Rohtas Srivastav

Rohtas Srivastav जन सेवा दल पार्टी बरेली

जीवन में कुछ नया करने में संकोच मत करोयह मत सोचो कि हार होगी हार तो कभी नहीं होती है                       या तो जीत मिल...
16/12/2025

जीवन में कुछ नया करने में संकोच मत करो

यह मत सोचो कि हार होगी हार तो कभी नहीं होती है

या तो जीत मिलेगी सिख मिलेगी

आपका सबसे प्यारा मित्र किसी और जाति का होगा

और आपका सबसे बड़ा शत्रु आपकी ही जाति का होगा
ेवा_दल_जिंदाबाद_जिंदाबाद

15/12/2025

हम वक्त बदल देंगे
जन सेवा दल
2027

15/12/2025

आगामी 10 तारीख 2026 को प्रस्तावित भव्य महारैली की सफलता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समीक्षा मीटिंग का आयोजन मालिया कटरा नारायणी माता मंदिर आगरा पर किया गया। इस मीटिंग में रैली की अब तक की तैयारियों, संगठनात्मक व्यवस्थाओं एवं भावी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।समीक्षा मीटिंग में यह भी तय किया गया कि अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए गांव-गांव, वार्ड-वार्ड संपर्क अभियान तेज किया जाएगा। सभी कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर पूरे उत्साह और समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया गया।

अंत में, मीटिंग का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि आगामी 10 तारीख 2026 की महारैली संगठन की एकता, शक्ति और जनसमर्थन का प्रतीक बनेगी तथा इसे ऐतिहासिक रूप देने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी

समस्त आगरा टीम
जन सेवा दल जिंदाबाद
वीनेश भैया जी ज़िंदाबाद जिंदाबाद

14/12/2025







#सेन_समाज
ेन_महाराज
#सेन_समाज_एकता
#सेन_समाज_गौरव
#समाज_की_शान
#भारतीय_समाज











14/12/2025

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®️⭕✝️🅰️💲जब किसी को देने      के लिए कुछ भी          ना हो तो उसे              प्रेम और सम्मान दें                 यही सब...
04/12/2025

®️⭕✝️🅰️💲
जब किसी को देने
के लिए कुछ भी
ना हो तो उसे
प्रेम और सम्मान दें
यही सबसे बड़ी
समानता है
®️⭕✝️🅰️💲

आज उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे भारत में नाई–सविता–नंद समाज के हजारों संगठन सक्रिय हैं। हर संगठन अपनी-अपनी क्षमता के ...
24/11/2025

आज उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे भारत में नाई–सविता–नंद समाज के हजारों संगठन सक्रिय हैं। हर संगठन अपनी-अपनी क्षमता के अनुसार समाज के लिए काम कर रहा है। यह हमारे समाज की जागरूकता का प्रतीक है। लेकिन सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि इतने बड़े संगठनात्मक नेटवर्क और इतनी बड़ी जनसंख्या के बावजूद हम राजनीति के मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति क्यों नहीं बना पा रहे? विधानसभा और संसद में हमारी कुर्सियाँ क्यों खाली हैं?

इसका जवाब बहुत सीधा है—हमारा समाज एकजुट नहीं हो पाता।
हमारे समाज की सबसे बड़ी समस्या यह है कि हर गली, हर मोहल्ले में एक-एक “राष्ट्रीय अध्यक्ष”, “प्रदेश अध्यक्ष” और “जिला अध्यक्ष” मौजूद हैं। पदों की बाढ़ ने संगठन खड़े नहीं किए, बल्कि संगठन बिखेरे हैं। आज भी कई लोग पद से प्रेम करते हैं, पर समाज से नहीं। जबकि समय मांग रहा है कि हम एक झंडे के नीचे खड़े हों।
इतिहास उठाकर देखिए
समाजवादी पार्टी यादव समाज की एकता से खड़ी हुई।
जैस एससी–एसटी समाज की मजबूती से सत्ता तक पहुँची
जब दूसरे समाज एकजुट होकर अपनी राजनीतिक ताकत बना सकते हैं, तो हम क्यों नहीं?
क्या हमारे पास बुद्धि कम है?
क्या हमारे पास संख्या कम है?
क्या हमारे पास नेतृत्व की कमी है?
नहीं! केवल कमी है—इगो और विभाजन की।

हम कई बार छोटे-छोटे मुद्दों पर अलग हो जाते हैं। समाज का बड़ा भला सोचने की बजाय लोग अपने-अपने पदों में उलझ जाते हैं। और यही हमारी प्रगति के रास्ते का सबसे बड़ा अवरोध है।

इसी बीच एक व्यक्ति ने समाज के लिए वह किया जो आज की राजनीति में बहुत कम देखने को मिलता है—
माननीय विनेश भैया जी।
उन्होंने अपना समय, धन, सम्मान, मान–मर्यादा और व्यवसाय तक समाज के उत्थान के लिए लगा दिया। उन्होंने “जन सेवा दल” जैसी पार्टी हमें सौंपा, ताकि हमारे समाज को एक ऐसी राजनीतिक दिशा मिले जिस पर हमारा स्वयं का अधिकार हो। यह त्याग सामान्य नहीं है। यह विरले लोगों में ही देखने को मिलता है।

माननीय विनेश भैया जी यह भी कहते हैं—
“मुझे नेता नहीं बनना है, मैं नेताओं को बनाने आया हूँ।”
यह सोच नेतृत्व की परिभाषा बदल देती है। यह दिखाता है कि वह समाज के लिए जन्मे हैं। यह उनका दूसरा जन्म है—नंदवंश को नई ऊँचाई देने का पुनर्जन्म।

लेकिन दुःख इस बात का है कि समाज के बहुत से लोग अभी भी छोटी-छोटी बातों में, अहंकार में और आपसी मतभेदों में उलझे हैं।
अगर हमने अब भी एकता नहीं दिखाई, तो अवसर हाथ से निकल जाएगा।

आने वाला समय—खासकर 2027—हमारे समाज के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
अगर हम आज से सिर्फ एक साल ईमानदारी और अनुशासन से जन सेवा दल के साथ खड़े हो जाएँ, तो मैं विश्वास के साथ कहता हूँ—2027 से हमारी राजनीतिक स्थिति बदल जाएगी।
हम विधान सभा में भी पहुँच सकते हैं, संसद में भी, और अपनी राजनीतिक पहचान भी बना सकता है

नंदवंशियो, समझो—हर बार इतिहास हमें मौका नहीं देता।
हर बार कोई कर्पूरी ठाकुर जन्म नहीं लेता…
हर बार कोई विनेश ठाकुर समाज का उद्धार करने नहीं आता…

आज हमारे पास अवसर भी है, नेतृत्व भी है, संगठन भी है और समाज भी तैयार है। जरूरत सिर्फ इस बात की है कि हम एक मंच पर आएँ और माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष जी के नेतृत्व में आगे बढ़ें।

समाज तभी आगे बढ़ेगा जब हम अपनी महत्वाकांक्षा को समाज के हित से छोटा मानें।
जब हम पद की जगह संगठन को महत्व दें।
जब हम विवाद की जगह विचार को चुनें।
जब हम बिखरने की जगह एकजुट होना चुनें।

इसलिए आज संदेश बिल्कुल स्पष्ट है
उठो, जागो और नंदवंश के स्वाभिमान की लड़ाई में एकजुट होकर संघर्ष करो।
यह मौका फिर नहीं मिलेगा।

“अधिकार चाहो तो लड़ना सीखो,
कदम–कदम पर अड़ना सीखो,
जीना है तो मरना सीखो

#विधान_केसरी_संपादक_________विनेश_ठाकुर_भैया_जी
#राष्ट्रीय_अध्यक्ष_जन_सेवा_दल____विनेश_ठाकुर_भैया_जी

माननीय विनेश ठाकुर जी की संघर्ष यात्रा महापद्मनंद के सच्चे वंशज, समाज की सत्ता में हिस्सेदारी के लिए समर्पित एक महापुरुष...
23/11/2025

माननीय विनेश ठाकुर जी की संघर्ष यात्रा

महापद्मनंद के सच्चे वंशज, समाज की सत्ता में हिस्सेदारी के लिए समर्पित एक महापुरुष

संघर्ष किसी व्यक्ति की पहचान नहीं मिटाता, बल्कि उसे महान बनाता है। इतिहास इस बात का गवाह है कि जिन्होंने अपने जीवन में कठिनाइयों का सामना किया, वही समाज के सच्चे नेता बने। माननीय विनेश ठाकुर जी की जीवन यात्रा इसी सत्य का ज्वलंत उदाहरण है — एक ऐसा नाम, जिसने अपने व्यक्तिगत सुख, परिवार और धन तक को समाज के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया।

विनेश ठाकुर जी कोई सामान्य व्यक्ति नहीं, वे महापद्मनंद के सच्चे वंशज हैं — उसी महान परंपरा के उत्तराधिकारी, जिसने प्राचीन भारत को पहली बार अखंड शासन और जनसत्ता की अनुभूति कराई थी। जैसे महापद्मनंद ने अपने समय में समाज के पिछड़े और वंचित तबके को सत्ता का हिस्सा बनाया था, वैसे ही आज विनेश ठाकुर उस अधूरे स्वप्न को आधुनिक भारत में साकार करने के लिए संघर्षरत हैं।

हर बड़ी कहानी एक छोटी शुरुआत से होती है। विनेश ठाकुर जी ने अपने जीवन की शुरुआत पत्रकारिता से की। समाज के दर्द को करीब से देखने और समझने का उन्हें अवसर मिला। वे उन गांवों, कस्बों और गलियों तक गए, जहाँ किसी की आवाज़ सत्ता के कानों तक नहीं पहुँचती थी।
पत्रकारिता ने उन्हें समाज की सच्चाई दिखा दी — जहां मेहनतकश लोगों को हक नहीं, जहां गरीबों की बात अनसुनी, और जहां पिछड़ों को सिर्फ वादों से बहलाया जाता रहा।
यहीं से उनके भीतर एक आग जली — “अब सिर्फ कलम नहीं, बल्कि कर्म से बदलाव लाना होगा।”
और तभी उन्होंने राजनीति को अपना मार्ग चुना।

कहते हैं, जो दूसरों के लिए जीता है, वही सच्चे अर्थों में महापुरुष होता है।
विनेश ठाकुर जी ने अपने जीवन के हर सुख को समाज के लिए न्योछावर कर दिया। अपने धन, परिवार और व्यक्तिगत आराम को त्यागकर उन्होंने समाज के उत्थान को अपना धर्म बना लिया।
जहाँ आम लोग अपने परिवार की सीमाओं में बंध जाते हैं, वहाँ विनेश ठाकुर ने पूरे समाज को अपना परिवार मान लिया।
उन्होंने हमेशा कहा —

जब तक मेरे समाज का युवा बेरोज़गार है, जब तक मेरी बहनें असुरक्षित हैं, जब तक मेरा समाज सत्ता से वंचित है — तब तक मेरा आराम हराम है।”

उन्होने ेवा_दल समाज को समर्पित कर दिया और समाज के लोगो का कर्तव्य है #सपोर्ट और #समर्थन दे
मात्र एक साल और पूरा जीवन बेमिसाल

उनके यह शब्द सिर्फ बयान नहीं, बल्कि उनके जीवन का सत्य हैं।

विनेश ठाकुर जी का संघर्ष किसी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा के लिए नहीं है, बल्कि एक बड़े सामाजिक उद्देश्य के लिए है —
“समाज को सत्ता में हिस्सेदारी दिलाना।”
वे भलीभांति जानते हैं कि जब तक समाज का प्रतिनिधित्व शासन में नहीं होगा, तब तक न्याय और समानता केवल किताबों में रह जाएगी।
इसी सोच के साथ वे दिन-रात मेहनत कर रहे हैं — गांवों में बैठकों से लेकर शहरों में जागरूकता अभियानों तक, युवाओं को संगठित करने से लेकर महिलाओं की आवाज़ को मंच देने तक — हर स्तर पर वे सक्रिय हैं।
उनका लक्ष्य है कि हर वंचित वर्ग, हर पिछड़ा समाज अपनी राजनीतिक पहचान स्थापित करे, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ सम्मान के साथ जी सकें।

विनेश ठाकुर की राह आसान नहीं रही।
कभी साथियों का विरोध, कभी राजनीति की कठोर सच्चाइयाँ, तो कभी आर्थिक कठिनाइयाँ — उन्होंने सब झेला।
लेकिन उनकी आत्मा कभी डगमगाई नहीं।
वे हमेशा कहते हैं —

संघर्ष मेरा सौभाग्य है, क्योंकि इसी ने मुझे मजबूत बनाया है।”
वे जानते थे कि परिवर्तन की राह काँटों से भरी होती है।
लेकिन जब उद्देश्य महान हो, तो हर बाधा स्वयं रास्ता देती है

महापद्मनंद भारत के पहले चक्रवर्ती सम्राट माने जाते हैं, जिन्होंने वर्ण-व्यवस्था की दीवारों को तोड़कर एक सामान्य परिवार से उठकर सिंहासन प्राप्त किया।
विनेश ठाकुर जी उसी परंपरा के सच्चे उत्तराधिकारी हैं।
उनके भीतर वही अदम्य साहस, वही जनसेवा की भावना और वही परिवर्तन की जिद है।
वे मानते हैं कि इतिहास तब ही जीवित रहता है, जब उसके वंशज उसे कर्म से आगे बढ़ाएँ।
इसलिए वे हर कदम पर नंदवंश की उस गौरवशाली परंपरा को पुनर्जीवित कर रहे हैं — जहाँ हर व्यक्ति को समान अधिकार और सम्मान मिले।

विनेश ठाकुर जी किसी कुर्सी या पद के मोह में नहीं हैं।
वे सच्चे अर्थों में “जनता के नेता” हैं, जो जनता के बीच रहते हैं, उन्हीं की समस्याओं में समाधान खोजते हैं।
उनका विश्वास है कि समाज को मजबूत करने का सबसे बड़ा साधन है एकता — चाहे वह नंदवंशी समाज हो, मौर्य समाज, अतिपिछड़ा वर्ग या कोई भी मेहनतकश समुदाय, जब तक सब एकजुट नहीं होंगे, तब तक न्याय अधूरा रहेगा।

वे लोगों से हमेशा अपील करते हैं —

अपना सम्मान किसी के भरोसे मत छोड़ो, अपने अधिकारों के लिए खुद खड़े हो जाओ।”

आज के युवा वर्ग के लिए विनेश ठाकुर जी एक प्रेरणा हैं।
उनका जीवन सिखाता है कि सफलता त्याग, निष्ठा और संघर्ष से मिलती है।
उन्होंने दिखाया है कि यदि इरादा नेक हो और दिल में समाज के लिए सच्ची भावना हो, तो कोई भी व्यक्ति परिवर्तन की मिसाल बन सकता है।

विनेश ठाकुर जी का मिशन केवल राजनीति नहीं, बल्कि सामाजिक क्रांति है।
वे चाहते हैं कि समाज की हर आवाज़ संसद से लेकर पंचायत तक सुनी जाए।
वे चाहते हैं कि आने वाली पीढ़ियाँ गर्व से कहें —

हम उस समाज से हैं, जिसने अपने नेता के साथ मिलकर इतिहास लिखा।”

उनका संघर्ष आज भी जारी है।
वे सुबह से रात तक समाज के कार्यों में लगे रहते हैं, यात्रा पर रहते हैं, लोगों से मिलते हैं, समस्याएँ सुनते हैं — बिना थके, बिना रुके।
उनके लिए राजनीति एक साधन है, सेवा उनका लक्ष्य है।

विनेश ठाकुर की संघर्ष यात्रा केवल एक व्यक्ति की कहानी नहीं, बल्कि पूरे समाज की आशा है।
उन्होंने यह साबित किया है कि सच्चे नेतृत्व के लिए बड़े-बड़े वादे नहीं, बल्कि मजबूत इरादा चाहिए।
उनकी यह यात्रा हमें सिखाती है कि जब कोई व्यक्ति अपने स्वार्थ को पीछे छोड़कर समाज के लिए जीता है, तो वह इतिहास का हिस्सा बन जाता है।

विनेश ठाकुर जी आज भी उसी मिशन पर डटे हैं —
समाज को जगाना, अधिकार दिलाना, और सत्ता में वह सम्मानजनक भागीदारी सुनिश्चित करना, जिसकी दशकों से उपेक्षा होती आई है।
उनका जीवन संदेश देता है —

जो अपने समाज के लिए सब कुछ न्योछावर कर देता है, वही सच्चा विजेता है

मित्रों विनेश भईया युग ऐसा काम करेगा की नंदवंशियों में ही नहीं सभी वंचितों में सैकड़ों साल तक याद किया जाएगा और दिल्ली त...
22/11/2025

मित्रों विनेश भईया युग ऐसा काम करेगा की नंदवंशियों में ही नहीं सभी वंचितों में सैकड़ों साल तक याद किया जाएगा और दिल्ली तक पहुंचा तो पूरी दुनिया एक हजार साल याद रखेगी लेकिन काम करने की आवश्यकता केवल नंदवंशियों को है क्योंकि वो सभी इस जन सेवा दल नामक राजनीतिक संगठन के बुनियाद में लगी ईटे है सभी साथी मात्र एक घंटा समय जन सेवा दल को दें कोई जातिगत सम्मान आर्थिक स्थिति शैक्षिक प्राप्ति में कमजोर दिखाई नहीं देगा और दबंगई तो माहमपदम नंद घनानंद की तरह ठीक कर दीं जाएगी।

जन सेवा दल पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जी श्री विनेश ठाकुर भैया जी यह हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं हम सबके परिवार को गर्व...
20/11/2025

जन सेवा दल पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जी श्री विनेश ठाकुर भैया जी यह हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं हम सबके परिवार को गर्व होना चाहिए कि अपनी फैमिली एवं अपने परिवार को हमेशा एक एक मंच पर एक एक साथ रहकर ऐसी भूमिका निभाते हैं और दिन रात इसी पर
हम सभी भारत के अति पिछड़े समाज परिवारों को एक साथ होना चाहिए कि समाज को कोई अगर आगे बढ़ा के ला सकता है तो जन सेवा दल में और आप लोग जन सेवा दल जुड़िए और अपने आप को पहचान करिए और सत्ता में आगे बढ़ाने के लिए साथ दीजिए
और इसी बहाने आप सभी लोग अति पिछडे समाज के साथ बने रहिए

जन सेवा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष _____विनेश ठाकुर भैया जी
संपादक__________________ विधान केसरी न्यू ज़पेपर

मैं विनेश ठाकुर राष्ट्रीय अध्यक्ष जन सेवा दल सम्पादक विधान केसरी लखनऊ देश भर में दलित पिछड़े वर्ग के जितने भी लोग  प्रिं...
17/11/2025

मैं विनेश ठाकुर राष्ट्रीय अध्यक्ष जन सेवा दल सम्पादक विधान केसरी लखनऊ

देश भर में दलित पिछड़े वर्ग के जितने भी लोग प्रिंट मीडिया , पोर्टल या न्यूज चैनल चलाते हैं से कहना चाहता हूं कि आप लोगों ने संसाधनों का अभाव और सत्ता का सहयोग न होने के बावजूद मीडिया का क्षेत्र चुना इस लिए शुभकामनाएं देता हूं कि मनुवाद के चंगुल में फंसे मीडिया के सामने एक संवैधानिक मीडिया प्लेटफॉर्म चलाया जा रहा है लेकिन साथियों मैं बीस साल से अपनी बैव प्रिंटिंग मशीन लगाकर चार संस्करण दैनिक विधान केसरी के चला रहा हूं दलित पिछड़ों में बढ़ती मीडिया के प्रति रूचि से बौखलाए मनुवादी लोग परेशान हैं और हम लोगों द्वारा की जा रही निष्पक्ष और स्वस्थ पत्रकारिता से चिढ़कर अन्य अखबारों के मुकाबले हमें कमजोर किया जा रहा है क्योंकि हम शासन सत्ता से दूर हैं
निष्पक्ष शासन सत्ता के बिना निष्पक्ष पत्रकारिता नहीं कर सकते इसलिए हमें सत्ता का मालिक बनना होगा मेरे द्वारा लीडिंग अखबार विधान केसरी के साथ साथ जन सेवा दल नामक पार्टी बनाकर मनुवादी राजनेताओं से चार क़दम आगे चलकर हैलीकॉप्टर से भी कार्यक्रम किए हैं मुझे नंदवंशी होने के नाते अपार समर्थन मिल रहा है लीवर ट्रांसप्लांट जैसा कठिन आपरेशन कराकर भी मैं निडर होकर जन सेवा दल का मक़सद दलित पिछड़ों को साथ लेकर अल्पसंख्यकों को भी सत्ता में हिस्सेदारी दिलाना है जिसमें हम सभी दलित पिछड़े अल्पसंख्यक मीडिया बन्धुओं को जुटने की आवश्यकता है मैं सभी साथियों को उनकी क्षमता अनुसार जिले मंडल और प्रदेश में पदाधिकारी बनाकर सत्ता पाने के अभियान में शामिल करना चाहता हूं क्योंकि आजादी से अब तक विभिन्न दलों की सरकारें वंचितों को वास्तविक हक अधिकार नहीं दें पाई जों निंदनीय बात है आज के आधुनिक युग में सत्ता चलाने वाले दलित पिछड़ों से जातिगत हीनता रख सरकार से वंचित रखते हैं जन संख्या अनुपात में विधायक सांसद के टिकट नहीं देते इन्हें पता है कि यदि 85 प्रतिशत मूलनिवासियों ने वोट संख्या के आधार पर लोकतंत्र के चारों स्तंभों पर कब्जा कर लिया तो फिर हमें कटोरा लेना पड़ेगा जबकि हम कटोरा नहीं उन्हें भी जन संख्या अनुपात में हिस्सेदारी देंगे फर्क इतना रहेगा कि दो प्रतिशत लोग 85 प्रतिशत हिस्सेदारी नहीं पा सकेंगे पत्रकार होने के नाते बिना किसी आंदोलन के हम लोग एक दूसरे की मदद कर प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 85 प्रतिशत वोटों की ताकत पर सत्ता हासिल कर सकते हैं फिर अखबार भी निष्पक्ष होंगा, सरकार भी, न्यायपालिका भी निष्पक्ष होंगी कार्यपालिका और व्यवस्थापिका भी ईमानदारी से जिम्मेदारी का निर्वहन कर बाबासाहेब और सभी महापुरुषों का सपना साकार करेंगे, सत्ता ही प्रत्येक ताले की मास्टर चाबी है के मेरे विजन में जुड़कर सत्ता में हिस्सेदारी चाहते हैं आओ मिलकर इतिहास लिखेंगे मुझे समझने के लिए मेरा फेसबुक पेज फालो कर विजिट करें अच्छा लगे तो मात्र एक साल मेरे अभियान में शामिल होकर सत्ता के मालिक बनें - आपका भाई विनेश ठाकुर सम्पादक विधान केसरी लखनऊ एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष जन सेवा दल 8954600000 इच्छा हों तो नाम पता भेजकर वाट्सऐप करें हम देश भर के दलित पिछड़े अल्पसंख्यक पत्रकार मिलकर उम्मीद से ज्यादा बड़ा काम कर सकते हैं। आज 16 नवम्बर को प्रदेश भर से कार्यालय पर आयोजित मीटिंग में काफी पदाधिकारी आ रहे हैं जो मीडिया से जुड़े साथी चाहें आ सकतें

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