित हो जाती है।

लक्षण:

मुँह टेढ़ा होना

आँख ठीक से बंद न होना

मुस्कुराने में परेशानी

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लकवे के शुरुआती लक्षण

अगर किसी व्यक्ति में अचानक ये लक्षण दिखें तो तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए:

हाथ-पैर सुन्न होना

शरीर के एक हिस्से में कमजोरी

बोलने में परेशानी

चेहरा टेढ़ा होना

अचानक चक्कर आना

देखने में दिक्कत

संतुलन बिगड़ना

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स्ट्रोक पहचानने का FAST तरीका

डॉक्टर अक्सर FAST नियम बताते हैं:

F – Face

चेहरा टेढ़ा तो नहीं?

A – Arm

हाथ उठाने में कमजोरी?

S – Speech

बोलने में परेशानी?

T – Time

समय बर्बाद न करें, तुरंत अस्पताल जाएँ।

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लकवे में शरीर क्यों काम करना बंद कर देता है?

असल में मांसपेशियाँ खुद से काम नहीं करतीं।
उन्हें दिमाग से आदेश चाहिए।

जब:

दिमाग खराब हो जाए
या

नस टूट जाए
या

सिग्नल रुक जाए

तो मांसपेशियों तक आदेश नहीं पहुँचता।
इसलिए शरीर का हिस्सा हिलना बंद कर देता है।

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क्या लकवा हमेशा स्थायी होता है?

नहीं।
यह इस बात पर निर्भर करता है कि नुकसान कितना हुआ है।

कुछ लोग:

कुछ दिनों में ठीक हो जाते हैं

कुछ महीनों में सुधार करते हैं

कुछ लोगों में स्थायी कमजोरी रह सकती है

अगर जल्दी इलाज मिल जाए तो ठीक होने की संभावना बढ़ जाती है।

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लकवे का इलाज कैसे होता है?

इलाज कारण पर निर्भर करता है।

स्ट्रोक में

खून पतला करने की दवाएँ

थक्का हटाने की प्रक्रिया

ब्लड प्रेशर कंट्रोल

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फिजियोथेरेपी

यह लकवे के इलाज का बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है।

इसमें:

एक्सरसाइज

मांसपेशियों की ट्रेनिंग

चलने-फिरने की प्रैक्टिस

करवाई जाती है।

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स्पीच थेरेपी

अगर बोलने में दिक्कत हो तो यह मदद करती है।

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ऑपरेशन

कुछ मामलों में:

दिमाग की नस

रीढ़

ट्यूमर

के इलाज के लिए सर्जरी करनी पड़ सकती है।

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क्या लकवे से बचाव संभव है?

हाँ, कई मामलों में बचाव संभव है।

बचाव के तरीके

ब्लड प्रेशर कंट्रोल रखें

डायबिटीज कंट्रोल रखें

धूम्रपान और शराब से बचें

नियमित व्यायाम करें

मोटापा कम रखें

ज्यादा नमक और जंक फूड कम खाएँ

समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराएँ

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एक जरूरी बात

कई लोग लकवे को:

जादू-टोना

भूत-प्रेत

नजर लगना

मान लेते हैं।

लेकिन असल में यह एक गंभीर मेडिकल समस्या है, जिसमें तुरंत डॉक्टर की मदद जरूरी होती है। जितनी जल्दी इलाज शुरू होता है, मरीज के ठीक होने की संभावना उतनी बढ़ जाती है।

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निष्कर्ष

लकवा यानी पक्षाघात तब होता है जब दिमाग और शरीर के बीच सिग्नल पहुँचाने वाली प्रणाली प्रभावित हो जाती है। यह स्ट्रोक, नसों की खराबी, चोट या अन्य बीमारियों के कारण हो सकता है। लकवे में शरीर का कोई हिस्सा काम करना बंद कर सकता है, लेकिन समय पर इलाज और फिजियोथेरेपी से कई मरीजों में काफी सुधार संभव है।

इसे सेव कर सुरक्षित कर लें, ऐसी पोस्ट कम ही आती है..वात पित्त कफ के दोष तीनों को संतुलित करे इस आयुर्वेदिक उपाय से...अंत...
22/05/2026

इसे सेव कर सुरक्षित कर लें, ऐसी पोस्ट कम ही आती है..

वात पित्त कफ के दोष तीनों को संतुलित करे इस आयुर्वेदिक उपाय से...अंत तक जरुर पढ़े

वात पित्त और कफ के दोष:-

पोस्ट को धयान से 2 बार पढ़े

शरीर 3 दोषों से भरा है
#वात(GAS) -लगभग 80 रोग
#पित्त(ACIDITY)- लगभग 40 रोग
#कफ(COUGH) -लगभग 28 रोग

यहां सिर्फ त्रिदोषो के मुख्य लक्षण बतये जायेगे और वह रोग घरेलू चिकित्सा से आसानी से ठीक होते है

सभी परहेज विधिवत रहेंगे

💙जिस इंसान की बड़ी आंत में कचड़ा होता है बीमार भी केवल वही होता है

💙एनीमा एक ऐसी पद्धति है जो बड़ी आंत को साफ करती है और किसी भी रोग को ठीक करती है

💚संसार के सभी रोगों का कारण इन तीन दोष के बिगड़ने से होता है

वात( ) अर्थात वायु:-💛

--शरीर मे वायु जहां भी रुककर टकराती है, दर्द पैदा करती है, दर्द हो तो समझ लो वायु रुकी है
--पेट दर्द, कमर दर्द, सिर दर्द, घुटनो का दर्द ,सीने का दर्द आदि
--डकार आना भी वायू दोष है
--चक्कर आना,घबराहट और हिचकी आना भी इसका लक्षण है

कारण:-
°°°°°°°°°°°
--गैस उत्तपन्न करने वाला भोजन जैसे कोई भी दाल आदि गैस और यूरिक एसिड बनाती ही है
--यूरिक एसिड जहां भी रुकता है उन हड्डियों का तरल कम होता जाता है हड्डियां घिसना शुरू हो जाती है ,उनमे आवाज आने लगती है, उसे डॉक्टर कहते है कि ग्रीस ख़त्म हो गई, या फिर स्लिप डिस्क या फिर स्पोंडलाइटिस, या फिर सर्वाइकल आदि
--प्रोटीन की आवश्यकता सिर्फ सेल्स की मरम्मत के लिए है जो अंकुरित अनाज और सूखे मेवे कर देते है
--मैदा औऱ बिना चोकर का आटा खांना
--बेसन की वस्तुओं का सेवन करना
--दूध और इससे बनी वस्तुओं का सेवन करना
-आंतो की कमजोरी इसका कारण व्यायाम न करना

निवारण:-
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--अदरक का सेवन करें,यह वायु खत्म करता है, रक्त पतला करता है कफ भी बाहर निकालता है, सोंठ को लेकर रात में गुनगने पानी से आधा चम्मच खायेँ
--लहसुन किसी भी गैस को बाहर निकालता है,
यदि सीने में दर्द होने लगे तो तुरन्त 8-10 कली लहसुन खा ले, ब्लॉकेज में तुरंत आराम मिलता है
--लहसुन कफ के रोग और टीबी के रोग भी मारता है
--सर्दी में 2-2 कली सुबह शाम, और गर्मी में 1-1 कली सुबह शाम ले, और अकेला न खायेँ सब्जी या फिर जूस , चटनी आदि में कच्चा काटकर डालकर ही खायेँ
--मेथीदाना भी अदरक लहसुन की तरह ही कार्य करता है

प्राकृतिक उपचार:-
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गर्म ठंडे कपड़े से सिकाई करे, अब उस अंग को पहले छुएं यदि वो गर्म है तो ठंडे सिकाई करे और वह अंग अगर ठंडा है तो गर्म सिकाई करे औऱ अगर न गर्म है और न ठंडा तो गर्म ठंडी सिकाई करे एक मिनट गर्म एक मिनट ठंडा

कफ( ):-

--मुंह नाक से आने वाला बलगम इसका मुख्य लक्षण है
--सर्दी जुखाम खाँसी टीबी प्लूरिसी निमोनिया आदि इसके मुख्य लक्षण है
--सांस लेने में तकलीफ अस्थमा आदि या सीढी चढ़ने में हांफना

कारण:-
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--तेल एव चिकनाई वाली वस्तुओं का अधिक सेवन
--दूध और इससे बना कोई भी पदार्थ
--ठंडा पानी औऱ फ्रिज की वस्तुये खांना
--धूल ,धुंए आदि में अधिक समय रहना
--धूप का सेवन न करना

निवारण:-
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--विटामिन C का सेवन करे यह कफ का दुश्मन है यह संडास के रास्ते कफ निकालता है, जैसे आवंला
--लहसुन, यह पसीने के रूप में कफ को गलाकर निकालता है
--Bp सामान्य हॉगा
--ब्लड सर्कुलेशन ठीक हॉगा
--नींद अच्छी आएगी
--अदरक भी सर्वश्रेष्ठ कफ नाशक है

प्राकृतिक उपचार
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--एक गिलास गुनगने पानी मे एक चम्मच नमक डालकर उससे गरारे करे
--गुनगने पानी मे पैर डालकर बैठे, 2 गिलास सादा।पानी पिये और सिरर पर ठंडा कपड़ा रखे, रोज 10 मिनट करे
--रोज 30-60 मिनट धूप ले

पित्त( ):-पेट के रोग

--वात दोष और कफ दोष में जितने भी रोग है उनको हटाकर शेष सभी रोग पित्त के रोग है, BP, शुगर, मोटापा, अर्थराइटिस, आदि
--शरीर मे कही भी जलन हो जैसे पेट मे जलन, मूत्र त्याग करने के बाद जलन ,मल त्याग करने में जलन, शरीर की त्वचा में कही भी जलन,
--खट्टी डकारें आना
--शरीर मे भारीपन रहना

कारण:-
°°°°°°°°°°
--गर्म मसाले, लाल मिर्च, नमक, चीनी, अचार
--चाय ,काफी,सिगरेट, तम्बाकू, शराब,
--मांस ,मछली ,अंडा
--दिनभर में सदैव पका भोजन करना
--क्रोध, चिंता, गुस्सा, तनाव
--दवाइयों का सेवन
--मल त्याग रोकना
--सभी 13 वेग को रोकना जैसे छींक, पाद, आदि

निवारण
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--फटे हुए दूध का पानी पिये, गर्म दूध में नीम्बू डालकर दूध को फाड़े, वह पानी छानकर पिए, पेट का सभी रोग में रामबाण है, सभी प्रकार का बुखार भी दूर करता है
--फलो व सब्जियों का रस, जैसे अनार का रस, लौकी का रस, पत्ता गोभी का रस आदि
--निम्बू पानी का सेवन

प्राकृतिक उपचार
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--पेट को गीले कपड़े से ठंडक दे
--रीढ़ की हड्डी को ठंडक देना, लकवा इसी रीढ़ की हड्डी की गर्मी से होता है, गीले कपड़े से रीढ़ की हड्डी पर पट्टी रखें
--व्यायाम ,योग करे
--गहरी नींद ले

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"मैं 10 सीढ़ियां भी चढ़ता हूँ तो मेरी सांस फूलने लगती है, दिल धक-धक करता है और सीने में दर्द सा होने लगता है!" 🫀😰आजकल 30 स...
22/05/2026

"मैं 10 सीढ़ियां भी चढ़ता हूँ तो मेरी सांस फूलने लगती है, दिल धक-धक करता है और सीने में दर्द सा होने लगता है!" 🫀😰
आजकल 30 साल की उम्र में लोगों को हार्ट की कमज़ोरी की शिकायत हो रही है। थोड़ा सा स्ट्रेस (Stress) लेते ही घबराहट होने लगती है। जब हम डॉक्टर के पास जाते हैं, तो रिपोर्ट अक्सर नॉर्मल आती है। इसे मॉडर्न साइंस 'एंजायटी' (Anxiety) या 'पैलपिटेशन' (Palpitations) कहती है।
लेकिन महर्षि वाग्भट (अष्टांग हृदयम्, अध्याय 15) इसका बहुत गहरा कारण बताते हैं। वे कहते हैं कि बहुत ज्यादा सोचने, देर रात तक जागने और रूखा-सूखा खाने से शरीर में 'वात' (सूखापन) और 'पित्त' (गर्मी) भयंकर रूप से बढ़ जाता है।
यह सूखापन आपके हृदय (Heart) और फेफड़ों (Lungs) की नमी (Ojas) को सुखा देता है। सूखी हुई मशीन जब चलती है, तो वह ज्यादा हांफती है!
इस सूखी मशीन में दोबारा 'जान' और 'ग्रीस' भरने का दुनिया का सबसे ताकतवर टॉनिक है— 'विदार्यादि गण' (Vidaryadi Gana)!
🌿 विदार्यादि गण क्या है? (The Heart Lubricator):
यह विदारीकंद, शतावरी, अश्वगंधा, जीवंती और गोक्षुर जैसी मीठी और ठंडी तासीर वाली 'सुपर-हर्ब्स' का समूह है।
🔥 यह काम कैसे करता है?
दिल की ताकत (Cardiac Tonic): इसे आयुर्वेद में 'हृद्य' (दिल का दोस्त) कहा गया है। यह हृदय की सूखी हुई नसों में 'चिकनाई' भरता है, जिससे धड़कन तुरंत शांत हो जाती है।
सूखी खांसी (Dry Cough): जो खांसी खांसते-खांसते सीने में दर्द कर दे और कोई कफ बाहर न आए (Vataja Kasa), यह उसे अपनी 'स्निग्धता' से 1 दिन में रोक देता है।
अंगमर्द (Body Ache): शरीर का वह दर्द जो किसी पेनकिलर से नहीं जाता (क्योंकि वह कमजोरी से है), उसे यह जड़ से मिटाता है।
🛑 सबसे बड़ी गलती:
सूखी खांसी या सीने की घबराहट होने पर गर्म और तीखी चीजें (जैसे अदरक, काली मिर्च या कड़क चाय) पीना! गर्म चीजें वात और पित्त को और भड़काकर हार्ट की धड़कन को और तेज़ कर देंगी। आपको इस समय 'ठंडी और मीठी' (विदार्यादि) चीजों की जरूरत है।
🧬 छात्र tip (Student Tip) - एग्जाम एंजायटी और हार्ट पल्पिटेशन:
एग्जाम के दिनों में जब टेंशन से दिल ज़ोर-ज़ोर से धड़कता है, नींद नहीं आती और घबराहट होती है, तो यह टॉनिक जादू करता है! रात को सोने से पहले 1 गिलास गर्म दूध में 1/2 चम्मच 'विदारीकंद चूर्ण' और 1/2 चम्मच 'शतावरी चूर्ण' मिलाकर पिएं। दिमाग और दिल दोनों एकदम शांत हो जाएंगे और भयंकर डीप स्लीप आएगी!
सच बताएं, क्या थोड़ा सा तेज़ चलने पर आपकी भी सांस फूलने लगती है? 👇

किस बीमारी में किस धातु का पानी पिएंतांबा का पानीगैस, मोटापा, थायरॉइडमिट्टी का पानीएसिडिटी, गर्मी की समस्यापीतल का पानीख...
20/05/2026

किस बीमारी में किस धातु का पानी पिएं

तांबा का पानी
गैस, मोटापा, थायरॉइड

मिट्टी का पानी
एसिडिटी, गर्मी की समस्या

पीतल का पानी
खाँसी, जोड़ों का दर्द

चाँदी का पानी
मानसिक तनाव, हृदय रोग

लोहा का पानी
खून की कमी, कमजोरी

स्टील का पानी
सामान्य सेहत के लिए

⚠️ आवश्यक सावधानियां
• केवल धातु का पानी इलाज नहीं
• गर्भवती महिला व बच्चे पहले सलाह लें
• बर्तन साफ रखें

🧔 क्या दाढ़ी समय से पहले सफेद हो रही है? इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं—जैसे जेनेटिक्स, उम्र, तनाव, पोषण की कमी, स्मोकिंग...
18/05/2026

🧔 क्या दाढ़ी समय से पहले सफेद हो रही है? इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं—जैसे जेनेटिक्स, उम्र, तनाव, पोषण की कमी, स्मोकिंग या कुछ मेडिकल कारण। इसे सिर्फ “पेट खराब” से जोड़ना सही नहीं है, हालांकि ओवरऑल हेल्थ और डाइट का असर बालों की सेहत पर पड़ सकता है। संतुलित भोजन, अच्छी नींद, तनाव कम करना और हेल्दी लाइफस्टाइल आपके शरीर और बालों दोनों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। 💚✨

⚠️ अगर कम उम्र में तेजी से बाल/दाढ़ी सफेद हो रही है, बाल झड़ रहे हैं या अन्य लक्षण भी हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेकर जरूरी जांच कराना बेहतर है। घरेलू उपाय हर किसी पर एक जैसा असर नहीं करते। सही कारण जानना ही सही समाधान की शुरुआत है। अगर यह जानकारी उपयोगी लगी हो तो Save करें, Share करें और Follow करें! 🌿💙

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