17/03/2026
व्यंग्य: “स्मार्ट मीटर की स्मार्टनेस” ⚡
पहले हमारे घर में साधारण मीटर लगा था। वह भी बड़ा भोला-भाला था। महीने में जितनी बिजली खर्च होती थी, उतना ही बिल देता था। कभी-कभी तो लगता था कि मीटर भी हमारे हालात समझता है—थोड़ा कम ही लिख देता होगा।
लेकिन फिर एक दिन बिजली विभाग ने बड़ी शान से घोषणा की—
“अब आपके घर में लगेगा स्मार्ट मीटर!”
हम भी खुश हो गए कि अब सब कुछ स्मार्ट हो जाएगा—शायद बिल भी थोड़ा स्मार्ट तरीके से कम आएगा।
पर जैसे ही स्मार्ट मीटर लगा, हमें समझ आ गया कि स्मार्ट कौन है और बेवकूफ कौन।
पहले जहां 800–1000 रुपये का बिल आता था, अब 3000–4000 रुपये आने लगा।
हमने सोचा शायद घर में बिजली ज्यादा चल रही है। इसलिए जांच शुरू हुई—
पंखा पहले भी चलता था, अब भी चलता है।
बल्ब पहले भी जलता था, अब भी जलता है।
फ्रिज पहले भी ठंडा करता था, अब भी करता है।
फर्क सिर्फ इतना था कि पहले मीटर साधारण था, अब स्मार्ट हो गया है।
स्मार्ट मीटर इतना स्मार्ट है कि
आपके सोने के समय भी बिजली गिनता है,
आपके सपनों में जलने वाले बल्ब भी गिन लेता है। 😄
अब तो हालत यह है कि घर में मेहमान आने से पहले हम चाय-नाश्ते की चिंता नहीं करते,
पहले यह सोचते हैं—
“कहीं उन्होंने मोबाइल चार्जर लगा दिया तो बिल और स्मार्ट न हो जाए!”
स्मार्ट मीटर ने हमें भी स्मार्ट बना दिया है—
अब हम बिना वजह पंखा नहीं चलाते,
बल्ब जलाने से पहले दो बार सोचते हैं,
और टीवी देखते समय दिल में यही डर रहता है कि
“कहीं स्मार्ट मीटर हमें ही न देख रहा हो!”
कुल मिलाकर बात यह है कि
स्मार्ट मीटर ने बिजली से ज्यादा हमारे बिल को स्मार्ट बना दिया है। ⚡😄
Department of Electrical and Electronics