17/06/2016
ग्वार 4000 रुपए शीघ्र, वर्तमान भाव ढूंढते रह जाएंगे
15-06-2016
नई दिल्ली। राजस्थान के व्यापारी ग्वार की बजाय दलहन में कन्वर्ट होने लगे हैं। वहीं क्रूड नीचे के भाव से लगभग दोगुना हो गया है। अंतर्राष्टï्रीय बाजारों में नीचे वाले भाव पर भारतीय गम की मांग निकलने लगी है। इन सारे समीकरणों को देखते हुए ग्वार जल्दी 4000 रुपए बन सकता है तथा दूरगामी परिणाम बहुत बढिय़ा रहने की उम्मीद है। बीकानेर, बाड़मेर, बालोत्रा, दौसा, डीडवाना, जोधपुर, जैसलमेर से लेकर हनुमानगढ़ के साथ-साथ हरियाणा के सीमावर्ती क्षेत्रों में किसानों का रूझान ग्वार को छोड़कर उड़द, मोठ, तुवर, सोयाबीन, सरसों आदि फसलों की ओर जाने लगा है। यही कारण है कि ग्वार की आने वाली फसल खपत से बहुत ही कम होने की संभावना नजर आने लगी है। $गौरतलब है कि वर्ष 2011-12 में ग्वार 290 रुपए प्रति किलो के आसपास बिका था, जो इस बार नीचे में टैक्सपेड 28 रुपए किलो रह गया था। अब इसके भाव 32 रुपए पर पहुंच गये हैं। इसी तरह गम भी नीचे में 50/51 रुपए किलो देख आया है। अब उसके भाव 56/57 रुपए बोलने लगे हैं। इस व्यापार को खराब करने वाला डिब्बा है, जो अनावश्यक ऊपर-नीचे करता रहता है। इस व्यापार पर प्रश्न यह उठता है कि क्रूड 27 डॉलर प्रति बैरल नीचे में बन गया था, जो उस समय यह खबरें आती थीं कि क्रूड की वजह से मंदा है। वही क्रूड अब 50 डॉलर प्रति बैरल हो गया है, लेकिन कुछ सटोरिये इसे जबरदस्ती रोककर माल पकडऩे की फिराक में हैं। अंतर्राष्टï्रीय बाजार में ग्वार गम के भाव बढऩे लगे हैं तथा किसान ग्वार की बिजाई की बजाय दलहनी व तिलहनी फसलों की ओर रूझान करने लगे हैं।